Chachi Bhatija Sex Story – मेरी प्यारी सुमन चाची ने चोदना सिखाया
नमस्कार मित्रों, आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com के Chachi sex stories के नए एपिसोड में. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर से रमेश जी द्वारा भेजी गयी Chachi Bhatija Sex Story लेकर. दोस्तों यह Chachi ke sath xxx कहानी मेरी सगी चाची सुमन के संग की है जिन्होंने मेरे को पहली बार चुदाई वाला मजा दिया है.
दोस्तों हम लोग गुजरात के मोरबी के रहने वाले है. और मेरी उम्र अभी 20 बरस की हो चुकी है. तथा मैं वर्तमान समय में अपनी प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी में लगा हुआ हूँ. तथा मैं आपको अपनी सुमन चाची के बारें में बताऊ तो वो एक जवान औरत है जिनकी उम्र अभी ज्यादा से ज्यादा 30 बरस की होगी. तथा उनके अभी तक कोई बच्चा भी नही है.
एवं मेरे जो चाचाजी है वो मेरी सुमन चाची से उम्र में काफी बड़े है. इतने बड़े है की अब उनसे सुमन चाची की चुदाई नही हो पाती है. इसलिए इस जवान उम्र में आपको तो पता ही है चुदाई सभी को चाहिए होती है. शायद इसलिए मेरे को सुमन चाची के संग चुदाई का मजा लुटने को मिला है.
दरअसल दोस्तों मैं इससे पहले कभी चुदाई के ज्ञान के बारें में इतना सब नही जनता था. क्योंकि मैंने इसके बारें में सोचा भी नही था की इस प्रकार से चुदाई होती भी होगी. लेकिन अभी पिछले दिनों मेरी माँ ने मेरे को दोपहर के समय में सुमन चाची के घर पर चीनी लाने को भेजा. क्योंकि हमारे घर पर चीनी कम पड़ गयी थी. और बाजार हमसे कुछ दूर है. इसलिए जैसे ही किसी घर में कोई चीज कम पड़ती है तो वो एक दुसरे के घर जाकर ले आते है. और फिर वापस बाजार से वो चीज खरीदकर लौटा देते है.
इसी कड़ी में ये दोपहर का समय था और इस दौरान सुमन चाची का घर हमेशा खुला रहता है. और आपको बताऊ इस दौरान सुमन चाची कूलर की हवा लेते हुए आराम फरमा रही थी. तभी मैंने बिना घर में जाकर बिना कोई आवाज लगाये सुमन चाची के कमरे में चला गया. और वहां जाकर मैं बोलने ही वाला था की मेरे को कुछ ऐसा नजारा दिखा जिसे देखकर में हक्का बक्का रह गया.
असल में दोस्तों इस दौरान मेरी सुमन चाची गहरी नींद में थी और कूलर के सामने होकर सो रही थी. तभी कूलर की हवा से उनकी साड़ी निचे से जाँघों पर जा चुकी थी. इसलिए जैसे ही मेरे को उनके वो गोरे-गोरे टांग दिखे मेरे अंदर तो मानों एक खलबली सी मच चुकी थी. और मेरे से कुछ भी बोला नही जा रहा था. मन कर रहा था की चाची को इसी अंदाज में देखता ही रहू.
और फिर ऐसे ही देखते-देखते अब मेरा लंड भी फनफना शुरू हो चूका था. और दोस्तों अब मेरे से रहा नही जा रहा था. इसलिए मैं वहीँ पर अपने लंड को बाहर निकाला और धीरे-धीरे हिलाने में लग गया. और कुछ देर हिलाने के बाद अब मेरा लंड अपना माल छोड़ चूका था. क्योंकि मेरे सामने एक हुस्न की मलिका जो नंगी दिखाई दे रही थी. इसलिए मेरे से बिलकुल भी कण्ट्रोल नही हो रहा था.
इसी दौरान अब मैंने अपने लंड को झाड़कर अपनी पेंट में डाल लिया. और चाची फिर भी गहरी नींद में सोई हुई थी. हालाँकि मैं इस दौरान भूल गया था की मम्मी ने भी मेरे को चीनी के लिए भेजा है. क्योंकि मेरे को अब चाची को चुदाई का नशा जो चढ़ चूका था. अब दोस्तों कुछ देर और देखने के बाद अब मेरे खुराफाती दीमाग में चाची की चूत देखने का ख्याल आया.
और फिर मैंने अब चाची की नींद का फायदा उठाते हुए अब खुद से चाची की साड़ी को धीरे-धीरे ऊपर करने में लग गया. और अब देखा की चाची ने इस दौरान पिंक कलर की चड्डी पहन रखी थी. और चाची की चूत (chachi ki chut) के सामने चड्डी से होकर कुछ बाल भी निकल रहे थे. शायद चाची ने कई दिनों से अपने बालों की सफाई नही की हुई थी. तो अब जैसे ही वो मेरे को चड्डी में दिखी अब मेरे से फिर नही रहा जा रहा था.
और मेरा लंड फिर से खड़ा हो चला था. तभी मैंने लंड को फिर से निकाला और चाची के सामने आकर लंड को हिलाना शुरू कर डाला. कुछ देर हिलाने के बाद अब मेरे लंड ने फिर से पानी चाची की पेंटी पर ही फेंक दिया. और जैसे ही दोस्तों चाची की पेंटी पर पानी लगा चाची की आँख खुल गयी. और उसने मुझे देखा तथा एकदम से चिल्लाई.
फिर मैंने कहा- चाची चिल्लाओ नही प्लीज, मैं ही हूँ रमेश आपका भतीजा.
चाची- तू तो है लेकिन ये क्या कर रहा है? और इधर किस काम से आया है?
मैं- मेरे को मम्मी ने भेजा था चीनी लेने के लिए इसलिए मैं आपके इधर आया था.
चाची- चीनी लेने के लिए आया था लेकिन ये सब क्या कर रहा है?
मैं- चाची आया तो मैं भी सिर्फ चीनी लेने के लिए ही था. लेकिन जब से मैंने आपकी ये गोरी-गोरी टाँगे देखी मेरे से रहा नही गया और मैंने हिलाना शुरू कर दिया. सॉरी चाची, प्लीज किसी को मत बताना. मेरे से रहा नही गया इसलिए मैंने ये सब कर दिया. क्योंकि आप हो ही इतनी खुबसुरत.
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चाची- अच्छा, तेरे को मैं इतनी खुबसुरत लगी?
मैं- हाँ चाची, जब से मैंने आपकी ये गोरी-गोरी टाँगे देखी तभी से मेरे से बिलकुल रहा नही जा रहा है. पता नही अंदर बस हिलाने-हिलाने का ही मन कर रहा है.
चाची- अच्छा, इसका मतलब रमेश तुम काफी बड़े हो चुके हो.
मैं- कुछ भी समझो चाची लेकिन आपका ये रूप देखकर अब मेरे को प्यार करने का मन हो रहा है.
इतना सुनते ही चाची हंसी और बोली- प्यार करने का मन हो रहा है या चुदाई करने का?
मैं- कुछ भी समझो लेकिन अब मेरे को ऐसा लग रहा है जैसे मेरे लिए सब कुछ आप ही मेरी दुनिया हो.
चाची- समझ गयी, सीधा-सीधा ही बोल दो की चुदाई करनी है.
मैं- हाँ चाची, प्लीज किसी को बता मत देना.
चाची- ठीक है, वैसे भी मेरे को चुदाई की सख्त जरूरत थी. क्योंकि पिछले 1 महीने से तुम्हारे रामू काका का लंड भी खड़ा नही हो रहा है. और एक तेरा लंड है जो बैठने का नाम नही ले रहा है. तू एक काम कर अभी तो अपनी मम्मी को चीनी पकड़ाकर आ फिर हम चुदाई का जुगाड़ करते है.
इतना सुनते ही मैंने चाची को एक किस कर दिया. और चीनी लेकर जाते हुए चाची को बोला- आ रहा हु 2 मिनट में.
फिर मैं घर जाकर मम्मी को चीनी पकड़ाकर वापस से चाची के घर चला आया. और चाची ने मेरे को आते ही घर का मेन गेट बंद कर दिया. क्योंकि उन्हें डर था की कोई घर में ना आ जाए. और चाची तथा मैं उनके बेडरूम में चले गये. जहाँ जाते ही चाची ने मेरे को अपनी बाहों में लपेट लिया. और अब उनके बदन की गर्मी को मैं ढंग से महसूस कर रहा था.
इस दौरान उन्होंने सेंट भी छिड़क लिया था ताकि किसी भी प्रकार की बदबू से चुदाई डिस्टर्ब न हो. क्योंकि सुमन चाची चुदाई की मास्टर थी इसलिए वो किसी भी प्रकार की कोई मिस्टेक अपनी तरफ से नही करना चाहती थी. अब दोस्तों उन्होंने खुद से ही मेरे को किस करना शुरू कर दिया. और मेरे को इतना मजा आने लगा की पूछो मत. और मैं भी इस दौरान उनका पूरा-पूरा साथ देने लगा.
और करीब 5 मिनट तक हम लिप्स किस करने में खोए रहे. तथा इसके बाद चाची ने कहा- मेरे बूब्स को दबाओ.
इतना सुनते ही मैंने कहा- इससे क्या होगा?
इतना सुनते ही चाची ने अपने ब्लाउज को खोल दिया. और अब मेरे सामने उनके 38 की साइज़ वाले गोल-मटोल बूब्स आ गये. और मेरे से बिलकुल भी रहा नही जा रहा था. मैं एक हाथ से बूब्स दबा रहा था तथा दुसरे बूब्स को अपने मुह से काटने में लग गया. जैसे कोई छोटा बच्चा अपनी माँ का दूध पिता हो. ठीक वैसे ही मैं सुमन चाची के बूब्स के साथ मस्ती किये जा रहा था.
इसी दौरान अब मेरा लंड भी उफान मारने में लग गया. और अब दोस्तों मेरे से बिलकुल भी कण्ट्रोल नही हो रहा था. इसलिए मैं बोला- चाची मेरे से रहा नही जा रहा है. प्लीज अब चुदाई चालू कर लेने दो.
इतना सुनते ही चाची लेट गयी. और खुद से ही अपनी साड़ी को ऊपर कर डाली. अब वो केवल पेंटी में ही नजर आ रही थी. तथा मैंने अब उनकी पिंक वाली पेंटी को खोलकर उनसे दूर किया और देखा की उनकी चूत से काफी पानी निकल रहा है. तो मैंने पूछा- चाची आपकी चूत से पानी क्यूँ निकल रहा है?
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चाची- जब से तेरे लंड को देखा है तभी से ये चूत गीली हो रखी है. प्लीज इसको चाट मेरे को चटवाने में बहुत मजा आता है.
इतना सुनते ही मैंने भी तुरंत अपना मुह सुमन चाची की चूत पर टिका दिया. और उनकी चूत के नमक पानी का स्वाद लेने में लग गया. उनकी चूत की खुशबु मेरे को दीवाना बना रही थी. क्या खुशबु थी. आए…हाए…. आई लव यू सुमन चाची.
अब मेरे को चूत चाटने में इतना मजा आने लगा की मैं एक तरह से उनकी चूत खाने सा लगा था. और अब सुमन चाची भी काफी सिसकारियां भरी जा रही थी. और इस दौरान वो मेरे माथे को पकड़कर अपनी चूत पर गड़ा रही थी. और इस दौरान वो काफी आहा…..अहहहः….हहहाहा….अहहाह…सीइसिसिसी…. सिसिसिसिस…इसिसिसिस …..स्सस्सस्सस किये जा रही थी.
उनकी ये आवाजे मेरे को इतना भाए जा रही थी की मैं समझा वो चुदाई का ही मजा ले रही है. इसलिए मैं लगातार 20 मिनट तक उनकी रसीली चूत को चाटता ही रहा. और फिर उनकी आवाजें तेज हुई और वो उठ-उठकर मेरे मुह में अपनी चूत को दबाने लगी. तथा साथ में पेशाब भी छोड़ने पर उतर आई. तथा साथ में चूत के छेद से चिपका-चिपका पदार्थ भी छोड़े जा रही थी.
इस दौरान केवल मेरे चूत चाटने की वजह से ही महज मेरी सुमन चाची झड़ चुकी थी. उन्हें लंड डलवाने की जरूरत भी नही पड़ी. और फिर मेरे को ऊपर आने के लिए बोलकर वो फिर से मेरे को चूमने में लग गयी. ऐसा लग रहा था की सुमन चाची चुदाई के लिए काफी दिनों से प्यासी हो. तो मैंने भी पूछ ही लिया- चाची लगता है काफी दिन हो गये है चुदाई किए?
चाची- ऐसा ही समझो, ये तो तुम खुद से चले आए वरना मैं भी तुम्ही को याद करके अपनी चूत में ऊँगली किए जा रही थी इतने दिन तक.
मैं- मेरे लंड को देखा है आपने इससे पहले?
चाची- हाँ जब तुम इस बाहर वाली दीवार के सहारे पेशाब करते हो तो मेरे को साफ़-साफ़ नजर आता है.
मैं- तब तो चाची आप काफी स्मार्ट हो.
चाची- कुछ भी समझो लेकिन आज मेरे को ढंग से चोद तो ताकि मैं सिर्फ तेरे को ही याद करूँ.
इतना सुनते ही मैं खड़ा हुआ और अब मैंने अपनी पेंट तथा चड्डी को उतारकर चाची को अपने 7 इंच का लंड दिखाया और बोला- चाची मेरे को इस लंड को आपको चुसवाने का मन हो रहा है. प्लीज आप भी मेरे लंड को चूमो.
इतना सुनते ही चाची ने मेरे लंड को अपने मुह में लिया और ठीक किसी कुल्फी की तरह मेरे लंड को चूमने में लग गयी. और मैं इस दौरान आह….अहहाह…अहहहः…अहहहः… किये जा रहा था. क्योंकि चाची का लंड चूसने का अंदाज मेरे को बहुत भा रहा था इसलिए मेरे से बिलकुल भी कण्ट्रोल नही हो रहा था.
तभी मैंने उनके मुह से अपने लंड को निकाला और फिर लेटी हुई चाची के टांगों को अपने कन्धो पर लेकर उनकी चूत के सामने अपने लंड को फेरने में लग गया. और जैसे ही मैं अपना लंड उनकी रसीली चूत पर सहलाने लगा. चाची की अहहहः…अह्हहहः…हहहहः…..अह्हहहहाहा…. निकल पड़ी. और वो खुद से लंड को अंदर लेने के लिए विनती करती रही.
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तभी मैंने अपने लंड को चाची की चूत के छेद पर सेट किया और अब मैंने एक झटके में ही चाची की चूत की जड़ों तक अपने लंड को ले गया. और ऐसा करने से चाची एकदम से चिल्लाई…. अहहहहहह्हा…..हहहहहः… धीरे-धीरे डाल प्लीज…… चोदना है तोड़फोड़ नही करनी है.
इतना सुनते ही मेने अपने लंड को फिर से बाहर निकाला और अब मैं धीरे-धीरे घुसाने में लग गया. और अब चाची मजे से मेरे लंड को अंदर तक ले रही थी. करीब 5 मिनट तक हम ऐसे ही चुदाई करते रहे. और फिर सुमन चाची काफी जोश में आ चुकी थी. और अब वो मेरे लंड को अंदर तक लेने के लिए बोलने लगी. और फिर मैंने भी अपने लंड की स्पीड बढ़ा डाली.
तथा चाची इस दौरान अहहहहह्हा…हहहहः….सिसिसीसीसिसिसिस…..ऊऊऊम्म्म्म….. करते हुए मेरे लंड को अंदर तक लिए जा रही थी. जैसे ही उनके झटका लगता वो मुस्कुरा रही थी. मानों उनको आज ही चरमसुख मिलने वाला हो. इसलिए वो लगातार मेरे से लंड की स्पीड बढाने की अपील किए जा रही थी.
और मैं भी कहाँ पीछे हटने वाला था मैंने भी ठीक वैसा ही किया जैसा की चाची ने अपील की. दनादन चुदाई में लगा रहा. और करीब 15 मिनट तक चोदने के बाद अब चाची अपना माल छोड़ चुकी थी. और इस दौरान वो निढाल होकर केवल चुदाई का मजा ले रही थी. तभी मैंने भी अब झटके देने जारी रखे और उनके पानी छोड़ने की वजह से अब हर धक्के में फट… फच…. फट…. जैसी आवाजे आने को लग गयी.
इसका मजा अब मेरे लंड को बहुत आने लगा था. ऐसा लग रहा था की जैसे मैं चाची को तेल लगाकर चोद रहा हूँ. इसलिए आगामी करीब 5 मिनट और तेज-तेज धक्के देते हुए मेरा भी अब लंड झड़ने को मजबूर हो चला था. इसलिए मैंने चाची को बोला- चाची मेरा लंड अब झड़ने वाला है. बाहर छोड़ दू अपने माल को?
चाची- पागल हो क्या? ऐसी बेहतरीन चुदाई के बाद भी तुम माल को बाहर ही छोड़ोगे?
मैं- फिर क्या करू?
चाची- इसको अंदर तक छोड़ो. तभी मेरे को चरमसुख जैसा फील होगा.
इतना सुनते ही मैंने अब अपने झटको की स्पीड बढ़ाते हुए चाची के टांगों को पकड़कर आह्हहहः…हहहः…हहहः…हहहः… करके माल चाची की चूत की जड़ तक छोड़ दिया. और फिर चाची के टांगों को कंधों से उतारकर उन्ही के ऊपर लेटकर सो गया. और मेरी चुदाई से चाची इतनी इम्प्रेस हुई की वो लगातार मेरे को प्यार किये जा रही थी.
और साथ मैं मेरे को आई लव यू रमेश…. बोले जा रही थी. तभी मेरा फिर से चुदाई का मन हो चला था. लेकिन बाद मैं सुनाई दिया की ममी बाहर आवाज लगा रही… रमेश… रमेश….रमेश.
इसलिए मैंने जल्दी से कपड़े पहने और चाची को किस करके रात को फिर से चुदाई का वादा करके अपने घर चला आया. और दोस्तों पिछले 3 महीनों से मैं सुमन चाची को लगातार चोद रहा हूँ. मेरे तो इस दौरान इतने मजे हो रखे है की पूछो मत. अब चाची भी मेरी चुदाई की दीवानी हो चली है. तथा मैं अभी अब आपको सच बताऊ तो उनको चोदे बिना नही रह सकता. काश चाची की शादी मेरे से ही हुई होती तो कितने मजे होते जिन्दगी में.
लेकिन खैर कोई बात नही चुदाई तो हमेशा करने को मिल ही रही है. इसलिए मैं भगवान का शुक्रगुजार हूँ. और भगवान् करें हमारी चुदाई ऐसे ही चलती रहे. जिससे मेरी सुमन चाची भी खुश रहे और मैं भी खुश रहू.
दोस्तों ये Hindi mein chachi ki chudai आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Chachi ke sath xxx कहानी बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.
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