Jija Sali Ki Chudai Hindi Mein – होटल में ले जाकर बुझाई साली की चूत की आग
आप सभी पाठकों को दिल से प्रणाम, आशा करता हूँ की आपकी तबियत एकदम सही होगी. दोस्तों मेरा नाम रमेश है और मैं महाराष्ट्र के अहमदनगर का रहने वाला हूँ. आज की मेरी इस Jija sali ki chudai कहानी के अंदर आपको मेरी सबसे छोटी साली संगीता की चुदाई की कहानी से रूबरू करवाने वाला हूँ जिसे मैंने पिछले महीने जब वो मेरे घर आई थी तब जमकर पेला था. आप निचे मेरी इस Jija Sali Ki Chudai Hindi Mein कहानी पढ़कर आप भी मजा लें.
सबसे पहले दोस्तों मैं अपने बारें में बता दू तो दोस्तों में एक फाइनेंस कम्पनी में जॉब करता हूँ. और मेरी उम्र फ़िलहाल 35 बरस हो गयी थी लेकिन दोस्तों मैंने हमेशा अपने शरीर को लेकर ख्याल रखता हूँ. शायद इसलिए मुझे कोई भी इतनी उम्र वाला नही बता पाता है. लोग बोलते है की रमेश बाबू यार आप लगते तो नही हो 35 के आप तो 25 के जवान लड़के दिखते हो.
आपको बता दूँ की मेरी शादी रवीना से 7 साल पहले हुई थी. और फ़िलहाल हमारे 1 बच्चा भी है. इसके अलावा दोस्तों मेरे ससुराल के बारें में बताऊ तो मेरे कुल 3 सालियाँ है. जिनमे बड़ी 2 का पहले विवाह हो चूका है. तथा संगीता जो की सबसे खुबसूरत साली है इसका विवाह अभी बाकी है.
अपनी कहानी की शुरुआत करें तो दोस्तों अभी पिछले महीने ही की बात है जब संगीता हमारे घर आई थी अपनी दीदी को काम में हाथ बाटने के लिए. क्योंकि मेरी बीवी रवीना का हाथ में दर्द था इसलिए डॉक्टर ने उसे भारी काम करने के लिए मना कर रखा था. इसलिए संगीता हमारे घर पर आई हुई थी.
तो दोस्तों मैंने भी देखा जब से संगीता अबकी बार हमारे घर पर आई तो एकदम खिली हुई नजर आई. और उसके शरीर के अंग उभार मारने लगे थे. और जब वो टीशर्ट तथा लोअर में रहती थी तो मेरा तो हमेशा उसे चोदने के लिए लंड खड़ा हो जाता था. क्योंकि दोस्तों लोअर में संगीता की चूत की धार और पीछे से उसकी गांड एकदम मस्त तरीके से दिखती थी.
हालाँकि दोस्तों संगीता की अब उम्र भी हो चुकी थी लंड लेने के लायक इसलिए मैंने भी उस पर डोरे डालने शुरू कर दिए. और कभी उसे बाजार में घुमा कर लाता था तो कभी शॉपिंग करवाकर लाता था. लेकिन मैंने डर की वजह से उससे चुदाई के बारें में कोई बात नही की.
फिर दोस्तों एक दिन शनिवार का दिन था जब मेरा ऑफिस से हाफ डे रहता है तब मैं जल्दी घर आ गया. इस बात का संगीता को पता नही था. और इस समय दोपहर का टाइम था. तो संगीता दुसरे कमरे में सो रही थी. और फिर मैंने खाना खाया तथा मैंने जानबूझकर अपने कमरे को कुण्डी नही लगाई और अपनी बीवी रवीना को घोड़ी बनाकर पेलने लग गया.
फिर दोस्तों संगीता का उठने का टाइम हो गया और वो उठकर अपना मुह धोकर सीधे मेरे कमरे का दरवाजा खोला जहाँ मैं और रवीना दोनों नंगे होकर चुदाई कर रहे थे. इतना देखकर संगीता ने तुरंत दरवाजा बंद कर दिया और बाहर चली गयी.
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फिर दोस्तों मैंने सोचा मेरा प्लान तो सफल हो गया है. क्योंकि मुझे संगीता को ये दिखाना ही था की मैं रवीना को कैसे पेलता हूँ. इसलिए संगीता ने भी करीब 10 सेकंड तक मेरे झटकों को देखने का मजा लिया था. फिर मैंने रवीना की चुदाई सम्पन करके वापस कमरे से बाहर आया तो मैंने आवाज लगाई- संगीता कहाँ हो?
संगीता बोली- यहीं हूँ जीजू अपने इस पास वाले कमरे में आ जाओ.
मैं- पागल क्या कर रही हो?
संगीता- पहले जीजू ये बताओ आप कब आए?
मैं- मुझे आए हुए 1 घंटा हो गया है.
संगीता- आज इतनी जल्दी कैसे आ गये? आप तो शाम को आते है ना?
मैं- हाँ, लेकिन आज शनिवार है और आज मेरा हाल्फ डे वर्क रहता है.
संगीता- सॉरी जीजू, मुझे नही पता था की आप आए हुए है. इसलिए मैं दीदी के कमरे में चली गयी थी.
मैं- अरे इसमें सॉरी की क्या बात है पागल? तुमने कुछ देखा?
संगीता- हाँ देखा तो था जीजू लेकिन फिर मैं मुड़ गयी थी तुरंत.
मैं- झूठ मत बोलो, तुमने करीब 10 सेकंड तक देखा था मुझे पता है. सच बताओ?
संगीता- हाँ जीजू देखा था क्योंकि मुझे जब आप ऐसे कर रहे थे तब देखने में मजा आ रहा था.
मैं- सच्ची?
संगीता- हाँ जीजू.
मैं- फिर बताओ तुम्हे कैसे फील हुआ? सच बताना.
संगीता- मुझे ऐसा फील हुआ जैसे आप मुझे भी इस तरफ से घोड़ी बनाकर पेलते और मैं भी आह…. आह… आह… करती.
मैं- इतना मन होता है तेरा चुदवाने का?
संगीता- हाँ जीजू, मन तो होता ही है और जब से मैंने आपको दीदी को घोड़ी बनाकर झटके देते हुए देखा है तब से मेरे निचे कुछ गिला-गिला भी महसूस हो रहा है.
मैं- समझ गया अब तुझे भी चुदाई की आवश्यकता है. लेकिन अब तेरी चुदाई करूँ तो करूँ कैसे पागल. तेरी दीदी रवीना को पता चल जाएगा.
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संगीता- जीजू चलो फिर घर से बाहर चलते है.
मैं- हाँ संगीता तुम एकदम सही कह रही हो होटल चलते है. और तेरी दीदी को बोल देते है की शोपिंग करके आयेंगे आज.
संगीता- हाँ जीजू, मैं तैयार होती हूँ. आप भी तैयार हो जाओ.
इसके बाद दोस्तों हम पास के ही एक रिमझिम नामक होटल में गये और वहां पर अपना कमरा बुक करवा लिया. तथा इस दौरान दोस्तों मेरी साली और मैं दोनों होटल के कमरे में आ गये. और मेरी साली तो घर से ही उतेजित होकर आई थी इसलिए जैसे ही मैं कमरे में घुसा तो मुझे जोर-जोर से किस करने शुरू कर दी.
मैं भी उसकी हरकते देखकर हैरान रह गया. थोड़ी देर में उसे खूब मज़ा आने लगा और वह खुद मेरे हाथ को अपने मम्मों पर दबाने लगी- आह्ह … जीजू और जोर से दबाओ ना!
उसे किस करते-करते मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी. उसने अन्दर पिंक कलर की ब्रा पहनी थी. फिर मैंने फटाक से वह भी निकाल दी और उसके बड़े-बड़े बूब्स को दबोच लिया.
इसके बाद संगीता के एक दूध को मुँह में लेकर चूसने लगा तो वह मजे में सिसकारियां लेने लगी- आह्ह … जीजू… ऐसे ही करो … कितना मज़ा आ रहा है … उफ्फ…. करते रहो!
कुछ देर बाद मैं उसके दूसरे दूध को चूसने लगा तो वह खुद अपने हाथ से अपने चूचे पकड़ पकड़ कर मुझे पिलाने लगी. मैंने बारी – बारी से उसके दोनों दूध पीते-पीते अपना एक हाथ उसकी जींस के अन्दर डाल कर उसकी चूत पर रख दिया.
जैसे ही चूत पर हाथ पड़ा, वह पूरी सिहर गई- ओह्ह्ह … जीजाजी…. इसके बाद दोस्तों मैंने मौका देखते ही उसकी जींस का बटन खोल दिया और अपना हाथ सीधे पैंटी के अन्दर डालकर उसकी चूत पर रख दिया.
मैंने इस दौरान नोटिस किया की संगीता की जवान चूत पर एक भी बाल नहीं था … उसकी एकदम चिकनी चूत से पानी बह रहा था. जो की घर से जब से वो मेरी रवीना के साथ चुदाई देखी थी तभी से उसके साथ ऐसा हो रहा था.
मैंने फौरन एक उंगली उसकी चूत में डाल दी और अन्दर-बाहर करने लगा. संगीता को इतना मज़ा आ रहा था कि वह तड़पने लगी. वह कामुक आवाज में बोली- जीजू … तड़पाओ मत … प्लीज अब जल्दी से डाल दो अपना लंड मेरी चूत में … ऐसे ही जैसे दीदी के डाले थे.
उसके इतना कहते ही मैंने उसकी जींस और पैंटी एक साथ नीचे खींच दी, अपने सारे कपड़े फेंके और उसकी दोनों टांगों के बीच आ गया. फिर अपना मुँह उसकी चूत पर रखते ही मैंने नाक से महक को खींचा तो उफ्फ् … क्या गजब की खुशबू आ रही थी. फिर मैंने जीभ से उसकी गुलाबी चूत चाटनी शुरू कर दी.
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जैसे ही जीभ अन्दर डाली, संगीता ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियां लेने लगी और अपने हाथों से मेरा सिर अपनी चूत पर दबाने लगी.
‘आह्ह्ह … जीजू … ऐसे ही करो…. मुझे बहुत मजा आ रहा है… चोद डालो आज फाड़ दो मेरी चूत को … जल्दी!’
इसके बाद दोस्तों मैंने अपने पुरे कपड़े उतारे और उसके सामने एकदम नंगा हो गया. और मैं उसके ऊपर चढ़ा, अपना लंड उसके मुँह के पास ले गया. और उसके मूह को खोलकर मेरे लंड को आगे-पीछे करने लग गया. मुझे दोस्तों बहुत मजा आ रहा था क्योंकि जो मेरा संगीता को चोदने का प्लान था वो लगभग सफल हो रहा था.
मुझे खुशी प्राप्त हो गई कि अरे वाह सील-पैक माल मिली है. फिर मैंने अपने लंड को संगीता की गीली चूत पर फिराकर अपने टोपे को गिला किया और ज़ोर का एक धक्का मारा. मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया.
अभी सिर्फ टोपा ही अन्दर गया था कि वह ज़ोर से चीख पड़ी- आआह्ह्ह … जीजाजी ….. दर्द हो रहा है. मैंने फौरन उसके होंठों को अपने होंठों से बंद कर दिया और किस करने लगा. थोड़ी देर में वह नीचे से अपनी गांड हिलाने लगी.
मैंने मौका देखकर एक और ज़ोर का धक्का मारा तो पूरा का पूरा लंड एक ही बार में उसकी चूत में समा गया. इस दौरान दोस्तों संगीता ऐसे तड़पने लगी जैसे बिना पानी की मछली. मैं थोड़ी देर वैसे ही पड़ा रहा. जब उसका दर्द कुछ कम हुआ तो वह फिर से गांड हिलाने लगी.
मैं समझ गया कि इसे अब मज़ा आने लगा है. मैंने भी लंड अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया. फिर संगीता सिसकारियां ले रही थी- आह … उह्ह … आह … उह्ह … जीजू….. आई लव यू … जोर से चोदो फाड़ दो मेरी चूत को आज … और तेज़ … आह्ह्ह…. जैसे रवीना दीदी को चोद रहे थे वैसे ही चोदो!
फिर मैंने कहा पहले तू ऐसे ही लेटे-लेटे चुदवा ले. अगले राउंड में चोदुंगा तुझे वैसे घोड़ी बनाकर. इस दौरान मैं पूरी ताकत से संगीता को चोदता रहा. कोई 15-20 मिनट की ज़ोरदार चुदाई में वह दो बार झड़ चुकी थी. मैं भी अब झड़ने वाला था.
मैंने पूछा- रस कहां निकालूँ?
वह बोली- अन्दर ही निकाल दो … सब अन्दर … आह… जीजू बहुत मजा आ रहा है.
इसके बाद दोस्तों मैंने और तेज़ धक्के लगाए और उसकी चूत में ही पूरा माल झाड़ दिया. फिर उसके ऊपर ही ढेर होकर गिर गया. फिर जब मैं उसके ऊपर से हटा तो देखा कि उसकी चूत से खू.न निकल रहा था, जो मेरे लंड और उसकी चूत पर लगा हुआ था.
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फिर उसने पास से ही एक कपड़ा लिया और पहले कमरे के अटेच बाथरूम में अपनी चूत को धोने चली गयी. और अपने बदन को साफ़ करके फिर से नंगी होकर मेरे पास सो गयी. और मुझे बताने लगी की उसे जीवन का सबसे बड़ा सुख आज मिला है.
इसके बाद दोस्तों मैं फिर से संगीता को ज़ोर-ज़ोर से किस करने लगा. थोड़ी ही देर में हम दोनों फिर से गर्म हो चुके थे. मैंने संगीता को बोला – तुझे वैसे मजा ही लेना है ना जो तेरी दीदी को मिल रहा था?
संगीता- हाँ जीजू.
मैं- ठीक है फिर तुम घोड़ी बन जाओ.
इतना कहते ही दोस्तो संगीता इस बार घोड़ी बन गयी और मैं निचे खड़ा था. तथा मैंने देखा उसके स्लिम कुल्हे मुझे उसकी चूत चोदने के लिए मजबूर कर रहे थे. तो मैंने पीछे से पहले तो उसकी गांड की तरफ अपनी जीभ घुमाई और उसका पूरा स्वाद लिया इतना होते देख मेरा लंड फिर से टाइट हो चला था.
फिर मैंने पीछे से संगीता को पेलना शुरू किया. इस बार वह सेक्स के खूब मज़े ले रही थी, कमर को आगे पीछे कर करके खुद ही चुदवा रही थी. ‘आह्ह … जीजाजी … और ज़ोर से … हां ऐसे ही … फाड़ दो आज… जैसे दीदी की फाड़ रहे थे!’
फिर मैंने दोस्तों करीब 40 मिनट तक मेरी जवान साली संगीता को नॉनस्टॉप चोदा. और अंत में हम दोनों एक साथ फिर झड़ गए. पसीने से तर-बतर, एक-दूसरे से चिपके हुए लेटे रहे और प्यार भरी बातें करने लगे. बातें करते-करते फिर से मूड बन गया और हम दोनों एक बार फिर से सेक्स करने लगे.
उस दिन मैंने संगीता को कुल तीन बार चोदा, पूरा दिन बस चुदाई ही चलती रही,हम दोनों ने चोदने का मजा लिया. फिर दोस्तों आख़िरकार शाम हो गयी और हमारे फिर से घर जाने का समय हो चला था इसलिए हम दोनों ने कपड़े पहने और घर के लिए निकल पड़े.
और रस्ते में संगीता ने आगे की चुदाई का प्लान पहले ही अपने दिमाग में सोच लिया था. वह बोली की, जीजू अब हम हर शनिवार और रविवार को ऐसे ही चुदाई करेंगे. क्योंकि मुझे आज बहुत मजा आया है जैसे पहले कभी भी नही आया है. तब से लेकर दोस्तों आज तक हमारी चुदाई जारी है.
ये थी दोस्तों मेरी jija ne sali ko choda कहानी जो काफी मजेदार थी और आज भी मेरे लिए काम की है. आप ये jija aur sali ki chudai कहानी हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. तो दोस्तों अगर आपको मेरी ये jija sali choda chodi कहानी पसंद आई है तो आप कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव साँझा कर सकते है. मिलता हूँ आपसे मेरी एक और मेरी Rishton me chudai story के साथ.