Mama Bhanji Ki Chudai Ki Kahani – नहाती हुई भांजी को चोदकर मामा ने दिया चरमसुख का आनंद
सभी दोस्तों को मेरा प्यार भरा प्रणाम, स्वागत है आपके अपने फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com पर. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर से उदित जी द्वारा भेजी गयी Mama Bhanji Sex Story लेकर. दोस्तों मेरी यह Mama bhanji ki chudai ki kahani एक सच्ची घटना है जिसमे मैंने अपनी चुदकड भांजी कोमल को असली लंड का मजा दिया है.
दोस्तों हम लोग झारखण्ड के धनबाद के रहने वाले है. और मेरी उम्र अभी 34 बरस की हो चुकी है. तथा मेरी शादी को अभी 3 बरस बीत चुके है. मेरी बीवी वर्षा एक सरकारी नौकरी में कार्य करती है. तथा मैं अभी एक प्राइवेट बैंक में कार्य करता हूँ. आपको बता दूँ की मेरी भांजी कोमल हमारे घर अकसर आती आती रहती है.
जब भी उसे स्कूल की छुट्टियाँ मिलती है वह हमारे घर पर चली आती है. और खूब दिन रहकर वापस चली जाती है. अभी कोमल की उम्र दोस्तों लगभग 18 बरस की है. और उसकी जवानी एकदम निखरने ही लगी है. तथा इस बार जब वह हमारे घर आई तो मैं भी देखकर हैरान रह गया था. क्योंकि उसके मम्मे अब काफी उभरे हुए दिखने लगे है.
मुझे तो डाउट था की भांजी हो न हो किसी का लंड जरूर लेने लगी है. इसलिए मेरा भी दोस्तों उसे चोदने का मन हो गया था. हालाँकि कोमल मेरे से काफी घुली मिली रहती है. तथा मेरे से हर अपनी बात शेयर करती है. वैसे मैं आपको अपने परिवार के बारें में बताना तो भूल ही गया. दोस्तों हमारे परिवार में 4 लोग रहते है. मैं मेरी मम्मी और मेरी बीवी वर्षा.
अब दोस्तों अपनी कहानी की शुरुआत करते है जो की पिछले दिनों की ही है. एक बार जब मैं सुबह टॉयलेट में बैठा था और मेरी भांजी नहा रही थी. तब मुझे लगा कि जो टॉयलेट और बाथरूम के बीच की दीवार है. इसका थोड़ा फायदा उठाया जाना चाहिए. क्योंकि मेरे को कोमल को चोदने का खुमार पहले ही चढ़ चूका था. और जैसे की मेरे को डाउट था की वो किसी और से चुदवाने लगी थी. तो क्यूँ न घर की बात घर में ही रखी जाए.
लेकिन डर दोस्तों ये भी रहता था की कोमल किसी को बोल न दे. इसलिए मैं हर रोज नए-नए बहाने तलाशने में लग गया. और अब तो मानों कोमल मेरे पास से गुजरती थी तो मेरे लंड में तनाव आ जाता था. इतनी हॉट सी मेरी भांजी अगर आप भी उसे देख लो उसे बिना चोदे नही रह पाओगे.
इसलिए मैंने सोचा कि कोशिश करके देखता हूँ शायद कोई देखने की जगह बन जाए. हम जिस कमरे में रहते थे, उसमें प्लास्टर नहीं किया हुआ था. इसलिए उसकी दीवार में छेद करना आसान था. जब मैंने दीवार में छेद करने की सोची, तब देखा टॉयलेट और बाथरूम के बीच की दीवार की ब्रिक्स पहले की थोड़ी हिली हुई थीं.
शायद उसे बनाते टाइम नीचे मिट्टी बैठ गई होगी, जिससे उधर से दीवार थोड़ी चटकी थी. मैंने अगले ही दिन नहाते समय हल्का सा सरिया डालकर दो गुम्मों के बीच में एक गैप बना दिया था. अब बारी थी, किए हुए काम का रिज़ल्ट पाने की.
अगले दिन जैसे ही मेरी भांजी नहाने के लिए बाथरूम में गई, तो में तुरंत टॉयलेट में घुस गया और उस बनाई गई दरार से भांजी को देखने की कोशिश करने लगा. और आपको बताऊ दोस्तों जैसे ही मैंने दरार में से झांका, मेरे तो होश ही उड़ गए.
अपनी भांजी की चूचियां देख कर मैं सन्न रह गया. क्या गजब की चूचियां थीं, बिल्कुल टाइट और नुकीली चूचियां, एकदम कठोर पत्थर सी. भांजी के दूध देख कर मुझे ऐसा लगा कि अभी पकड़ लूं और मुँह में भर लूं. क्योंकि उसके मम्मे मेरे को सब कुछ करने के लिए मजबूर करने लगे थे.
उस दिन मैंने पहली बार अपनी भांजी की नंगी चुचियां देखी थीं. मैंने उस दिन बहुत कोशिश की कि उसकी चुत भी देखने को मिल जाए, लेकिन नहीं हो पाया. उसके दोनों मदमस्त कर देने वाले चुचों के मैंने भरपूर दीदार किए और मुठ मार कर बाहर आ गया.
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इसके बाद तो मानों दोस्तों मेरा पूरा इरादा कोमल को चोदने का हो गया था. इसलिए मैं पुरे दिन भर उसे चोदने के बारें में सोचने लगा था. अब अगले दिन जब फिर से कोमल बाथरूम में नहाने को गयी तो मैंने फिर से टॉयलेट में जाने का सोचा. और इस दौरान मैंने छेद को थोड़ा बड़ा कर लिया था. क्योकि मेरे को अब कोमल की चूत के दर्शन जो करने थे.
इसलिए अब जैसे ही कोमल नहाने के लिए अपने कपड़े उतरने लगी तो मैं देखकर हैरान रह गया. उसकी वो गोरी-गोरी जांघें मेरे लंड को तनाव देने के लिए काफी थी. इसलिए दोस्तों वह इस दौरान अपनी पेंटी भी उतार फेंकी और उस दिन मेरे को हकीकत पता चली कोमल की. क्योंकि कोमल नहाते हुए फोन अपने साथ लेकर जाती थी.
तथा इस दौरान अपने बॉयफ्रेंड मानव को अपनी चूत के दर्शन करवाती थी. मैं ये सब नजारा देखकर हक्का-बक्का सा रह गया. क्योंकि जो मेरा डाउट था वो असल में बदल चूका था. और कोमल इतना ही नही साथ में अपनी चिकनी चूत में भी जोर-जोर से ऊँगली कर रही थी.
तभी दोस्तों मैंने अब ये मौका सही समझकर कोमल को चोदने का निर्णय लिया. क्योंकि अब मेरे पास उसे चोदने का पूरा प्लान तैयार था. उसे अब मैं बॉयफ्रेंड वाली बात बताकर मैं ब्लैकमेल करने वाला था. तभी मैंने टॉयलेट से बाहर जाना सही समझा और नहाती हुई कोमल को आवाज दी.
कोमल, दरवाजा खोलो.
कोमल- नहा रही हूँ मामा.
मैं- अच्छा, मेरे को भी पता है नहा रही हो लेकिन एक बार दरवाजा खोलो मेरे को कोई काम है.
इस दौरान दोस्तों मेरे अंदर बहुत हिम्मत आ गयी थी. क्योंकि अब मैंने कोमल से डायरेक्ट चोदने की ठान रखी थी. इसलिए कोमल ने झट से दरवाजा खोला और अपने बदन पर टॉवल रखकर मेरे सामने आ गयी.
और बोली- क्या काम है मामा?
मैं- अभी तुम किसी से बात कर रही थी? बाथरूम में?
कोमल- घबराती हुई बोली,, हाँ मामा लेकिन वो मेरी फ्रेंड थी.
मैं- अच्छा, सच बता रही हो?
कोमल- हाँ लेकिन हुआ क्या है?
मैं- मेरे को कुछ और ही लगा, अगर तुम मेरी भांजी हो तो सच बताओ किससे बात कर रही थी?
कोमल- किसी को बताओगे तो नही ना मामा?
मैं- नही बताओ प्लीज!
कोमल- वो मेरा दोस्त था.
मैं- केवल दोस्त ही था?
कोमल- हाँ.
मैं- अच्छा तो दोस्त से भी विडियो कॉल में फच…फच…फच… जैसी आवाजें आती है क्या?
कोमल- क्या मतलब?
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मैं- मैंने सब कुछ देख लिया है कोमल तुम कितनी तडप रही थी विडियो कॉल पर.
कोमल- सॉरी मामा. लेकिन मेरे से ऊँगली किये बगैर रहा नही जाता.
मैं- कब से कर रही हो ऊँगली?
कोमल- पिछले 3 बरस से ऊँगली कर रही हूँ. जब से मेरे बॉयफ्रेंड मानव ने मेरे को अपना लंड दिया है.
मैं- अच्छा तो तुम सेक्स भी कर चुकी हो?
कोमल- हाँ मामा, लेकिन किसी से बता मत देना प्लीज!
मैं- एक शर्त पर?
कोमल- बताओ मामा क्या शर्त है आपकी?
मैं- अगर मैं तुम्हारी तडप शांत कर दू तो?
कोमल- आप मेरे मामा हो पागल!
मैं- कुछ टाइम के लिए भूल जाना की मैं तुम्हारा मामा हूँ.
कोमल- चलो ठीक है मामा, लेकिन किसी को बता मत देना प्लीज!
मैं- चिंता मत करो मेरी जान, जब से तुम्हारी चूत के दर्शन हुए है मेरे तो होश उड़े हुए है.
कोमल- अच्छा पहले नहीं देखी क्या ऐसी चूत?
मैं- नही सच में नही देखी इतनी रसीली चूत. तभी तो इसका दीवाना बना हुआ हूँ.
कोमल- चलो अब बातें ही करते रहोगे या कुछ करोगे भी, क्योंकि अभी मेरे को चुदवाने का बहुत मन हो रहा है.
इतना कहते ही मैंने बाथरूम के दरवाजे को लॉक कर दिया. और अब बाथरूम के अंदर केवल कोमल और मैं ही मौजूद थे. तभी कोमल ने बिना कुछ बोले ही अपने बदन से टॉवल को हटा दिया. और अब वो मेरे सामने एकदम नंगी थी. और उसे देखकर मेरे अंदर मानों एकदम से खलबली सी मच गयी थी. इसलिए मैं उसके बूब्स पर टूट पड़ा और साथ में उसको किस भी किए जा रहा था.
मेरी इन हरकतों से वो भी गर्म-गर्म साँसे छोड़ने में लग गयी. तभी करीब 10 मिनट तक मेरी ये सब हरकतों से उसकी चूत से रसीला पानी निकलने लग गया. और अब मैं घुटनों के बल बैठकर कोमल की चूत को चूसने में लग गया. और वो इस दौरान आह… अहहाह….अहहह्ह…..अहह्हः….हहहाहा मामू….प्लीज…. चोद लो अब मुझे…. रहा नही जा रहा है…. कर रही थी.
लेकिन मैं कहाँ अभी उसे चोदने वाला था. क्योंकि मेरे को भी कोमल को तड़पाकर चोदना अच्छा लग रहा था. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर मैं तड़पाकर चोदुंगा तो वो मेरे लंड को अपने जीवन भर याद रखेगी. वरना तो वो ही मानव वाला लंड ही उसे याद रह पाएगा.
इसलिए मैं करीब उसकी एक न सुनते हुए 10 मिनट तक चूत को चूसता रहा. फिर मैंने बोला- कोमल लंड चुसोगी?
कोमल- एक बार प्लीज अपना लंड डालकर मेरी चूत की आग शांत कर दो. उसके अगले राउंड में चुसुंगी.
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इतना कहकर कोमल ने मेरे लंड को छुआ और बोली- इसे चूसने की कोई जरूरत नही है. ये तो पहले से ही चूत में जाने के लिए बेताब हुआ जा रहा है. प्लीज मामू इसको पेंट से आजाद करो जल्दी से मेरी चूत में डालो.
इतना कहते ही मैंने बोला- बताओ तुमको कैसे चुदना पसंद है?
कोमल- मेरे को आप खड़े-खड़े एक टांग उठाकर चोदो. ये मेरे को बहुत अच्छा लगता है.
इतना सुनते ही मैंने अपना लंड निकाला. और मेरा लंड देखकर कोमल हैरान रह गयी. क्योंकि इस दौरान मेरा लंड अपनी पूरी साइज़ 8 इंच का हो रखा था. इसलिए बोली- इतना बड़ा लंड है आपका मामू? मानव का तो इससे आधा भी नही है.
मैं- तेरी मामी ने कर दिया इससे चुदकर इतना बड़ा. और कुछ तेरी चूत के दर्शन होने के बाद से ज्यादा ही बड़ा हो गया है.
कोमल- फाड़ मत देना मेरी चूत को.
मैं- चिंता मत करो मेरी जान.
इतना सुनते ही कोमल मेरे पास आ गयी और खड़े-खड़े मेरे कंधों को पकड़ ली. तथा इस दौरान मैंने भी अब ज्यादा देर न करते हुए उसकी एक टांग उठाकर अपने हाथ में ले ली. और अब मैं अपने लंड को उसकी चूत के ऊपर सहलाने में लग गया. और इस दौरान उसकी चूत काफी गीली थी इसलिए मेरे लंड पर थूक लगाने की कोई जरूरत नही पड़ी.
और मैंने कई बार कोशिश की लेकिन लंड फिसलता ही जा रहा था. इसलिए कोमल ने ही अपने एक हाथ से लंड को अपनी चूत के छेद पर सेट किया और बोली- अब जाने दो मामू इसे अंदर.
इतना सुनते ही मैंने भी एकदम से धक्का लगाया और मेरा लंड कोमल की चूत को चीरता हुआ पूरा अंदर तक चला गया. और वो एकदम से चिल्लाई…. अहहहह्हा……. सीईईईईई………. आआआआआआ……… प्लीज बाहर निकालो. बहुत …. दर्द…. हो…. रहा …. है.
तो मैंने अपने लंड को वापस बाहर निकाला और अब कोमल को बोला की पहली बार दर्द होगा ही इतना बड़ा लंड जो है मेरा. तुम चिंता मत करो अभी सब ठीक हो जाएगा.
कोमल- धीरे-धीरे करो ना.
इतना सुनकर अब वैसे भी कोमल की चूत का छेद चौड़ा तो हो चूका था. इसलिए मैंने अपने लंड के टोपे को धीरे-धीरे अंदर ले जाना सही समझा और अब मैं अपना आधा लंड डालकर कोमल के आगे पीछे हो रहा था. इस दौरान कोमल आह… अहहाह…हहहहः…आहाह्हहाहा.. किए जा रही थी. लेकिन वो दर्द से ज्यादा मजा लेने लगी थी.
क्योंकि अब वो मेरे को लिप्स किस कर रही थी. तभी मैं समझ गया था की अब कोमल को मजा आने लग गया है. इसलिए अब मैंने अपनी स्पीड बढ़ा डाली और अब मैंने अपने लंड को और अंदर तक जाने दिया. इस दौरान कोमल मानों पागल सी हुए जा रही थी. और वो सिसकारियां भरने लगी थी. तथा साथ में आह…आह…आहाहाह…हाहाहा…हहहः किए जा रही थी.
लेकिन इस बार मैंने उसकी एक न सुनी और लगातार दना-दन उसे झटके दिए जा रहा था. और अब वो भी मेरे को कसकर पकड़ ली थी. तभी मैंने देखा की अब मेरे हर झटके में फट…फट…फट… की आवाज आ रही थी. क्योंकि मेरी दमदार चुदाई से कोमल की चूत पूरी तरह से झड़ चुकी थी. और वो काफी पानी छोड़ रही थी. लेकिन मेरा लंड अभी भी उसकी चूत को बजाये जा रहा था.
और दोस्तों मेरे को इस दौरान इतना मजा आ रहा था की पूछो मत. इसी दौरान मैंने कोमल से पूछा- कैसा लग रहा है?
कोमल- पहली बार कोई मर्द मिला है जिसने मेरी चूत की प्यास बुझाई है, वरना मानव तो मेरी चूत को ऐसी ही ऊँगली करके ही झाड़ता है, थैंकस मामू मेरी इस तरह की चुदाई करने के लिए. मैं कितने दिन से चुदने के लिए प्यासी थी.
मैं- अभी कहाँ हुई है तेरी ढंग से चुदाई, अभी तो तुझे ऐसे चोदुंगा की तू कभी भी मानव का लंड नही लेगी.
इतना कहकर कोमल मुस्कुरा दी. और मैं लगातार झटके दिए जा रहा था. तभी कोमल बोली- मामू प्लीज मेरे को अब घोड़ी बना लो. क्योंकि मेरे को ये पोजीशन भी बहुत अच्छी लगती है.
मैं- अच्छा, तुमने तो मेरे मुह की बात छीन ली. चलो जल्दी से वो टोंटी पकड़कर घोड़ी बन जाओ.
और इतना सुनते ही कोमल घोड़ी बन गयी. और अब मैं उसको पीछे से कमर पकड़कर दमदार तरीके से पेलने में लग गया. करीब 10 मिनट तक मेरी दमदार चुदाई के कारण कोमल की चूत ने एक बार फिर से पानी छोड़ दिया. और अब मेरा भी दोस्तों पानी निकलने वाला था. इसलिए मैंने बोला- कोमल मैं भी झड़ने वाला हूँ.
कोमल- मामू आप प्लीज मेरी चूत में ही झड़ना बहुत दिनों से प्यासी है. मेरे को लंड अंदर तक लेने में मजा भी बहुत आता है. प्लीज बाहर मत निकालना.
मैं- कोई दिक्कत हो जाएगी तब क्या करेगी?
कोमल- कुछ नही होगा मामू में गोली ले लुंगी. आप तो बेफिक्र होकर मेरी चूत के अंदर तक जाने दो अपने इस हथियार को.
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उसकी चुदाई की ये आग देखकर मुझे भी अब उसकी चूत में ही झड़ना बेहतर लगा इसलिए मैंने अब उसकी कमर को कसकर पकड़कर जोर-जोर से झटके देकर अपने लंड का पानी उसकी चूत में झाड़ दिया. और अब वो आह…अहहाह…हहहः….अहह्हः… आई लव यू मामू ….. कर रही थी.
फिर करीब 5 मिनट मैंने अपने लंड को उसकी चूत में रखकर बाहर निकाला. और फिर कोमल बोली- लंड हो तो ऐसा, काश आप ही मेरे बॉयफ्रेंड होते तो मेरी दुनिया कितनी हसीन होती.
मैं- पागल, तुम चिंता मत करो अब से तुमको जब भी ढंग से चुदवाने का मन करे तो मेरे को बता देना. मैं तुमको इसी अंदाज में दमदार तरीके से चोदुंगा.
इतना सुनते ही कोमल मेरे से लिपट गयी. और मेरे को किस करने में लग गयी. और बोली- अब कब चोदोगे मामू?
मैं- जब तुम कहोगी?
कोमल- मामी को पता चल जाएगा तब?
मैं- हम चुदाई तभी करेंगे जब तेरी मामी जॉब पर गयी हुई होगी.
इतना सुनकर कोमल ने हामी भरी और अपने कपड़े पहनने में लग गयी. तथा इसके बाद हम दोनों ही बाथरूम से बाहर आ गये. इस दिन के बाद से दोस्तों मैं फिर कोमल को आएदिन जमकर चोदने लगा था. और आज तक किसी को भी इस बात की भनक तक नही लगी है. तथा कोमल भी मेरे से चुदवाकर अब बहुत खुश रहने लगी है.
अब वो फिर से अपने घर चली गयी है. तथा जब भी उसे चुदवाना होता है तो वो मेरे को अपने घर बुला लेती है. जिसके बाद हम दोनों जमकर चुदाई का आनंद लेते है. भगवान करें हमारी चुदाई ऐसे ही चलती रहे.
दोस्तों ये Mama ne bhanji ko choda कहानी आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Mama bhanji ki chudai कहानी बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.