Naukar Aur Malkin Ki Chudai – बाथरूम में बुलाकर मालकिन ने बजवाई अपनी चूत
हेल्लो दोस्तों, कैसे हो आप सभी? उम्मीद है की आप सभी अच्छे होंगे. दोस्तों मेरा नाम अमित है और मैं हरियाणा के गुडगाँव का रहने वाला हूँ. आपको मेरी उम्र बताऊ तो दोस्तों मैं फ़िलहाल 25 बरस का हो गया हूँ. लेकिन दोस्तों फ़िलहाल मैंने पढाई छोड़कर गुडगाँव में ही नौकरी करनी शुरू कर दी थी आज के 6 बरस पहले. इसी के बारें में आपको निचे मेरी Naukar Aur Malkin Ki Chudai कहानी बताऊंगा.
मेरी ये Naukar malkin ki chudai hindi mein बताने से पहले आपको बता दूँ की फ़िलहाल दोस्तों मैं एक कुंवारा लड़का हूँ. और दिखने में एकदम हेंडसम टाइप का दीखता हूँ. हालाँकि आपको बता दूं मेरा होमटाउन यूपी के अलीनगर में स्थित है. लेकिन आप सभी को तो पता ही है पेट पापी होने के कारण मुझे काम के लिए छोटी सी उम्र में इधर सेठजी के पास आना पड़ा.
हालाँकि दोस्तों पहले तो मैं सेठजी के इधर दुकान में ही काम करता था. लेकिन जैसे-जैसे सेठजी का मुझ पर विश्वास बढ़ने लगा तब से मुझे पिछले 2 बरस से उन्होंने अपने घर की जिम्मेदारी दे दी. और बोला अमित आज से तुम केवल अपनी मालकिन का ही ध्यान रखोगे और इनका घर के कामों में हाथ बटाओगे.
तो दोस्तों मेने भी हाँ भर दी. और आपको बताऊ मेरी मालकिन एकदम कड़क माल थी. क्योंकि सेठजी ने दूसरा विवाह किया था. इसलिए सेठजी तो ठहरे 60 बरस के और उन्होंने मालकिन उठा ली 30 बरस की. इसलिए इनका रिलेशन कुछ ठीक नही चल रहा था. और आए दिन किसी न किसी बात पर झगड़ा होने लगता था.
इसलिए जब से मैं इनके घर पर काम करने आया तब से मेने देखा की, सेठानी जी जब सेठजी घर से चले जाते है. तब कई बाहर के लडकों के साथ घुमने फिरने के लिए जाया करती थी. हालाँकि मैंने ऐसी बातों की तरफ ध्यान नही दिया और अपने काम से काम रखा. फिर दोस्तों हद तो तब हो गयी जब मालकिन घर में ही बाहर के लौंडों को घुसाने लग गयी. हालाँकि ये सब सेठजी की पीठ के पीछे से हो रहा था.
फिर दोस्तों ऐसे ही कई दिनों तक चलता रहा और फिर मैंने भी मौका न गवाते हुए सेठानी जी पर अपनी जादुई नजरें गडानी शुरू कर दी. और सेठानी जी भी समझ गयी थी की मुझे अपनी चुदाई के बारें में पता चल चूका है. इसलिए शायद इसे भी कुछ देना पड़ेगा.
क्योंकि दोस्तों मेरी मालकिन काफी समझदार थी और लंड के लिए पुरे दिन उत्सुक रहती थी. अब सेठजी से तो वो सब हो नही रहा था जो सेठानी को चाहिए था. इसलिए वो अलग-अलग दमदार लौंडों का लंड लेने लगी थी. जिसकी वजह से उनकी चूत में आग लगी ही रहती थी.
फिर मेरी सेठानी जी ने एक दिन मुझे बोला- अमित आजकल तुम मेरे को कुछ अलग ही तरीके से देखते हो, क्या बात है?
मैं- कुछ नही मालकिन मुझे आप काफी सुंदर दिखती हो इसलिए देख लेता हूँ. और सोचता हूँ की भगवान् ने कितनी फुर्सत से बनाया होगा आपको.
मालकिन- अच्छा तेरे को मैं इतनी सुंदर लगती हूँ.
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मैं- हाँ मालकिन, आपको शक है क्या मेरे पर?
मालकिन- नही, लेकिन इतनी भी नही हूँ जितनी तेरे को लगति हूँ, तू तो बस पुरे दिन मेरे को देखता ही रहता है.
मैं- क्या करूँ मालकिन दिल नही भरता ना.
मालकिन- अच्छा अमित मेरे को एक बात बता कुछ होता भी है तेरे को मुझे देखकर.
मैं- होता तो है मालकिन लेकिन आप मेरी मालकिन रह गयी ना. इसलिए मैं कुछ नही बोल सकता.
मालकिन- अच्छा ठीक है, तू एक बात बता तेरे कोई गर्लफ्रेंड भी है क्या?
मैं- नही मालकिन.
मालकिन- और तेरी शादी भी नही हुई अभी?
मैं- नही मालकिन इतनी अच्छी किश्मत कहाँ मेरी.
मालकिन- फिर तो मुश्किल दौर से ही गुजर रहे हो तुम. चलो में नहाकर आती हूँ. बाद में बात करती हूँ तेरे से.
इतना कहकर दोस्तों मेरी मालकिन नहाने के लिए चली गयी और जानबूझकर अपना शैम्पू का डिब्बा बाहर छोड़ गयी. तथा बाथरूम के अंदर जाकर मेरी मालकिन ने पुरे कपड़े उतार लिए और मेरे को आवाज लगाई- अमित कहाँ हो?
मैं- यहीं हूँ मालकिन क्या हुआ?
मालकिन- जरा मेरे को मेरा शैम्पू का डिब्बा पकड़ाना मैं तो बाहर ही भूल गयी हूँ.
फिर दोस्तों मेरे भी मन में लड्डू फूटा और जाकर डिब्बा मालकिन को देने लगा तो मालकिन ने आधा दरवाजा खोलकर डिब्बा ले लिया. फिर बोला- एक बार अंदर आना अमित. इसके बाद दोस्तों मैं बोला क्या हुआ मालकिन?
मालकिन- इस टोंटी को देखना इसमें से पानी कम आ रहा है.
मैंने टोंटी देखी और बोला- नही मालकिन ये एकदम ठीक है. फिर मैंने मालकिन की तरफ नजर घुमाई तो मुझे उनका नंगा बदन दिखाई दिया जिसकी वजह से मेरे अंदर तो कम्पन होना शुरू हो गया. और मैं बोला- मालकिन मैं बाहर जा रहा हूँ.
मालकिन बोली- अरे पागल अभी तो थोड़ी देर पहले बोला था आपको देखकर मेरे अंदर कुछ होने लगता है. अब क्या हुआ?
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मैं- मालकिन कुछ होने लगा है तभी तो बाहर जा रहा हूँ.
मालकिन- बुद्धू कोई ऐसा नंगा बदन देखकर भी भागता है क्या? चलो इसके मजे लो आज तुम तुम्हारे लिए पूरी छुट है.
मैं- सच में मालकिन? सेठजी को तो नही बताओगे ना? वरना वो मेरे को नौकरी से निकाल फेकेंगे.
मालकिन- अरे पागल, सेठजी की चिंता मत करो तुम, तुम्हारे सेठजी ने तो जानबुझकर तुम्हे यहाँ छोड़ा है ताकि तुम मुझे खुश रख सकों. लेकिन तुम तो डरपोक हो अमित.
मैं- नही मालकिन डरपोक नही हूँ. मेरे को पता नही था की सेठजी ने आपकी चुदाई के लिए मुझे यहाँ छोड़ा है.
मालकिन- अब तू जो भी मेरे साथ करना चाहता है कर ले.
मैं- मालकिन मुझे तो कुछ भी नहीं आता आप ही मुझे बताओ ना.
फिर मैंने बिना देर मालकिन के बूब्स पर अपना हाथ फिराया और उनके एक बूब्स को अपने मुहं में ले लिए और में बड़े मज़े से छोटे बच्चे की तरह बूब्स की निप्पल को चूसने लगा उस समय वो मेरी पीठ पर अपने एक हाथ को घुमा रही थी जिसकी वजह से मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था में दोनों बूब्स का बारी बारी से दबाकर चूसकर मज़ा ले रहा था.
फिर कुछ देर बाद मालकिन ने मेरा जोश देखकर मेरी पेंट को खोल दिया और अब वो मुझसे कहने लगी कि अब में करूँगी और उसी समय उन्होंने मेरी अंडरवियर और पेंट दोनों को ही एक साथ उतारकर बाथरूम के बाहर फेंक दिया. अब हम दोनों गरम बदन एक दूसरे के सामने नंगे खड़े थे.
और इस दौरान मेरा लंड पानी से लथपथ हो चूका था. तथा मालकिन की चूत में जाने को बेताब हुआ चला था. फिर करीब 5 मिनट तक हम दोनों एक दूसरे तो किस करते रहे और वो मुझे पागलों की तरह चूम रही थी.
इसके कुछ देर बाद मुझसे बोली – अमित मैं इस टोंटी को पकड़ लेती हूँ तुम मेरी चूत को पीछे से चाटो.
इतना सुनते ही दोस्तों मैंने मालकिन को घोड़ी बनाकर उनकी चूत में अपनी जीभ फिरानी शुरू की जिसकी वजह से सेठानी की चिकनी चूत से पानी की धार बहने लगी. जिसे देखकर मुझे बहुत मजा आ रहा था. और मालकिन भी इस दौरान काफी सिस्कारियां लेने लगी थी.
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और इसके बाद मालकिन ने खड़े होकर मेरा पूरा लंड अपने मुहं में भरकर उसको लोलीपोप की तरह चूसना चाटना शुरू कर दिया. और दोस्तों उनके लंड को चाटने की वजह से मेरे लंड ने तो अपना पहला पानी उनके मुह में ही छोड़ दिया. और फिर मालकिन ने उसे पीकर फिर से चाटना शुरू कर दिया.
और इसके बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. अब मालकिन बोलती है – पागल मेरे मुह में मत छोड़ देना इस बार वरना ये चूत मरेगी कैसे?
इतना कहते ही दोस्तों मेने तुरंत ही उनके दोनों पैरों के बीच में आकर लंड को विभाने पर रखते हुए अपना लंड उनकी चूत में डालने की कोशिश की, लेकिन वो बहुत टाइट थी इसलिए मेरा मोटा लंड उसके अंदर जा ही नहीं सका और वो अपने विभाने से फिसलता हुए बाहर रह गया.
फिर वो उठी और मुझसे बोली कि तू बच्चा तो बनता है, लेकिन है नहीं और वो जाकर तेल लेकर आ गई और मेरे लंड और अपनी चूत पर बहुत सारा तेल लगा चिकना कर दिया. अब वो बाथरूम में ही बिल्कुल सीधी लेट गई और वो मुझसे बोली कि अब तू जल्दी कर मुझसे रहा नही जा रहा है.
फिर मैंने भी उनके कहने पर उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया तो वो आहह ओफफ्फ़…. आह…. अमित ऐसे ही अच्छी तरह चाट सिसकियों की आवाज़ निकालने लगी. मालकिन की ऐसी तडप मेरे से देखी नही जा रही थी इसलिए मैंने मालकिन के ऊपर आकर अपने लंड को उनकी चूत में डाल दिया.
इसके बाद मालकिन ने तुरंत बोला- आह….. ऊ…. अमित… ऐसा लंड था तेरे पास मेरे को तो पता ही नही था. वरना मै घर से बाहर कभी भी चुदवाने के लिए नही जाती. फिर दोस्तों मैंने उनके किस करते – करते 10 मिनट तक अपने लंड को आगे पीछे किया और फिर मैंने उनको कहा कि हाँ बस अब मेरा भी निकलने ही वाला है और करीब दस मिनट वैसे ही धक्के देने के बाद मैंने भी उनकी चूत में अपना वीर्य निकाल दिया और उसके बाद हम दोनों एक दूसरे से वैसे ही चिपक गये.
इसके बाद सेठानी ने मेरी चुदाई से खुश होकर बाथरूम का फ्न्वारा चला दिया जिसकी वजह से चुदाई में चार चाँद लग गये. और मेरा फिर से सेठानी के गोरे बदन को चोदने का मन बन गया. फिर मैंने सेठानी के बूब्स को धीरे-धीरे मसलना शुरू कर दिया. जिसकी वजह से फिर से सेठानी जोश में आ गयी.
और बोला- अमित अब से ये चूत तेरे ही हवाले है तू जैसे इसे चोदना चाहे, चोद ले बस मेरी चूत से पानी निकाल दिया करो. इतना ही चाहती हूँ. अगर तू मेरे को खुश करेगा तो तेरे को कभी भी पैसे की कमी नही होगी.
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इतना कहते ही दोस्तों मैं सेठानी को इस बार घोड़ी बना लिया और पीछे से उनकी मोटी गांड की तरफ चाटना शुरू कर दिया. और मैंने देखा की मेरी पहली चुदाई से ही सेठानी की चूत काफी गुलाबी हो गयी है. इसका मतलब सेठानी को बहुत मजा आया है.
यह सब देखकर मुझे फिर से जोश आया और उनकी चूत के दरवाजे को अपने हाथ से खोलकर फिर से अपना लंड फिट कर दिया. और मैंने इस बार सेठानी को नॉनस्टॉप तरीके से करीब 30 मिनट तक पीछे से धक्के दिए. और सेठानी इस दौरान आह….आह….आह….आह….आह….आह….आह….आह….आह….आह….आह…. अमित …. ऐसे ही चोदो प्लीज…. आह….आह….आह….आह….आह….आह…. बहुत मजा आ रहा है.
फिर दोस्तों मैंने घोड़ी बनाकर सेठानी की चूत से इस बार 2 बार पानी निकाला और अभी मेरा भी होने वाला था. तो मैंने थोडा जोर लगाया और सेठानी फर्श पर सीधी हो गयी. जिसकी वजह से उनको एकदम से अपनी ठुड्डी पर चोट आई. लेकिन सेठानी ने चुदाई के नशे में चोट को नजरअंदाज किया और मेरे लंड को अपने अंदर तक महसूस किया.
और मैंने भी दोस्तों अंत में सेठानी की चूत में लंड ऐसे गढ़ाया की मुझे लगा अबकी बार सेठानी का कुछ फट गया है. क्योंकि मेरे लंड की साइज़ करीब 8 इंच है इसलिए मुझे लगा की सेठानी को ऐसा लंड अभी तक मिला ही नही है.
फिर मैं ही अपना वीर्य सेठानी की चूत में छोड़कर उठा और सेठानी भी उठी तथा मेरे को किस करके बोली- आज से तुम ही मेरे पति हो. वो बुड्ढा तेरा सेठ किसी काम का नही है. उसका लंड जाता भी नही है मेरी चूत में. इसलिए तुम्हारा जब भी मन हो मेरे को बता दिया करो और मेरी चूत के मजे ले लिया करो.
अब दोस्तों पिछले 1.5 साल से मैं मेरी रवीना मालकिन की चूत की आए दिन चुदाई करता हूँ. एक बार तो सेठजी भी दिन में दुकान से घर आ गये थे और उन्होंने भी मेरे को सेठानी को चोदते देख लिया था. फिर क्या था अपनी नजरें नीची की और बाहर निकल गये. क्योंकि सेठानी की ख़ुशी में ही उनकी ख़ुशी है.
ये थी दोस्तों मेरी Naukar se chudai ki kahani जो काफी मजेदार थी और आज भी मेरे लिए काम की है. आप ये Naukar sex story हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. तो दोस्तों अगर आपको मेरी ये Naukar ne malkin ki chudai ki कहानी पसंद आई है तो आप कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव साँझा कर सकते है. मिलता हूँ आपसे मेरी एक और मेरी Gandi Story के साथ.