Jija Sali Ki Chudai – बड़ी साली की चुदाई ऐसे हुई की भूली अपने पतिदेव को, Jija Sali Story पढ़ें
हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम अरविन्द है और मेरी उम्र अभी 25 साल की है। आज के इस Family sex stories hindi के एपिसोड के अंदर मैं आपको मेरी सच्ची कहानी (Jija Sali Ki Chudai) के बारें में बताऊंगा। दरअसल दोस्तों आपको बता दूं की मेरी शादी को लगभग 5 साल पुरे हो चुके है। और मेरी बीवी का नाम कामिनी है।
अब जब पांच वर्ष शादी को मेरी को पुरे हो चुके है तो दोस्तों मैं हमेशा कुछ नया ट्राई करने की कोशिश करता हूँ। जैसे घर में मैड को चोदने के बारें में प्लान बनता हूँ लेकिन दोस्तों किसी कारणवश ये मेरे प्लान पुरे नही हो पाते है। हालाँकि मैं दोस्तों चुदाई करने में एकदम धाकड़ बन्दा हूँ। इसलिए हमेशा इस विषय पर मेरा विचार पॉजिटिव रहता है।
अब दोस्तों Badi sali ki chudai kahani की शुरुआत करते है। जहाँ सबसे पहले मेरी नजर मेरी बीवी की बड़ी बहन रश्मि पर पड़ी जो एकदम गोरी गलोती मानो देखते ही लंड का फुंवारा छूटने लग जाए। मेरी साली रश्मि की हाइट मेरे से 2” ज्यादा थी। उसके बूब्स बड़े सुडौल थे। उसकी गांड एकदम शेप में थी। न तो वो पतली थी और न ही मोटी, बिल्कुल मध्यम।
एक दिन की बात है दोस्तों मेरी बड़ी साली मेरे घर आई हुई थी। तो हम सब मेरी बीवी और वो तीनों बतला रहे थे। तो मुझे बातों ही बातों में पता चला की रश्मि की अपने पति से बिलकुल भी नही जमती है। हालाँकि मैं जब भी अपने ससुराल जाता वो मुझे भी ताने मारती रहती थी। इन सब को सुनकर मैंने भी सोच लिया था कि इसको तो एक मेरी बड़ी साली रश्मि को जमकर चोदुंगा और मैं मौके की तलाश में रहने लगा।
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फिर एक दिन रश्मि को कुछ जरूरी काम था इसलिए मेरी सास ने रिक्वेस्ट करते हुए कहा कि ”क्या आप कल अनुराधा के साथ जा सकेंगे?” मेरी तो मन की मुराद पूरी हो रही थी लेकिन मैंने कहा ”मैं चला तो जाता पर मुझे कुछ काम है। अगर आपने पहले बताया होता तो मैं अपने को एडजस्ट कर लेता”।
इस पर मेरी सास ने कहा ”नहीं रश्मि को कहीं भी अकेले भेजने की हिम्मत नहीं होती और उसके भाई को भी बहुत जरूरी काम आ गया है। अगर आपको कोई जरूरी काम नहीं हो तो उसके साथ चले जाइए”। मैंने कहा ”ठीक है।”
अगले दिन मैं और रश्मि साथ-साथ गए। रास्ते भर हम लोग तरह-तरह की बात कर रहे थे। मैंने उनसे पूछा आपकी अपने पति के साथ सेक्स लाइफ कैसी थी। इस पर उन्होंने बताया कि ठीक-ठाक थी लेकिन उसने सेक्स की बातों में जरा भी इंटरेस्ट नहीं दिखाया।
मैं सोचा मैंने पढ़ लिया कि कैसे इसका सेक्स में इंटरेस्ट पैदा किया जाए। पहले सोचा कि कोई गोली चाय में मिला दूँगा लेकिन फिर सोचा नहीं क्यों न रिस्क लिया जाए। उस दिन उसे कही जाना था और मैंने जानबूझकर देर कर दी जिस कारण हमारी आखिरी बस चली गई। वो मुझे बुरा-भला कहने लगी और मैं उसको लेकिन ये तो मेरे प्लान का हिस्सा था।
आखिर में हम दोनों एक होटल में रुकने के लिए गए। मैंने जानबूझकर दो कमरे के लिए बोला क्योंकि मैं जानता था वो मेरा नहीं चलने देगी। उसने कहा ”एक रात ही तो रुकना है एक ही कमरे में सो जाएँगे”। हम लोग कमरे में आ गए। उसने होटल वाले से कहकर डबल बेड को अलग-अलग करवा दिया था।
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अब मेरे प्लान का दूसरा हिस्सा शुरू होने जा रहा था। मैंने उससे बहस करनी शुरू कर दी और जैसा कि मैक्सिमम बहस का नतीजा होता है अंत में वो रोने लगी और कहने लगी ”एक तो मैं वैसे ही कम परेशान नहीं हूँ इस पर तुम मेरा साथ देने के बजाय मेरे से लड़ रहे हो”। दोस्तों रश्मि परेशान इसलिए थी क्योंकि उसका पति ना तो उसे शारीरिक सुख दे पा रहा था ना किसी प्रकार की कोई मदद.
बस अब मैं उससे माफी मांगने लगा और कहने लगा ”नहीं रश्मि जी मत रोइए आगे से ऐसा नहीं होगा” और उसके आँसू पोंछने लगा। वो एकदम से चौंक पड़ी। वो नजरें नीचे किए हुए खड़ी थी और आँखों से आँसू निकल रहे थे। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी अप्सरा को देख रहा हूँ।
पहले मैंने उसके आँसू पोंछे फिर मैंने कहा रश्मि जी आज के बाद आपको कभी भी बुरा-भला नहीं कहूँगा पर उसके आँसू नहीं रुक रहे थे। तब मैंने दोनों हाथों से उसके फेस को पकड़ लिया और दोनों हाथों के अंगूठे से उसकी आँखों को पोंछा। वो थोड़ा सा सकपका गई और मेरी तरफ देखने लगी।
फिर मैंने आँखों से उसको बड़े प्यार से देखा और एक मिनट तक लगातार देखता ही रहा। अब उसने अपनी आँखें नीचे कर लीं। जैसे ही उसने आँखें नीची की मैंने उसके चेहरे को अपने पास लाकर उसकी आँखों को चूम लिया। अब वो तुरंत मुझे धकेलने की कोशिश करने लगी।
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मैंने तुरंत उसे सामने की तरफ से दीवार पर टिका दिया और उसकी पीठ व गर्दन को चूमने लगा। वो मेरा लगातार विरोध कर रही थी पर चीख नहीं पा रही थी। उसने अभी तक कपड़े चेंज नहीं किए थे। उसके कपड़ों से उसके पसीने की खुशबू आ रही थी जो मुझे और ज्यादा उत्तेजित कर रही थी।
फिर दोस्तों मैं अपने होंठों को नीचे लाने लगा और उसकी पीठ को चूमता हुआ उसके नितंबों की ओर आने लगा। फिर मैंने उसके हाथों को छोड़ दिया और उसकी कमर को अपने हाथों से पकड़कर उसके कुर्ते को थोड़ा सा ऊपर उठाया और उसके सलवार के ऊपर से ही उसकी गांड को अपने दाँतों से काटने लगा और अपना चेहरा उसकी गांड पर मसलने लगा।
अब मेरी बड़ी साली रश्मि थोड़ा गरम हो रही थी। मैं उसकी गांड को चूमे जा रहा था। थोड़ी-थोड़ी देर में मैं अपना चेहरा उसकी गांड पर भी दबा देता था। अब मैंने अपने हाथों का घेरा बनाते हुए उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया। वो फिर विरोध करने की कोशिश करने लगी। उसकी सलवार अब गिर पड़ी थी पर उसके पैरों में ही थी।
मैंने अब उसके एक पैर को अपनी जाँघ पर रखा और उसको सीधा कर दिया जिस कारण अब वो एकदम बेबस सी हो गई क्योंकि उसका एक पैर दूसरे पैर के पीछे से होते हुए मेरी जाँघ पर था और उसके दोनों पैरों में उसकी सलवार बेड़ियों की तरह लिपटी हुई थी।
अब मेरे चेहरे के सामने उसकी पैंटी थी जिसे मैंने देर न करते हुए नीचे खींच दिया। वो जैसे ही नीचे झुकी मैंने अपनी जीभ तुरंत उसकी चूत में डाल दी। जिस पर हल्के-हल्के बाल थे। वाह क्या टेस्ट था उसकी चूत का। उसके शरीर में तो करंट सा दौड़ गया और मैं उसकी चूत का मजे से टेस्ट लेता रहा।
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अब वो धीरे से सिसकारियाँ भरने लगी। उसकी सिसकियों को सुनकर मेरा जोश और बढ़ने लगा। फिर मैं ऊपर आया और उसके होंठों को पहले अपनी जीभ से साफ किया फिर उसके होंठों को चूमने लगा। अब उसने अपने पैरों से सलवार को निकाल दिया और अपने दोनों हाथों से मुझे जकड़ लिया।
मैंने उसकी आँखों में देखा वो नशीली होने लगी थी। मैंने तुरंत उसके मुँह में अपनी जीभ घुसा दी जिसे वो चूसने लगी। अब मेरे हाथ उसकी पीठ पर थे और उसके कुर्ते को खोल रहे थे। उधर हम दोनों एक-दूसरे की जीभ को बुरी तरह से चूस रहे थे। हमारे मुँह में जरा सी भी लार नहीं रह पाती थी।
हम लोग एक दुसरे को चूसते जा रहे थे। फिर मैंने उसके कुर्ते को खोलकर उसे उसके पैरों में गिरा दिया था जिसे उसने तुरंत अपने पैरों से इस तरह दूर कर दिया जैसे वो कोई साँप हो। अब वो सिर्फ ब्रा में ही थी। अब मैंने अपने कपड़े उतारने लगा।
तब तक उसने भी अपनी ब्रा खोल दी। अब वो मेरे सामने पूरी तरह से नंगी खड़ी थी। मैं तुरंत उसके बूब्स को चूसने लगा। वो दोनों हाथों से मेरे सिर को अपने बूब्स पर दबा रही थी और उसके मुँह से आआह उफ्फ नही की आवाज आ रही थी। हम दोनों की पसीने की खुशबू से सारा कमरा महक रहा था जो हमें और मदहोश कर रहा था।
हम दोनों एक-दूसरे को पूरी ताकत से जकड़ते जा रहे थे। फिर मैंने उसे दोनों हाथों से उठाकर बेड पर लिटा दिया और एक उँगली उसकी चूत में डाल दी। उसने तुरंत अपनी गांड ऊपर उठा ली। मैं अपनी उँगली आगे-पीछे करने लगा। वो पूरा साथ दे रही थी। मैं उसके बूब्स को चूमते हुए उसके बगल को चाटने लगा जिससे उसकी उत्तेजना और बढ़ने लगी।
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अब ये सब उसके बर्दाश्त के बाहर हो रहा था। तब फिर रश्मि बोली ”अब और मत तड़पाओ मैं झड़ने वाली हूँ” और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया जो मेरी हथेली पर आ गिरा जिसे मैं चाटने लगा। उसने मेरे हाथों को पकड़ लिया और वो उसे चाटने लगी। मैं उसके ऊपर लेट गया। हम दोनों के हाथ एक-दूसरे के शरीर पर घूम रहे और हर पार्ट्स के साथ खेल रहे थे।
मेरा लंड उसकी चूत को रगड़ रहा था। उसकी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे जिस कारण उसकी चूत खुरदुरी लग रही थी जो मेरे लंड में और जोश भर रही थी। अब उसने अपने एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ लिया था जिस कारण मुझे बहुत मजा आ रहा था। फिर उसने मेरे लंड को अपनी चूत के छेद पर रखा। मैंने भी तुरंत एक धक्का मारा।
दोस्तों मैंने फिर महसूस किया की इतना सब करने के बाद भी उसकी चूत पहले से ही बहुत गीली हो गई थी। मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अंदर जाने लगा। उसके मुँह से उम्म्ह… अहह… हय… याह… रवी … जोर से कर … बहुत मजा आ रहा है. आह्ह श्सस्स … याह्ह … आई … आहह …. और चोद… की आवाज निकल पड़ी और उसने अपनी गांड को ऊपर उठा दिया। मेरा पूरा लंड अब उसकी चूत में था। मैं थोड़ी देर तक ऐसे ही पड़ा रहा लेकिन उसने अपनी गांड को आगे-पीछे करना शुरू कर दिया। ये देखकर मेरी खुशी बढ़ते जा रही थी और मैं और जोश में आता जा रहा था।
अब वो अपने पैरों से मेरी गांड को मारती थी और मैंने उसके हाथों को अपने हाथों से पकड़कर फैला दिया था और उसकी गर्दन के नीचे चूमता जा रहा था। हम धक्के पर धक्के लगाए जा रहे थे। मेरे लंड पर वो रस आ गया था जो अत्यधिक उत्तेजना में आता है और उसकी चूत भी गीली थी जिस कारण हम लोग पूरी तरह से चुदाई का मजा ले रहे थे। करीब 15 मिनट तक यही सिलसिला चलता रहा। फिर उसकी चूत ने अपना पानी छोड़ दिया पर मैं क्लाइमेक्स पर नहीं पहुँचा था। हालाँकि वो अब निढाल हो गई थी.
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और उसके मुँह से बस नही हो गय्य न नो की आवाजें आने लगीं। मेरे मुँह से भी बस थोड़ी देर और आआह की आवाजें निकल रही थीं। फिर मेरा शरीर भी अकड़ने लगा और मेरे लंड ने वीर्य की एक धार छोड़ दी। उसके चेहरे पर तृप्ति का भाव आ गया था। धार छूटने के बाद मैंने उसके गालों पर एक गहरा चुम्बन लिया। अब मेरा लंड धीरे-धीरे छोटा होना शुरू हो गया था। हम दोनों ने एक-दूसरे की आँखों में देखा, मुस्कुराए और फिर से एक-दूसरे को जकड़ लिया।
फिर मैंने रश्मि से पूंछा की आपको पतिदेव कैसे चोदते है तो वो बोली उसका तो कभी ढंग से खड़ा ही नही हुआ। फिर मैं बोला अच्छा ऐसा है तो आज की चुदाई आपको कैसी लगी रश्मि जी?
तो रश्मि ने बोला की ऐसा तो मानो जवानी में भी कभी मेरे बॉयफ्रेंड ने मजा न दिया हो। और सच पूंछों तो मैं कई वर्षों बाद आज ही ढंग से झड़ी हूँ। इतना सुनते ही दोस्तों मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और बाद में दोस्तों उस रात मैंने मेरी बड़ी साली रश्मि को 4 बार जमकर चोदा। लेकिन उसके बाद हमने एक-दूसरे से वादा किया कि इस बारे में किसी को नहीं बताएँगे। हालाँकि अब जब भी उसका या मेरा मन होता है तो हम फिर होटल चले जाते है किसी बहाने से और जमकर चुदाई करते है।
अगर आपको दोस्तों मेरी ये Jija Sali Story पसंद आई है तो आप कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव साँझा कर सकते है। मिलता हूँ आपसे मेरी एक और Family sex stories hindi के साथ।