Mama Bhanji Sex Story – रोमांटिक फिल्म दिखाकर पेल दिया मामाजी ने
सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार, मित्रों मेरा नाम रजनी है और मेरी उम्र अभी 23 बरस की है. आज के इस Ghar Me Chudai Story के एपिसोड के अंदर मैं आपको मेरी सच्ची कहानी (Mama Bhanji Sex Story) के बारें में बताऊंगी. मेरी इस Mama bhanji ki chudai ki kahani के अंदर मेरे सबसे छोटे मामा ने मेरे को रोमांटिक फिल्म का दृश्य दिखाकर ऐसी चुदाई की थी की मैं आज भी मेरे अनिल मामा की दीवानी हूँ.
सबसे पहले आपको मैं अपने बारें में बताऊ तो दोस्तों मैं बिहार के दरभंगा जिले की रहने वाली हूँ. और मेरे मामा का घर हमसे 20 किलोमीटर की दुरी पर है. जहाँ मैं उनकी एक एकलौती भांजी हूँ इसलिए वो मेरे को अपने घर बुलाते रहते है. और मेरे आपको बताऊ दोस्तों मेरे कुल 3 मामा है. तथा मेरी सभी मामा से बहुत अच्छी बनती है.
मेरे बड़े 2 मामा की शादी हो चुकी है लेकिन अभी तक सरकारी नौकरी के चक्कर में अनिल मामा की शादी नही हुई है. इसलिए वह अभी तक कुंवारे ही है. अभी मामा के घर पर 2 मामियां 3 मामा और नानी ही रहती है. तथा समय-समय पर जब मेरी कॉलेज की छुट्टियाँ होती है तो मैं जाकर आ जाती हूँ. क्योंकि मैं भी अभी अपनी पढाई में काफी व्यस्त हूँ. फ़िलहाल आपको सच बताऊ तो मैं भी सरकारी नौकरी की ही तैयारी कर रही हूँ.
इसलिए मैं जब भी उनके घर जाती हूँ तो अनिल मामा के पास ही ज्यादा समय बिताती हूँ. और अपनी पढाई से रिलेटेड हम दोनों अपने डाउट क्लियर करते है. इसलिए मेरे को अनिल मामा कुछ ज्यादा ही अच्छे लगते है. दोस्तों अब अपनी mama bhanji ki chudai कहानी की शुरुआत करते है.
दरअसल हुआ ये की एक दिन मैं और अनिल मामा शाम के समय में खाना खाकर पढाई करने के लिए बैठे ही थे की दूरदर्शन पर एक नई फिल्म आने वाली थी. इसलिए हम उसके चक्कर में लग गये. और फिर अपनी पढाई छोड़कर दोनों ही उस बॉलीवुड मूवी को देखने के लिए बैठ गये. जिसमे दोस्तों काफी रोमांटिक सीन नजर आ रहे थे.
ऐसा लग रहा था की जैसे कोई गंदी फिल्म चल रही हो. इसलिए पहले-पहले तो हम दोनों ही ऐसे सीन आते थे तब अपनी नजर नीची कर लेते थे. लेकिन अब कुछ देर बाद हमारे लिए ये सब नार्मल हो चूका था. फिर दोस्तों हीरो और हेरोइन दोनों लिप्स किस करते है. जिसमे हम दोनों ही जब वो ऐसा करने लगते थे तो एक दुसरे की तरफ देखने लग जाते थे.
और आपको बताऊ तो इस दौरान हम कमरे में केवल मामा और भांजी ही मौजूद थे. क्योंकि ये हमारा डेली का काम था हम अकेले में पढाई करते थे. इसलिए अब कोई घरवाला भी हमारे पास नही आता था. और घरवाले भी इस बात से अनजान थे की ये दोनों अभी पढाई नही कोई फिल्म देख रहे है. इसलिए अब फिल्म आगे बढती गयी और उसमे धीरे-धीरे बोल्ड सीन आने लग गये.
और ये सब देखकर हम दोनों ही बैचेन होने लग गये. और आपको सच बताऊ तो दोस्तों मेरा इस दौरान काफी रोमांटिक मूड बन चूका था. क्योंकि मुझे फिल्म देखते अभी 1.30 घंटा हो चूका था. अब आपको तो पता ही एक ही नजर से ऐसे सीन देखें तो किसी भी नार्मल इन्सान का मूड बनना स्वभाविक है. इसलिए अब मैंने मामा को बोला की आप मेरे को आपके वाला तकिया दे दो. ताकि मैं सर को सहारा देकर लेटकर फिल्म को देख लू.
लेकिन मामा ने तकिया देने से इंकार कर दिया. और बोले की तकिया एक ही है. अगर तेरे को फिल्म देखनी है तो मेरे जांघ पर अपना सर रखकर तकिया समझ कर देख ले. इतना सुनते ही दोस्तों मैं समझ गयी थी की, मामा भी शायद मूड में है. क्योंकि मैं भी दिखने में एक ऐसी बला हूँ की कोई भी मेरे को चोदने के सपने ले सकता है.
और मुझे तो लगता है की मेरे घर के मौहले में मेरे को याद करके आधे लडके अपना लंड हिलाते है. क्योंकि जब भी मैं वहां से निकलती हूँ तो कई लड़कों ने तो मेरे को प्रपोज भी किया था. लेकिन मैंने किसी का प्रपोजल एक्सेप्ट नही किया. इसलिए अब मेरे को लगा की शायद मैं मामा को भा गयी हूँ. और इसलिए वह अपनी जांघ पर मेरा सर रखने को बोल रहे है.
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इसके बाद दोस्तों मैं भी काफी मूड में थी. और मैंने ज्यादा देर न करते हुए अनिल मामा की जांघ पर अपना सर रखकर लेटकर फिर से आराम से फिल्म देखने के लिए लग गयी. इस दौरान अब फिल्म में बोल्ड सीन कुछ ज्यादा ही बोल्ड होने लग गये और मानों की कोई गंदी फिल्म चल रही हो. उसमे चुदाई तक का सीन दिखने लग गये.
इतना सब देखकर मेरा मामू पागल होता जा रहा था. और वह इस दौरान मेरे को बिना पूछे ही मेरे चिकने गालों पर अपना हाथ फिरा रहा था. और मेरे को उसके हाथ फिराने का अंदाज इतना भा रहा था की पूछो मत. इसलिए मैंने मामू का कोई विरोध नही किया. और फिर कुछ देर बाद अब जैसे ही फिर किस करने का सीन आया तो मामू ने अपनी गर्दन निचे की और मेरे गालों पर किस कर डाली.
और जैसे ही अनिल मामा ने मेरे को किस की तो दोस्तों मेरे अंदर तो मानों कोई बिजली सी दौड़ पड़ी. क्योंकि मुझे उनके किस करने का अंदाज इतना अच्छा लगा की पूछो मत. इसलिए मेरे से रहा नही गया और मैंने अनिल मामा से बोला- मामू आपको बुरा न लगे तो हम ऐसे किस कर सकते है जैसे वो हीरो हेरोइन कर रहे है?
मामू- नही पागल, वो फिल्म है और हम रियल में मामा-भांजी है.
मैं- लेकिन मामू आपका किस मेरे अंदर कुछ हलचल कर गया है. इसलिए प्लीज मेरे को भी किस करना है आपको.
मामू- ठीक है तुम भी कर लो.
इतना सुनते ही दोस्तों मैंने बैठकर अनिल मामा के सर को पकड़कर सीधा उनके होठों से होठ लगा दिए. और करीब 2 मिनट तक लगातार उनके होठों को चूमती रही. मैं इस दौरान चुदाई के लिए बहुत पागल हो चुकी थी. क्योंकि मैंने पहले कभी इतनी हॉट मूवी नही देखि थी. इसलिए मेरे अंदर गर्मी बढती जा रही थी.
और अनिल मामा भी कोई दूध के धुले नही थे. उन्होंने भी उम्र पा रखी थी और मुझे पूरा यकीन था की उनके फ़िलहाल 2-3 गर्लफ्रेंड तो होगी ही होगी. क्योंकि वो आए दिन कुछ न कुछ फैशन लगाते रहते थे. इसलिए मेरे मूड को उन्होंने अच्छे से भांप लिया. और बोले- रजनी यार ये गलत है, मैं तुम्हारा मामा हूँ. प्लीज लिप्स किस नही.
मैं बोली- मामू आपने मेरे को ऐसी फिल्म क्यों दिखाई? अगर दिखाई है तो मेरा मन है वो मेरे को करने दो.
मामा बोले- ठीक है लेकिन पहले जाओ और कुण्डी लगाकर आओ कमरे की.
और इतना सुनते ही दोस्तों मैं दौड़ी-दौड़ी जाकर जल्दी से कुण्डी लगाकर मामू की बाहों में आग गयी. और अब मामू बोले- ध्यान रखना लेकिन किसी को पता नही चलना चाहिए बाहर की हम कमरे में क्या कर रहे थे.
मैं बोली- ठीक है मामू, पक्का प्रोमिस, आप चिंता मत करो.
इतना कहते ही मामू अब मेरे को बाँहों में लेकर किस किए जा रहे थे. और साथ में मेरी टी-शर्ट के ऊपर से बूब्स भी दबाये जा रहे थे अपने हल्के-हल्के हाथों से. और मेरे को उनकी ये हरकत इतनी अच्छी लग रही थी, मेरा मन अब जल्दी से चुदने को होता जा रहा था.
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क्योंकि इस दौरान मैंने नोटिस किया की मेरी पेंटी पर कुछ गीला-गीला सा महसूस हो रहा था. और शायद इसलिए था क्योंकि मैं चुदाई के लिए उत्सुक हो चुकी थी. और मेरा मन कर रहा था की मैं मामू से अपनी चूत में जल्दी से उनका लंड डलवा लू. लेकिन मामू चुदाई के मामले में मंझे हुए खिलाड़ी थे उन्होंने कोई देर न करते हुए करीब 10 मिनट तक मेरे को लिप्स किस किया और मेरे चुचे को दबाया.
अब मामू बोले- तू एक काम काम कर अब अपने कपड़े निकाल दे.
और फिर मैंने इतना सुनते ही धीरे-धीरे पहले टी-शर्ट और फिर बाद मैंने अपना लोअर निकाल फेंका. और फिर मैं उनके सामने केवल भूरे रंग की पेंटी में ही नजर आ रही थी. मेरी पेंटी के ऊपर लगा पानी देखकर मामू बोले- रजनी तुम तो अभी से ही झड़ चुकी हो.
मैं बोली- आपके प्यार करने का कमाल है मामू.
इतना सुनते ही मामू ने मेरे को लिटा दिया और फिर मेरी कमर को उठाकर मेरी पेंटी उतारने के लिए लग गये. और फिर धीरे-धीरे करके मेरी चूत के दर्शन कर डाले. फिर बोले- यार रजनी तुम्हारी चूत कितनी चिकनी और गुलाबी है. लगता है अभी इसमें कोई लौडा नही गया है.
मैं बोली- लौड़ा तो नही गया मामू लेकिन मैं कभी-कभी ऊँगली जरूर कर लेती हूँ.
इतना सुनते ही मामू ने मेरी चूत की पंखुड़ियों को फैलाकर देखा और बोले- तभी ये कुछ चौड़ी हो रखी है.
मैं बोली- हाँ लेकिन मामू आज मैं असली लंड का मजा लेना चाहती हूँ.
इतना कहते ही मामू अब मेरी चूत पर अपने मुह रख दिए. और फिर मेरी चूत के दाने को ऊपर से चाटना शुरू कर दिए. कुछ देर मेरी चूत चाटने के बाद उनके हाथ मेरे बदन की मालिश करने लगे.
अब मैं मामा से लिपट पड़ी…उनकी कमीज़ और दूसरे कपड़े उतार फ़ेंके. उनका बदन एकदम चिकना था… कोई बाल नहीं थे… गोरा बदन… लम्बा और मोटा लण्ड झूलता हुआ. सुपाड़ा खुला हुआ …लाल मोटा और चिकना.
अब मैंने ज्यादा देर न करते हुए मामा का लण्ड पकड़ लिया और दबाना शुरू कर दिया. मामा के मुह से सिसकारी निकलने लगी. “आह… रजनी ….. ऐसे न करो वरना ये बाहर ही पानी फेंक देगा. अभी तेरी चूत कैसे चुदेगी फिर….आह…आह…आह….
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मैंने एक न सुनी और तुरंत मामा का लंड अपनी मुह में ले लिया और उसे आइसक्रीम की तरह अपने मुह में घुसाने के लिए लग गयी. और मेरे को मामा के लंड का नमकीन स्वाद इतना अच्छा लग रहा था. की बस अब तो इसे चूसती ही रहूँ.
लेकिन फिर मामू ने अपने लंड को मेरे मूह से निकाला और वह बिस्तर पर सीधे लेट गये उनका लण्ड खड़ा हो चुका था… मेरे से रहा नहीं गया… मैं उनके ऊपर बैठ गई और चूत के द्वार पर लण्ड रख दिया. मैंने जोश में जोर लगा कर सुपाड़ा को अन्दर लेने की कोशिश करने लगी… पर लण्ड बार बार इधर उधर मुड़ जाता था.
लेकिन फिर मैंने थोड़ा सा मामा के लंड को मूठ मारी और फिर से चिकना करके अपनी चूत में एकदम से लिया और वो मेरी चिकनी चूत को चीरता हुआ एकदम से अंदर घुस गया. और मैं एकदम से चिल्लाई…. आह…. आह….आह… ये मैंने क्या कर दिया….. मामा ….. मुझे दर्द हो रहा है….. आह….आह…. आह.
मामा बोले- धीरे-धीरे अंदर लो रजनी एकदम से मत घुसाओ.
फिर मैंने लंड को बाहर निकाला और फिर धीरे-धीरे अंदर लेने के लिए लग गयी. और अब मेरे को कुछ बेहतर फील हुआ और अब मैं साथ में फिल्म देखते हुए मामू के ऊपर चढ़कर आगे पीछे होने लग गयी. और साथ में उनका सर पकड़कर उनके होठों से अपने होठ लगा दिए.
हमारे किस करने की वजह से मेरी पहली बार की चुदाई और मस्त होती जा रही थी. इसलिए करीब 10 मिनट तक मैं लगातार मामू के ऊपर चढ़कर आगे – पीछे होने के बाद उनका लंड झड़ गया. और वो अब आह…आह…आह…रजनी आई लव यू… तुम कितनी प्यारी हो….. तुम्हारे चुदवाने का अंदाज भी बहुत निराला है…. मेरे को बहुत मजा आया है.
इसके बाद पास में पड़ा एक टोवल उठाया और मैं उठी तथा पहले मैंने अपनी चूत के पानी को पोंछा इसके बाद मामू के लंड को पोंछकर हम फिर से अपनी चुदाई का अनुभव सांझा करने में लग गये. और मेरे को उनकी सेक्सी बातें इतनी अच्छी लग रही थी की, मेरा फिर से चुदने का मन हो चला था. इसलिए इस बार मैंने मामू को बिना कुछ बोले ही उनका लंड अपने मुह में ले लिया.
और करीब 10 मिनट तक मुह में आगे पीछे करके मामू के लंड को फिर से जवान बना दिया. और अब मामा बोले- रजनी इस बार तुम घोड़ी बनो और मेरे चोदने का अंदाज देखकर बताना की मैं कैसी चुदाई करता हूँ.
इतना सुनते ही मैं कुतिया की तरह पोजीशन ले ली. और पीछे से मेरे अनिल मामा ने मेरी चूत को फिर से चाटकर उसका पानी निकालना शुरू कर दिया. और जब उन्हें लगा की अब मैं फिर से काफी चुदाई के लिए उत्सुक हो चुकी हूं तब उन्होंने एकदम से अपने 8 इंच के काले लंड को मेरी गुलाबी चूत में पीछे से अंदर द्खेल दिया.
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और मेरे को उनका लंड पीछे से अंदर जाते ही. बहुत गजब लगा और मैंने कहा- ऐसे ही मामू….. प्लीज अपने लंड को अब बाहर मत निकालना …. ऐसे ही मेरी चूत में आगे पीछे करते रहो.
इतना सुनते ही अनिल मामा ने मेरे को पीछे से कुतिया बनाकर धीरे-धीरे धक्के देने शुरू कर दिए. और उनके हर धक्के में मेरी आह… आह… निकल रही थी. क्योंकि उनका लंड 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा था. इसलिए हर किसी की आह निकलनी लाजमी है. इसलिए उनके 20 झटकों से ही मैं एक बार फिर से झड़ गयी.
लेकिन जैसा की मैंने आपको बताया मामा चुदाई के मामले में एक मंझे हुए खिलाड़ी थे इसलिए उन्होंने अपने झटके बरक़रार रखे और फिर मेरे को लगातार नॉनस्टॉप तरीके से जोर-जोर से करीब 20 मिनट तक झटके देने के बाद अपना माल मेरी चूत में ही मेरी कमर को पकड़कर अंदर तक धकेल दिया. और मैं इस दौरान आह…आह…आह…आह…इ….ईईइ….आह… मामू करती-करती रह गयी.
उनका पीछे से लास्ट में लंड जाना आज भी मेरे को जब याद आता है तो मेरे अंदर खलबली मच जाती है. इसके बाद दोस्तों हम फिर से लेट गये और फिर से रोमांटिक बातें करने में लग गये. क्योंकि मुझे नंगा देखकर अब मामू का मन नही भर रहा था. इसलिए उन्होंने उस रात मेरे को कुल 6 बार जमकर चोदा (mama ne bhanji ko choda) था.
इसके बाद से तो मानों हमारे लिए चुदाई नार्मल सी हो गयी है. क्योंकि मेरे अनिल मामा अब मेरे को सप्ताह में एक बार तो चोद ही लेते है. चाहे अपने घर बुलाकर चोदो चाहे वह मेरे घर पर आकर चोदो लेकिन हम दोनों मामा-भांजी अब चुदाई का भरपूर मजा लेते है. और गनीमत ये है की, आजतक हमारे रिश्ते के बारें में किसी को भनक तक नही लगी है. इसलिए हम दोनों ख़ुशी से चुदाई का आनंद लेते है.
दोस्तों आप ये Mama Bhanji Sex Kahani हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. अगर आपको दोस्तों मेरी ये Mama ne bhanji ko choda कहानी पसंद आई है तो आप कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव साँझा कर सकते है. मिलती हूँ आपसे मेरी एक और Ghar Me Chudai Story के साथ.