Bua Ki Chudai Ki Kahani – आख़िरकार पीहर आकर मिला बुआ को चुदाई का मजा
आप सभी पाठकों को दिल से प्रणाम, आशा करता हूँ की आपकी तबियत एकदम सही होगी. दोस्तों मेरा नाम मुकेश है और मैं गुजरात के गया अहमदाबाद का रहने वाला हूँ. आज की मेरी इस Bua Ki Chudai Ki Kahani के अंदर आपको मेरी बेहद खुबसूरत और जवान बुआ की चुदाई की कहानी से रूबरू करवाने वाला हूँ जिसे मैंने पिछले वर्ष जमकर पेला था.
सबसे पहले दोस्तों मैं आपको अपने बारें में बता दूँ तो मेरी उम्र फ़िलहाल 21 बरस की है और मेरी बुआ जिसकी उम्र अभी 32 बरस की है लेकिन देखने में मेरी बुआ अभी भी 20 बरस की ही लगती है. लेकिन दोस्तों मेरी कोमल बुआ को एक कलुआ फूंफा मिल गया जिसकी वजह से वह आज भी शादी के बाद उनसे नफरत करती है.
और मुझे तो लगता है की फुन्फाजी जी को अभी तक उन्होंने छूने भी नही दिया है अपने आप को. इसलिए दोस्तों बुआ को शादी के 3 साल बाद भी कोई बच्चा नही है. और वैसे भी फुन्फाजी लगभग अपने काम के लिए बाहर ही रहते है. वे एक टाइल मार्बल के मिस्त्री है. जिसकी वजह से उन्हें घर से बाहर ही रहना पड़ता है.
अब दोस्तों आपको तो पता ही मेरी इस उम्र में कोई गर्लफ्रेंड तो है नही इसलिए मैं भी अपने आप को जब भी चुदाई का मन हो जाता है तब मूठ मारकर शांत कर लेता हूँ. तथा पिछले कई दिनों से मैं पास की लड़की ममता के पीछे पड़ा हुआ हूँ. लेकिन वो मुझे भाव नही देती है. इसलिए दोस्तों पिछले वर्ष तक मैं काफी परेशान ही था.
फिर एक दिन मेरी कोमल बुआ घर आई हुई थी. ये बात है नवम्बर महीने की जब थोड़ी-थोड़ी ठंड गिरने लगती है हमारे यहाँ. तो दोस्तों मुझे तो सब पता था की बुआ फुन्फा को हाथ नही लगाने देती है. क्योंकि घर में कोई बात होती है वो किससे छुपी रहती है. इसलिए मेरे खुरापाती दिमाग में बुआ के बारें में चुदाई से सम्बन्धित विचार आने शुरू हो गये.
क्योंकि अगर वो फुन्फा को हाथ नही लगाने देती तो किसी से तो चुदवाती होगी. तो दोस्तों मैं फिर बुआ की घर पर हर एक एक्टिविटी पर नजर रखने लग गया. चाहे बुआ कहीं भी जाए मैं उनके पीछे-पीछे चला जाता था. हालाँकि मैंने कभी रात को उनका पीछा नही किया.
फिर एक दिन दोस्तों मैं रात के 11 बज रहे थे और मेरे दीमाग में बुआ को चोदने के ख्याल आने लगे. तो मैंने सोचा हो न हो बुआ के पास जाता हूँ और उनको थोड़ा-थोड़ा बहलाता हूँ. फिर दोस्तों मैं गया मेरे कमरे से निकलकर बुआ के कमरे के बाहर. और मैंने आह….उह…..आह…उह जैसी आवाजें सुनी.
तो मैं एकदम से हैरान रह गया और सोचा बुआ कोई सीरियल देख रही है या कुछ और तो मैंने खिड़की की ओर झांककर देखा तो दोस्तों बुआ उस दौरान गंदी फिल्म चलाकर अपनी चूत में जोर-जोर से ऊँगली कर रही थी. और इस प्रकार से ऊँगली कर रही थी की पूछों मत.
तो मेरे मन में मानों लड्डू फुट गये. फिर मैंने ज्यादा देर न करते हुए बुआ को आवाज लगाई- बुआ सो गयी क्या आप?
बुआ- नही, क्या कह रहे हो मुकेश?
मैं- कुछ काम ही था आपसे?
बुआ- बोलो.
मैं- पहले दरवाजा तो खोलो.
इसके बाद बुआ ने दरवाजा खोलकर बोला- क्या काम है बताओ?
मैं- मुझे नींद नही आ रही थी इसलिए चला आया आपके पास. आप क्या कर रही थी? सोई नही अभी तक?
बुआ- नही, बस फ़ोन चला रही थी.
मैं- फोन ही चला रही थी या कुछ और भी कर रही थी?
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बुआ- नही बस फोन ही चला रही थी.
मैं- झूठ मत बोलो बुआ आवाज फोन की बाहर तक जा रही थी.
बुआ- कैसी आवाज?
मैं- ये ही आह….उह्ह…आह जैसी. इसलिए मैं आपके पास चला आया की चल क्या रहा है?
बुआ- हट पागल, तुमने सुन भी ली आवाज?
मैं- हाँ बुआ.
बुआ- किसी को बता मत देना मैं कोई फिल्म देख रही थी.
मैं- अच्छा फिर मैंने खिड़की से देखा भी था जो आप कर रही थी.
बुआ- सच में मुकेश तुमने सब देख भी लिया?
मैं- हाँ, तभी तो आपके पास आया हूँ, ताकि आपको असली मजा दे सकूं.
बुआ- हाहा, नोटी बॉय क्या करोगे तुम अब?
मैं- वहीँ जो आपकी डिमांड है.
बुआ- अच्छा बड़े हो गये हो आजकल तुम.
इतना कहकर बुआ मेरे लंड की तरफ झांकी और उन्होंने पाया की मेरा लंड एकदम तनकर उनकी चूत में जाने के लिए पेंट से बाहर आने को बेताब हो रहा था. तो बुआ बोली- मुकेश ये क्या है इतना बड़ा, छू कर देख लूँ?
मैं- हाँ बुआ आराम से छू कर देखो यहीं अब आपको असली मजा देगा.
इसके बाद दोस्तों बुआ ने पेंट के उपर से ही मेरे लंड को छुआ जिसकी वजह से मैं तो मानों पागल सा हो गया था. फिर बुआ ने बोला- जा जल्दी से कुण्डी लगाकर आ कमरे की.
फिर मैं दोस्तों जल्दी से कुण्डी लगाकर कोमल बुआ को अपनी बाहों में भर लिया और उनके होठों का रस पिने लग गया. और बोला- बुआ आप ऊँगली क्यूँ करती हो?
बुआ- अरे वो तेरा फुन्फा कलुआ किसी काम का नही है, ना तो शक्ल का ना लंड देने जैसा. वो एकदम नामर्द है इसलिए मेरी मजबूरी है. और इसी वजह से मेरी उसकी लड़ाई होती रहती है.
मैं- अच्छा तो बुआ अब आप चिंता मत करो. मैंने देखा है अभी आपकी इतनी हॉट चूत है फिर भी उसका चुदाई का मन नही करता तो नामर्द ही होगा वो असल में.
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बुआ- हाँ और क्या?
फिर मैं बोला- चलो बुआ अब आप अपना गाउन उतार दो क्योंकि मुझसे अब रहा नही जा रहा है. इतना कहते ही बुआ ने तुरंत अपना गाउन फेंका और मेरे सामने वो केवल पेंटी में थी. दोस्तों कोमल बुआ बहुत गोल मटोल मस्त माल थी. रंग बिलकुल गोरा था, जिस्म भरा हुआ था। फिगर 38 36 32 का था. उनको देखते ही मेरा उनकी रसीली चूत मारने का दिल करने लग जाता था.
आज तो मैं अच्छे से सोच लिया था की आज उनको कसके चोदना था. मैंने बुआ को पकड़ लिया और होठो पर किस करने लगा. वो बहुत खूबसूरत और मस्त माल औरत थी. उनके चुच्चे तो बहुत बड़े बड़े थे.
हम दोनों बेड पर लेटकर किस करने लगे. बुआ ने लाल रंग की बड़ी गहरी लिपस्टिक लगा रखी थी जिसे मैं पूरा का पूरा चूसता जा रहा था. कुछ ही देर में हम दोनों गरमा गये. मैं पागल हो गया था और बुआ के ब्लाउस के उपर से ही मैं उनके मम्मो को दबाने लगा.
इस दौरान बुआ “आआआअह्हह्हह……ईईईईईईई….ओह्ह्ह्हह्ह….अई. .अई..अई…. मुकेश …..अई..मम्मी….” की आवाज निकालने लगी. शायद उनको भी बहुत मजा आ रहा था. मैं उसके गहरे गले वाले ब्लाउस के उपर से उनके मुलायम चुच्चों को दबा रहा था.
मुझे बहुत मजा आ रहा था. कुछ देर में मैंने उनकी पेंटी पर हाथ रखा जो की उन्होंने हरे रंग की पहन रखी थी. हालाँकि वो पहले से ही उपर से काफी गीली हो चुकी थी. तो बुआ ने बोला- अब हाथ ही फिरायेगा या खोलेगा भी?
फिर दोस्तों मैंने इतना सुनते ही कोमल बुआ की पेंटी को खोल फेंका और उनकी चिकनी गुलाबी गहरी चूत के करीब से दर्शन कर लिए. फिर मैं बुआ के पेट को चूमने लगा और धीरे धीरे मैं नीचे बढ़ने लगा.
इसके बाद मैं मुंह लगाकर उसकी खूबसूरत बुर को चाटने लगा. उधर बुआ को भी फुल मजा आ रहा था. और जब मैं उनकी चूत को चाट रहा था तब बुआ – आह….मुकेश……ऐसे ही चाटो. अच्छे से पियो मेरी बुर” चिल्ला रही थी.
कुछ देर बाद मैं अपना 7 इंच का तगड़ा का लंड बुआ के भोसड़े में डाल दिया और उनको चोदने लगा. किसी पेशेवर रंडी की तरह बुआ मुझसे चुदवा रही थी। “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…आह आह उ उ उ उ उ…..अअअअअ आआआआ…” बोल बोलकर वो चुदवाने लगी और गपागप मेरा 7 इंच का मोटा लंड खाने लगी.
और दोस्तों ये मेरा फर्स्ट टाइम था इसलिए थोड़ी ही देर में बुआ की चूत में जाकर फूस हो गया. तो बुआ बोली- बस इतना ही जोर है क्या तेरे में?
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मैं- बुआ अभी तो शुरुआत हुई है देखती जाओ और फिर जोश में दोस्तों तुरंत मेरा लंड फिर से बुआ की चूत चोदने के लिए खड़ा हो गया. शायद आज मेरी जिन्दगी का शायद सबसे खूबसूरत दिन था. रोज मैं सुबह शाम जिस खूबसूरत औरत को सोचकर मुठ मारता था आज मैं उसकी रसीली बुर को चोद रहा था.
बुआ की चूत मारना मेरे लिए एक बहुत बड़ी बात थी. मैंने अपनी बाहों में उनको लपेट लिया था और उनको अपनी औरत की तरह चोद रहा था, उसकी चिकनी चूत को बजा रहा था. इस दुसरे राउंड में कुछ देर बाद मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी और जल्दी जल्दी उनकी बुर चोदने लगा. मैं बुआ को गाल, चेहरे और होठो पर चूम लेता था और उसके होठ पी लेता था.
अब ये सिलसिला 10 मिनट तक चलता रहा और दोस्तों बुआ मानों पागल सी हो गयी मेरे इस दुसरे राउंड से. और बोलने लगी- आह…. ऊउह…. पागल धीरे करो. मुकेश आई लव यू…… धीरे करो …. आह मर गयी. मैंने के नही सुनी और उनको जल्दी जल्दी पेलने लगा और मेरा लौड़ा तो उनकी चूत के छेद में जाकर और भी जादा मोटा हो गया था.
इस दौरान दोस्तों मुझे सेक्स और वासना का नशा चढ़ गया था. मैं जल्दी जल्दी बुआ को बजाने लगा और 20 मिनट मैंने उनको नॉन स्टॉप चोदा. फिर अपना लौड़ा निकालकर मैंने अपना माल उनके खूबसूरत चेहरे पर गिरा दिया. तो बोली पागल इसे अपनी चूत में छोड़ देता काफी प्यासी है ये.
फिर मैं बोला – सॉरी बुआ अगले राउंड में जरूर आपकी चूत की गहराई में ही मेरा माल छोडूंगा. फिर दोस्तों मैं बुआ के ऊपर ही लेट गया और फिर से उनके होठ चूसने में लग गया. तथा बुआ फिर से गर्म होने लग गयी. और बोली- मुकेश तू मुझे इस बार घोड़ी बनाकर चोद प्लीज.
मैंने कहा- बुआ पहले आप मेरा लंड अपने मुह में लेकर इसे थोड़ी जान दो. तो बुआ मेरे लंड को आइसक्रीम की तरह चूस कर फिर से खड़ा कर दी. और फिर मैंने इस तीसरे राउंड में बुआ को घोड़ी बना लिया. और दोस्तों मैंने करीब 40 मिनट तक एक ही स्पीड में उनके पीछे से धक्के दिए.
जिसकी वजह से मेरी बुआ की हालात खराब हो गयी और पीछे से फच… फच की आवाजें आने लग गयी. तो अंत में दोस्तों मैंने स्पीड बढाकर बुआ की चूत की गहराई में ही अपना माल छोड़ दिया. इसके बाद बुआ बोली- हाय काश तू मेरा पति होता.
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मैंने कहा- बुआ पति नही हुआ तो क्या, आपको मजा तो रोज दूंगा जब आप चाहोगी. इतना कहते ही बुआ बोली – तू एक काम कर मेरे कमरे में ही सोजा ताकि हम पूरी रात चुदाई करते रहे. फिर दोस्तों मैं बुआ के पास ही सो गया और पूरी रात बुआ को चोदा.
और फिर अगले दिनों में यहाँ तक की आज तक भी कोमल बुआ मुझसे चुदवाने के लिए बेताब रहती है. कभी वो मुझे अपने घर बुला लेती है तो कभी वो मेरे घर आ जाती है. और मैं तथा कोमल बुआ के साथ सेक्स का आनंद लेते है.
ये थी दोस्तों मेरी bua sex kahani जो काफी मजेदार थी और आज भी मेरे लिए काम की है. आप ये Bua Ki Chudai Hindi Mein कहानी हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. तो दोस्तों अगर आपको मेरी ये Bua ki chudai ki kahani पसंद आई है तो आप कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव साँझा कर सकते है. मिलता हूँ आपसे मेरी एक और मेरी Family sex stories hindi के साथ.