Padosan Ki Chudai Kahani – पति से नाखुश कविता भाभी ने लुटा जवान लंड का मजा
हेल्लो दोस्तों, आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com के Gaon Sex Stories के नए एपिसोड में. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर से लोकेश जी द्वारा भेजी गयी Padosan Ki Chudai Kahani लेकर. दोस्तों यह Padosan ki chudai story मेरे पड़ोस की जवान भाभी कविता के साथ की है, जो अपने पति से नाखुश होकर मेरे से चुदाई का मजा लुटी है.
सबसे पहले दोस्तों मैं आपको अपने बारें में बता देता हूँ. फ़िलहाल मैं 20 बरस का हुआ हूँ. और अभी मेरी कॉलेज की पढाई चल रही है. तथा मैं कॉलेज में बीए की पढाई कर रहा हूँ. दिखने में एकदम हॉट और हट्टा-कट्टा बन्दा हूँ. क्योंकि कॉलेज में भी मेरी 2 गर्लफ्रेंड है और चाहू तो और भी पटा सकता हूँ. लेकिन भगवान की दया से इतनी ही काफी है.
इसलिए मैंने चुदाई वाला ज्ञान तो आज के 2 बरस पहले ही लेना शुरू कर दिया था. लेकिन अब बारी थी पड़ोस की कविता भाभी के साथ चुदाई करने की तो दोस्तों कविता भाभी भी एक सेक्सी महिला है. जिनकी उम्र अभी होगी लगभग 27 बरस. लेकिन उनके पति रामदेव अभी काफी बूढ़े हो गये है. क्योंकि कविता भाभी का बाल विवाह हुआ था इसलिए जब वो 5 बरस की थी तब रामदेव 20 बरस के थे. इसलिए अब रामदेव अंकल की उम्र लगभग 45+ हो चुकी है.
और अब रामदेव अंकल वो चुदाई नही कर पाते है जो की कविता भाभी को उम्मीद होती है. क्योंकि अब मुझे तो लगता है की उनका खड़ा भी नही हो पाता होगा. शायद इसलिए आजकल मैंने नोटिस किया है की कविता भाभी का हमारे घर पर आना और छत पर टहलना चालू हो गया है. इसी दरमियान दोस्तों आपको बता दूँ की मैं भी हमेशा छत पर टहलता हूँ. जब शाम होती है तो इधर उधर फिरता रहता हूँ छत पर.
और मेरा कमरा भी छत और निचे दोनों तरफ है. क्योंकि हमारी हवेली बड़ी है इसलिए जहाँ चाहू वहां रह सकता हूँ. इसमें कोई रोक टोक नही है. तथा कविता भाभी की हवेली हमारे से टच होकर ही है. अगर कोई चाहे तो फिरनी को पार करके आसानी से एक दुसरे की छत पर जा सकता है. तभी दोस्तों अभी पिछली सर्दियों के दिनों की बात है.
ये शाम का समय था और मैं आपको बताऊ मैंने इयरफोन लगा रखा था. तथा इस दौरान वो इयरफोन कुछ खराब सा हो गया था. मानों की उसमे मेरे कानों में तो आवाज आ ही रही थी तथा साथ में वो मोबाइल में बजता था. लेकिन इसका मेरे को बिलकुल भी पता नही था की वो बाहर भी बज रहा है. इसलिए मैं चेयर पर बैठकर छत पर पोर्न देखने में लग गया.
और उसमे जैसे ही आह…. ऊऊउ…. आहाह्हा…… जैसी आवाजें आई तो कविता भाभी को सुनाई दे दी. हालाँकि इस बात का मेरे को जरा भी अहसास नही था की आवाज बाहर भी जा रही है. फिर पहले तो थोड़ी देर तक कविता भाभी काफी मुस्कुरा रही थी. लेकिन जब ये फिल्म देखने का सिलसिला आगे बढ़ता रहा तब तक वो मुस्कुराती रही.
और फिर अंत में मेरे पास आकर बोली- क्या देख रहे हो?
मैं- कुछ नही न्यूज़ देख रहा हूँ.
इतना सुनते ही कविता भाभी हंसते हुए बोली- मुझे बेवकूफ समझ रखा है क्या? सच-सच बताओ क्या देख रहे थे?
मैं- नही भाभी सच में न्यूज देख रहा था.
भाभी- अच्छा, न्यूज़ में ये आह…अहहह्ह..हाहाह. कौन कर रहा था?
इतना सुनते ही मैं घबरा गया और बोला- आपको कैसे पता ऐसी आवाजें आ रही थी?
भाभी- तेरे इस इयरफ़ोन से आवाज बाहर की ओर आती है. इसलिए मैंने सब सुन लिया है.
फिर मैंने बोला- प्लीज भाभी मम्मी को मत बता देना. आपको मेरी कसम है.
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भाभी- अरे पागल, ऐसी बातें भी भला किसी को बताने की होती है क्या? आप भी?
मैं- थैंक्स भाभी, आप कितनी अच्छी है.
भाभी- अच्छा आप मेरे को बताओ क्या मिल जाता है ये सब देखकर आपको?
मैं- कुछ नही भाभी बस मन राजी हो जाता है.
भाभी- हाँ तो शादी कर लो ताकि पुरे दिन मन राजी रहे.
मैं- किससे कर लू? आप ढूंढ दो भाभी आपकी जैसी कोई हॉट सी लड़की मैं शादी कर लूँगा.
भाभी- मैं इतनी हॉट हूँ क्या?
मैं- हाँ, इसमें कोई शक नही है. आप इतनी हॉट हो की अभी बताऊंगा तो आप बुरा मान जाओगी.
भाभी- कैसे?
मैं- नही बताना.
भाभी- बताओ ना प्लीज.
मैं- नही भाभी रहने दो आप तो.
भाभी- नही बताओगे तो मैं ये बात आपकी ममी को बोल दूंगी.
मैं- नही नही भाभी, प्लीज ऐसा मत कर देना. चलो प्रोमिस करो की आप बुरा नही मानोगी?
भाभी- प्रोमिस.
मैं- आप इतनी हॉट हो की मैं आपको याद करके कई बार मूठ मारता हूँ. प्लीज आप बुरा मत मान जाना. मैंने आपको सच बात बताई है.
इतना सुनते ही भाभी की हंसी छुट पड़ी. और बोली- बस इतनी सी बात है. लेकिन तुम ऐसा क्यूँ करते हो?
मैं- क्योंकि आप मेरे को बहुत सेक्सी लगती हो. इसलिए दीमाग से बाहर निकल ही नही पाती हो.
भाभी- अच्छा इतनी बातो का तो मेरे को आज जाकर पता चला है. की आप मेरे बारें में इतना सब सोचते हो. काश मेरे पति भी मेरे बारें में इतना सब सोच पाते?
मैं- तो क्या आपके पति आपके बारें में ये सब नही सोचते है?
भाभी- अरे सोचने से क्या होता है पागल, कुछ करना भी होता है.
मैं- मतलब आपके साथ कुछ भी नही करते है?
भाभी- करते तो है लेकिन अब उनसे वो सब नही हो पाता है जो अभी आपकी वाली फिल्म में लड़का कर रहा था.
मैं- अच्छा, मतलब आपको दमदार बन्दा चाहिए.
भाभी- हाँ सही समझे हो. आपने कभी सेक्स किया है?
मैं- हाँ भाभी किया तो है, और ठीक ऐसे ही किया है जैसे फिल्म में करते है.
भाभी- अच्छा, इतना स्टैमिना है आपमें?
मैं- कभी करोगी तब पता चलेगा ना, आप बोलो तो उदाहरण के साथ बताऊ आपको.
भाभी- हट पागल, ऐसे कोई सीधे-सीधे भी बोलता है क्या?
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मैं- हाँ तो इसमें कौनसी बड़ी बात है बात तो कम से कम खुलकर होनी चाहिए ना.
भाभी- हाँ ये भी बात तो सही है.
मैं- तो बताओ कब देना है आपको ऐसा मजा?
भाभी- जब तुम चाहो, मैं तो आपकी वाली फिल्म की आह…ऊऊउ…आह्ह्ह. सुनकर ही मूड बना चुकी हूँ.
मैं- अच्छा इतनी स्मार्ट हो आप. थैंक गोड ऐसी भाभी सबको मिले. चलो फिर आज करते है.
भाभी- हाँ ठीक है पतिदेव भी नाईट सिफ्ट पर गये हुए है. आप आ जाना रात को 9 बजे के आसपास छत पर.
मैं- छत पर नही भाभी कमरे में.
भाभी- हाँ छत से होकर आना मेरा कहने का ये मतलब है वरना गेट से आओगे तो सबको शक होगा.
मैं- ठीक है भाभी.
इतना सुनकर मैं निचे आ गया और सबसे पहले मेडिकल स्टोर पर जाकर एक वियाग्रा का डोज लिया. तथा वापस घर चला आया और अब 8 बज चुके थे तो मैंने सबसे पहले वियाग्रा ली. और फिर इसके बाद मैंने खाना खा लिया. अब दोस्तों 8.30 तक मेरे लंड में कुछ-कुछ होने को लग गया. क्योंकि ये गोली धीरे-धीरे असर कर रही थी.
इसलिए अब मैं छत पर चला गया. और भाभी को कॉल किया- क्या कर रही हो?
भाभी- बस आप ही का इन्तजार कर रही हूँ.
मैं- तो फिर आ जाऊ मैं>
भाभी- हाँ ये भी कोई पूछने की बात है.
इतना सुनकर मैंने छत को पार करके उनकी छत पर चला गया और ऊपर का गेट खुला था इसलिए मैं निचे कमरे में चला गया. जहाँ कविता भाभी एकदम सज-धज कर चुदाई के लिए तैयार बैठी थी. शायद वो भी आज जवानी का भरपूर मजा लुटने वाली थी. इसलिए उन्होंने भी मेरी तरह तैयारी पहले कर ली थी.
अब दोस्तों मेरे से उन्हें देखकर रहा नही जा रहा था. इसलिए मैं कविता भाभी के पास जाकर बैठ गया. और उन्हें निहारने में लग गया. तभी भाभी ने मेरे सर को पकड़ा और सामने से ही मेरे को किस कर डाला. और जैसे ही उन्होंने अपने रसीले होठ मेरे से टच किये मेरे लंड ने फनफनाना शुरू कर दिया. और मैंने तुरंत भाभी को सामने से चूमना शुरू कर डाला.
क्योंकि हम दोनों का पहले से ही चुदाई का प्लान था इसलिए अब हमको बिलकुल भी शर्म नही आ रही थी. और इसलिए हम दोनों चुमते-चुमते एक दुसरे में खो गये. और ऐसा फील हो रहा था की जैसे दो जिस्म हो और एक जान.
और में फिर धीरे धीरे उनके बूब्स दबाने लगा बहोत सॉफ्ट बूब्स थे उनके उन्होंने अन्दर ब्रा नही पहनी थी. कविता भाभी के वो गोल मटोल बूब्स मेरे को चुदाई के लिए आतुर कर रहे थे. क्योंकि उनकी साइज़ लगभग 40 की है. और उन्हें दबाने में जो मजा आ रहा था दोस्तों पूछो मत. मेरा लंड खड़ा होते जा रहा था. और अब कविता भाभी को चुभने भी लगा था.
तभी भाभी बोली- पेंट उतारो देवरजी….चुभ रहा है आपका लंड…. पहले से ही तैयारी कर रखे हो क्या?
मैं- जब से मेरी जान आपने चुदाई के लिए बोला है तब से ही फनफना रहा है…. आई लव यू मेरी जान.
भाभी- आई लव यू टू… मेरी जान.
इतना कहकर अब हम दोनों फिर से लिप्स किस करने में लग गये. और साथ – साथ मैं भाभी के वो बड़े-बड़े बूब्स को दबाये जा रहा था. मेरी इन हरकतों से भाभी की आह…आहाहाहा…हहहाहा…..ईईइ… निकले जा रही थी. और वो करीब 10 मिनट बूब्स को दबवाने के बाद गर्म साँसे छोड़ने में लग गयी.
इस दौरान भाभी इतनी सजी हुई थी की दोस्तों मेरे से भी रुका नही जा रहा था. लेकिन चूँकि मेरे को चुदाई का अनुभव लेते हुए पिछले 2 बरस बीत चुके थे. इसलिए मुझे भली भांति पता था की फॉरप्ले कितना जरूरी होता है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने आप पर कण्ट्रोल रखा और उनके साथ मस्ती पर मस्ती किये जा रहा था.
इसके बाद अब भाभी बोली- आज केवल किस ही करोगे या चुदाई भी करोगे?
मैंने इतना सुनते ही उनकी साड़ी को निचे से धीरे-धीरे ऊपर करना शुरू कर दिया. और अब मेरे को उनका वो गोरा बदन दिखना शुरू हो गया. जिसको मैं कई दिनों से याद करके अपना लंड हिलाता था. इसलिए मैंने अब साथ-साथ भाभी के पेरों को भी सहलाना शुरू कर डाला. और अब उनका मजा भी दोगुना हो गया.
क्योंकि मैंने साड़ी को उनकी जांघो तक ला दिया था. और आपको बताऊ दोस्तों जाँघों पर हाथ सहलाने से औरत मचलती बहुत है. इसलिए मैं धीरे-धीरे उनकी गोरी-गोरी जांघों को सहला रहा था. और भाभी अब आह…अहहहः…हहहः करके मजे लुटे जा रही थी.
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तभी मैंने उनकी पेंटी के दर्शन कर डाले. जहाँ उन्होंने लाल रंग की पेंटी पहन रखी थी. और सामने उनकी चूत (padosan ki chut) के हल्के-हल्के बाल भी नजर आ रहे थे. शायद भाभी को बाल काटे एक महिना हो चूका था. तो मैंने पूछा- भाभी आप सफाई कब करती हो?
भाभी- एक महीने से कर लेती हूँ. अब सप्ताह से सफाई करके क्या करूँ कोई चुदाई तो करता नही है. इसलिए मेरे को कौनसी किसी को अपनी चूत चटवानी है जो मैं सफाई करू.
मैं- अब से आप सफाई करके रखना वैसे भी बालों में भी मेरे को आपकी चूत चाटने का मन हो रहा है.
भाभी- हाँ प्लीज चाटो, मेरे को भी चटवाने में मजा बहुत आता है देवर जी…प्लीज.
इतना सुनते ही मैंने उनकी पेंटी को चूत से दूर किया और देखा की कविता भाभी की चूत काफी गुलाबी थी. और एकदम यंग चूत नजर आ रही थी. ऐसा लग रहा था की जैसे अभी तक उनकी सील भी नही टूटी होगी. तो मैंने पूछा- भाभी आपको पति ने कभी नही चोदा क्या?
भाभी- चोदा तो है लेकिन वो ज्यादा से ज्यादा 2 मिनट ठहर पाते है. और अपना पानी निकालकर सो जाते है. इसलिए मेरे को बहुत बुरा लगता है.
मैं- चिंता मत करो भाभी, आज अगर मैं आपका पानी न निकाल दू तो बताना मेरे को.
इतना कहते ही मैंने भाभी की चूत पर अपना मुह टिका डाला और उनकी चूत के दाने को चाटने में लग गया. तथा साथ में भाभी के बूब्स को भी मसलता रहा. मेरी इन हरकतों से भाभी अब काफी जोश में आ गयी. और वो इसी दौरान आह…आह…आह…. करने में लग गयी. लेकिन मैंने भाभी की इन आवाजों को नजरअंदाज किया और लगातार उनकी चूत की चटाई जारी रखी.
तभी करीब 5 मिनट तक ढंग से चूत को चूसने के बाद अब भाभी निचे से उछल-उछल कर मेरे मुह की ओर अपनी चूत को धकेलने में लग गयी. और साथ में वो आह…आहाह्हः…स्सीईइसीसिसि…… आहाहहहह्हा… ऊऊऊऊउ……..आआआआआआ…… करके मेरे मुह में ही अपना पानी छोड़ डाली.
और इसके बाद वो एकदम अकड़कर लेट गयी. तथा अब मैं देखा की ये मौका सही है भाभी को चूत चुदाई का मजा देने का. इसलिए इसके बाद मैंने चूत का पीछा छोड़ा और भाभी को फिर से लिप्स किस करने में लग गया. और थोड़ी ही देर में भाभी में चुदाई की भूख फिर से जग गयी. और अब मैंने टाइम वेस्ट न करते हुए अपनी पेंट उतारी और अपने 8 इंच लम्बे और 3 इंच मोटे लंड के दर्शन करवा डाले.
मेरे लंड को देखते ही भाभी पहले तो मुस्कुराई और बोली- मेरे को प्लीज अपना लंड चुसाओ.
मैं- क्यों आपको मजा आता है क्या लंड चूसने में?
भाभी- हाँ, मेरे को लंड वाले नमकीन पानी का स्वाद बहुत अच्छा लगता है.
इतना कहते ही मैंने अपना लंड भाभी के मुह में डाल दिया. और फिर करीब 2 मिनट तक वो मेरे लंड को आइसक्रीम की तरह अंदर तक ले जाकर चूम रही थी. तभी अब मैंने अपना लंड भाभी के मुह से बाहर निकाला और अब मैंने भाभी के टांगों को चौड़ा करके उनकी चूत के सामने ले गया.
और अब उनकी चूत की पंखुडियो को फैलाकर अपने लंड को फिसलाने में लग गया. मेरे लंड की टोपी अब कविता भाभी की गीली चूत पर फिर रही थी. और कविता भाभी फिर से चुदाई के जोश में आ गयी. इसलिए उन्होंने खुद से ही मेरे लंड को अपनी चूत के छेद पर सेट किया और बोली- अब जाने भी दो इसे अंदर बहुत दिनों से मेरी चूत लंड की प्यासी है.
इतना सुनते ही मैंने अपने लंड को एकदम से कविता भाभी की चूत में धक्का दिया. और भाभी आआआआआ………अ……..असिसिसिसिसिस्सी….. ऊऊऊऊउ…..ऊऊऊऊ… करने में लग गयी. लेकिन मैंने उनकी एक न सुनी और ठीक वैसे ही उनको चोदना जारी रखा जैसा की उस फिल्म में लड़की चुद रही थी.
करीब 5 मिनट तक आहा.अ.अ.अ.अ.अ.अ.अ.अ..अ…….इ..ई.इ..ई..ई..ई.इ.इ.इ.इ. करके अब भाभी मेरे लंड की स्पीड बढाने के लिए बोलने लग गयी. तो मैंने अब अपनी चुदाई की स्पीड को दोगुना कर दिया और अब भाभी की चूत में दनादन धक्के पर धक्के दिए जा रहा था. और भाभी की आँखें एकदम से तैरने में लग गयी.
और वो साथ में मुस्कुरा भी रही थी. और बोल रही थी प्लीज ऐसे ही चोदो….. देवर जी…. आई लव यू…. फिर वो उछल ने लगी मेरे लंड पे और उपर निचे होने लगी ओर में भी अपने गांड को ऊपर निचे धकेल रहा था वो अहहहः….. अहहहहह्हा….. अहहहह्हा किये जा रही थी.
करीब 10 मिनट तक मेने दमदार चुदाई करने के बाद अब मैं झड़ने वाला था. इसलिए भाभी को बोला- भाभी में झड़ने वाला हूँ.
भाभी बोली- मैं भी झड़ने वाली हूँ देवर जी प्लीज अपनी स्पीड को और तेज करो.
और इतना सुनते ही मैंने अपनी स्पीड और बढाई और फिर करीब 20-30 धक्कों के बाद मैंने भाभी को कसकर पकड़कर उनकी चूत की गहराई में ही अपना लंड का माल झाड़ दिया. और साथ मैं भाभी ने भी मेरे को कसकर जकड़कर अपनी चूत का पानी निकाल फेंका.
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और फिर मैं भाभी के ऊपर ही लेटा रहा. तथा हम फिर से एक दुसरे को किस करते रहे. तभी भाभी बोली- आज जाकर कोई ढंग का लंड मिला है मेरे को. काश तुम ही मेरे पति होते. जिन्दगी कितनी हसीन होती मेरी.
मैं- आज से तुम मेरे को अपना पति ही समझ लेना. क्योंकि मेरे को भी आज असली चुदाई का मजा आया है. आपने मेरी चुदाई का भरपूर साथ देकर मेरे लंड को बहुत मजा दिया है. थैंक्स भाभी.
भाभी- अपना थैंक्स वापस लो. चुदाई में भी कोई थैंक्स देता है क्या. मजा दोनों ने लिया है ओके.
मैं- सॉरी भाभी.
ये सब बातें करते करते मेरा लंड फिर से खड़ा होने लग गया. और फिर मैंने बोला- भाभी मेरा फिर से चुदाई का मन हो गया है.
भाभी- हाँ तो चोद लो आज से ये चूत सिर्फ तुम्हारी है. तुम जैसा चाहे वैसे चोदो.
मैं- आप बताओ आपको कैसे चुदना पसंद है? मैंने वैसे ही आपको चोदुंगा.
भाभी- वो सामने रखी ऑफिस चेयर है ना उस पर लेटकर मेरे को चुदना बहुत पसंद है.
इतना सुनते ही मैं भाभी को फिर से ऑफिस चेयर पर ले गया. और उनके दोनों टांगों को फैलाकर अब उनकी चूत को साफ करके फिर से चाटने में लग गया. और करीब 10 मिनट तक चाटकर भाभी को फिर से जोश में ला दिया. और फिर से भाभी आह…आहाह्हा…हहहाहा…..अहहह्हा… करने में लग गयी.
तभी मेरा लंड भी अब वियाग्रा खाया हुआ था. इसलिए फिर से लौहे जैसा हो चला था. तो मैंने अब भाभी को चूसने के लिए बोला. और भाभी ने एकदम से उठकर मेरे लंड को चुसना शुरू कर डाला. क्योंकि भाभी ने पहले भी बोला था की उनको लंड चुसना बहुत पसंद है. इसलिए वो अब मेरे लंड को करीब 10 मिनट तक ठीक वैसे ही चूस रही थी जैसे वो पहले चुसी थी.
और फिर मेरे से अब रहा नही जा रहा था. इसलिए मैंने अपना लंड उनके मुह से निकाला और फिर भाभी की चूत में डालने के लिए सामने आ गया. और फिर ऑफिस चेयर को सेट करके उनके टांगों को फिर से फैलाकर अपने लंड से भाभी की चूत को पेलने में लग गया. चूँकि अब ये मेरा दूसरा राउंड था इसलिए अब मैंने लगातार धक्के पर धक्के दिए जा रहा था. और करीब 15 मिनट तक सामने से चोदने के बाद अब मैंने भाभी को बोला- आप प्लीज चेयर पर घोड़ी बन जाओ.
तो भाभी ने तुरंत घोड़ी बनने वाला आसन ले लिया. और अब मैं उनके कंधों को पीछे से पकड़कर अपने लंड से धक्के पर धक्के दिए जा रहा था. तभी भाभी की भी आह…अहहहः…हहहाहा….हहहहहः निकलने लग गयी. और वो आधी चुदाई में ही झड़ गयी. और अब अपनी चूत से काफी पानी छोड़ चुकी थी. तभी कमरे से अब हर धक्के के दौरान फच…फच…फच…. जैसी आवाजें निकलने में लग गयी.
और फिर करीब 15 मिनट घोड़ी बनाकर चोदने के बाद मैं भी आह…अहहाह….हहहाहा….आआआ….आ.अ.अ.अ.अ.अ…. करके झड़ गया. और अब फिर से हम बेड पर चले आये और एक दुसरे से प्यार करते रहे.
आपको बताऊ दोस्तों मैंने करीब रात के 3 बजे तक उस दिन भाभी को करीब 4 बार जमकर चोदकर अपनी दीवानी बना ली. और आज तक भाभी को जब मन चाहता है तब चोदकर चला आता हूँ. मेरे तो मानों भाग से खुल गये है. अब कविता भाभी भी खुश और मैं भी खुश.
दोस्तों ये Padosan ki chudai ki kahani आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Padosan ki chudai story बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.