Padosan Bhabhi Ki Chudai – मदद के बहाने चुदवाने बुलाई रीना भाभी
नमस्कार मित्रो, उम्मीद करता हूँ की आप सभी अच्छे और स्वस्थ होंगे? दोस्तों मेरा नाम लोकेश है और मैं महाराष्ट्र के धुले का रहने वाला हूँ. इस समय में अपने कॉलेज के फाइनल इयर की पढाई कर रहा हूँ तथा मेरी उम्र फ़िलहाल 21 बरस की हो गयी है. यहाँ जो में आपको मेरी Padosan Bhabhi Ki Chudai सुनाने जा रहा हूँ ये पिछले दिनों की ही कहानी है जिसमे मैंने अपनी प्यारी सी पड़ोसन भाभी रीना को उसके पति की गैरमौजूदगी में जमकर पेला था.
दोस्तो मैं एक काफी हेंडसम टाइप का बन्दा हूँ. और मेरे पहले से 2 GF है इसलिए मुझे चुदाई का तो मानों पहले ही काफी अनुभव प्राप्त है. लेकिन जब आप रीना भाभी को देखों तो कहोगे – क्या बनाया है भगवान् ने? क्योंकि दोस्तों वो जब चलती है तो उसके पीछे का हिस्सा एकदम उपर निचे होता साफ-साफ दिखाई देता है. जिसके कारण हर किसी का उसे पेलने का मन बन ही जाता है.
ऊपर से रीना भाभी दिखने में भी काफी स्लिम और हॉट टाइप की लड़की है. मैं लड़की इसलिए बोल रहा हूँ क्योंकि उनका बाल विवाह हुआ था पड़ोस के भाईसाहब आनंद के साथ. और आनंद भाईसाहब रीना भाभी से करीब 10 बरस बड़े है. तथा अभी आनंद भाईसाहब की उम्र 40 बरस हो गयी है. और वो कुछ नही बस मजदूरी का काम करते है. इसलिए उनसे रीना भाभी के साथ कुछ हो भी नही पाता है.
अब दोस्तों अपनी Padosi bhabhi ki chudai कहानी की शुरुआत करते है. तो दोस्तों रीना भाभी और मेरे घर पास – पास ही है. अगर कोई जरुरत पड़ती है तो कभी रीना भाभी मेरे घर आ जाती है. तो कभी हमको कोई काम होता है तो हम रीना भाभी के घर चले जाते है. ऐसे ही मानों की दिखने में 2 घर हो लेकिन है केवल एक ही.
इसलिए दोस्तों अभी पिछले दिनों से में नोटिस कर रहा था की रीना भाभी जब भी मेरे को देखती थी वो एकदम से मुझे देखते-देखते सोच में पड़ जाती थी. और अपनी बातें भी भूल जाती थी. तो मैं भी कहाँ दोस्तों कोई अनजान लड़का तो हूँ नही. इसलिए मैंने भी रीना भाभी पर डोरे डालने शुरू कर दीए.
और फिर रीना भाभी भी मेरे इशारों को भली भाँती समझने लग गयी. इसलिए दोस्तों डर के मारें दोनों तरफ से ही इसके बारें में कोई बात नही हो पाई. और दोस्तों रीना भाभी की मेरे को लेकर तडप इस कदर बढ़ गयी की वो हमेशा मेरे ही बारें में सोच-सोचकर पागल हुए जा रही थी.
फिर दोस्तों उसने पिछले दिनों एक आईडिया सोचा. और अपने घर में कोई पुराना कूलर था उसे ऊपर ले जाने के लिए मेरे को घर से बुला ले गयी अपने घर. इस दौरान उसके पति काम पर गये हुए थे. और घर में कोई भी नही था. थे तो केवल मैं और रीना भाभी. तो दोस्तों हम दोनों कूलर को पकड़कर सीड़ियों पर चढने ही लगे थे की रीना भाभी ने एकदम से चीख निकाली- आह…. लोकेश मेरे कमर में दर्द हो गया है.
इसके बाद वह कमर को पकड़कर एकदम खड़ी रही तो मैंने कहा – भाभी आप कोई दवा लगा लो और आराम कर लो. मैं अपने दोस्तों को बुलाकर इसे ऊपर रखवा दूंगा शाम को.
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भाभी- नही इसकी कोई जरूरत नही है, मेरे पास विदेश से मंगवाया हुआ तेल है उसे लगाने से शायद ये तुरंत ठीक हो सकता है.
मैं- ठीक है फिर भाभी आप लगाओ और जब आराम आ जाए तब मेरे को आवाज दे देना. मैं फ़िलहाल चलता हूँ.
भाभी- अरे कहीं मत जाओ लोकेश थोड़ी देर रुक जाओ, क्योकि दर्द अभी ठीक हो जाएगा.
मैं- नही भाभी मेरे को अपनी पढाई करनी है.
भाभी- अच्छा तो तुम इतने मतलबी हो की मुझे दर्द में तडपता छोड़कर जाओगे यहाँ से?
मैं- ऐसा नही है भाभी, लेकिन पढाई भी इम्पोर्टेन्ट तो है.
भाभी- अच्छा तो मैं तो तुम्हारे लिए कुछ भी नही हूँ, राईट?
मैं- नही भाभी.
भाभी- नही क्या, मेरे को पता है तुम मेरे को कुछ नही समझते वरना अभी इतने दर्द में देखकर दवा नही लगाने लग जाते क्या अपनी भाभी के.
मैं- भाभी मैं दवा कैसे लगाऊ आपको आप खुद ही लगा लो.
भाभी- मेरे हाथ कमर तक पीछे अच्छे से नही पहुँचते इसलिए प्लीज लोकेश वो तेल मेरे मसल दो.
इसके बाद दोस्तों मेरे से भी रहा नही गया और मैंने भाभी के सामने हामी भर दी और बोला- चलो भाभी आपका ट्रीटमेंट करता हूँ. इसके बाद भाभी मेरे को अपने कमरे में ले गयी और उलटी लेट गयी तथा मेरे को अपने हाथ में तेल थमा दी. जिसकी खुशबु ही मेरे को मदहोश किए जा रही थी. उपर से भाभी का गोरा बदन.
तो दोस्तों मैंने थोड़ा सा तेल निकाला और भाभी की कमर पर मसलने लग गया और भाभी इस दौरान- आह… लोकेश थोड़ा और निचे जाने दो अपने हाथ को. फिर दोस्तों मैं निचे ले जाता रहा और फिर भाभी ने अपने पेटीकोट का नाडा ढीला कर दिया. और बोला – थोडा और निचे.
आपको बता दूँ दोस्तों वह मेरे को अपने कूल्हों की तरफ ले जाना चाहती थी. क्योंकि उसके खुरापाती दीमाग में तो केवल चुदाई ही चल रही थी. तो दोस्तों मैंने उनके कहे अनुसार अपने हाथ को और निचे ले जाता रहा. और फिर उन्होंने अपनी साड़ी हटाकर पेटीकोट को निचे की तरफ सरका लिया. और मुझे इस दौरान रीना भाभी के गोरे-गोरे कुल्हे साफ़ दिखाई दे रहे थे.
और इस दौरान भाभी ने कोई पेंटी भी नही पहन रखी थी. इसलिए दोस्तों मेरे से रहा नही जा रहा था. तो मैंने खुद से ही भाभी के पेटीकोट को धीरे-धीरे पूरा निचे की तरफ सरका दिया. और मैं तेल को मसलते-मसलते काफी घबरा रहा था. क्योकि मुझे इस दौरान रीना भाभी की गांड के दर्शन साफ़-साफ़ हो रहे थे.
जहाँ रीना भाभी की गांड एकदम गदराई हुई दिख रही थी. तो दोस्तों मैंने और निचे सरका कर रीना भाभी की चूत के दर्शन कर लिए. और मैंने देखा की रीना भाभी की चूत से कुछ पानी की तरफ चिपचिपा पदार्थ लटक रहा है. तो मैं समझ गया और भाभी को बोला- भाभी आप पेंटी नही पहनती क्या?
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भाभी- नही मैं पेंटी जब पीरियड्स का समय होता है तभी पहनती हूँ.
मैं- अच्छा इससे क्या फायदा?
भाभी- निचे हवा लगती रहे, और फंगल इन्फेक्शन का डर भी नही रहता है.
मैं- हाँ ये बात तो सही है, लेकिन भाभी आप पेंटी पहना करो. क्योंकि आपके निचे कुछ लटक रहा है.
भाभी- वो तो अभी से लटकने लगा होगा, जब से तुमने मालिश शुरू की है.
मैं- वो कैसे भाभी?
भाभी- अरे लोकेश तेरे में जादू है इसलिए मेरे निचे तेरे लिए डीमांड हो रही है.
मैं- साफ़-साफ़ बताओ ना भाभी प्लीज?
भाभी- किसी से कुछ बोलोगे तो नही ना?
मैं- नही भाभी, बताओ प्लीज.
भाभी- मेरे को तेरे से प्यार हो गया है, और मैं सच पूछो तो तेरे से चुदवाना चाहती हूँ.
मैं- ओह्ह सो स्वीट भाभी, मैं भी आपको सच बताऊ तो बहुत पसंद करता हूँ.
भाभी- ये दर्द वाला तो बहाना था पागल असल में तो मैं तुमको अपनी चूत दिखाकर चुदवाना चाहती थी.
मैं- तो आप साफ़-साफ बोल देती भाभी, मैं कितने दिन से तडप रहा हूँ आपके लिए.
इतना कहते ही दोस्तों भाभी ने मेरे को अपनी बाँहों में लिपटा लिया. और मुझे पागलों की तरह किस करने लग गयी. मैं पहले सही इतना गर्म था की उनकी गर्दन पर अपनी सांसें छोड़ने लगा.
अब मेरा लंड तनकर पैंट से बाहर निकलने को बेताब था और दर्द करने लगा था. मैंने पैंट का बटन खोलकर उसे बाहर निकाल लिया. इधर मेरा मन भाभी की चूत और गांड देखने को कर रहा था.
मैंने धीरे-धीरे भाभी की साड़ी ऊपर करना शुरू किया. भाभी के पैर बिल्कुल चिकने थे, मैंने उन्हें धीरे से सहलाया और साड़ी को और ऊपर करने की कोशिश की लेकिन साड़ी भाभी के नीचे दबी थी.
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अब मैं साड़ी के ऊपर से ही भाभी की गांड दबाने लगा. फिर मैंने धीरे से रीना भाभी के दूध दबाना शुरू किया और फिर उनके ब्लाउज़ के बटन खोलने लगा. धीरे-धीरे भाभी के सभी बटन खुल गए और उनकी काली ब्रा में बूब्स देखकर मैं पागल हो गया.
मैं ब्रा के ऊपर से ही उन्हें चूमने लगा. भाभी अब तिलमिलाने लगीं और अचानक उनके मुँह से ‘आह… आह … लोकेश और चुसो इन्हें काट दो’ की आवाज़ आने लगी.
फिर मैंने उनका हाथ अपने लंड पर रख दिया तो वे उसे सहलाने लगीं. मैंने भाभी की ब्रा को ऊपर करके उनके एक दूध को पीना शुरू कर दिया. भाभी एक हाथ से मेरा लंड सहला रही थीं और दूसरे हाथ से चादर भींच रही थीं. इसके बाद मैं भाभी के ऊपर आ गया और उनके होंठ पीने लगा.
अब भाभी भी मेरा साथ देने लगीं और उन्होंने मुझे कसकर पकड़ लिया. फिर मैं धीरे-धीरे नीचे आने लगा, फिर भाभी की साड़ी निकालने लगा. तो उन्होंने मेरे हाथ पकड़ लिए और बिना कुछ बोले अपनी साड़ी और पेटीकोट ऊपर करने का इशारा किया.
मैंने उनकी साड़ी ऊपर की और उनके पैरों से चूमते हुए ऊपर जाने लगा. भाभी तड़पती हुई इधर-उधर मचलने लगीं. मैंने उनकी गीली चूत को चूमा, तो भाभी ने जोर से मेरा सिर पकड़ कर अपनी चूत पर दबा लिया. और आह…. आह आह…. आह आह…. आह आह…. आह आह…. आह आह…. आह करने लग गयी.
मैं भी भाभी की चूत से निकले पानी की ख़ुशबू से मदहोश हो गया और चूत को नॉनस्टॉप जीभ से चाटने लगा. इसके बाद दोस्तों भाभी से मेरे सामने नंगी होकर उल्टी लेट गयी. भाभी की उस भरी हुई गांड को देखकर मैं पागल हो गया था. मुझे ऐसी मोटी गांड को दबाने और काटने में बहुत मज़ा आता है.
अब उसी गांड को मैं पकड़ कर दबा रहा था, चूम रहा था और धीरे-धीरे भाभी की मोटी गांड को काट भी लेता था, जिससे भाभी की कामुक सिसकारियां निकल रही थीं. भाभी की मीठे दर्द भरी आह मुझे और मदहोश कर रही थी.
मेरी इन हरकतों के कारण रीना भाभी की चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी. मैंने धीरे से भाभी की गांड की दरार से अपना हाथ उनकी गीली चूत तक आहिस्ता से ले गया. भाभी ने कसकर चादर पकड़ ली और आहें भरने लगीं. मैंने एक उंगली से उनकी चूत को रगड़ना शुरू किया.
भाभी ने मेरा हाथ पकड़ा और सीधी हो गईं. अब उन्होंने मेरे लंड को पकड़कर खींचना शुरू कर दिया. मैं उनके इशारे को समझ गया और अपने लंड को उनके मुँह के पास ले जाकर 69 की पोजीशन में आ गया. अब भाभी की चूत मेरे सामने थी और मेरा लंड उनके होंठों के पास.
मैंने अपनी जीभ का काम शुरू किया और उनकी पूरी तरह क्लीन शेव चिकनी चूत के आस पास चूमना शुरू कर दिया. भाभी कसमसा उठीं और उन्होंने मेरे 6 इंच लंबे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. हम दोनों करीब 10 मिनट तक एक-दूसरे को सुख देते रहे.
इसके बाद हम सीधे होकर एक-दूसरे को चूमने लगे. भाभी ने नीचे हाथ बढ़ाकर मेरा लंड पकड़ लिया और अपने पैर फैलाकर उसे चूत में डालने की कोशिश करने लगीं. मैं समझ गया कि भाभी अब रुक नहीं सकतीं. मैंने भाभी के दोनों पैर ऊपर उठाए और अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ने लगा.
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भाभी बोलीं- अब तो डाल दे लोकेश, मेरे से नही रहा जा रहा है. उसकी ये कामुकता देखकर मैंने भी जोश में आकर एक झटके में पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया. और भाभी के मुँह से तेज़ चीख निकल गई. तो मैंने एक नही सुनी भाभी की और उसकी चूत में मेरे लंड को आगे-पीछे करता रहा. भाभी नीचे से गांड उठाकर मेरा साथ देने लगीं.
इस दौरान मैं उनके दूध भी दबा रहा था और चूमते-चूमते चोद भी रहा था. भाभी मस्ती से बोल रही थीं- आह … आह … मज़ा आ रहा है लोकेश … काश तुम ही मेरे पति होते….. तुमने मेरी चूत की प्यास बुझा दी … आह और तेज़ चोदो आह मुझे ऐसे ही चोदते रहो लोकेश!
उनके ये शब्द मुझे और जोश दिला रहे थे. मैं भाभी को तेज़ी से चोद रहा था और हमारे शरीर के टकराने से ठप-ठप की आवाज़ निकल रही थी. करीब 30 मिनट नॉनस्टॉप चोदने के बाद मैंने उन्हें घोड़ी बनने को कहा. वे तुरंत घोड़ी बन गईं.
मैंने पीछे से उनकी चूत में लंड डालकर चोदना शुरू कर दिया. भाभी आह आह करती हुई मज़े लेने लगीं. मैं उनके बाल पकड़ कर उन्हें मस्त तरीके से तरह चोद रहा था और वे भी मस्त होकर चुदवा रही थीं. करीब 10 मिनट घोड़ी बनाकर चोदने के बाद मैं नीचे लेट गया और उन्हें अपने ऊपर आने को कहा.
भाभी झट से मान गईं और फिर वे मेरे ऊपर आ गईं और अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत में लगाकर बैठ गईं. उस वक्त जो मज़ा आया, उसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता. इसके बाद उन्होंने उछलना शुरू किया, तो मैं मदहोश होकर उनके दूध तेज़ी से दबाने लगा.
करीब 5 मिनट बाद वे तेज़ तेज़ उछल कर लंड अन्दर बाहर लेने लगीं. मैं समझ गया कि भाभी अब झड़ने वाली हैं. क्योंकि भाभी इस दौरान लंड को काफी अंदर तक महसूस कर रही थी.
मैंने तुरंत भाभी को नीचे लिया और तेज़-तेज़ चोदने लगा. भाभी चिल्लाने लगीं- और तेज़ … और तेज़ चोदो आह आह मैं आ रही हूँ. फिर दोस्तों मैं आखिर में भाभी की चूत में अपने लंड का जोर लगाकर झड़ गया. और भाभी इतनी खुश हुई दोस्तों की बता नही सकता.
फिर हम दोनों 10 मिनट तक ऐसे ही लेटे रहे. और फिर से रीना भाभी अपनी इस चुदाई की काफी तारीफ करती रही और बताई की मैं तेरे से काफी दिनों से ही चुदवाना चाह रही थी. क्योंकि मैंने तुझे एक दिन गली में पेशाब करते देख लिया था. और मेरे को तेरा लंड तभी से पसंद आ गया था.
फिर मैंने कहा- भाभी मेने भी मेरी GF को बहुत चोदा है लेकिन ऐसा मजा मेरे को पहले कभी नही आया है. इसलिए वादा करो की तुम मेरे से ऐसे ही चुदवावोगी तो मैं अपनी GF को छोड़ दूंगा.
भाभी- पागल तेरी इस चुदाई ने मेरे को दीवानी बना दिया है. इसलिए अब बिना कोई टेंसन लिए मेरे को चोद लिया करो. और सच पूछो तो मेरे को तेरी बहुत जरूरत है.
इसके बाद से दोस्तों मेरे को जब भी मौका मिलता है तब मैं रीना भाभी के घर जाता हूँ. और रीना भाभी को असली जवानी के लंड का बेहतरीन अनुभव देकर आता हूँ. और आज तक किसी को हमारे इस रिश्ते के बारें में भनक तक नही लगी है. और उम्मीद है की आगे भी ऐसा ही चलता रहेगा. क्योंकि शादीशुदा भाभियों को चोदने का यहीं तो एक सुख है वो हर काम में लड़कों का साथ देती है. इसलिए मैं दोस्तों आपसे भी कहूँगा की आप भी कुंवारियों को छोड़कर किसी शादीशुदा भाभी को ही पेलने के बारें में सोचा करो.
ये थी दोस्तों मेरी padosi ke sath xxx कहानी जो काफी मजेदार थी और आज भी मेरे लिए काम की है. आप ये padosi bhabhi ko choda कहानी हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. तो दोस्तों अगर आपको मेरी ये padosan bhabhi ki chudai कहानी पसंद आई है तो आप कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव साँझा कर सकते है. मिलता हूँ आपसे मेरी एक और मेरी Gandi Story के साथ.