Halala Sex Story – शौहर ने देवर से करवाया अपनी बेगम का हलाला
आदाब सभी को, स्वागत है आपका हमारे halala sex stories के इस एपिसोड की कहानी में. दोस्तों मेरा नाम रेहान है और में पंजाब के भठिंडा का रहने वाला हूँ. आज की इस halala sex story में आपको मेरी शबनम भाभी के साथ हलाला कहानी के बारें में बताने जा रहा हूँ.
सबसे पहले तो दोस्तों मैं आपको अपने बारें में बता दू मैं एक 20 बरस का जवान लड़का हूँ. और मेरी हाइट करीब 6 फिट की है तथा मेरे लंड की साइज़ दोस्तों पूरी 8 इंच की है. इतनी इस उम्र में मेरे लंड का बड़ा होना हर किसी के लिए शौक देने जैसा है. लेकिन दोस्तों आपको बता दूँ की मैंने आज के 5 साल पहले ही चुदाई वाला करियर शुरू कर दिया था.
और मेरी कक्षा की लगभग लडकियों को मेने मेरे लंड का स्वाद दिया हुआ है. जिनमे आयशा को बहुत-बहुत धन्यवाद क्योंकि उसी ने इसे बड़ा करने में मेरी बहुत मदद की है. वह आए दिन मेरे सामने अपना पजामा उतार देती थी. जिसके कारण मुझे उसकी चुदाई करनी पड़ती थी.
अब दोस्तों मैं अपनी शबनम भाभी के बारें में बताऊ तो वह भी किसी माल से कम नही है. क्योंकि कोई भी उसे बुर्के में देखे तो उसकी बाहर निकली हुई गांड साफ-साफ़ नजर आती है. इसलिए मेरा तो घर पर ही लंड खड़ा हो जाता है. लेकिन दोस्तों मजबूरन कुछ कर भी तो नही सकते न.
वैसे मेरी शबनम भाभी दिल की बड़ी साफ़ है. तथा वह मेरे से घुल मिलकर रहती है. मेरे घर में दो भाभियाँ है जिनमे मेरी सबसे ज्यादा शबनम भाभी से ही बनती है. वह अपने दिल की बात मुझे जरूर बताती है. अब आप इसे उसका भोलापन कहो या कुछ और लेकिन कभी – कभी सोचता हूँ की काश ये मेरी बेगम होती तो कितना मजा आ जाता.
लेकिन दोस्तों अल्लाह की मर्जी के आगे चलती भी किसकी है. अब अपनी कहानी की शुरुआत करते है दोस्तों तो मेरे आदिल भाईजान जो एक बैंक कार्य करते है उनकी किसी लड़की के साथ सेटिंग होने के कारण मेरी भाभी परेशान हो गयी. क्योंकि शबनम भाभी को इसके बारें में पता चल चूका था.
फिर पहले तो आदिल भाईजान को वह समझाती रही और इसके बाद जब बात एक्सट्रीम लेवल पर पहुँच गयी तो दोस्तों हमारे घर में अंदर ही अंदर भाभी और भाईजान के झगड़े शुरू हो गये. और फिर ये सिलसिला करीब 1 महीने चलने के बाद मेरे भाईजान ने गुस्से में शबनम भाभी को तलाक-तलाक-तलाक बोल दिया.
इतना बोलते ही दोस्तों मेरी प्यारी इस शबनम भाभी रोने लग गयी. क्योंकि दोस्तों तीन बार तलाक बोलने के बाद उसका इस घर से कोई लेना देना नही रहा था. फिर घर वालों को भी इस बात का पता नही था लेकिन शबनम भाभी की उदासी में ढंग से समझ रहा था. क्योंकि इसके बाद वो जब भी मेरे से बात करती थी तो वैसी बात नही थी जैसी पहले वो हंसकर करती थी.
फिर दोस्तों करीब 7 दिन गुजर जाने के बाद ऑफिस वाली लड़की को आदिल भाईजान ने निकाह के लिए बोला तो उसने साफ़-साफ़ इनकार कर दिया. जिसके बाद भाईजान को भी अपने किए पर काफी पछतावा हुआ. और फिर वो मेरी प्यारी सी शबनम भाभी से माफ़ी मांगने लगे.
लेकिन दोस्तों माफ़ी से कहाँ पार पड़ने वाली थी. अब आपको तो पता है की हमारे धर्म में ये सब बोलते ही रिश्ता खत्म हो जाता है. इसलिए अब दुबारा शादी करने ले लिए शबनम का पहले हलाला होना जरूरी था. अब शबनम भाभी किसी दूसरे मर्द से शादी करनी थी फिर वो उसे कुछ राते कसके चोदेगा. फिर वो 3 बार तलाक तलाक तलाक बोलेगा. उसके बाद शबनम भाभी अपने पति आदिल से फिर से शादी कर सकती है.
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और यहीं नही दोस्तों शबनम का हलाला भी कोई विश्वास के लायक आदमी ही कर सकता था. क्योंकि अगर उसने शबनम की चुदाई करके तलाक नही दिया तो फिर आदिल भाईजान तो हमेशा मुठ मारने के लायक ही बचेंगे. इसलिए दोनों मियां-बीवी में काफी परेशानी देखने को मिली.
फिर पहले तो उन्होंने पास के ही किसी मौलवी से बात की लेकिन दोस्तों पहले ही मौलवी का रिकॉर्ड खराब था उसने पहले से 3 बीवियां रख रखी थी. उसे हलाला के समय कोई भी खातून पसंद आ जाती थी. वह उसे बाद में छोड़ता नही था और उसे अपनी बेगम बना लेता था. इसलिए आदिल भाईजान और शबनम भाभी काफी डरे हुए थे.
फिर दोस्तों मेरी शबनम भाभी ने भाईजान को आईडिया दिया की, वह मुझसे हलाला करवा ले तो कैसा रहेगा? इससे घर की बात घर में ही दबी रहेगी और मैं उसे वापस भाईजान के हवाले भी कर दूंगा. तो दोस्तों मेरे भाईजान ने तुरंत इस बात के लिए हामी भर दी. और बोला- मैं बात नही करूँगा रेहान से तुम ही कर लेना.
फिर वो अपने ऑफिस चले गये. और फिर इसके बाद मेरी उस दिन छुट्टी थी कॉलेज की तो मेरी भाभी मेरे पास आई और पहले तो नार्मल बातें करने लगी थी. क्योंकि मुझे नही पता था की उसका ये लफड़ा चल रहा है. हालाँकि मैंने भाभी को पहले उदास हुए देखा था लेकिन पूछने की हिम्मत नही हुई.
भाभी बोली- रेहान जी आप कितने अच्छे है वरना आजकल भाभी से कोई बतलाता भी नही है.
मैं- नही भाभी ऐसी कोई बात नही है आप मेरी सबसे प्यारी भाभी है और दिल की भी साफ़ है इसलिए मुझे आप बहुत पसंद है.
शबनम भाभी- आपको इतनी प्यारी लगती हूँ मैं?
मैं- हाँ और क्या कितनी सुंदर तो हो आप,, काश आप भाईजान की जगह मेरी बेगम होती. कितना अच्छा लगता.
शबनम भाभी- आपके सपने इतने बड़े है कभी आपने मुझे बताया नही.
मैं- बता कर भी भाभी कोई फायदा तो है नही अब आपका निकाह जो हो चूका है अब कुछ नही हो सकता.
शबनम भाभी- ऐसा नही है बता देना चाहिए अभी भी कुछ हो सकता है.
मैं- अच्छा, अब क्या हो सकता है? जरा बताओ भाभी.
शबनम भाभी- किसी को बताओगे तो नही ना?
मैं- नही भाभी प्लीज बताओ जल्दी, आई एम् सो एक्साइटेड.
शबनम भाभी- पहले मेरे सर पर हाथ रखकर मेरी कसम खाओ?
मैं- इसके बाद मैंने उनके सर पर हाथ रखकर कसम खाई की किसी को कुछ नही बताऊंगा आप जल्दी बताओ मुझे.
शबनम भाभी- फिर रोते-रोते भाभी ने अपने सारी बात बता दी. और बोला- अब रेहान जी आप ही एक सहारा हो.
मैं- अरे भाभी आप इतना चिंता क्यूँ करती हो बस इतने से छोटे काम के लिए. मैं हूँ ना आपका देवर अभी कर देता हूँ आपका काम.
फिर दोस्तों मैंने भाभी को बोला की वह ऊपर वाले मेरे कमरे में चली जाए. और वह तुरंत उठकर मेरे छत वाले कमरे में चली गयी जहाँ घर के लोग कोई भी नही रहते थे. और जाते ही दोस्तों मैंने शबनम भाभी को अपनी बाहों में भर लिया.
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उनके बदन से क्या खुशबु आ रही थी. जैसे कोई गुलाब का इत्र लगा रखा हो और जैसे ही मैंने उनको छुआ तो मुझे शबनम भाभी बहुत ही सॉफ्ट लगी. जिसके कारण मेरे तुनतुने ने भी खड़ा होना शुरू कर दिया.
फिर मैंने धीरे से उनके होंठो को चूमा, उफ उनकी खुशबू ही क्या सेक्सी थी? और मेरे चूमते ही उनकी सिहरन और उनके सोने के कंगनो की टकराहट से छन की आवाज़ मेरे लंड को फौलादी बना गयी थी. अब शबनम भाभी सिहरकर मुझसे लिपट गयी थी और उसकी 38 साईज की चूचीयां मेरे सीने से दब गयी थी. फिर मैंने उत्तेजना में उन्हें जकड़कर अपनी बाहों में मसल डाला.
फिर मैंने उनके गालों पर अपनी जीभ फैरनी चालू कर दी और फिर उनके ऊपर के होठों को चूमता हुआ, उनके नाक पर अपनी जीभ से चाट लिया. अब शबनम भाभी उत्तेजित हो चुकी थी और सिसकारियां भरती हुई मुझसे लिपटी जा रही थी. अब में उनके चेहरे के मीठे स्वाद को चूसते हुए उनकी गर्दन को चूमने, चाटने लगा था और मेरे ऐसा करते ही वो सिसकारी लेती हुई मुझसे लिपटी जा रही थी.
अब में शबनम भाभी के कुर्ते के ऊपर से ही उनके बूब्स को दबाने लगा था. वह इस दौरान सिहरने, सिकुड़ने और छटपटाने लगी थी, जिससे मैंने जोश में आकर उनका कुर्ता ही फाड़ दिया और उसे अलग करके उनकी लाल ब्रा भी उतार दी.
उफ़फ्फ़ अल्लाह ने शबनम भाभी को क्या खूबसूरती से बनाया था? अब मेरा लंड तनकर पूरा खड़ा हो गया था और उनका सुडोल, चिकना, गोरा बदन, मेरी बाहों में सिर्फ़ पजामे में था. अब उनकी आहें भरने की सेक्सी आवाज़ और नंगे जिस्म पर आभूषण मेरे लंड के लिए एक वियाग्रा की गोली से कम नहीं थे.
फिर वो उत्तेजना से सिसकारी भरते हुए बोली – ओह रेहान जी पिछले 2 साल से मेरी चुदाई नही हुई है मत तडपाओ मुझे और चोद डालो आज आपको मेरी पूरी इजाजत है. आओ मेरे राजा मेरी प्यास बुझा दो. अब उनकी हालत देखकर मैंने भी सोचा कि देर करना उचित नहीं है और उनको पूरा नंगा कर दिया, क्या मस्त माल था? थैंक यू अल्लाह, शुक्रिया.
फिर मैंने शबनम भाभी के पेट की अपनी जीभ से ही चुदाई कर डाली, सपाट पेट, लहराती हुई कमर, गहरी नाभि और बूब्स पर तनी हुई निपल्स, आँखे अधमुंदी चेहरा और गला मेरे चाटने के कारण गीला और शेव्ड हल्के ब्राउन कलर की चूत, केले के खंभे जैसी जांघे और गोरा बदन.
अब मेरा मन तो कर रहा था कि बस चूमता, चाटता रहूँ और अपनी बाहों में जकड़ कर मसल डालूँ और जिंदगी भर ऐसे ही पड़ा रहूँ और उफ क्या-क्या नहीं करूँ? और फिर अपनी जीभ उनकी चूत पर लगाकर उनकी चूत को चाटने लगा. फिर वो मेरी जीभ की मस्त चटाई में ही झड़ गई और मेरे बालों को कसकर पकड़कर मेरे होठों को चूसने लगी.
फिर में उठकर उनकी जाँघो के बीच में आ गया और अपने मुँह में उनकी निपल्स लेते हुए अपनी एक उंगली उनकी चूत में घुसाने की कोशिश करने लगा, लेकिन उनकी टाईट चूत बहुत सख्त और तंग थी और मेरी कोशिश पर शबनम भाभी चीखने लगती थी, लेकिन बड़ी मुश्किल से मेरी 1-2 उंगली उनकी चूत में अंदर जा पाई.
फिर दोस्तों मैंने शबनम भाभी की तड़प बढ़ती देखकर उनको चूमते हुए और बूब्स दबाते हुए अपना लंड उनकी चूत के मुँह पर सेट किया और उनको चूमता चाटता रहा. अब उनकी सुगंध से मेरा लंड जो कि अब 8 इंच लंबा और 2 इंच मोटा हो गया था, फंनफना कर शबनम भाभी की चूत में घुसने की कोशिश करने लगा था.
फिर बड़ी मुश्किल से मेरा लंड 2 इंच अंदर घुसा ही था कि शबनम भाभी की चीख निकल पड़ी, रेहान जी आईईईईईईईई दर्द उउउउइईईईईई…. आह …… आह …… दर्द हो रहा है और उनकी चीख से में और मदहोश हो गया और उनकी हथेलियों को अपनी हथेली से दबाते हुए उनकी चूत पर एक ज़ोर का शॉट मारा और मेरा लंड 2 इंच अंदर घुस गया.
अब जब मेरा लंड शबनम भाभी की चूत की गहराई मापने लगा तब वह दर्द से आपा अम्म्म्मा अम्मी जान कहकर चीखने लगी और छटपटाने लगी थी. फिर मैंने उसकी चीखों की परवाह किए बिना एक ज़ोर का धक्का और मारा तो मेरा फनफनाता हुआ लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ 5 इंच अंदर घुस गया.
अब वो अम्मी अम्मी कहकर ज़ोर से चिल्लाने लगी थी और चीखने लगी थी, आह….आह….आह…. धीरे करो सोहेल जी. क्या बना रखा है आपने इसे. अभी पहले कहाँ चुदाई किये तो मैंने तो समझा था की आप कुंवारे हो.
फिर मैंने शबनम भाभी को बताया की मैंने आज से कई बरस पहले ही चुदाई शुरू कर दी थी. भाभी आप तो मेरे मोटे लंड का मजा लो. आज ही आपको ढंग से चुदाई का मजा मिलेगा. चिल्लाओ मत, मजा लो.
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फिर भाभी बोली- चिला नही रही हूँ बस आपके इस मोटे लंड को फील कर रही हूँ. इसलिए मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नही है. तभी तो ख़ुशी से चिल्ला रही हूँ. आप तो अब मेरी चुदाई जारी रखो बिना कोई परवाह किये. इतना कहते ही दोस्तों फिर से एक ज़ोर का शॉट मारा तो मेरा लंड भाभी की चूत को चीरता हुआ चूत की जड़ में समा गया.
फिर जो वो चीखी, तो पूरी हवेली जाग गयी, लेकिन में उसे चोदता रहा, चोदता रहा. फिर 10 मिनट की बेरहम चुदाई के बाद जब उसकी चीखे कम हुई और सिसकारी में बदलने लगी तो मैंने अपना लंड आधा बाहर कर लिया और अंदर बाहर करने लगा. फिर अचानक से शबनम भाभी ने मुझे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और झड़ गयी और मुझे चूमने लगी.
फिर मैंने पूछा- कैसा लगा शबनम भाभी मेरे चोदने का तरीका?
शबनम भाभी- काश तुम ही मेरे शौहर होते कितना मजा आ जाता.
मैं- हाँ तो अभी तुम्हारा शौहर ही हूँ. और जब तक मैं तुमको तलाक नही दूंगा तब तक तुम्हारी ढंग से चुदाई करूँगा.
शबनम भाभी- हाँ रेहान जी आप मुझे ऐसे ही चोदते रहो भाड़ में जाए आपके भाईजान. मुझे ऐसे ही लंड की जरूरत है.
फिर मैंने पूछा- आपको कैसे चुदवाना पसंद है भाभी?
शबनम भाभी- मुझे घोड़ी बनना पसंद है.
मैं- घोड़ी क्यूँ?
शबनम भाभी- अरे मेरे पागल देवर इससे पूरा लंड चूत की गहराई को मापता है आसानी से.
मैं- तो अब आपको मैं घोड़ी बनाकर चोद लू?
शबनम भाभी- हाँ देर किस बात की है. आ जाओ मेरे राजा.
फिर भाभी ने तुरंत घोड़ी वाला आसन ले लिया तथा मैं उनके पीछे आकर उनकी चूत को खोला जिसमे से पहली चुदाई का पानी अभी भी निकल रहा था. तो मैंने एक कपड़ा निकाला और भाभी की चूत को पहले साफ़ किया और मैं फिर से पीछे से उनकी चूत चाटने लग गया.
अब शबनम भाभी फिर से – सिस्कारियां लेती रही. उसकी चूत पर अपनी जीभ रखते ही वो जोर से चिल्ला उठी आआहह, ओमम्म्मममम, चाटो ना जोर से, सस्स्सस्स हहा और मचलने लगी और अपनी गांड को इधर उधर घुमाने लगी. अब वो सिसकारियाँ मारने लग गई थी। अब वो अहाह, आहहह, आहहह कर रही थी. अब उसके ऐसा करने से मेरे लंड में भी सनसनी होने लगी थी.
दोस्तों जब शबनम भाभी घोड़ी बनी तो पीछे से उसके गोरे गोरे कुल्हे मुझे मदहोश कर रहे थे. तो मेरे लंड को किसी सपोर्ट की जरूरत नही पड़ी और वह तुरंत खड़ा हो चला था. फिर मैंने अपने लंड का टोपा शबनम भाभी की चूत के पीछे से रगड़ने के बाद भाभी बोली- अब लंड डाल दो, अब और इंतज़ार नहीं होता, प्लीज जल्दी करो ना, प्लीज आहहह।
फिर मैंने पीछे से उसके दोनों पैरों को फैलाया और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया. अब जब मेरे लंड का सुपड़ा ही उसकी चूत में गया था तो वो ज़ोर से चिल्लाने लगी कि नहीं मुझे छोड़ दो, नहीं में मर जाउंगी, अपना लंड बाहर निकाल लो, लेकिन मैंने उसे अनसुना करते हुए एक ज़ोर का धक्का लगाया तो वो और ज़ोर से चिल्लाई. फिर मैंने उसके लिप्स पर किस करते हुए उसके मुँह को बंद किया और अपने धक्के लगाता गया.
अब वो झटपटा रही थी और अपने बदन को इधर से उधर करने लगी, लेकिन में नहीं माना. अब में धक्के पे धक्के लगाए जा रहा था और अब उसकी आँखों से आसूँ निकल रहे थे. एक जोर का झटका लगाया, एक ही झटके में पूरा लंड उनकी चूत के अंदर चला गया, उनकी आह निकल गयी.
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फिर में कुछ देर के लिए उसके ऊपर ही पड़ा रहा तो कुछ देर के बाद वो शांत हुई अब में उसके बूब्स को चूसने लगा था और अपने एक हाथ से उसके बालों और कानों के पास सहलाने लगा था और फिर कुछ देर के बाद मैंने उसके कानों को भी चूमना शुरू कर दिया तो कुछ देर के बाद वो फिर से गर्म हो गई.
फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाना शुरू किया तो पहले तो वो चिल्लाई, लेकिन फिर कुछ देर के बाद मैंने पूछा कि मज़ा आ रहा है. फिर वो बोली कि हाँ बहुत मज़ा आआआआ रहा है, इस चूत का इलाज सिर्फ तुम्हारी चुदाई है..हाईईईईई, म्म्म्मम और फिर वो जोर-जोर से चिल्लाने लगी.
फिर कुछ देर के बाद मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी. अब वो पूरी मस्ती में थी और मस्ती में मौन कर रही थी अआह्ह्ह आाआइईई और करो, बहुत मजा आ रहा है. अब वो इतनी मस्ती में थी कि पूरा का पूरा शब्द भी नहीं बोल पा रही थी. अब में अपनी स्पीड धीरे-धीरे बढ़ाता जा रहा था हाआअ, राआआआआजा, आईसीईई, चोदो और जोर से चोदो. आज मेरी चूत को फाड़ दो, आज कुछ भी हो जाए लेकिन मेरी चूत फाड़े बगैर मत झड़ना, आआआआ और ज़ोर से, उउउईईईई माँ, आहह हाँ.
इसके बाद दोस्तों मैंने महसूस किया कि मेरा लंड पानी से भीग रहा है. अब वो भी अपना पानी छोड़ने वाली थी, अब वो नीचे से अपनी कमर उठा-उठाकर चिल्ला रही थी और बडबड़ा रही थी आहहहहहह और चोदो मेरी चूत को, आज मत छोड़ना, इसे भोसड़ा बना देना और फिर कुछ देर के बाद वो बोली हाए मेरे राजा में झड़ने वाली हूँ.
और फिर मैंने उसकी गांड पकड़कर अपनी स्पीड बढ़ा दी, तो वो भी कुछ देर के बाद झड़ गई. फिर वो अचानक से चिल्ला भी नहीं सकी, क्योंकि उसका मुँह मेरे मुँह में था और में उसको ज़ोर-ज़ोर से किस करता गया और धक्के लगाते गया. तभी वो बोली कि आज फाड़ डाल मेरी चूत को, वो तुम्हारे जैसा ही लंड मांगती है.
अब में उसे लगातार धक्के लगा रहा था और फिर में ऐसे ही 1 घंटे तक उसको उसी पोज़िशन में चोदता गया. फिर अब उसे भी मज़ा आने लग रहा था, अब वो भी अपने कूल्हे उछाल-उछालकर मुझसे चुदवा रही थी. अब मैंने उसे और ज़ोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया था.
फिर थोड़ी देर के बाद वो फिर झड़ गयी और शांत पड़ गयी. मैं उनको चूमता रहा और उनके बूब्स को सहलाता रहा फिर मैंने कहा इस बार शबनम भाभी आप ऊपर आ जाओ फिर में उनके नीचे और आपा मेरे ऊपर थी. मेरे तनकर खड़े लंड पर धीरे धीरे अपनी चूत दबाकर लंड को अंदर घुसा रही थी.
फिर थोड़ी देर के बाद शबनम भाभी फिर झड़ गयी. फिर मैंने उसको लेटा दिया और पीछे से चोदना शुरू कर दिया मुझे लगा पीछे से लंड ज्यादा अन्दर तक गया और पहले से ज्यादा मजा आया. शबनम भाभी भी मस्ती में गांड आगे पीछे कर मेरा साथ देने लगी उनका चिलाना एकदम बंद हो गया. और फिर में उसे लगातार धक्के देकर चोदता रहा.
बीच बीच में पीछे से उनके मोमो पकड़ कर दबाता रहा जब मैं उनके मोमे दबाता था तो वह मुँह पीछे कर मुझे किस करने को कहती थी और मैं उनके लिप्स चूसने लगता. करीब अगले आधे घंटे तक लगातार उसको उस पोज़िशन में चोदा उनकी हालत बुरी थी वह कई बार झड़ चुकी थी.
फिर शबनम भाभी निढाल हो कर लेट गयी मैं उनको प्यार से सहलाने लगा और किस करने लगा और बोला आपा क्या आपको मजा आया दर्द तो नहीं हुआ. शबनम भाभी- बोली बहुत मजा आया. मेरे दुखती चूत का इलाज तुम्हारे लंड की चुदाई ही है. तुमको कैसा लगा मेरे प्यारे देवर साहब?
मैं- मुझे तो भाभी ऐसा लगा जैसे जन्नत मिल गयी हो.
शबनम भाभी- क्यों ऐसी चुदाई नही क्या पहले?
मैं- नही भाभी, सच बताऊ तो मैं खुद से ही आपको चोदने का प्लान बना रखा था. लेकिन आपने मेरी ख्वाहिस पूरी कर दी आज.
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शबनम भाभी- ऐसा मत बोलो, एक काम करो अब आप मुझे अपने भाईजान के लिए छोड़ दो लेकिन हम हमेशा अब ऐसे ही चुदाई करेंगे.
मैं- हाँ भाभी ये सही है.
शबनम भाभी- प्रोमिस करो, किसी को बताओगे नही?
मैं- नही यार भाभी कैसी बातें कर रही हो आप.
इसके बाद भाभी ने मुझे एक किस दिया प्यारा सा और हम दोनों निचे आ गये. तथा दोस्तों आज के दिन तक हम जब भी चुदाई करनी होती है तब ऊपर छत पर चले जाते है और ढंग से भाभी की ख्वाहिश के मुताबिक घोड़ी बनाकर चुदाई करते है.
दोस्तों ये halala sex stories in hindi आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह halala sex kahani बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलता हूँ अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.