Mom Sex Kahani – सोती हुई मम्मी को चोदकर दिया जवान लंड का अहसास
नमस्कार दोस्तों! आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com के Rishton me chudai story के नए एपिसोड में. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर से वरुण जी द्वारा भेजी गयी Mom Sex Kahani लेकर. दोस्तों यह Maa ki chudai story मेरी सौतेली माँ के संग की है जिन्हें मैंने अपने घर में ही चोदकर असली लंड का मजा दिया है.
दरअसल दोस्तों मेरी असली माँ की मृत्यु हो चुकी है. लेकिन मेरा बाप इतना ठरकी है की उसने एक चुद्दक्ड औरत मीना से शादी कर ली. आपको बताऊ मेरी मम्मी की मौत को अभी 5 बरस हो चुके है. और मेरे बाप की उम्र अभी 55 बरस की होने को आई लेकिन फिर भी मेरे बाप से रहा नही जाता और उसने मीना को मेरी माँ बना डाला.
हालाँकि मीना ने भी पापा की सरकारी नौकरी देखकर दोबारा शादी करने का निर्णय लिया था. क्योंकि मीना अभी एक जवान लड़की थी. अभी इनकी उम्र की बात करूँ तो फ़िलहाल वह 30-32 बरस की होंगी. इसलिए जब से मेरे पापा ने मीना से शादी की है तब से मेरे पापा से तो मीना की प्यास भुजती नही है. इसलिए मेरा घर अब एक चुदाई का अड्डा बन चूका है. क्योंकि मेरी सौतेली माँ मीना आए दिन नए-नए आशिकों को घर पर बुलाकर चुदवाती है.
इसी के चलते मैं भी टेंशन में आ गया और अब आपको तो पता ही है जब घर में ऐसा माहौल रहेगा तो फिर सिखने को तो मिलता ही है. और हाँ सिखने को ही नही चोदने को भी मिल जाता है. जिसकी दास्ताँ मैं आपके सामने पेश कर रहा हूँ.
हम लोग पंजाब के भठिंडा के रहने वाले है. और फ़िलहाल मैं 12th कक्षा की पढाई कर रहा हूँ. और आपको बताऊ दोस्तों मेने चुदाई वाला ज्ञान आज के 3 बरस पहले ही ले लिया था. यहाँ तक की मैंने स्कूल की अपनी गर्लफ्रेंड साक्षी के साथ खूब चुदाई का अनुभव प्राप्त कर रखा है. और यहीं अनुभव मेरे को मेरी सौतेली माँ मीना को चोदने में भी काम में आया है.
दरअसल दोस्तों जैसा की मैंने आपको पहले भी बताया की मेरे घर में आए दिन पापा की गैरमौजूदगी में कई मर्द आते जाते रहते है. इसलिए पहले तो मैं काफी सोचता रहा. और फिर मेरे खुराफाती दीमाग में एक आईडिया आया. और मैंने सोचा की अगर मैं ही मीना माँ को चोदने का मजा दे दू तो बाकी के मर्दों की जरूरत ही नही होगी.
इसलिए दोस्तों पहले तो मैंने काफी घबराता था. क्योंकि इसके बारें में डायरेक्ट बोल भी तो नही सकते है. इसलिए मैंने पहले तो जो मर्द आते थे उनका विडियो बनाना शुरू किया. ताकि जब मेरी माँ मेरे से चुदवाने के लिए मना करें तो मैं अपनी माँ को ये विडियो दिखाकर चोद सकूं. फिर दोस्तों अभी 6 महीने पहले की बात है जब सर्दी के दिन चल रहे थे. और मेरी भी शीतकाल की छुट्टी पड़ी हुई थी.
इसलिए दोस्तों आपको तो पता ही है खाली दीमाग शैतान का होता है. तो मैंने दिन के समय में सौतेली माँ को चोदने के बारें में ठान ली. और सीधा उनके बेडरूम में चला गया. जहाँ मेरी सौतेली माँ गहरी नींद में सो रही थी. और मैंने देखा की वो सोते हुए क्या माल लग रही थी. मुझे ऐसा लगा की बस सीधा अपना लंड इसके मुह में डाल दू.
लेकिन एकदम से ऐसा कर भी तो नही सकते ना. क्योंकि अगर एकदम से ऐसा कर दिया तो मामला बिगड़ भी सकता है. इसलिए दोस्तों अब मैंने धीरे-धीरे निचे से उनकी साड़ी को ऊपर करना शुरू किया. और वो गहरी नींद में होने के कारण जग नही पाई. तथा मैंने इस दौरान उनकी साड़ी को उनकी गोरी-गोरी जाँघों तक ला दी.
और फिर दोस्तों जो मेरे को उनकी गोरी-गोरी जांघे देखकर लंड में झुनझुनी शुरू हुई. मेरा जी कर रहा था की अब मेरी सौतेली माँ को ऐसा ही नंगा देखता ही रहूँ. तो मैं कुछ देर तक उन्हें ऐसा ही देखता रहा. और उनकी जांघों पर घबराते हुए हल्का-हल्का हाथ फिराने को लगा गया. इस दौरान मेरे अंदर चुदाई की पूरी फीलिंग्स जग चुकी थी.
क्योंकि वो दिखने में ऐसी माल लग रही थी. मानों अगर कोई बुड्डा भी देख ले तो वो भी उसे चोदे बिना ना रह पाए. इसलिए दोस्तों अब मैंने अब आगे बढ़ने का निर्णय लिया. और उनकी साड़ी को उनकी पेंटी तक ला दिया. और वो पेंटी में कितनी कमाल लग रही थी. उन्होंने इस दौरान लाल रंग की पेंटी पहन रखी थी. जो की उनके गोरे रंग पर काफी सूट कर रही थी.
इसलिए दोस्तों अब मेरे से बिलकुल भी कण्ट्रोल नही हुआ और मैंने वहीँ पर उनकी पेंटी को देखकर अपना लंड हिलाना शुरू कर डाला. और करीब 5 मिनट तक लंड हिलाकर अपना पानी सौतेली माँ की जाँघों पर ही फेंक डाला. पहले जब पानी गया तो मेरे को डर लगा की कहीं वो जग न जाए. लेकिन असल में ऐसा हुआ नही. और वो ऐसे ही मेरे सामने पेंटी में पड़ी रही.
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आम तौर पर तो मैं एक बार माल निकालकर दूर हो जाता हूँ. लेकिन मेरे दीमाग में जो उनको चोदने की सनक बैठी हुई थी उसी को ध्यान में रखते हुए. मैंने अब उनकी पेंटी के ऊपर से ही उनकी चूत पर हाथ फेरना शुरू कर डाला. और वो लगातार मेरे हाथ फेरने की वजह से सिसकारियां लेनी शुरू कर दी. मानों की उसने कोई चुदाई वाला सपना देखा हो.
इसलिए वो मेरे हाथ का कोई विरोध नही कर रही थी. और वह हल्का-हल्का मुस्कुरा भी रही थी. शायद वो चुदाई के बारें में ही सोच रही थी. इसलिए दोस्तों अब मैंने ज्यादा देर न करते हुए अपनी जीभ को उनकी जांघ व पेट पर फेरना शुरू कर डाला. और वो एकदम बेसुद होकर इसका मजा ले रही थी. तभी मेरे से भी रहा नही गया. और दोस्तों मैंने अब उनकी पेंटी को आजाद करने के बारें में ठान लिया.
और धीरे-धीरे करके उनकी पेंटी को निचे सरकाने में लग गया. तथा मैंने नोटिस किया की मीना माँ अपनी पेंटी उतरवाने के लिए कमर तक उठा ली थी. इसलिए मैं समझ चूका था की वो चुदने के बारें में ही पक्का सोच रही थी. इसलिए अब मैंने देखा की उनकी चूत के ऊपर काफी पानी लग रहा था. जो की उनके चुदवाने के लिए इशारा था.
अब दोस्तों मैंने उनकी चूत की पंखुड़ियों को फैलाकर देखा तो उनकी चूत काफी गुलाबी और एकदम चुदने लायक दिख रही थी. इसलिए अब मेरे से भी कहाँ रहा जा रहा था. मैंने भी उनकी चूत के दाने पर अपनी जीभ लगा दी. और लगातार उनकी चूत को चाटे जा रहा था. और करीब 2 मिनट चाटने के बाद ही मीना माँ ने सिसकारियां भरनी शुरू कर डाली.
और वो इस दौरान अपनी चूत चटवाने के लिए नींद में ही मेरे सर को अपनी चूत पर गाड़ रही थी. तो मैंने भी उनकी चूत का नमकीन पानी पिने का भरपूर मजा लिया. और वो भी इस दौरान आह….आः….आह…आह….आह…. करती रही. तथा फिर वो उछल-उछलकर अपनी चूत को मेरे मुह में दखेलने में लग गयी. और गजब का मजा देने में लग गयी.
ये सब करते-करते वो भी एकदम से झड़ गयी. और अपनी चूत से काफी पानी छोड़ डाला. मैं समझ चूका था की वो अब झड़ चुकी है इसलिए शायद अब वो किस करने के बारें में सोच रही होगी. इसलिए अब मैं चूत से हटा और उनके ऊपर चला गया. तथा अब मैंने मीना माँ के गालों पर किस करना शुरू कर डाला. तथा वो भी मेरे को लगातार किस किए जा रही थी.
इसी दौरान अब मैंने उनके होटों पर अपने होठ रख डाले और लगातार उन्हें चूमने में लग गया. तथा करीब 10 मिनट होठ चूमने के बाद दोस्तों मेरी माँ ने आँखें खोल दी. और बोली- वरुण तुम?
मैं- हाँ माँ मैं, आपने क्या सोचा था?
माँ- पागल मैं तुम्हारी माँ हूँ.
मैं- हाँ तो क्या हुआ सौतेली ही हो, कौनसी सगी माँ हो. वैसे भी चुदाई में कौन माँ कौन बाप? सब चलता है मेरी जान.
माँ- अच्छा ज्ञानी आदमी, अब जान भी बोल रहे हो. कह दूंगी तेरे पापा से मैं ये सब कुछ.
मैं- कह देना मैं भी तुम्हारे बारें में बताऊंगा की कौन-कौन उनकी गैरमौजूदगी में घर पर आता-जाता रहता है.
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माँ- चाहते क्या हो?
मैं- आपको खुश करना.
माँ- मैं तो खुश ही रहती हूँ हमेशा.
मैं- अच्छा खुश रहती हो तो अभी सिसकारियां लेकर चूत से पानी कौन निकाल रही थी. ये भी तो ख़ुशी ही है.
माँ- लगता है बड़े मास्टर हो चुदाई के.
मैं- अभी जब चुदोगी, तब पता चलेगा आपको.
माँ- अच्छा, चलो फिर दिखाओ अपना लंड देखे चोदने के लायक भी है या नही.
इतना सुनते ही मैंने अपनी पेंट को उतारा और सौतेली माँ को अपने 7 इंच के लम्बे और 3 इंच मोटे लंड के दर्शन करवा डाले. मेरे लंड को देखकर ही मेरी माँ खुश हो गयी. और बिना कुछ बोले ही मेरे लंड को चूमने में लग गयी. क्योंकि उसने अभी तक ऐसा लंड शायद ही लिया था. इसलिए वो कुछ ज्यादा ही खुश नजर आइ थी.
अब वह मेरे लंड को ऐसे चूम रही थी जैसे वो गंदी फिल्मों में लडकियाँ चूमती है ना ठीक वैसे ही. अब दोस्तों मेरे को भी माँ को लंड चुस्वाने में काफी मजा आने लगा था. इसलिए मैंने उनके सर को पकड़कर अपने लंड को उनके मुह में अंदर बाहर करने को लग गया. और करीब 10 मिनट तक लंड चुसवाने के बाद अब मेरी माँ को फिर से चुदाई की आग लग चुकी थी.
इसलिए अब माँ बोली- लंड ही चुसाएगा या डालेगा भी?
मैं- चिंता मत करो आज आपको ऐसे चोदुंगा की आप दुसरे मर्दों की तरफ झांकोगी भी नही.
माँ- अच्छा, इतना कॉन्फिडेंस?
मैं- अभी पता चल जाएगा.
इतना कहकर बस फिर क्या था … मैं एकदम से जोश में आ गया और मीना माँ के ऊपर टूट पड़ा. या यों कहें कि दोनों ही एक दूसरे पर टूट पड़े. इधर से में मुंह में होंठ भरकर चूस रहा था और उधर से मीना माँ मेरे होंठ चूस रही थीं.
आए हाय … क्या माहौल बन गया था! और फिर मैंने धीरे धीरे हाथ घुमाना शुरू किया. पहले मैं उनके बूब्स दबाने लगा, गांड को सहलाने लगा, पेटीकोट में हाथ डाल कर चूत पर हाथ फेरने लगा. और इधर मीना माँ मदहोश होने लगी थी. दोनों ही एक दूसरे को खा जाने की भरपूर कोशिश कर रहे थे.
मैं तुरंत बेड पर पटक कर मीना माँ के ऊपर आ गया और चूमा चाटी शुरू कर दी. एक हाथ से ब्रा खोलकर बूब्स दबाने लगा, निप्पल को मसलने लगा. जिससे मीना माँ बहुत ज्यादा मदहोश होने लगी और सिसकारियां भरने लगी और इस दौरान वो आआआअ……….. ईईईईई………….. ऊऊऊऊऊऊ……….. आह……आः…… वरुण प्लीज…… ऐसे ही करते रहो.
और मैं भी लगा रहा, दोनों हाथों से उसके बूब्स दबाने लगा और निप्पल चूसने लगा. फिर एक हाथ धीरे धीरे पूरे शरीर को सहलाते हुए मीना माँ की चिकनी मुलायम चूत पर ले गया और उसको सहलाने लगा, उंगली डाल कर रगड़ने लगा. इससे मीना माँ और भी ज्यादा तड़पने लगी और उनकी चूत फिर से पानी छोड़ने लगी. तो मैं तेजी से उंगली डाल कर रगड़ने लगा जिससे मीना माँ तुरंत ही अकड़कर झड़ गई, निढाल हो गई.
और मैं बूब्स चूसते हुए मीना माँ को देख रहा था. मीना माँ के चेहरे पर चमक आ गई थी. अब बारी मेरी थी तो मैं बूब्स चूसते हुए धीरे धीरे नीचे आने लगा और पेट को चूमने लगा, जीभ फिराने लगा और हाथो से जांघों को सहलाने लगा.
मीना माँ वापस गरम होने लगी. मैं तुरंत 69 की पोजिशन में आ गया, मीना माँ के मुंह पर अपना लन्ड रख दिया जिसे मीना माँ ने बिना देर किए मुंह में ले लिया और आइस क्रीम की तरह चूसने लगी. आए हाय … जो मजा लन्ड चुसवाने में आता है न … वो किसी भी चीज में नहीं आता है. ऐसा लगता है जैसे लड़का जन्नत में पहुंच गया.
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और नीचे में मीना माँ की चूत को पूरा मुंह में भरकर चूस रहा था. हम दोनों ही ताबड़तोड़ एक दूसरे के अंगों को चूस रहे थे. मीना माँ लन्ड को बाहर निकाल कर बोली- वरुण लंड को चुसवावोगे या चोदोगे भी?
मैं- चिंता मत करो मेरी जान अभी लो.
इसके बाद मैंने भी बिना देर किए तुरंत मीना माँ की कमर के नीचे तकिया लगाया जिससे उनकी फूली हुई चूत ऊपर आ गई. और मैंने लन्ड को चूत पर रख 6-7 बार रगड़ कर एक जोर लगा कर धक्का लगाया जिससे लन्ड का सुपारा अन्दर चला गया. मेरे तगड़े लंड को अंदर जाता देख मीना माँ की चीख निकल गई क्योंकि मेरे लन्ड का सुपारा ज्यादा मोटा है.
इसलिए वह सह नही पाई. और मेरे को लंड फिर से बाहर निकालने के लिए बोलने में लग गयी. लेकिन मेने उनकी एक न सुनी. क्योंकि वो पहले ही एक चुदक्कड औरत थी कोई नई नवेली तो थी नही की इसे कुछ ज्यादा ही दर्द हो रहा होगा. मैंने सोचा की अभी सबकुछ ठीक हो जाना है. इसलिए मैंने अपने लंड को मीना माँ की चूत में डाले रखा. तथा आगे-पीछे करने में लग गया.
फिर मैंने आराम आराम से मीना माँ को चोदना शुरू किया जिससे उनका दर्द कम हो गया. फिर मैंने मीना माँ को घोड़ी बना कर एक ही बार में पूरा लन्ड चूत में घुसा दिया जिसे मीना माँ सहन नहीं कर सकी और गालियां देने लगी. और बोल रही थी- पागल मादरचोद, अपनी माँ को कोई ऐसे ही चोदता है क्या? चोद प्लीज …. अब मजा आ रहा है….. आह…. आः…..आः….आहाह्हहाहा…. कहाँ छुपा रखा था इस हथियार को इतने दिन.
इतना सब कहकर मीना माँ ने अपनी चुदाई का मजा लेने का आनंद लिया. और वह लगातार अपने झटकों को बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही थी. और पीछे से ही अपनी गांड को मेरी तरफ धकेल रही थी. ताकि मेरा लंड उनकी चूत की गहराई में समां जाए. और वो मेरे लंड को अंदर तक महसूस कर सकें. इसलिए मैंने भी अपने धक्कों को लगातार देना जारी रखा. और पीछे से मीना माँ की गांड आपको बताऊ ऐसी लग रही थी की मेरा मन रुकने का बिलकुल भी नही हो रहा था. और मैं लगातार उनकी कमर को कसकर पकड़कर चूत में धक्के पर धक्के दिए जा रहा था.
ये सिलसिला करीब 20 मिनट तक चलता रहा और फिर मेरी मीना माँ की चूत ने फिर से झड़ना शुरू कर डाला. और वह अपनी चूत से बहुत सारा पानी छोड़ने में लग गयी. यहाँ तक की उनकी चूत का पानी बेड पर टप….टप करके टपक रहा था. लेकिन मैंने उनकी एक न सुनी और मैं अपने झटके देता रहा. क्योंकि मेरे से रहा नही रहा था. और करीब अगले 10 मिनट तक और अधिक झटके देने के बाद अब मेरा भी होने वाला था.
इसलिए मैंने बोला- माँ मेरा निकलने वाला है, कहाँ निकालू?
माँ- अंदर ही निकाल मादरचोद.
मैं- कोई गड़बड़ हो जाएगी तो?
माँ- कुछ नही होगा, मैंने नसबंदी करवा रखी है. तेरे बाप ने भी मेरे को चोदने के लिए ही शादी की है.
इतना सुनकर फिर से मैं जोश में आ गया और अब मीना माँ को और तेज-तेज झटके देने में जुट गया. और फिर अंत में उनकी कमर को जोर से पकड़कर आह…आः…आह्ह….आह्हह…अहहाह….अहहहः…अहः….. करते हुए करीब 1 मिनट तक अपने लंड को उनकी चूत में गडाते हुए अपने सारे वीर्य को निकाल फेंका.
और मीना माँ इस दौरान लंड को अपनी चूत की गहराई में महसूस करके काफी ख़ुशी महसूस कर रही थी. और फिर मेरा झड़ने के बाद बोली- वाह क्या दम है तेरे लंड में मजा आ गया. काश तेरे बाप की जगह तू मेरा पति होता…. मजा आ जाता.
मैं- चिंता मत करो मेरी सौतेली माँ अब मैं ही तुम्हारी चुदाई करूंगा. किसी गैरमर्द को घर में घुसने तक नही दूंगा. क्योंकि अब से ये चिकनी चूत सिर्फ मेरी है.
इतना सुनकर मीना माँ काफी हसने लगी और बोली- पागल ऐसी चुदाई करेगा तो कौन दूसरी गली में जाएगा. मेरे को किसी पागल कुते ने थोड़ी काटा है. तू मेरे से प्रोमिस कर की आज से तू सिर्फ मेरे से ही चुदाई करेगा?
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मैं- पक्का, प्रोमिस मेरी सौतेली माँ.
इतना कहकर हम फिर से एकदुसरे में लिपट गये. और फिर से अपने चुदाई वाले अभियान को जारी रखते हुए शाम तक मैंने मीना माँ को करीब 4 बार चोद डाला. और इस प्रकार चोदा की शाम तक तो वो चलने के लायक भी नही रही. और फिर बोली- आज मेरे काम में अपना हाथ बटाना पड़ेगा तेरे को.
मैं- ठीक है लेकिन चूत तो मिलेगी ना रात को?
माँ- आज नही आज काफी सूज गयी है, इसलिए कल देखते है.
इसके बाद से दोस्तों आज करीब 6 महीने हो गये है मेरे तो मानों मजे हो गये है. जब भी मन होता है मीना माँ की साड़ी को उठाकर जमकर चुदाई का मजा लेता हूँ. और इसका फायदा ये हुआ की घर की बात घर में ही रह गयी. इसलिए किसी को पता भी नही चलेगा. उम्मीद है की हमारी चुदाई आगे भी ऐसे ही जारी रहेगी.
दोस्तों ये Mom son sex kahani आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Maa ki chudai story बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.