Hindu Muslim Sex Story – मॉल में घोड़ी बनाकर बुझाई कोमल की चूत की आग
आदाब दोस्तों! आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com पर. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर शरीफ जी द्वारा भेजी गयी Hindu Muslim Sex Story लेकर. दोस्तों मेरी यह Hindu muslim sex kahani एक सच्ची घटना है जिसमे मैंने सो क्यूट कोमल को मॉल के चेंजिंग रूम में ले जाकर असली चुदाई का मजा दिया है.
दोस्तों मैं आपको अपने बारें में बताऊ तो मैं झारखण्ड के दुमका का रहने वाला हूँ. और मेरी उम्र फ़िलहाल 24 बरस की हो गयी है. तथा वैसे तो मेरी शादी भी हो चुकी है. लेकिन आपको तो पता ही है घर का ही घर का कब तक खाते रहे. सब लोग एक दिन उब जाते है इसलिए कभी-कभार होटल वगेरा में भी खा लेना चाहिए. खैर दोस्तों मैं यहाँ के एक मॉल में सेल्स का कार्य करता हूँ. तथा कोमल आए दिन हमारे मॉल में कपड़े लेने के लिए आती रहती है.
कोमल के बारें मत बताऊ तो कोमल अभी एक कच्ची-कली है. और उसकी उम्र होगी लगभग 20 बरस. तथा उसका रंग गोरा एवं उसके कुल्हे तथा बूब्स एकदम उभरे हुए नजर आते है. जब वह जीन्स पहनकर हमारे मॉल में आती है तो उसके बूब्स और उसकी गांड एकदम साफ़-साफ़ दिखाई देते है. मेरा तो उसी समय मन हो जाता है की, जाकर अपना लंड इसकी गांड में डाल दू.
लेकिन दोस्तों ऐसा करना ठीक नही. क्योंकि दुनिया को प्यार से ही जीता जा सकता है. और जब दुनिया जीत जाए तब जाकर हम किसी भी इन्सान से कुछ भी हासिल कर सकते है. लेकिन शर्त ये है की, उसे कभी धोखा न दे. वरना अल्लाह तल्ला बहुत नाराज होते है. और ऐसा करने पर जहनुम में जाने का हुक्म मिल जाता है.
हालाँकि मैंने पहले भी कई हिन्दू लड़कियों की चुदाई की थी. लेकिन कोमल तो उनमे से एक हटकर पिस था. क्योंकि कोमल तो कोमल ही थी. एक दिन वो हमारे मॉल में आई और मुझसे जीन्स टॉप खरीदने के लिए कपड़े देख रही थी. तभी मैं उसे बार-बार ऐसा बोल रहा था की ये आप पर बहुत जचेगा. और ऐसा सुनकर कोमल तो मानों मन ही मन में बहुत खुश होने लग गयी.
और बार-बार नए-नए कपड़े बदलकर आने लग गयी. इसी बीच एक बार वो चेंजिंग रूम में गयी हुई थी और मुझे लगा की वो बाहर है तब मैंने सोचा की यहाँ से कोई कपड़ा गायब है. और मैं उसी टाइम चेंजिंग रूम की ओर चला गया. जिसका उस दौरान दरवाजा खुला था. तो मैंने सोचा की वहां पर कोई नही है. लेकिन मुझे क्या पता की कोमल वहां पर चेंज कर रही है.
और जैसे ही मैंने किवाड़ खोला तो मेरे सामने कोमल ब्रा पेंटी में नजर आई. और मुझे देखते ही वो अपने कपड़ों से अपने बदन को ढक ली थी. लेकिन दोस्तों अब क्या था क्योंकि मैंने उसका नंगा बदन तो देख ही लिया था. और मानों मेरे को उसका नंगा बदन इतना पसंद आया की मेरा लंड उसी टाइम से सख्त होना शुरू हो चूका था.
मन में बस एक ही ख्याल था की, कैसे भी हो लेकिन एक बार कोमल की चूत का मजा जरूर लेना है. क्योंकि उसका नंगा बदन मेरे दीमाग में अब घुमने लग रहा था. और मुझे बस उसकी रेड पेंटी और नीली ब्रा ही नजर आ रही थी. इसी बीच कोमल भी बाहर आई और काउंटर पर आकर मुझसे बोली- आपको पता नही था मैं अंदर हूँ.
मैं- नही सचमुच मेरे को पता नही था. और वैसे भी दरवाजा खुला था इसलिए मैं सोचा की आप जा चुकी हो इसलिए कपड़ा गायब होने की वजह से मैं ढूँढने के लिए गया था, सॉरी जी.
कोमल- ऐसा करना गलत है, आपको पता है न?
मैं- हाँ पता है लेकिन प्लीज मैंने कुछ भी जानबूझकर नही किया है. ये सब गलती से हुआ है.
कोमल- सब समझती हूँ.
मैं- अरे पागल आप क्या समझ गयी, सच में मेरी गलती है. मान रहा हूँ, प्लीज किसी को बता मत देना वरना मेरी नौकरी के लाले पड़ जायेंगे.
कोमल- ठीक है, वैसे आपने मेरा कुछ देखा तो नही था ना?
मैं- सच बताऊ?
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कोमल- हाँ तो सच ही बताओ.
मैं- देख तो मैंने सबकुछ लिया था, नजर थोड़ी बंद करके गया था.
कोमल- फिर.
मैं- फिर क्या? देखने के बाद अब आप ही आप दीमाग में आ रही हो.
कोमल- कैसे?
मै- अब आप भोली तो बनो मत, आपका बदन इतना सुंदर है की कोई भी पागल हो सकता है आपके लिए.
कोमल- सच्ची? आपको इतनी अच्छी लगी मैं?
मैं- बहुत खुबसूरत हो आप, अल्लाह कसम.
कोमल- आप भी वैसे कम हेंडसम नही है.
मैं- आपको एक बात बताऊ, आप बुरा न मानों तो?
कोमल- बताओ?
मैं- यार जब से मैंने आपका नंगा बदन देखा है, तब से मेरे अंदर कुछ-कुछ हो रहा है. आपकी इजाजत हो तो हम यहाँ कुछ कर सकते है?
कोमल- पागल हो क्या?
मैं- हां जब से आपको देखा है तब से पागल ही समझो मेरे को.
कोमल- हाहाहा, आप भी कॉलेज वाले लड़कों की तरह होने लग गये.
मैं- क्या बताऊ, जब से आप दिखी हो कुछ भी समझ नही आ रहा है, ऐसा लग रहा है जैसे की कब आपसे प्यार करूँ और आपको मजा दूं.
कोमल- चलो फिर कभी देना मजा, अभी तो सामान पैक कर दो.
मैं- आज देने में क्या हर्ज है? आज मॉल में स्टाफ में से भी कोई और नही है, और आज ही मिल जाए तो आप भी हमेशा मेरे को याद करोगी.
कोमल- आप तो बड़े उतावले हो रहे हो.
मैं- कुछ भी समझों लेकिन मेरे को अब आप ही चाहिए.
कोमल- ठीक है, आपकी मर्जी.
इतना सुनते ही दोस्तों मैंने कोमल को चेंजिंग रूम में ही चलने को बोल दिया. और कोमल धीरे-धीरे करके चेंजिग रूम में चली गयी. तथा वहां ले जाकर मैंने पहले तो उसके गालों पर किस किया और फिर उसके होठों को चूमता रहा तथा उसके होंठों का रस पिता रहा. और ये सिलसिला करीब 5 मिनट तक चलता रहा.
मेरी ये हरकते देख कोमल बोली- नाम से ही शरीफ हो आप, वैसे हो नही. हाहहहाहा……!
मैं- अभी पूरी शराफत आपने निकाल रखी है.
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इसके बाद दोनों ही एक दूसरे को खा जाने की भरपूर कोशिश कर रहे थे. एक दूसरे को चूमते हुए ही कपड़े उतार दिए. हालाँकि हमने पहली ही चेंजिंग रूम का दरवाजा लॉक कर दिया था. क्योंकि मुझे डर था कोई आ न जाए.
इसलिए मुझे ये सब करना पड़ा. अब कोमल सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी और एकदम गोरा बदन लिए सामने थी. और उसके 36 के बूब्स मेरे सामने एकदम तने हुए नजर आ रहे थे. अब वह केवल लाल रंग की पेंटी में ही थी. जिसमे उसकी गोरी – गोरी गांड मेरे लंड को बेकाबू कर रही थी. मानों की मैंने कोई गोली खा रखी हो ऐसे मेरा लंड का व्यवहार हो गया था.
मैं तुरंत कोमल को लेटाकर उसकेऊपर आ गया और चूमा चाटी शुरू कर दी. एक हाथ से ब्रा खोलकर बूब्स दबाने लगा, निप्पल को मसलने लगा. जिससे कोमल बहुत ज्यादा मदहोश होने लगी और सिसकारियां भरने लगी, कहने लगी- आह….आह…आह…. शरीफ…..शरीफ……आह…आह…आह…आह…बहुत मजा आ रहा है….. ऐसे ही करते रहो….आह…आह…आह.
और मैं भी लगा रहा, दोनों हाथों से उसके बूब्स दबाने लगा और निप्पल चूसने लगा. फिर एक हाथ धीरे धीरे पूरे शरीर को सहलाते हुए कोमल की चिकनी मुलायम चूत पर ले गया और उसको सहलाने लगा, उंगली डाल कर रगड़ने लगा. इससे कोमल और भी ज्यादा तड़पने लगी और उनकी चूत पानी छोड़ने लगी. इसके बाद मैं तेजी से उंगली डाल कर रगड़ने लगा जिससे कोमल तुरंत ही अकड़कर झड़ गई, निढाल हो गई.
और मैं बूब्स चूसते हुए कोमल को देख रहा था. कोमल के चेहरे पर चमक आ गई थी. अब बारी मेरी थी तो मैं बूब्स चूसते हुए धीरे धीरे नीचे आने लगा और पेट को चूमने लगा, जीभ फिराने लगा और हाथो से जांघों को सहलाने लगा. और इन हरकतों से कोमल की सिसकारियां बढ़नी शुरू हो चुकी थी. और वो फिर से जोश में आनी शुरू हो चुकी थी.
मैं तुरंत 69 की पोजिशन में आ गया, कोमल के मुंह पर अपना लन्ड रख दिया जिसे कोमल ने बिना देर किए मुंह में ले लिया और चोकलेट की तरह चूसने लगी. और कोमल के लंड चूसने का अंदाज देखकर मैं अब आह…आह…आह… मजा आ रहा है…. कह रहा था… और सच में मेरे को उसे लंड चुस्वाने में बहुत मजा आ रहा था. क्योंकि कोमल ने सिर्फ पहले टोपी पर अपनी जीभ रगड़ी और बाद में पूरा लेना शुरू किया था.
मुझे तो ऐसा लगा की अब कोमल की चूत ही चुद रही है. लेकिन दोस्तों कोमल की चूत तो अभी भी लंड का इन्तजार ही किए जा रही थी. और मेरे 8 इंच के लंड के लिए बेताब हुए जा रही थी. फिर मैंने लंड को कोमल के मुह से निकालकर अब मैं कोमल के टांगों के बीच में आ चूका था. और देखा की उसकी चूत पानी से लतपथ हो चुकी थी.
और नीचे में कोमल की चूत को पूरा मुंह में भरकर चूस रहा था. हम दोनों ही ताबड़तोड़ एक दूसरे के अंगों को चूस रहे थे. फिर मैं कोमल की कमर के नीचे तकिया लगाया जिससे कोमल की फूली हुई चूत ऊपर आ गई. और मैंने लन्ड को चूत पर रख 6-7 बार रगड़ कर एक जोर लगा कर धक्का लगाया जिससे लन्ड का सुपारा अन्दर चला गया.
मेरा इतना बड़ा लंड एकदम से जाते ही कोमल की चीख निकल पड़ी. क्योंकि मेरे लन्ड का सुपारा ज्यादा मोटा है- इसलिए कोमल बोली. बाहर निकालो शरीफ प्लीज धीरे-धीरे भी कर सकते हो तुमने एकदम से घुसा दिया. ओह्ह्ह्ह….आह….अह्ह्ह्ह….आह….आह… इतना सुनकर मैंने लंड बाहर निकाला और अब मैं धीरे-धीरे कोमल की रसीली चूत में अपना लंड घुसाने में लग गया.
वापस मैंने दूसरा धक्का लगाया जिससे बाकी का लन्ड भी चूत में अंदर तक घुस गया और कोमल एक बार फिर चीख पड़ी. फिर मैंने आराम आराम से कोमल को चोदना शुरू किया जिससे कोमल का दर्द कम हो गया.
फिर मैंने कोमल को घोड़ी बना कर एक ही बार में पूरा लन्ड चूत में घुसा दिया जिसे कोमल सहन नहीं कर सकी और गालियां देने लगी. लेकिन मैं रुका नहीं और जोर जोर से धक्का मारने लगा. और कोमल अब आह…….उ……….ऊऊऊऊऊ…………ईईईईईईईइ………ऊऊऊऊऊऊउ…….आआआआआआअ……………..आआआआआआ……………ऊऊऊऊऊऊउ…. कर रही थी.
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फिर जब कोमल को भी चुदाने में मजा आने लगा तब कोमल खुद अच्छे से लन्ड को चूत में लेने लगी और कहने लगी- शरीफ फाड़ दो आज मेरी चूत को! यह बहुत तड़पती है लन्ड के लिए. थैंक्स अपना इतना बड़ा लंड डालने के लिए मेरी दिल की ख्वाहिस पूरी हो चली है आपके लंड को लेकर….. ऐसे ही चोदते रहो मेरे को.
और मैं कोमल की ये बातें सुनकर अब कोमल की कमर को पकड़कर पीछे से धक्के पर धक्के दिए जा रहा था. करीब पंद्रह मिनट तक कोमल की चूत चुदाई के बाद मेरा पानी निकलने वाला था. तो मैंने स्पीड बढ़ा दी और कोमल की चूत में ही ढेर सारा वीर्य छोड़ दिया और कोमल की चिकनी मुलायम चूत को फाड़ कर पूरा पानी से भर दिया. फिर मैंने देखा की उसकी चूत काफी गुलाबी हो चुकी थी. जो की होना स्वाभाविक था क्योंकि मैंने कोमल को 15 मिनट तक नॉनस्टॉप तरीके से घोड़ी बनाकर जो चोदा था.
इसके बाद हमने पास में पड़ा एक कपड़ा लिया और दोनों ने अपने-अपने लंड व चूत को पौंछ लिया. तथा जल्दी से कपड़े पहन कर बाहर की ओर आ गये थे. तो देखा की अभी तक वहां पर कोई नही आया हुआ था. इसलिए हमने फिर से चुदाई के बारें में सोची लेकिन कोमल बोली- आज रहने दो शरीफ फिर कभी करेंगे. आज की चुदाई हो चुकी है. मेरे से तो चला भी नही जा रहा है. इतना बड़ा लंड है आपका. लेकिन याद रहेगा ये लंड मेरे को हमेशा.
और फिर दोस्तों 3-4 दिन से कोमल हमारे इधर मॉल में आती रहती है मेरे से हमेशा घोड़ी बनकर चुदने के लिए कहती है. तथा मैं भी उसे कभी होटल या अपने मॉल में ही चेंजिग रूम में ले जाकर ढंग से चुदाई का मजा देता हूँ. इसलिए कोमल अब मेरे से काफी खुश है और वो किसी और के बारें में अब सोच भी नही रही है. चुदना होता है तब सिर्फ मेरे पास आती है.
दोस्तों ये Hindu Muslim Sex Story आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Hindu Muslim Sex Kahani बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.