Hindu Muslim Sex Story – खालिद ने अपने दमदार लंड से खोली मेरी सील
नमस्कार दोस्तों! आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com पर. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर मीरा जी द्वारा भेजी गयी Hindu Muslim Sex Story लेकर. दोस्तों मेरी यह एक सच्ची घटना है जिसमे मेरे छोटे भाई सुनील के जिगरी दोस्त खालिद ने मुझे पटाकर पहली बार चुदाई करने का मजा चखाया है.
दोस्तों मेरा नाम मीरा है और मैं अभी अपनी कॉलेज की पढाई कर रही हूँ. फ़िलहाल मेरी उम्र 24 बरस की हो गयी है. मेरा रंग गेंहुआ और मेरी हाइट 5.6 फिट है. तथा मैं एक स्लिम तथा मेरी शक्ल एकदम अनुष्का शर्मा जैसी लगती है. कॉलेज में भी कई लडके मेरे पर लटू हुए फिरते है. लेकिन मैंने कभी उन्हें भाव नही दिया. फिर मुझे जब से खालिद का लंड मिला तब समझ में आया की जीवन में चुदाई कितनी जरूरी है.
इसलिए दोस्तों हुआ ये की, मेरा भाई सुनील और खालिद हमेशा एक दुसरे के घर पर आते जाते रहते थे. इसलिए मैं भी कभी-कभी खालिद से भाई कहकर बातें कर लिया करती थी. क्योंकि खालिद भी एक मासूम सा लड़का दीखता था. लेकिन मुझे क्या पता था की ये एक दिन मेरी चूत मारेगा. इसलिए दोस्तों मैं जब भी वो घर पर आता था तो उसे चाय नाश्ता देने जाती थी.
हालाँकि मेरी मम्मी मेरे को घर में आए महमानों से ज्यादा मुह नही लगने को बोला करती थी. लेकिन दोस्तों खालिद एक मासूम सा लड़का था इसलिए मैंने उसे अपना छोटा भाई समझकर उससे बातें करनी जारी रखी. क्योंकि अभी खालिद की उम्र सुनील के बराबर 17 बरस की ही थी. इसलिए मैंने सोचा की अभी ये कुछ जानता भी नही होगा.
फिर दोस्तों एक दिन मेरे फोन में कोई गडबडी हो गयी थी. और घर पर खालिद आया हुआ था तथा हुआ ये था की मेरे फोन पर किसी का कॉल नही आ रहा था. इसलिए चेक करने के लिए मेने खालिद को अपने नम्बर देकर मेरे फोन पर कॉल करने के लिए बोला. हालाँकि फिर पता चला की ये कोई नेटवर्क प्रॉब्लम थी. इसलिए बाद में कॉल आना शुरू हो चुके थे.
इसके बाद दोस्तों ये रात का समय था और करीब 9 बजे थे. मेने अपना whatsapp खोला तो देखा की खालिद ने मेरे नम्बर अपने मोबाइल में सेव कर लिए है. और अब मुझे whatsapp पर खालिद के स्टेटस दिखाई देने लगे थे. जिसके बाद मैंने उसके स्टेटस देखा तो उसने प्यार भरें रोमांटिक स्टेटस लगा रखे थे.
इसलिए मेरे से रहा नही गया और मैंने खालिद को whatsapp स्टेटस पर रिप्लाई कर दिया- कब से हो गया तुमको प्यार?
अचानक खालिद का रिप्लाई आता है- जब से तुमको देखा है तभी से हाहाहा.
मैंने लिखा- अच्छा मेरे को देखकर तुमको कब प्यार हो गया पागल?
खालिद बोला- पता नही लेकिन देखकर कुछ-कुछ तो होता है, भगवान् ने बड़ी फुर्सत से बनाया है आपको मीरा दीदी.
मैंने लिखा- दीदी भी बोलते हो और प्यार भी करते हो?
खालिद- इसमें क्या है प्यार किसी से भी हो सकता है.
मैं- चलो सो जाओ अब कल करेंगे आगे की नौटंकी.
खालिद- नही मीरा आज ही करो बहुत मूड है मेरा.
मैं- अभी मारूंगी एक, चुपचाप सो जाओ.
खालिद- चलो ठीक है आपकी मर्जी है बाकी आपको थोड़ा रोमांटिक होना चाहिए मीरा.
मैं- अब तू सिखाएगा मेरे को?
खालिद- सिखाऊंगा तो नही लेकिन मजा तो दे ही सकता हूँ.
मैं- चल दे फिर मजा मैं भी तो देखू कैसे देता है मजा.
खालिद- आपको बुरा तो नही लगेगा ना? पहले प्रोमिस करो.
मैं- सोचती हूँ, पहले करो तो कही देखे मजे देने वाली बातें.
खालिद- आपको अपनी अम्मी की कसम है सुनील को मत बता देना.
मैं- ठीक है बाबा. और साथ मैंने मैंने एक लव वाला इमोजी भेजा.
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इतना भेजते ही अब खालिद ने मेरे से रोमांटिक बातें शुरू कर दी. और दोस्तों उस रात करीब 2 बजे तक हम चैट करते रहे तथा खालिद इस दौरान मेरे को अपनी बातों से ही 4 बार झाड चूका था. हालाँकि हमने अभी तक किसी को अपनी कोई प्राइवेट चीज की फोटो नही भेजी थी. लेकिन दोस्तों अब मेरा खालिद का लंड देखने का मन हो रहा था.
इसलिए मैंने खालिद से उसके लंड की फोटो भेजने को कहा तो तुरंत खालिद ने अपने 7 इंच लम्बे और 3 इंच मोटे लंड की फोटो मुझे भेज दी. और दोस्तों मैंने देखा की अभी तक उसका लंड एकदम सख्त हो रहा है. मुझे लगा की शायद वो अब डिस्चार्ज हो चूका होगा. लेकिन नही खालिद का लंड एकदम सख्त हुआ दिखाई दे रहा था.
इसके बाद जब से मैंने खालिद का लंड देखा तब से मेरे तो मन में उसका लंड अपनी चूत में घुसाने का मन हो गया था. तब खालिद बोला- कल आ रहा हु घर चिंता मत करो मीरा. आई लव यू…
फिर मैंने भी खालिद को आई लव यू टू बोला और हम सो गये.
दुसरे दिन जब किस्मत से खालिद हमारे घर आया तब मम्मी और सुनील किसी काम से घर से बाहर गये हुए थे. और मुझे जिस घड़ी का इन्तजार था आखिरकार वो जल्दी ही आ गयी थी. इसलिए खालिद ने पूछा- वो लोग कहाँ है?
मैं बोली- वो किसी जरूरी काम से बाहर गये हुए है शाम तक लौटेंगे.
इतना कहते ही खालिद ने अचानक मेरा चेहरा पकड़ा और मुझे किस करने लगा. तथा मेरे से बोला- जाओ घर का मेन गेट बंद करके आ जाओ.
मैं दौड़ी-दौड़ी गयी और घर का मेन गेट बंद करके वापस लौटी. फिर से खालिद ने मेरे को हॉल में ही अपनी बाहों में लेकर किस करना शुरू कर दिया. और मेरे को भी इस दौरान बहुत मजा आ रहा था. पहले तो मुझे कुछ अजीब सा लगा इसके बाद मैं भी मजे में उसके होंठ चूसने लगी. फिर खालिद ने मेरी जींस का बटन खोल दिया और अपनी उंगलियाँ मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी चूत पर फेरने लगा. और ऊपर से वो मेरे बूब्स दबा रहा था और मेरे होंठ चूस रहा था. मेरी चूत अब गीली होने लगी थी, मेरी पैंटी भीग चुकी थी.
इस दौरान मैं कुछ ही देर मैं पूरी तरह गर्म हो चुकी थी. चूमते-चूमते खालिद ने मेरा टॉप उतार दिया, फिर मेरी जींस भी उतार दी. मुझे नीली ब्रा और काली पैंटी में देखकर उसकी आँखें चमक उठीं. वो बोला- यार कितनी हॉट हो तुम मीरा, मेरे से तो बिलकुल नही रहा जा रहा है.
इतना कहते ही अब वो मेरे बदन के चारों ओर अपने हाथ और जीभ घुमा रहा था. जैसे कोई अनुभवी लड़का कर रहा हो ठीक वैसे ही. तो मैंने बोला- यार खालिद तुम तो इस मामले में कोई खिलाड़ी लगते हो, सच बताओ तुमने किसी के साथ किया है पहले?
खालिद- हाँ, मैंने मेरी चाचा की लड़की जोया को बहुत बार अपने लंड से चुदाई की है.
मैं- इतनी सी उम्र में?
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खालिद- चुदाई में उम्र थोड़ी देखि जाती है पागल. अभी तुम भी तो मेरे से 6 बरस बड़ी हो लेकिन चुदोगी तो मेरे से ही ना.
मैं- हाँ ये बात तो है.
इतना कहकर अब उसने मुझे अपनी गोद में उठाया और बेडरूम में ले जाकर बेड पर बिठा दिया. फिर उसने मेरे सामने अपने सारे कपड़े उतार दिए. अब वो सिर्फ अंडरवियर में था. मेरे सामने आकर उसने अपना अंडरवियर भी उतार दिया. जैसे ही अंडरवियर नीचे हुआ, उसका 7 इंच लंबा और मोटा लंड मेरी आँखों के सामने आ गया. उसका लंड देखकर मेरी आँखें चमक उठीं. मुझे उसका लंड इतना अच्छा लगा कि मेरा मन उसे चूसने का करने लगा.
खालिद ने अपना लंड मेरे होंठों पर लगाया और बोला, “चलो मीरा, अब इसे चूसो.” आपको बताऊ दोस्तों खालिद का लंड इतना मस्त था कि मेरा मुँह अपने आप खुल गया. मैंने उसका लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगी. वो मेरा सिर पकड़कर अपने लंड को मेरे मुँह में अंदर-बाहर करने लगा. और मैं मजे में उसका लंड चूस रही थी. करीब 15 मिनट तक मैंने उसका लंड चूसा. फिर खालिद ने अपना लंड मेरे मुँह से निकाला और मुझे बेड पर लिटा दिया.
अब खालिद मेरे ऊपर आ गया और मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे बूब्स चूसने लगा. उसने अपने हाथ मेरे पीछे किए और मेरी ब्रा के हुक खोल दिए. मेरे बूब्स बाहर आ गए. खालिद पागलों की तरह मेरे बूब्स पर टूट पड़ा. वो मेरे बूब्स को जोर-जोर से मसलने और चूसने लगा. मेरे मुँह से मस्ती भरी आवाजें निकलने लगीं, “आह्ह… ऊऊह्ह… खालिद… आह्ह…आह…… आह…. बहुत मजा आ रहा है……खालिद….. ऐसे ही चूसते रहो….. आह…..आह….आह.”
और मैंने लगातार सिसकरिया लेती जा रही थी. और खालिद मेरे बूब्स को लगातार चूस रहा था और साथ ही मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी चूत को मसल रहा था. मैं और ज्यादा मस्त हो गई और जोर-जोर से सिसकियाँ लेने लगी, “आह्ह… ऊऊह्ह… खालिद… और करो… बहुत मजा आ रहा है”.
इतना सुनते ही खालिद नीचे गया और मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को चूसने लगा. फिर उसने धीरे से मेरी पैंटी उतार दी और मेरी चूत को पागलों की तरह चाटने लगा. इस दौरान खालिद की जीभ मेरी चूत के अंदर तक जा रही थी. उसके दोनों हाथ मेरे बूब्स मसल रहे थे. मैं पूरी तरह पागल हो रही थी. उसका ये अंदाज देखकर मेरी चूत गीली हो चुकी थी, और मैं सिसक रही थी, “आह्ह… खालिद… ऊऊह्ह… और चाटो… आह्ह…आह…. मत तडपाओ मेरी जान”.
और अब मैं उसका सर पकड़कर उसके बालों में हाथ फिरा रही थी. क्योंकि उसके चूत चाटने का अंदाज मेरे को बहुत भा रहा था. इसलिए मैंने कहा- खालिद अब और मत तडपाओ प्लीज डाल दो मेरे अंदर अपना हथियार. मुझसे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था. मुझे उसका लंड चाहिए था.
खालिद ने मेरी बात सुनते ही अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ना शुरू किया. मैं और ज्यादा मचलने लगी. अचानक उसने जोर का धक्का मारा और अपना आधा लंड मेरी चूत में उतार दिया. मेरे मुँह से जोर की चीख निकली, “आह्ह्ह… खालिद… निकालो… बहुत दर्द हो रहा है… आह…. आः.आह…..आह….”.
खालिद मेरे ऊपर लेट गया और मेरे होंठ चूसते हुए बोला, “बस 2 मिनट रुक जा, दर्द ठीक हो जाएगा।” वो मेरे बूब्स मसल रहा था। थोड़ी देर बाद मैं शांत हुई, तो उसने एक और जोरदार धक्का मारा और अपना पूरा लंड मेरी चूत में उतार दिया। मैं फिर से चिल्लाने लगी, “आह्ह्ह… खालिद… प्लीज… धीरे… मेरी जान प्लीज”.
पर इस बार खालिद ने मेरी एक न सुनी. वो मुझे जोर-जोर से चोदने लगा. इस दौरान “फच-फच” की आवाजें कमरे में गूँज रही थीं. करीब 5 मिनट बाद मेरा दर्द मस्ती में बदल गया. मैं अब सिसकियाँ ले रही थी, “आह्ह… खालिद… और जोर से… चोदो मुझे… ऊऊह्ह…ऊऊउ….. बहुत मजा आ रहा है”.
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खालिद की सॉलिड चुदाई के कुछ ही देर बाद मेरा पूरा शरीर अकड़ गया, और मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया. खालिद ने भी अपना लंड बाहर निकाला और मेरा पानी मेरे नंगे बदन पर आह….आह….आह… करके गिरा दिया.
इस दौरान मेरे को बहुत मजा आया और फिर खालिद बोला- कैसा लगा मीरा?
मैं- जैसा फोन पर बोला था ठीक वैसा ही, बहुत मजा आया यार खालिद कहाँ से सीखी तुमने ऐसी चुदाई. मैंने कभी उम्मीद नही की थी की तुम ऐसे भी चोदोगे मेरे को.
खालिद- अभी कहाँ हुई है चुदाई अब होगी.
मैं- कैसे?
खालिद- अभी तेरे को घोड़ी बनाकर चोदना तो बाकि ही है.
मैं- अच्छा, चलो ये मनोकामना भी कर ही लो फिर पूरी.
इसके बाद मैं बाथरूम गयी और अपनी चूत को धोकर वापस चली आई. और फिर से खालिद ने अपने लंड को मेरे मुह में डाल दिया. और अब वो मेरे कूल्हों पर अपने हल्के-हल्के हाथ मसल रहा था. उसका ये अंदाज मेरे को फिर से बहुत भा रहा था. और आज मेरी घोड़ी बनकर चुदने वाली इच्छा भी पूरी होने वाली थी.
क्योंकि मैंने गंदी फिल्मों में अक्सर देखती हूँ लड़का लड़की को घोड़ी बनाकर जैसे चोदता है वैसे ही मेरा भी मन ठीक ऐसा करने को होता है. इसलिए अब ये मनोकामना पूरी होने वाली थी. इसलिए अब मैं खालिद के लंड को करीब 10 मैं आइसक्रीम की तरह चूमी तब जाकर उसका लंड फिर से सख्त हो गया.
और अब वह उठकर मेरे को घोड़ी बना दिया और पीछे से मेरी चूत को चाटने के लिए लग गया. और फिर से में आह…आह…आह…आह…आह….आह…आह…आह…. करने लग गयी. क्योंकि उसका चूत चाटने का अंदाज बहुत निराला था. इसलिए अब मेरी चूत फिर से गीली होने लग गयी थी.
और अब मेरे से बिलकुल भी रहा नही जा रहा था. इसलिए अब मैंने कहा- खालिद तडपाओ मत प्लीज अपना लंड मेरे अंदर डाल दो.
इतना सुनते ही अब खालिद ने पीछे से अपने लंड की टोपी को मेरी चूत के ऊपर रगड़ना शुरू कर डाला. और मैं फिर से उसके लंड की रगड़ को महसूस करके आह…आह…आह…आह… करने लगी थी.
मेरी तडप देखकर खालिद अब पीछे मेरी टाँगों के बीच आकर मुझे जोर-जोर से चोदने लगा. “फच-फच… थप-थप…” की आवाजें गूँज रही थीं. मैं सिसक रही थी, “आह्ह… खालिद… और जोर से… चोदो मेरी चूत को… ऊऊह्ह… आह…. अह….आह…. बहुत मजा आ रहा है”.
और जैसी मेरी इच्छा थी ठीक वैसे ही अब खालिद मेरे पीछे से जोर-जोर से झटके दे रहा था. करीब आधे घंटे तक मेरे को नॉनस्टॉप चोदने के बाद अब खालिद ने बोला- मीरा मेरा निकलने वाला है, कहाँ निकालू?
मैं- प्लीज मेरे अंदर ही निकलना और गहराई तक अपने लंड को लेकर जाना, मैं दवा ले लुंगी.
इतना सुनते ही खालिद ने अंत में अपने लंड के झटके तेज करके अपने लंड के पानी को मेरी चूत में ही निकाल दिया. और उसके वीर्य की गर्मी को मेरी चूत ने जैसे ही महसूस किया मुझे बहुत मजा आया. और मैं फिर से आह….आह….आह…. आई लव यू खालिद….. मेरी जान ……. प्लीज मुझे हमेशा ऐसे चोदना कह रही थी.
खालिद बोला- चिंता मत करो मेरी जान, आज से तुम मेरी और मैं तुम्हारा हूँ.
इसके बाद अब सुनील और मम्मी का वापस घर आने का समय हो चला था. इसलिए हम दोनों ने कपड़े पहने और जब तक वो घर नही आये एक दुसरे को लिप्स किस करते रहे. और खूब मजे लेते रहे. फिर इसके बाद खालिद और मैं जब भी हमारा मन होता है हम होटल या खालिद के दोस्त के रूम पर जाकर जमकर चुदाई का मजा लेते है.
और ये सिलसिला पीछे 1 बरस से लगातार चल रहा है. लेकिन थैंक गोड अभी तक सुनील को भनक तक नही पड़ी है. आलम आज ये है की मेरे से खालिद के लंड के बिना मन नही लगता है. क्योंकि खालिद का लंड है ही एक दमदार चीज. अगर आप भी कोई लड़की खालिद के लंड को अपनी चूत में डलवा लो तो किसी का भी लंड भूल सकती हो.
दोस्तों ये Hindu Muslim Sex Story आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Hindu Muslim Sex Kahani बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.