Mama Bhanji Ki Chudai Ki Kahani – बड़े मामा ने छत पर बुलाकर तोड़ी मेरी सील
सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार, मित्रों मेरा नाम मानवी है और मेरी उम्र अभी 19 बरस की है. आज के इस Rishton me chudai story के एपिसोड के अंदर मैं आपको मेरी सच्ची कहानी (Mama Bhanji Ki Chudai Ki Kahani) के बारें में बताऊंगी. आपको बता दूँ की हम लोग राजस्थान के जयपुर के एक छोटे से गाँव के रहने वाले है.
दोस्तों मैंने फ़िलहाल 12th कक्षा को पास कर लिया है. और मेरे आर्ट्स स्ट्रीम में कुल 89% अंक प्राप्त हुए थे. मैं पढने के एक होशियार लड़की हूँ. और दिखने में भी करीना से कम नही हूँ, शायद इसलिए स्कूल के लड़के मेरे आगे पीछे घूमते रहते है. मेरे परिवार में हम 2 भाई बहन है.
तथा दोस्तों मेरे मामा के परिवार की बात करूँ तो मेरे मामा 3 भाई है जिनमे से मेरे छोटे मामा का ब्याह अभी तक नही हुआ था. इसलिए पिछले दिनों मैं उन्ही की शादी में मामा के घर शादी से पहले के दिनों में चली गयी थी. और वहीँ पर मेरे बड़े मामा जिनका नाम सुरेश है उन्होंने मुझे अपने जाल में फंसा कर चुदाई कर डाली.
क्योंकि दोस्तों मैं हमेशा ही अकेली रहती हूँ तब Gandistory पर कहानियां पढ़ती हूँ. इसलिए मैंने देखा की और लोगों ने अपनी कहानियां भी शेयर की है तब से मुझे भी ऐसा लगा की मुझे भी अपनी Mama bhanji ki chudai कहानी इस पोर्टल पर बताना चाहिए. और आप सभी पाठकों का मनोरंजन करवाना चाहिए.
सबसे पहले तो आपको बता दूँ की दोस्तों मेरे बूब्स 30″ मेरी कमर 28″ और मेरी गांड का साइज 32″ है. और मुझे भी चुदाई का नशा जब में 10 कक्षा में पढाई कर रही थी तब से ही चढ़ गया था. इसलिए दोस्तों जब मैं मामा के घर गयी हुई थी तब जब भी मेरा मन होता था चुदाई करवाने का तो मैं छत पर जाकर अकेले में अपनी चूत में ऊँगली कर लेती थी.
ऐसा सिलसिला करीब 10 दिन तक चलता रहा. हालाँकि मैं जब घर गयी थी तभी से मेरे सुरेश मामा जो की मेरे से करीब 15 बरस बड़े है उनकी नजर कुछ और ही इशारा कर रही थी. क्योंकि मैंने नोटिस किया था की पहले उन्होंने मुझे इस प्रकार कभी नही देखा था. जैसा की इस बार वह मेरे पर नजर रख रहे थे.
तो दोस्तों मैं मामा के घर जो भी काम करती थी. झट से सुरेश मामा मेरे पास आकर मेरी मदद करने के लिए तैयार हो जाते थे. इसलिए आप ऐसा मान कर चलो की मैं कही भी जाऊ वो मानों मेरे दीवाने हो चले थे. क्योंकि दोस्तों वक्त के साथ मैं काफी सुदंर दिखने लग गयी थी. इसलिए उनका लंड भी शायद मेरे लिए लपेटे खाने लगा हो.
फिर एक दिन जैसे ही शाम का समय हुआ मैं अपने फोन पर अपने बॉयफ्रेंड राहुल से बातें कर रही थी. अब दोस्तों मेरा बॉयफ्रेड एकदम ठरकी टाइप का बन्दा जिसको कभी भी कॉल करो बस चुदाई वाली बातें ही चाहिए उसे. फिर उसने मांग की मुझे विडियो कॉल करके अपनी चूत दिखाओ.
दोस्तों आप ये Mama Bhanji Ki Chudai Ki Kahani हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है।
इतना कहते ही दोस्तों मैंने झट से उसे अपनी चूत के दर्शन करवा दिए लेकिन वो अभी भी नही माना और बोला की इसमें जोर-जोर से ऊँगली करो और पानी निकाल कर दिखाओ तब जाकर मेरा काम होगा. तो दोस्तों मैंने भी फ़ोन को साइड में रखा और राहुल के लिए अपनी चूत में ऊँगली करने लग गयी.
इतना सब करते करते मेरे मामा मेरा पीछा करते-करते छत पर आ गये और मेरी तथा राहुल की पूरी हरकतें उन्होंने अच्छे से देख ली. और वह फिर एकदम से खासे इसलिए मैं चौक गयी और झट से फोन काटकर अपने कपड़े पहन लिए. तभी मैं निचे जाने लगी तो मामा बोले- कहा जा रही हो मानवी?
मैं- निचे जा रही हूँ मामा.
मामा- अच्छा इतनी जल्दी ही?
मैं- हाँ मामा.
मामा- क्या करने आई थी यहाँ?
मैं- कुछ नही बस टहलने आई थी.
मामा- टहलने आई थी या कुछ और काम से आई थी?
मैं- नही बस टहलने ही आई थी मामू.
मामा- अच्छा तो फिर जो अभी कर रही थी फ़ोन पर उस लड़के के साथ इसे ही टहलना कहती हो क्या तुम?
इतना सुनते ही दोस्तों मेरे तो होश उड़ गये और मैंने मामू से कहा- मामू प्लीज सॉरी, आप किसी को बता मत देना.
मामा- नही बताऊंगा पहले तुम बताओ कितने दिन से ये सब कर रही हो?
मैं- ज्यादा नही मामू कभी कभार कर लेती हूँ.
मामा- अच्छा तो इस लड़के ने कुछ किया भी होगा तेरे साथ?
मैं- नही मामू बस कॉल ही करता है मेरे क्लास का लड़का है.
मामा- ठीक है, मैं किसी से नही बताऊंगा. लेकिन तू मुझे सच-सच बता तेरे को ये सब करने में मजा आता है क्या?
मैं- नही मामू उतना मजा तो नही आता जैसे की फिल्मों में लोग करते है उतना नही आता है.
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मामा- अगर मैं तेरे को वैसा मजा दे दू तो मानवी?
मैं- आप कैसे दोगे मामू, आप तो मेरे रिश्ते में मामा लगते है.
मामा- कुछ देर के लिए भूल जाना की मैं तेरा मामू हूँ, और मैंने तेरी चूत का हाल देख लिया है इसे लंड की सख्त जरूरत है इसलिए तू चुदवा सकती है मेरे से?
मैं- ओके मामू, लेकिन किसी को बताना मत प्लीज!
मामा- अरे पागल, कर दी ना छोटी बात ऐसी बातें भी किसी को बताई जाती है भला.
इसके बाद दोस्तों ये समय था करीब शाम के 8 बजे का हम खाना खाकर ही ऊपर आए थे. तो अब हमे वैसे तो निचे जाने की कोई ख़ास जरूरत नही थी. इसलिए मामू मुझे ऊपर एक कमरा बना हुआ था उसमे ले गये और मुझे अपनी बाहों में भर लिए. तथा मुझे धीरे धीरे शरीर के हर हिस्से को चूमने लग गये.
इसके बाद मामा मेरे बदन को सहलाने लगे, अपना एक हाथ मेरी योनि पर रखकर सहलाने लगे। मुझे पता था कि वे मुझे मामी समझ रहे हैं. और मुझे अगर सच पूछो तो दोस्तों बहुत मजा आ रहा था. जैसा की पहले कभी नही आया होगा.
देखते ही देखते मामा ने मेरे पजामे को पूरा निकाल दिया और साथ में मेरी लाल रंग की पेंटी भी खोल दी. और ज्यादा देर न करते हुए उन्होंने ने भी अपने लंड के दर्शन मुझे करवा दिए. जो की एकदम काला और मोटा लंड था जो फिल्मों में ही देखने को मिलता है. मामा का लंड देखकर पहले तो मैं एकदम से डर गयी.
इसके बाद मुझे पूरी तरह से नंगी करके मामा अपना लिंग मेरी योनि पर रगड़ने लगे. फिर दोस्तों उन्होंने ज्यादा देर न करते हुए मेरी गीली पड़ी चूत पर थूक लगाया और एक जोरदार धक्के से उनका सुपारा मेरी योनि में प्रवेश कर गया.
इसके बाद मेरे शरीर में यह गजब करंट दौड़ने लगी. और मेरी चीख निकलने वाली थी पर मामा का हाथ मेरे मुंह पर था. इस दौरान दोस्तों मैं तड़पने लगी पर मेरे मुंह पर मामा ने अपना हाथ दबाया हुआ था जिसके कारण मैं चिल्ला नहीं सकती थी.
फिर मामा ने धीरे-धीरे आगे पीछे करना शुरू किया. मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था और मैं तड़प रही थी. इसके साथ ही मामा मेरे बूब्स को दबा रहे थे और मेरी एक निप्पल को मुंह में पी रहे थे.
क्योंकि ये मेरा पहली बार था और उनका लंड किसी पाइप से कम नही था इसलिए मेरी पूरी योनि खून से लथपथ हो चुकी थी. थोड़ी देर बाद धीरे-धीरे मुझे भी मजा आने लगा. और तभी मामा ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी.
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अब मेरी कामुक सिसकारियां निकल रही थी. मैं आहा … उफ्फ मर … गई … ओह … माय गॉड … ओ ओ ओ … सुरेश मामू … आह … आह … ओह … ओह ऊ की आवाज निकाल रही थी. मेरी सिसकारियां निकलने लगीं और मामा मेरी योनि की पूरी तरह से मजा ले रहे थे.
तभी उन्होंने मुझे उल्टा किया और मेरे पिछवाड़े में अपना लिंग सेट करते हुए अपनी गांड उठा उठा कर धक्का लगा रहे थे. इस दौरान मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं खुद ही तेज सिसकारियां ले रही थी. 15-20 मिनट लगातार संभोग के बाद पच पच की आवाज निकलने लगी.
तभी मामा ने मुझे सीधी किया और मेरे बूब्स को दबाने लगे. मैं अब पूरी तरह से संभोग का आनंद ले रही थी. वे अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स को दबा रहे थे. लगातार ताबड़तोड़ संभोग के बाद मामू और मैं दोनों थककर सो गये. लेकिन दोस्तों इस दौरान मुझे ऐसा लग रहा था की मामू रुक क्यों गये?
तो मैंने मामू से बोला- बस मामू आज इतना ही करोगे?
मामा- नही पागल पहले एक काम करो तुम अपनी खून से लतपथ चूत को धोकर आओ इसके बाद फिर से तेरी चुदाई करूँगा.
फिर दोस्तों मैंने मेरा पजामा पहना और पास के बाथरूम में ही अपनी खून से लतपथ चूत को ढंग से धोया तथा वापस रूम में चली आई. जहाँ मामू पहले से ही अपना लंड हिलाकर फिर खड़ा कर लिए थे. इसके बाद उन्होंने मुझे फिर से पकड़कर मेरे बूब्स दबाने लगे.
और तभी मेरी टॉप को निकाल दिया और मेरे बूब्स को पूरी तरह से नंगे कर दिया. देखते ही देखते उन्होंने फिर से मुझे पूरी तरह से नंगी कर दिया. इस बार मामू ने मुझे कहा तुम घोड़ी बन जाओ.
फिर उन्होंने मुझे घोड़ी बनाकर अपना लिंग मेरी योनि में सेट कर दिया और धक्का मारा. और मैं तड़प उठी. मामा का पूरा लंड एक बार में मेरी चूत में घुस गया था.
कुछ देर बाद मामा ने मुझे बेड पर लिटाया और मेरे दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया और मेरी योनि में अपना औजार एक ही झटके में पूरा घुसा दिया. फिर जोरदार धक्के मारने लगे. मेरी चीखें निकल रही थी.
मेरे मामा बोल रहे थे- मानवी तू इतनी मासूम और कोमल कली है. मैं तुझे पूरा फूल बना दूंगा. और इतना कहते ही उन्होंने धक्कों की स्पीड और तेज कर दी.
इसके आधे घंटे तक लगातार संभोग करने के बाद उन्होंने मुझे अपनी बाहों में उठा लिया और अपने शरीर से चिपका कर मेरे बूब्स को पीने लगे. तभी मुझे नीचे कुछ महसूस हुआ. उन्होंने अपने औजार पर मुझे पूरा बैठा दिया और मेरी कमर पकड़ कर मुझे ऊपर नीचे करने लगे.
इस दौरान दोस्तों मेरी कामुक सिसकारियां निकल रही थी क्योंकि उनका लंबा लिंग पूरी तरह से मेरी योनि में जा रहा था.
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मैं बोली- मामा जी, मैं झड़ने वाली हूं.
फिर उन्होंने मुझे बेड पर बैठा दिया और मेरी योनि का पूरा रस पी गए. और उन्होंने अपना लिंग मेरी योनि में घुसाया. अब मेरी योनि में पच पच की आवाज निकल रही थी और कामुक सिसकारियां से पूरा कमरा गूंज उठा था. देखते ही देखते 10:00 बज गए और फिर उन्होंने मेरी चूत से अपना लंड निकाला (mama ne bhanji ko choda) और मेरे बूब्स पर अपना वीर्य छोड़ दिया.
फिर दोस्तों मामू बोले- अब मानवी एक काम करो निचे चलते है वरना तेरी मामी को शक हो जाएगा और कहीं वो फिर से अपने को ढूँढने के लिए छत पर न आ जाए. इसके बाद दोस्तों हम दोनों ने झट से कपड़े पहने और निचे के लिए रवाना होने ही वाले थे की मामू ने मुझे पकड़कर मुझे किस किया और बोले- कैसी लगी असली लंड की चुदाई?
मैं- बहुत अच्छी लगी मामू, काश ऐसी चुदाई मेरी हमेशा हो जाए.
तो मामू बोले- कोई बात नही जब तुम बोलोगी मानवी तब तेरी ऐसी चुदाई हो जाएगी.
और इसके बाद दोस्तों जब तक मैं मामू के घर में रही तब तक मामू मुझे हमेशा उसी समय पर छत पर ले जाकर ढंग से चोदते थे. इसलिए आज में अपने घर पर हूँ लेकिन पुरे दिन मेरे दीमाग में मामू का तगड़ा लंड ही चलता रहता है. अब जब भी मेरी फिर से मामू के संग चुदाई होती है तब मैं आपको जरूर बताउंगी, इंतजार कीजिएगा.
दोस्तों आप ये Mama Bhanji Sex Kahani हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है। अगर आपको दोस्तों मेरी ये Mama bhanji sex story पसंद आई है तो आप कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव साँझा कर सकते है। मिलता हूँ आपसे मेरी एक और rishton me chudai story के साथ।