Chachi Chudai Kahani – मूठ मारता देख चाची को लगी चुदवाने की आग
नमस्कार मित्रों, आप सभी का स्वागत है आपके अपने फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com के Chachi sex stories के नए एपिसोड में. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर सुरेन्द्र जी द्वारा भेजी गयी Chachi Chudai Kahani लेकर. दोस्तों मेरी यह Chachi ki chudai kahani एक सच्ची घटना है जिसमे मेरी कोमल चाची ने मुझे मूठ मारता देखकर अपनी चूत की दमदार चुदाई करवाई है.
दोस्तों हम लोग मध्यप्रदेश के जबलपुर के एक छोटे से गाँव में रहते है. जहाँ हम अपने परिवार में संयुक्त रूप से रहते है. मेरी पिताजी 2 भाई है जिनमे कोमल चाची मेरे गणेश चाचा की लुगाई है. हालाँकि गणेश चाचा की उम्र और कोमल चाचा की उम्र में रात दिन का फर्क है. क्योंकि इनका बाल विवाह हुआ था और उस समय मेरी चाची की उम्र महज 8 बरस की थी. और मेरे गणेश चाचा की उम्र 20 बरस की थी.
इसलिए आज के समय में मेरी चाची 30 बरस की हो चली है. तथा मेरे चाचा अब बूढ़े होने की कगार पर आ चुके है. और यहीं कारण है की अब गणेश चाचा से कोमल चाची के साथ कुछ भी नही हो पाता है. और इसी कारण से कोमल चाची ने जहाँ तक मेरे को पता है कई लड़कों से दोस्ती भी कर रखी है. और वह घरवालों को बिना बताये कभी भी बाहर चली जाती है. शायद वह उनसे चुदकर आती है.
अब दोस्तों मैं आपको अपने बारें में बता देता हूँ. मेरा नाम सुरेन्द्र है और मेरी उम्र अभी 18 बरस की हो चली है. लेकिन मेरे को चुदाई का शौक स्कूल से ही पड़ गया था. क्योंकि वहां पर मेरी एक बेस्ट फ्रेंड थी नैना. और नैना को ही मेरे को बिगाड़ने श्रेय जाता है. क्योंकि वो क्लास में सिर्फ मेरे से ही बातें करती थी. और अपने मम्मे दिखाती रहती थी. जिसकी वजह से मेरा लंड सिर्फ नैना के मम्मों को देखकर ही खड़ा हो जाता था.
और इसी वजह से मेरे को 15 की उम्र में ही मूठ मारने की आदत पड़ गयी थी. हालाँकि मैंने नैना को कई बार पेल भी दिया था. लेकिन अब नैना और मैं अलग-अलग हो गये है. और अब सिर्फ मेरे हाथ तड़प लग चुकी है. और मैं उसी को याद करके मूठ मार लिया करता हूँ.
फिर दोस्तों अभी पिछले महीने की बात है मेरी प्यारी सी कोमल चाची की ड्यूटी हमारे घर में झाडू और सफाई की है. इसलिए ये दिन रविवार का था जब मेरी कॉलेज की छुट्टी थी. और मैं इस दौरान सुबह लेट उठ्त्ता हूँ. तो मैं सुबह-सुबह ही 8 बजे के लगभग अपने फोन को निकाल लिया और उसमे चुदाई वाले विडियो चलाकर मूठ मारने में लग गया.
हालाँकि मैं अपने रूम में अकेला ही रहता हूँ. लेकिन दोस्तों उसी दिन ऐसा हुआ था की मैंने कुण्डी लगाना भूल गया था. इसलिए अब मेरी चाची दरवाजा खटखटाने की बजाय मेरे रूम के किवाड़ को ही खोल दी. और उसने किवाड़ खोलकर देखा तो वह शौक हो गयी. क्योंकि मैं इस दौरान फोन को सामने रखकर मूठ मार रहा था.
इसलिए वह एक बार तो यह सब देखकर बाहर चली गयी. लेकिन दोस्तों मैं भी उस दौरान घबरा गया और मैंने सोचा की कहीं चाची घरवालों को न बता दे ये सब वरना मेरी आज खैर नही है. इसलिए मैं सब बंद करके बाहर गया और चाची को मनाकर कमरे में लेकर आया. और उनसे रिक्वेस्ट करने लगा की वो किसी को भी इस बारें में जिक्र न करें.
और काफी देर समझाने के बाद चाची ने बोला- ठीक है, किसी को नही बताउंगी. लेकिन तू सुरेन्द्र मेरे को इतना बता की तू ऐसा क्यूँ करता है? क्या तेरे को इसी उम्र में सेक्स करने की इतनी इच्छा होती है.
मैं- चाची एक नैना नाम की लड़की ने मेरे को बिगाड़ दिया था. इसलिए ये सब अब मेरी आदत सी बन गयी है.
चाची- अच्छा तो तुम उसी को इमेजिन करके मूठ मार रहे थे?
मैं- नही सच बताऊ तो अभी तो मैं आपको याद करके मूठ मार रहा था.
चाची- अच्छा, मेरे को भी तुम चुदाई के लिए याद करते हो?
मैं- हाँ, आप हो ही ऐसा माल की आपको देखकर किसी का भी खड़ा हो जाना लाजमी है.
चाची- हट पागल, क्यूँ झूठ बोलते हो.
मैं- कसम से चाची, अभी पिछले दिनों जब कूलर चल रहा था और मैं आपके कमरे में गया था तो आपकी साड़ी हवा से जाँघों तक आ रही थी. और जब से मैंने आपकी वो गोरी-गोरी जांघें देखि है मेरे से रहा नही जा रहा है. और अब मैं आपको सच बताऊ तो आपकी चुदाई करने के बाद ही मेरा लंड शांत हो पाएगा.
चाची- अच्छा, तभी मैं देखू इतनी सी उम्र में इतना बड़ा लंड कैसे कर रखा है तुमने.
मैं- पहले इतना बड़ा नही था चाची, लेकिन जब से आपको देखा है तभी से मेरे लंड ने लम्बाई बढ़ानी शुरू कर दी है.
चाची- तो अब क्या करना है?
मैं- अब चाची आपको तो पता ही है घर में फ़िलहाल कोई है नही सब लोग खेत में गये हुए है. इसलिए हो सके तो प्लीज अभी चुदाई करवा लो ताकि आपको भी भरपूर मजा आ जाए और मेरे को भी.
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चाची- हाँ, आईडिया तो तेरा अच्छा है. लेकिन ध्यान रखना किसी को पता न चल जाए इस बारें में.
मैं- कसम से चाची, विश्वास करो मेरे पर. किसी को कुछ पता नही चलेगा.
इसके बाद दोस्तों चाची ने झाडू रखी साइड में और सीधा मेरी गोद में बैठ गयी. और मैं इस दौरान उनकी गर्दन को चूमने में लग गया. और उन्होंने इस दौरान कोई स्पेशल सेंट लगा रखा था. जिसकी खुशबु मेरे को पागल किए जा रही थी. इसलिए मैं उनको पुरे चेहरे पर चूमने में लग गया. और मेरे को इस दौरान काफी मजा आ रहा था.
तभी दोस्तों मैंने अपनी जीभ चाची के कान के निचे फिराई तो चाची की आह….आह्ह… निकल पड़ी. और मैं समझ चूका था की चाची भी काफी दिनों से चुदाई की भूखी है. इसलिए मैंने कहा- चाची दरवाजे के कुण्डी तो लगाकर आओ वरना कोई एकदम से आ जाएगा जैसे अभी आप आई थी.
तो चाची खड़ी हुई और दरवाजे के कुण्डी लगाकर वापस चली आई. और फिर से मेरी गोद में बैठ गयी. और मैं लगातार अपनी जीभ फिराकर चाची को पागल किए जा रहा था. तभी मैंने चाची को लेटाया और उनके होठो से अपने होठ लगा दिए. और करीब 10 मिनट तक चाची के होटों को चूमता रहा. और वो मेरे सर को पकड़कर आराम से चुसवाने का मजा दे रही थी.
मेरे को इस दौरान बहुत मजा आ रहा था. क्योंकि चाची पहले से ही खेली-खिलाड़ी थी इसलिए उनकी ये अदाएं मेरे लंड को चोदने के लिए मजबूर कर रही थी. तभी मैंने कहा- चाची अब आप एक काम करो अपनी साड़ी उतार दो. और साथ में अपना ब्लाउज और पेटीकोट भी निकाल दो.
मेरा ये हुकुम सुनते ही मेरी पागल सी चाची झट से अपने कपड़े उतार दी. और अब वो सिर्फ मेरे सामने पेंटी और ब्रा में ही मौजूद थी. जहाँ उसके 38 के मम्मे बाहर निकलने के लिए एकदम तने हुए नजर आ रहे थे. तथा उन्होंने काले रंग की पेंटी पहन रखी थी. जो की उनकी गोरी-गोरी जांघों पर सूट कर रही थी. तथा मेरे लंड को मचलाने के लिए काफी थी.
इसलिए अब चाची लेट चुकी थी. और अब मैं उनके ऊपर आ गया और अब मैंने उनके मम्मों को दबाने में लग गया. और आपको सच बताऊ तो उनके मम्मे मेरे हाथ में ठीक से आ भी नही रहे थे. इतने बड़े मम्मे मैंने अपनी जिन्दगी में पहली बार देखे थे. इसलिए मैंने पूछा- चाची ये इतने बड़े मम्मे आपने कैसे कर लिए. नैना के तो इतने बड़े नही थे.
चाची- ये मेरे बॉयफ्रेंड्स ने दबा-दबाकर कर दिए है, मैंने नही किए.
मैं- आपके बॉयफ्रेंड भी है?
चाची- हाँ, तेरे बूढ़े चाचा से तो अब कुछ हो नही पाता. इसलिए मेरे फ़िलहाल 3 बॉयफ्रेंड है जो मेरे को समय-समय पर पलते रहते है.
मैं- अच्छा अब से आपको कोई बॉयफ्रेंड रखने की जरूरत नही है, मैं ही आपकी चुदाई कर लूँगा.
चाची- देखते है, देखे कैसी चुदाई कर सकते हो.
इतना सुनते ही अब मैं निचे आ गया और उनकी चूत की खुशबु सूंघने में लग गया. उनकी चूत की खुसबू मेरे को दीवाना बना रही थी. इसलिए मैंने अब चाची की कमर को उठाकर उनकी पेंटी को निकाल फेंका. और अब मेरे सामने चाची की चिकनी सी चूत थी. जो की पहले से ही काफी पानी छोड़ चुकी थी. तो मैंने पूछा- चाची ये तो पहले से ही पानी छोड़ चुकी है.
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चाची- पागल ऐसा लंड देखने के बाद मेरे से भी नही रहा जाता. तेरा लंड ही ऐसा है की इसे अपनी चूत में लेने का मन हो गया है. इसलिए मेरी चूत गीली हो रखी है.
मैं- मतलब आप भी मेरे लंड से पहले से चुदना चाहती थी?
चाची- हाँ और क्या?
मैं- तो आप शुरू में नाटक क्यूँ कर रही थी?
चाची- वो करना पड़ता है ऐसा लगे की तुम मेरे को चुदाई के लिए मना रहे हो. हहहाहा
मैं- पागल चाची, आई लव यू.
और फिर मैंने चाची की चूत पर अपना मुह रख दिया. और अब चाची के चूत के दाने को ऊपर से चाटने में लग गया. और मेरी चूत चटाई से चाची की आहा…हहहह्हाहः….अहहह्हः….. सुरेन्द्र….. ईईईई….ऊऊऊऊऊ…. अहहहह्हा…. अहहहः… और चाटो…… बहुत मजा आ रहा है….. प्लीज …. अहहहः.. ऐसा करने में लग गयी.
और उनका ये पागलपन देखकर अब मैंने अपने कपड़े निकाल दिए. और अब मैं चाची के सामने एकदम नंगा हो गया था. और मेरा लंड पूरा 8 इंच का चाची की आँखों के सामने फडफडा रहा था. तभी चाची ने बिना बोले ही मेरे बोला मेरे को तेरा लंड चुसना है.
मैं बोला- हाँ चाची चूस लो. मेरे को भी लंड चुसवाने में बहुत मजा आता है.
तभी चाची ने मेरे लंड को अपने प्यारे से हाथों में पकड़कर टोपी-टोपी को आगे से चूमना शुरू कर दिया. और अब वह मेरे लंड को पूरा मुह के अंदर तक लेने में लग गयी. और अब मैं आह … आहाह….अहहाह… अहहाह… करने में लग गया. क्योंकि चाची का लंड चूसने का अंदाज देखकर अब मेरे को ऐसा लग रहा था की जैसे मेरा लंड उनकी चूत को ही चोद रहा है…. इसलिए करीब 5 मिनट तक लंड चूसने के बाद मेरा लंड चाची के मुह में ही झड़ गया. और चाची ने मेरा सारा वीर्य पी लिया.
और अब फिर से मेरे लंड को खड़ा करने के लिए वह चूसने में लग गयी. और अब करीब 10 मिनट तक मेरे लंड को चूसने के बाद फिर से मेरा लंड खड़ा हो गया. और एकदम सख्त हो चला था.
फिर वो उठकर बेड पर बैठ गयी और गांड किनारे रखकर पीछे की तरफ लेट गयी. और चाची ने अपने दोनों पैर अपनी तरफ लेकर घुटनों में मोड़ दिए. वाह … अब मेरी चाची की फूली हुई नर्म गुलाबी मुलायम चुत खुल गयी थी. अन्दर की गुलाबी दरार मनमोहक लग रही थी.
मुझसे रहा नहीं गया, मैंने लंड का सुपारा चुत में घुसाया और एक जोरदार झटका मारकर पूरा 8 इंच लंड जड़ तक चुत में उतार दिया. और जैसे ही मैंने लंड घुसाया… ‘ऊई मां मर गयी … आहाहहः अहहहः ….. सुरेन्द्र…. फाड़ दे आज इस चूत को’. और इस दौरान मेरी चाची को चुदाई की तेज आग लग चुकी थी.
फिर मैंने पूरा लंड बाहर निकाला और एक तगड़ा झटका फिर से दे मारा. तो चाची फिर से चीखी- चोदो…. सुरेन्द्र ऐसे ही झटके देते रहो….बहुत मजा आ रहा है…. आहाह्हहहहाहा….. अहहहहह्ह…. प्लीज.
इतना सुनकर मैं भी काफी जोश में आ गया और अब मैंने चाची के पेरों को अपने कंधे पर लिया और अब उनके आगे से धक्के देने शुरू कर दिया. और अब मेरा लंड पूरा उनकी चूत की गहराई तक महसूस हो रहा था. और वो लगातार चिल्लाए जा रही थी.. आहाह्हः अहह्हः…… ईईईई………ऊऊऊऊउ…… सुरेन्द्र आई लव यू…… मेरी जान…. चोदो मेरे को.
मेरे को चाची की चुदाई करके ऐसा लग रहा था की वह दर्द कम मजा खूब ले रही है. इसलिए अब मैं निडर होकर उनकी चूत में धक्के देने में लग गया. और वो लगातार आहा…..अहहहः…. अहहाह….. अहहाह ….. कर रही थी.
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अब मैंने अपना एक पैर चाची की जांघ के उस पार उसकी कमर के बाजू में बेड पर रख दिया. तथा उसका दायां पैर मेरे दोनों पैर के बीच में था और मेरा दायां पैर जमीन पर था. तथा मैंने अपना लंड हाथ में पकड़कर चाची की चुत में प्रवेश करा दिया तो चाची ने मुझसे कहा- धीरे धीरे चोदो, मुझे अन्दर तक पेट में दर्द हो रहा है.
मैं बोला- मेरी पागल चाची, ऐसी चुदाई करूंगा तभी तो बॉयफ्रेंड से दुरी बनावोगी. वरना मेरे को कौन पूछेगा फिर?
चाची- पागल तेरे लंड ने इतनी सी चुदाई में ही एक बार तो झाड़ दिया है मेरे को, वरना मेरे बॉयफ्रेंड ने तो आज तक अपना ही पानी निकाला है. मेरे पानी के बारें में सोचा ही नही कभी. इसलिए सुरेन्द्र तेरे लंड को भूलना तो अब नामुमकिन है.
इतना सुनकर मैं खुश हुआ और लगातार चाची की चुदाई उसी पोजीसन में करने में लग गया. और अब मैंने मेरे दोनों हाथ लेकर दोनों मम्मों पर रख दिया. और धीरे धीरे चाची के मम्मे दबाने लगा. और चाची इस दौरान मस्ती भरी निगाहों से आह… अहः… अहहाह..आह. करके चुदवा रही थी.
फिर चाची ने अपने हाथों की उंगलियां मेरे उंगलियों में फंसाकर कसकर पकड़ा और कहने लगी- मुझे कुछ कुछ हो रहा है … स्स…स … रूको मत, चोदते रहो, आंह थोड़ा और जोर से …. और जोर से … आहा मेरा पानी निकल रहा है रूको मत. मैं जोर लगाकर चोद रहा था. अब चुत में से पच पच खचा खच की आवाजें रूम में गूंज रही थीं.
फिर क्या, उसकी उंगलियां ढीली पड़ गईं, आंखें अधखुली हो गईं. मैंने अपना पूरा लंड उसकी चुत में दबाकर अन्दर ही रख दिया. चाची को थोड़ी देर के लिए कुछ होश न था … चुत ने झरने की तरह पानी छोड़ दिया था. उसकी चुत से रस बहकर बेड पर टपक रहा था.
उसने आंखें खोलीं और मुझे अपनी चूचियों पर खींच लिया और कसकर पकड़ लिया. मैं भी उस पर लेट गया. कुछ देर बाद वो मेरा पूरा चेहरा चूमने लगी. आपको बताऊ दोस्तों इस दौरान चाची के चेहरे पर एक अलग ही खुशी, अलग ही चमक थी. क्योंकि इस दौरान चाची को चरमसुख मिल चूका था. और अब मैं भी झड़ने ही वाला था. इसलिए अब मैंने कहा- चाची मेरा निकलने वाला है कहाँ निकालू?
चाची- मेरे अंदर ही निकाल दो.
मैं- कोई गडबड हो जाएगी तो.
चाची- मेरे पास टेबलेट है वो ले लुंगी. तुम तो मेरी चूत की गहराई में छोड़ो अपने लंड की पिचकारी बहुत मजा आ रहा है.
इतना सुनकर मैं जोर के झटके देते हुए चाची की चूत में ही अपना पूरा माल अहह्हहः … अहहहह्हा…. अहहाह… करते हुए निकाल फेंका और करीब 5 मिनट तक चाची की गांड को कसकर पकड़ता रहा. फिर जाकर मैंने उनके कूल्हों से अपने हाथ हटाये.
और अब मैं उठने ही वाला था की चाची बोली- सुरेन्द्र मेरा एक काम करोगे?
मैं- बिलकुल मेरी जान, बोलो?
चाची- मेरे को घोड़ी बनकर चुदना बहुत पसंद है, प्लीज अब तुम एक बार मेरे को घोड़ी बनाकर चोद लो.
इतना सुनते ही मैंने फिर से अपना लंड चाची के मूह में दे डाला. और फिर से चाची मेरे लंड को मस्ती से चूसने में लग गयी. और मैंने कहा- चाची मुझे भी घोड़ी बनाकर चोदना ही पसंद है अगर आप पहले बोल देती तो आपको इसी प्रकार चोदता मैं.
चाची- कोई बात नही अब चोद लो.
फिर करीब 10 मिनट तक लंड चूसने के बाद लंड फिर से सख्त हो गया. और चूत में जाने के लिए बेताब हो चला था. तभी चाची बोली- मैं बेड पर घोड़ी बन जाती हूँ. और तुम मेरे को निचे खड़े होकर चोदना. इस प्रकार चोदने से झटके अच्छे से लगते है.
मैं- काफी चुदाई करवाई लगती हो इस प्रकार पहले?
चाची- हाँ ये ही एक अंतिम हथियार है जब किसी का लंड छोटा हो तो. लेकिन तुम ध्यान रखना फाड़ मत देना मेरी चूत को आगे भी काम में लेना है. तुम ऐसा समझकर चोदना की ये चूत तुम्हारी ही है अब.
मैं- ठीक है मेरी जान चाची.
इतना कहकर चाची घोड़ी बन गयी.और मैं पीछे से घुटनों के बल बैठकर चाची की चूत में ऊँगली करने में लग गया और साथ में उनकी चूत को चाटने में भी लगा हुआ था. जिससे मेरी चाची को और जोश आ गया और अब वह लंड लेने के लिए कामुक हो चुकी थी. तभी मैंने अपने लंड को उनकी चूत पर सेट किया और झट से उनके चूत के छेद में अपना लंड डाल दिया.
और लंड डालते ही एक बार तो चाची चिल्लाई आहाह्हहः….. अहहहः….. अहहहहः…. मर जाऊंगी पागल धीरे करो मेरी जान… तभी मैंने धीरे-धीरे करके चाची की चूत में अपने लंड को आगे-पीछे करना शुरू कर दिया. और अब वह मेरे लंड का भरपूर मजा लेने में लग गयी. और बोली- अब झटके की स्पीड बढाओ सुरेन्द्र प्लीज बहुत मजा आ रहा है.
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इतना सुनते ही मैंने उनकी कमर को पकड़कर अपने लंड के झटके तेज कर दिए. आधा घंटा से ज्यादा देर हो गया था, हमारी नॉनस्टॉप चुदाई चल रही थी. मेरी सेक्सी चाची तो लगातार आहें भर रही थी, कराह रही थी- आह … हहहः अहहह्हः…… अहहह्हः….. कितना मस्त चोदते हो यार … मेरी तो चुत मस्त हो गयी है तुम्हारे लंड से चुदवाकर.
काश तुम ही मेरे पति होते सुरेन्द्र कितना मजा आता. आई लव यू मेरी जान…. आह थोड़ा जोर लगा दो आ…ह स्स…स मैं म…र ग…यी रे … मुझे कुछ हो रहा है … आँहह मेरी चुत में चींटियां चल रही हैं … ऊई मां … मेरे होंठ कांप रहे हैं … मेरे मम्मों को मसलो प्लीज.
इतना सुनते ही मैंने चाची की कमर को छोड़कर उनके मम्मो को कसकर पकड़ लिया और लगातार मसलते हुए पीछे से धक्के पर धक्के दिए जा रहा था. मेरी चुदक्कड़ चाची अकड़ गई और एकदम से निढाल हो गयी. मैं समझ गया कि इसका पानी निकल गया. और इसे आज चुदाई का असली मजा मिल चूका है. लेकिन दोस्तों मैंने कहाँ इतनी जल्दी रुकने वाला था.
मैंने फिर भी करीब अगले 10 मिनट तक अपनी चुदाई के झटकों को जारी रखा. और अब चाची की चूत से फच—-फ्छ—–फ्ह्छ की आवाजें आने लगी थी. जिन्हें सुनकर अब मुझे अब बहुत मजा आ रहा था. क्योंकि मेरे को भी चाची को इस प्रकार ही संतुष्ट करना था. ताकि वो मेरी हमेशा दीवानी बनी रहे. और फिर मैंने अंतिम में जोर का झटका लगाकर चाची की चूत में ही अपना माल निकाल फेंका.
और करीब 5 मिनट तक उनके ऊपर ही लेटा रहा. और चाची को पिछे से चूमता रहा. मेरा ये अंदाज चाची को बहुत पसंद आ रहा था. इसलिए चाची बोली- वाकई चुदाई हो तो सुरेन्द्र तुम्हारे जैसी. वरना आज तक मैंने ऐसे ही मर्द देखे है जो पानी निकलने के बाद बस कपड़े पहन लेते है. लेकिन तुम अब भी प्यार कर रहे हो. मेरे को ये सब बहुत पसंद आया.
अब हम जब भी मौका मिलेगा तब घर में ही चुदाई करेंगे. थी है?
मैं बोला- ठीक है मेरी चाची जान आई लव यू सो मच.
चाची- आई लव यू टू मेरी जान.
इतना कहकर हमने करीब 2 घंटे की चुदाई के बाद अपने-अपने कपड़े पहन लिए और दरवाजा खोलकर अपने-अपने काम में लग गये. और उस दिन के बाद से आजतक मैं जब भी मौका मिलता है मेरी प्यारी सी चाची को दमदार तरीके से पेलता हूँ. और मेरी चुदाई से वो इतनी खुश है की दोस्तों वो अब मेरी दीवानी हो चली है.
दोस्तों ये Chachi ko choda hindi story आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Chachi ki chudai story बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.