Ghar Me Chudai Story – मस्त भाई बहन की चुदाई की कहानी
हेल्लो दोस्तों, कैसे हो आप सब? उम्मीद है की आप सब बढिया होंगे. दोस्तों मेरा नाम है राजकुमार और मैं हरियाणा के पानीपत का रहने वाला हूँ. तथा फ़िलहाल मैं कॉलेज के फाइनल इयर में पढाई कर रहा हूँ. आज में आपको इस Ghar Me Chudai Story में मेरी शानदार भाई बहन की चुदाई की कहानी बताऊंगा.
दोस्तों मैं अपने परिवार में बारें में बताऊ तो मैं मेरे परिवार में पुरे 10 लोग रहते है. क्योंकि दोस्तों हम एक छोटे से गाँव में रहते है जहाँ हम सभी चाचा-ताऊ संयुक्त रूप से रहते है. जिनमे हम 3 भाई है और 2 बहने शामिल है. हालाँकि मेरी कोई सगी बहन नही है. बल्कि मैं परिवार का सबसे छोटा लड़का हूँ.
इसलिए दोस्तों आज की इस Didi ki chudai ki kahani में मैंने मेरी मंझली दीदी कोमल को चोदा है पिछले दिनों ही. वैसे आपको कोमल दीदी के बारें में बताऊ तो दोस्तों मेरी कोमल दीदी ने केवल 12th तक पढाई की थी. इसके बाद घरवालों ने उसे स्कूल से बाहर निकाल लिया और वह अब घर में काम का हाथ बांटती है.
इसलिए अब कोमल दीदी को भी पढाई में कोई इंटरेस्ट नही रहा है. लेकिन दोस्तों आज के ज़माने की जिद्द देखो तो इतनी सी पढाई की हुई लडकी के लिए कोई अभी तक लड़का नही मिल पाया है. जबकि मेरी कोमल दीदी पुरे 28 बरस की हो चुकी है. लेकिन फिर भी अभी तक उसका ब्याह नही हो पा रहा है.
अब आप सब लोग तो जानते ही है इस दौर में चुदाई के बिना किससे रहा जाता है. इसलिए दोस्तों पिछले दिनों दोपहर में ही मेरे खुरापाती दीमाग को ऐसा सुझा की आज कोमल दीदी को नहाते वक्त झांककर देखते है. क्योंकि दोस्तों मुझे भी मुठ मारने की आदत सी लगी हुई है.
कभी-कभी तो मैं मेरी कोमल दीदी को याद करके मुठ मार लेता हूँ. तथा कभी में उससे छोटी दीदी को याद करके अपना लंड हिला लेता हूँ. वैसे अगर आप देखो तो मेरी कोमल दीदी दिखने में एकदम मस्त आइटम लगती है. उम्र के अनुसार उसकी उभरी हुई गांड किसी को भी अपना लंड हिलाने के लिए मजबूर कर देती है.
इसलिए दोस्तों ये समय था लगभग 11:30 तो मैं घर में अकेला ही था तथा दीदी नहाने के लिए निकल पड़ी. और आपको बताऊ हमारे घर में वैसे बाथरूम नही होते है जैसे शहरों में होते है. क्योंकि हमारे इधर पर्दा लगाकर ही काम चला लिया जाता है. अब दोस्तों जैसे ही दीदी नहाने के लिए बाथरूम में घुसी मैं भी उसी समय उसके आसपास चला गया और मैंने पहले से ही पर्दे में छेद कर दिया था.
दोस्तों आप ये Ghar Me Chudai Story हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है।
ताकि मेरी कोमल दीदी मुझे नहाते हुए दिख जाए और मैं अपना मूठ मार लूं. तो इसके बाद मैं पहले तो दोस्तों घबराने लग गया और मैंने देखा की मेरी कोमल दीदी पहले तो अपनी बाल्टी रखी. और इसके बाद उसने अपना पजामा उतारा और दोस्तों मैंने देखा उसके कुर्ते के दोनों तरफ मुझे उसकी गोरी – गोरी जांघे दिखाई दी.
और मेरा तो ये देखकर ही लंड के उपर पानी आने लग गया और फिर उसने अपने कुर्ते को भी अपने शरीर से हटा लिया. अब दोस्तों मेरी कोमल दीदी मुझे केवल पेंटी और ब्रा में ही नजर आ रही थी. हाय क्या बदन था दोस्तों मेरा तो बिना हिलाए ही पानी बाहर आने को तैयार हो गया था.
तो दोस्तों अब मैं कुछ देर और देखता रहा की मेरी दीदी अब अपनी ब्रा उतार दी और उसके 36 के साइज़ के बूब्स एक दम गोल मटोल मेरे को और मदहोस करने लग गये. और फिर धीरे-धीरे दीदी ने अपनी लाल रंग की पेंटी भी उतार दी. और दोस्तों मैंने देखा की उसने काफी दिनों से अपने बालों की सफाई नही की थी.
कोमल दीदी के झांट के बाल मेरे को वैसे भी पेंटी से बाहर निकले हुए भी दिख रहे थे. फिर वो मेरी साइड मूड़ी और मैंने देखा की उन बालों के झुण्ड में ही एक छेद नजर आ रहा था जैसे की कोमल दीदी पहले से चुदाई करवाती हो. तो मैं ये सब देखकर हैरान रह गया.
इतने में ही दोस्तों कोमल दीदी निचे बैठ गयी और अपने तौलिए से एक खीरा निकाला. पहले तो मैंने देखा की ये खेत से आई है इसलिए शायद खाने के लिए लेकर आई होगी. क्योंकि मैं तो उसकी गोरी-गोरी गांड देखकर ही मस्त हो रहा था. इसलिए मैंने ज्यादा ध्यान नही दिया. फिर कोमल दीदी ने खाने की बजाय उस खीरे को पहले तो अपनी चूत पर रगड़ा और फिर धीरे-धीरे अपनी चूत के अंदर लेने लग गयी.
और मैं दोस्तों इतना सब देखकर हैरान हो चूका था. और मन में मेरे ख़ुशी भी हो रही थी. क्योंकि मैंने उसे ऐसा करते देखा और समझ गया था मैं भी की कोमल दीदी को अब लंड की सख्त जरूरत है. इसलिए दोस्तों मेरे खुरापाती दिमाग ने ज्यादा देर न करते हुए अपना निकाला और उसका विडियो बना लिया.
ताकि आगे चलकर उसे दिखाया जा सके और उसकी चुदाई असली लंड से की जा सकें. फिर दोस्तों करीब 15 मिनट तक वो नहाने की बजाय अपनी चूत में खीरा ही आगे – पीछे कर रही थी और मदहोश हुए जा रही थी. आख़िरकार उसे प्लेजर मिला और उसने उस खीरे का पीछा छोड़ा और फिर से पानी से धोकर खा लिया.
फिर दोस्तों इतना सब देखकर मैं अपने कमरे में चला गया और वो जब तक नहाकर आई तब तक 2 बार अपनी मूठी मार चूका था. और फिर जब कोमल दीदी नहाकर आई तो मैं भी उसके कमरे में चला गया और उससे बातें करने लग गया. हालाँकि मेरा मुख्य उद्देश्य उसकी चुदाई करना था.
मैं- दीदी नहाकर आ गयी आप?
दीदी- हाँ अभी आई हूँ. तू क्या कर रहा है सोया नही दोपहर हो गयी.
मैं- मुझे नींद नही आ रही दीदी.
दीदी- तो मैं क्या करूँ?
मैं- कुछ नही चलो न बातें करते है.
दीदी- सोने दे पागल मेरे को.
मैं- नही दीदी प्लीज.
दीदी- बोलो क्या बातें करोगे?
मैं- फिर पर्सनल हो गया डायरेक्ट ही और बोला- दीदी आपका कोई BF नही रहा क्या कभी?
दीदी- ऐसी बातें क्यूँ पूंछ रहा है?
मैं- बस ऐसे ही आजकल की लड़कियां सब रखती है इसलिए पूछ लिया. बताओ ना?
दीदी- हाँ रहा तो है वो मुकेश था न 12th में मेरे साथ पढ़ता था उसकी अब शादी हो चुकी है वो मेरा पहले BF था लेकिन तू मम्मी पापा को मत बता देना.
मैं- अब नही है क्या कोई?
दोस्तों आप ये Ghar Me Chudai Story हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है।
दीदी- नही अब मेरी शादी की उम्र हो गयी है.
मैं- तो आप और मुकेश ने कुछ किया हुआ भी था क्या?
दीदी- यार तू बड़ा पर्सनल हो रहा है ऐसी बातें क्यूँ पूछ रहा है?
मैं- नही दीदी मेरी क्लास में भी GF BF थे न वो सभी पुरे दिन कुछ न कुछ करते रहते थे इसलिए.
दीदी- बतायेगा नही ना किसी को?
मैं- कसम से दीदी.
दीदी- बहुत बार हुआ है सबकुछ.
मैं- सबकुछ मतलब?
दीदी- अरे वहीँ जो शादी के बाद करते है.
मैं- अच्छा चुदाई?
दीदी- हट पागल ऐसे नाम नही लेते है.
मैं- अच्छा, ठीक है नही लूँगा. लेकिन अब आपको नही आती सबकुछ करवाने की?
दीदी- नही.
मैं- सच बताओ न दीदी?
दीदी- आती तो है लेकिन क्या करूँ अब मेरा कोई BF नही है.
मैं- तो दीदी अगर आप बुरा न मानों तो मेरी भी कोई GF नही है और मुझे भी लोगों को देखकर वो सबकुछ करने का मन होता है.
दीदी- तो मैं क्या करूँ?
मैं- आपके साथ अगर आप बुरा न मानों तो कर सकता हूँ.
दीदी- पागल में तेरी बहन हूँ चाचा की लड़की.
मैं- हाँ तो क्या हुआ चाचा की लड़की ही तो हो सगी थोड़ी हो. चलता है दीदी.
दीदी- नही नही.
दोस्तों आप ये Ghar Me Chudai Story हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है।
फिर दोस्तों मैंने ज्यादा देर न करते हुए उसे मेरा बनाया हुआ विडियो दिखाया और वो शर्म के मारें कुछ न बोली. और फिर बोली तुझे जो करना है वो कर ले ऐसे विडियो मत बनाया कर पागल. अभी डिलीट कर इसको.
फिर मैंने दोस्तों उस विडियो को उसी समय उसके सामने डिलीट मारा और कोमल दीदी को अपनी बाहों में भर लिया तथा उसके गुलाबी होठों को चूमना शुरू कर दिया. और बोला- दीदी ये खीरा कुछ भी नही है आप असली खीरा लेकर देखो आज फिर बताना मुझे कौनसा बढिया है?
दीदी- अच्छा, इतने उतावले हो?
और इसके बाद दीदी ने मेरे लंड पर हाथ लगाया और मेरा 8 इंच लंबा लंड को छूकर एक बार तो दीदी डर गयी और बोली- पागल इससे मारेगा क्या मेरे को?
मैं- नही दीदी खीरे से तो अच्छा है, एक बार लेकर तो देखों अगर फिर से लेने की जिद्द न करने लग जाओ तो मुझे बता देना.
दीदी- अच्छा इतना खतरनाक है? तो चलो देखते है देखे कितना दम है तुम पहले तो इस कमरे की कुण्डी लगाकर आओ.
फिर दोस्तों मैं कमरे की कुण्डी लगाकर आया और देखा की दीदी पहले ही अपने नाड़ा को खोलने के लिए उतावली हो गयी थी. क्यूंकि मेरे लंड को महसूस करके कोमल दीदी भी चुदाई के लिए काफी उत्सुक हो गयी थी. अब उसने खुद से ही अपना पजामा उतार दिया था वो निचे केवल काले रंग की पेंटी में थी.
और उससे उसके झांट भी निकल रहे थे. फिर मैंने भी ज्यादा देर न करते हुए मेरा पजामा खोल दिया और साथ में चड्डी भी उतार फेंकी. और दीदी की टांगों को फैला दिया और उसकी काली पेंटी को उतारने लग गया. तो मैंने बोला – दीदी कभी ये झांट के बाल तो काट लिया करो.
दीदी- यार पहले तो काट लेती थी समय पर लेकिन अब किसी को दिखाना तो है नही इसलिए बहुत समय से नही काटे है आगे से ध्यान रखूंगी.
और फिर दोस्तों मैं कोमल दीदी की टांगों को चौड़ा करके उसकी चूत की खुशबु ले रहा था. हाए क्या खुशबु थी. और झांट के बालों पर मेरे लंड को देखकर चूत का पानी साफ़ झलक रहा था. इसलिए मैं ज्यादा देर न करते हुए उसकी चूत को चौड़ी करके चाटने के लिए लग गया.
कोमल दीदी करने लग गयी आह…..आह, राजू…..आहआहआहआहआह…..आहआहआह…..आह…..आह. लेकिन दोस्तों मैंने उसकी एक न सुनी और करीब 10 मिनट तक एक ही स्पीड में दीदी की चूत का पानी पीता रहा.
कोमल दीदी ने अन्दर ब्रा नहीं पहनी हुई थी, इसलिए उनके दूधिया मम्मे एकदम से उछलते हुए हवा में फुदकने लगे. अब मेरे सामने कोमल दीदी के दोनों नंगे चुचे खुले हुए थिरक रहे थे. मैं जोर से उनको मसलने लगा. कोमल दीदी मुझे किस करने में और जोर लगाने लगीं.
दस मिनट तक किस करने के बाद कोमल दीदी ने मुझे धक्का देकर बिस्तर पे लेटा दिया. इस दौरान मेरा 8 इंच का खड़ा लंड भूखे शेर के माफिक खड़ा हुआ गुर्रा रहा था. मेरा लंड बड़ी तेजी से ऊपर नीचे हिलता हुआ कोमल दीदी की चूत फाड़ने को मचल रहा था.
मेरी सेक्सी कोमल दीदी ने मेरे लंड को अपने हाथों से सहलाया और इठलाते हुए अपने घुटनों के बल बैठ गईं. मैं अभी कुछ समझ पाता कि कोमल दीदी ने अपनी नाक की नोक से मेरे सुपारे को टच किया और उसकी खुशबू लेने लगीं. फिर कोमल दीदी ने अपनी जीभ की नोक से सुपारे को एक बार चाटा और मेरे लंड के सुपारे की अन्दर की रिंग तक उसे मुँह में लेकर चूसने लगीं.
आहाहा क्या मजा आ रहा था दोस्तो … मेरा लंड के तो वारे न्यारे हो गए थे. मैंने कोमल दीदी को लेकर नीचे ही लेट गया और कोमल दीदी ने मेरे लंड को गले तक लेकर चूसना चालू कर दिया. वो मेरे आंडों तक अपनी जीभ से मुझे मजा देने लगीं. कुछ देर लंड चूसने के बाद कोमल दीदी ने धीरे से लेटते हुए अपने पैर मेरी तरफ घुमा दिए. मैं समझ चुका था कि 69 पोजीशन लेनी है.
दोस्तों आप ये Ghar Me Chudai Story हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है।
हालांकि में ये सब देखकर हैरान था लेकिन दोस्तों पहले कोमल दीदी मुकेश के संग काफी चूत फड़वा चुकी थी. इसलिए उसे चुदाई का काफी अनुभव था. इस दौरान मैं तो कोमल दीदी की झांट भरी गुलाबी चूत का दीदार करके समझो पागल सा हो गया था.
फिर मैंने कोमल दीदी को सीधे लिटाया और अपना लंड हाथ में लेकर उसकी की दोनों टांगों के बीच में आ गया. मैंने अपना खड़ा लंड कोमल दीदी की चिकनी चुत पे टिका दिया.
कोमल दीदी ने लंड का स्पर्श अपनी चूत की फांकों पर महसूस किया, तो उन्होंने अपनी टांगें फैलाते हुए हवा में उठा दीं. मैंने एक ही झटके में अपना पूरा लंड मेरी नंगी कोमल दीदी की चुत की गहराई में ठोक दिया. चिकनी चूत होने के कारण मेरा पूरा लंड एक बार में ही कोमल दीदी की चूत की जड़ तक घुस गया.
कोमल दीदी ने एक आह भरी और मेरे लंड को अपनी चुदासी चूत में जज्ब कर लिया. उनको भी लंड लेने में मजा आया और वे अपने चूतड़ उठा कर तैयार हो गईं. कोमल दीदी ने मुझे इंजिन चालू करते हुए धक्के मारने का इशारा किया.
फिर बस मैं चुदाई लीला में शुरू हो गया. मुझे अपनी डार्लिंग कोमल दीदी को चोदने के लिए अब किसी की चिंता नहीं थी. मैंने भाभी की धकापेल चुदाई चालू कर दी.
‘उम्म्ह… अहह… हय… याह… राजू’ कोमल दीदी के मदहोशी में कराहने की आवाज कमरे में गूंज रही थी. मुझे कोमल दीदी का जिस्म और भी सुनहरा महसूस हो रहा था.
करीब 20 मिनट की चुदाई में बहुत सारे धक्कों के बाद मेरा माल निकलने वाला हो गया था. मैंने कोमल दीदी को इशारा किया.
तो वो बोलीं- मेरे जानू अपने लंड रस को मेरी चूत में ही भर दो ….. मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा है.
फिर मैं बोला- कोई गडबड हो जाएगी तो?
दीदी- अरे पागल मैं दवा ले लुंगी. तू ज्यादा सोच मत और मुझे ऐसे ही झटके देता रह. और आखिर में ढंग से झटका देना ताकि लंड आगे तक चला जाए. और मुझे वर्षों का मजा आ जाए.
और फिर दोस्तों मैंने फिर से अपनी स्पीड बढाई और आखिर में उसकी चूत की गहराई में अपना माल छोड़ दिया और दीदी-आहा…….आहाआहाआहा………आहा…..आहाआहाआहाआहा….आहा करने लग गयी.
फिर हम दोनों के झड़ जाने के बाद मैंने पूछा- दीदी बताओ अब खीरा से अच्छा था या बुरा?
दीदी- कैसे बताऊ मुझे तो ऐसे लगा है की जैसे मैंने चुदाई ही पहली बार की है. क्यूंकि मुकेश ने तो कभी भी मुझे इस तरह से नही चोदा जैसे आज तूने मुझे चोदा है लगातार आधे घंटे तक. वो तो बस 2 मिनट आगे पीछे करके फूस हो जाता था. थैंक्यू बरो.
फिर मैं बोला- दीदी अब हम ऐसे ही हमेशा चुदाई करेंगे.
दीदी- हाँ लेकिन किसी को पता न चलना चाहिए.
मैं- हाँ पक्का.
और दोस्तों इसके बाद से पिछले 3 महीनों से लगातार मैं अपनी कोमल दीदी की चुदाई कर रहा हूँ. लेकिन अभी तक किसी को भी कोई भनक नही लगी है.
दोस्तों आप ये Ghar Me Chudai Story हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है। अगर आपको दोस्तों मेरी ये Didi ki chudai ki kahani कहानी पसंद आई है तो आप कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव साँझा कर सकते है। मिलता हूँ आपसे मेरी एक और नई कहानी के साथ।