Chachi Ke Sath XXX – चाची को बाथरूम में नंगी देख डोला भतीजे का मन
नमस्कार दोस्तों! आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com पर. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर नीरज जी द्वारा भेजी गयी Chachi Ke Sath XXX कहानी लेकर. दोस्तों मेरी यह Chachi Bhatija Sex Story एक सच्ची घटना है जिसमे मैंने अपनी सगी चाची को बाथरूम में असली जवान लंड का मजा दिया है.
दोस्तों मेरी चाची का नाम संगीता चाची है. और उनकी उम्र अभी 34 बरस की होने को आई. वहीँ मेरे चाचाजी की उम्र अभी 40 बरस की है. हालाँकि वो भी चुदाई में है तो एक्सपर्ट आदमी लेकिन पापी पेट के कारण अक्सर वह घर से बाहर ही रहते है. और इसी तन्हाई के चलते अब चाची ने अपनी चूत की प्यास बाहर से बुझ्वाना शुरू कर दी थी. जिसका मेरे को पता चला तब मेरे तो मानों पैरों तले जमीन ही खिसक गयी थी.
खैर में आपको अपने बारें में बताऊ तो दोस्तों मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ. और हम एक छोटे से गाँव में रहते है. हमारे पापा लोग 2 भाई है जो अभी तक परिवार में संयुक्त रूप से रहते है. अभी मेरी उम्र 20 बरस की हो गयी है. और दिखने में एकदम हट्टा-कट्टा जवान लड़का हूँ. तथा मेरे लंड की साइज़ अभी से ही पूरी 7 इंच की है. जो की हर किसी की चूत की खुजली मिटाने के लिए काफी है.
चलो अब मैं आपको अपने संग हुई कहानी बताता हूँ, दरअसल दोस्तों हुआ यूँ की एक दिन सुबह 10 बजे का समय था. तब मेरी संगीता चाची नहाने के लिए बाथरूम में गयी हुई थी. और यह रविवार का दिन था इसलिए मेरी कॉलेज की छुट्टी होने के कारण मैं भी घर पर ही मौजूद था. तभी दोस्तों मैं पास के ही अटेच टॉयलेट में पेशाब करने के लिए चला गया.
और वहां गया तो मेरे को पता चला की मेरी चाची नहाने के दौरान किसी से बातें कर रही थी. हालाँकि मेरी चाची को इस बात का अंदाजा नही था की, बाहर भी उसकी आवाजें जा रही है. इसलिए मैंने देखा की आखिर चाची बात किससे कर रही है?
यह सवाल मेरे मन में खटक रहा था. इसलिए दोस्तों मैंने बाथरूम वाले कांच को निचे करके देखा तो संगीता चाची एक लडके से विडियो कॉल पर बातें कर रही थी. और वह लड़का इस दौरान अपना लंड हिल्ला कर दिखा रहा था. वहीँ संगीता चाची अपनी चूत में बहुत तेज-तेज ऊँगली किए जा रही थी. इसलिए दोस्तों जब से मेने ये सब देखा तो मेरे तो मानों होश उड़ गये.
और आपको सच बताऊ तो मैं इस दौरान कांपने लग गया. क्योंकि मैंने पहली बार संगीता चाची का नंगा बदन देखा था. जिसमे उसकी उभरी हुई गांड मेरे लंड को खड़ा करने के लिए काफी थी. और उसका गोरा बदन मेरे को उनके पास जाने के लिए मजबूर कर रहा था. हालाँकि आपको बता दूँ दोस्तों की इस दौरान घर में केवल मैंने और संगीता चाची ही मौजूद थे.
तो अब मेरे मन में विचार आया की संगीता चाची को इस लडके से पीछा छुड़ाकर अगर मेरा लंड दिया जाए तो घर की बात घर में ही रह जाएगी. और किसी बाहर वाले को पता भी नही चलेगा. क्योंकि मैं समझ चूका था मेरे मदन चाचा की गैरमौजूदगी में ही संगीता चाची ने अपना ये नुनु सा आशिक बनाया है.
फिर मैंने बाहर से ही बाथरूम का दरवाजा खटखटाया और बोला….चाची….चाची….चाची…. तभी चाची ने बोला- हाँ नीरज क्या काम है?
दोस्तों ये Chachi Ke Sath XXX कहानी आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है.
मैं- क्या कर रही हो?
चाची- नहा रही हूँ.
मैं- एक बार दरवाजा खोलो, मेरे को काम है आपसे? अब मैं दोस्तों एकदम खुल गया था क्योंकि मेरे को अब डर नही था किसी बात का. जब से चाची को विडियो कॉल पर नंगा देखा था ऊँगली करते हुए. तभी से मेरे लंड ने अपनी सख्ती पकड़ रखी थी और अब संगीता चाची की चूत की आग बुझाने के लिए बेताब हुआ जा रहा था.
चाची- अभी मैं नहा रही हूँ, बाद में आना.
मैं- नही चाची अभी काम है आपसे, खोलो तो सही एक बार.
इतना सुनते ही चाची ने अपना दरवाजा थोड़ा सा खोला और बोली- क्या काम है नीरज तेरे को इतना जरूरी?
मैं- अंदर आ सकता हूँ?
चाची- मैंने कपड़े नही पहन रखे है.
मैं- कोई बात नही चाची, आने दो मेरे को एक बार अंदर.
चाची- पागल हो गये क्या नीरज मैं एकदम नंगी हूँ अभी.
मैं- हाँ तो क्या हुआ आने तो दो एक बार फिर मैं जबरदस्ती बाथरूम में घुस जाता हूँ.
और इस दौरान संगीता चाची पास में रखा टॉवल लेकर अपने बदन को ढक लेती है. उसे नही पता था की मैंने पहले ही उसका ये सेक्सी बदन देख लिया है.
फिर दोस्तों मैंने सीधा ही बोला- आप किससे बातें कर रही थी?
चाची- वो मेरी बुआ की लड़की थी?
मैं- झूठ मत बोलो चाची.
चाची- कैसे?
मैं- मैंने सबकुछ देख लिया है आपको उस लफंगे के साथ विडियो कॉल करते. आप चुदाई के लिए इतनी बेताब रहती हो क्या?
चाची- सॉरी नीरज अपने चाचा को तो मत बता देना.
मैं- नही चाची बताऊंगा तो किसी को भी नही लेकिन ये सब गलत है ना? आपके घर में ही एक हट्टा-कट्टा जवान लड़का मौजूद है फिर भी आप बाहर का आशिक पाल रखी है. कम से कम मेरे को ही बता देती. मैं भी आपसे बहुत प्यार करता हूँ. और आप मेरे को सच पूछो तो बहुत पसंद हो मेरी चाची.
चाची- अच्छा, नीरज तुमने कभी बताया नही था.
मैं- चलो कोई बात नही चाची, लेकिन जब से मैंने आपका ये नंगा बदन देखा है तब से मेरे से रहा नही जा रहा है. और मेरे को आपके पास ले आया है. इसलिए क्या मैंने आपके ऊँगली करने की जरूरत को पूरा कर सकता हूँ?
चाची- अब आ ही गये हो तो करनी तो पड़ेगी ही, मैं भी तो देखू कितना दम है इस जवान भतीजे में. लेकिन पहले प्रोमिस करो की तुम अपने चाचा से कुछ भी शेयर नही करोगे.
मैं- प्रोमिस चाची, अब अपना ये टॉवल हटा दो मेरे को आपकी चूत को करीब से देखना है.
इतना कहते ही चाची ने झट से अपनी चूत से टॉवल को हटा दिया और अब वह अपने 38 की साइज़ के बूब्स लेकर खड़ी हो गयी. और उनकी चिकनी चूत से पानी चल रहा था, जिसकी वजह से मेरा उनकी चूत का पानी पिने का मन हो गया. तो मैंने देर ने करते हुए खड़ी चाची के निचे बैठकर उनकी चूत का पानी पिने के लिए लग गया.
और मेरी इन हरकतों से चाची सिसकारियां लेने के लिए लग गयी. क्योंकि वो पहले से ही काफी गर्म थी इसलिए अब उनकी गर्मी और बढ़ने लग गयी. और वो इस दौरान आह…उ….इ…. नीरज…. आह….. बेटा ऐसे ही चुसो मेरी इस चूत को ….. कहने लग गयी.
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उनकी ये बेताबी देखकर मेरा भी जोश और बढ़ने लग गया. मैंने चूत का चूमा लिया तो चाची चिहुंक उठी और मेरे सर को थाम लिया. मैंने चूत के ऊपर मदनमणि को जीभ से सहला दिया, होंठों से भी दबाकर खींचा. अब बाथरूम की शांति चाची की आहों से भंग हो रही थी, मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा था.
मेरी इन हरकतों से चाची का जोश बढने लग गया था. और अब चाची मुझे अपनी ओर खीच रही थी, मैंने चाची को खड़ा करके निहारा फिर पूरे शरीर को चूम डाला. फिर मैंने उसे बाथरूम में ही फर्श पर लिटाया और उसके ऊपर आकर स्तन दबाने लगा, वे सच में बहुत कठोर हो गए थे.
मैं स्तनाग्र को मुँह में लेकर चूसने लगा. मेरा लंड पूरी तरह से तन्ना गया था, वह तो अपने लिए जगह खोजने में लगा था और धीरे धीरे मदनमणि को ठोकर मार रहा था. चाची की आह रुकने का नाम नहीं ले रही थी. क्योंकि मैंने लगातार चाची की चूत को ऐसे चूमा था जैसे कोई चॉकलेट को चाटता है.
अब मैंने ज्यादा देर ने करते हुए अपने भी सारे कपड़े उतारकर बाथरूम की खूंटी पर टांग डाले. अबकी बार दोनों चूचियों को दोनों हाथ से पकड़ कर अपने होंठों को चाची के होंठ पर रख कर जीभ को मुँह में डाल दिया. वह मेरी जीभ को सिसकारते हुये चूस रही थी. मैंने मौका देखकर लंड को सही स्थान पर लेकर थोड़ा दबाव डाला तो सुपारे का आगे का भाग चूत के मुँह पर फिट हो गया.
क्योंकि मेरा लंड एकदम सख्त था इसलिए और चाची की चूत भी मेरे चूसने की वजह से काफी गीली हो चुकी थी. इसलिए मेरा लंड आसानी से उनकी चूत में घुस गया. फिर मैंने एक झटका नीचे से लगा दिया, मेरा सात इंच का लवड़ा उसकी चूत में समां गया था. मैंने अब भी कोई हरकत नहीं की तो उसने मुझे पकड़कर ऐसे पलटी लगाई कि वो ऊपर और मैं नीचे आ गया. अब वह बिना रुके अपनी गाण्ड उठा-उठा कर मुझे चोद रही थी.
इस दौरान पूरा बाथरूम में हम दोनों की सिसकारियाँ गूंज रहा थी. थोड़ी ही देर में ही मेरे दमदार झटकों से चाची का बदन अकड़ने लगा, मुँह से बड़ी तेज अजीब सी आवाज आने लगी थी. वो हाँफते हुए मेरे सीने पर गिर पड़ी, मैं उसकी पीठ को सहलाता रहा, मेरा लंड चूत के अन्दर फड़फड़ा रहा था. अबकी बार मैंने पलटी लगाई, चाची नीचे, मैं ऊपर.
फिर धक्के लगाना चालू कर दिया. थोड़ी देर बाद मैंने चाची को घोड़ी बना दिया और मैं खड़ा होकर पीछे से धक्के लगाने लगा. मेरा पूरा लंड चूत के अन्दर तक जाने लगा, हर बार में चाची की आह निकल रही थी, हर पल धक्के की रफ़्तार बढ़ती जा रही थी. चाची इस दौरान आह…आह…आह…आह…उ…उ…उ… क्या बात है नीरज तू तो खिलाड़ी है चुदाई का?
मैं- हाँ चाची लेकिन मेरे को गुस्सा आया जब से आपने वो विडियो कॉल किया. क्योंकि आपको मेरे से अच्छा कोई नही चोद सकता है.
चाची- हाँ ये तो बात है. वाकई में मानना पड़ेगा तेरी चुदाई के अंदाज को ये बहुत निराला है और पहली बार मेरे को अहसास हो रहा है की, कोई लंड मेरे अंदर ढंग से जा रहा है…. आई लव यू नीरज.
इतना कहते ही दोस्तों मेरा अब जोश काफी बढ़ चूका था. और फिर मैंने अब अपने झटकों की स्पीड और बढ़ा डाली और चाची इस दौरान फिर से आह…आह…और जोश से चोदो नीरज…. फाड़ दो आज अपनी चाची की चूत (chachi ki chut) को…. कहने को लग रही थी. और उनकी ये कामुक आवाजे मेरे को बहुत अच्छी लग रही थी.
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फिर मैंने उसकी टांगों को ऊपर उठाकर सीने की तरफ मोड़ दी और तेजी से गहरे धक्के मारने लगा और फिर लंड ने फूलना शुरू कर दिया. इतने में फिर से चाची का शरीर अकड़ने लगा, वो मुझसे चिपक गई. तभी मेरा वीर्य पिचकारी की तरह चाची की चूत (chachi ko pela) में छूटने लगा.
मैंने माल छोड़ने के दौरान चाची की चूत की गहराई में लंड दबाये ही रखा. करीब पांच मिनट तक ऐसे ही लेटे एक दूसरे को प्यार करते रहे. अब चाची की चुदाई की भूख देखकर मेरे से रहा नही जा रहा था. क्योंकि मेरा लंड अब फिर से खड़ा हो गया था. उनका बदन मेरे को फिर से चुदाई के लिए मजबूर कर रहा था. इसलिए मैंने चाची से कहा- एक राउंड और ले लूँ?
चाची- अब से ये चूत तुम्हारे हवाले है, जितने राउंड लेने है ले लो.
मैं- थैंक्स चाची.
चाची- थैंक्स से काम नही चलेगा, कभी प्यासी मत छोड़ देना इसे वरना ये बहुत खतरनाक रूप धारण कर सकती है.
मैं- कैसे चाची?
चाची- मतलब मुझे ऐसे ही चोदना जैसे अभी पहले राउंड में चोदा था. क्योंकि तेरी चुदाई ने नीरज मेरे को तेरा दीवाना बना डाला है.
मैं- ठीक है चाची.
फिर हम दोबारा से एक दुसरे को बाथरूम में ही चूमने लग गये और अब चाची ने एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ रखा था. वहीँ मैंने भी एक ऊँगली चाची की चिपकी-चिपकी चूत में डाल रखी थी. और ऊँगली को अंदर बाहर कर रहा था.
करीब 5 मिनट तक ऐसा करने के बाद अब चाची फिर से जोश में आ गयी. और फिर से मेरे को बोली- अब ज्यादा ऊँगली मत कर अपने हथियार को ही जाने दे मेरी चूत में और इस पहली बार की चुदाई को यादगार बना डालो नीरज.
इतना कहते ही दोस्तों मैंने फिर से आगे से एक टोंटी पकड़ाकर चाची को घोड़ी बना डाला. और पीछे से अब मैं उनकी चूत को चाटने लग रहा था. इस दौरान मेरे को बहुत मजा आ रहा था. क्योंकि मेरी पहली चुदाई (chachi ki chut mari) से अब उनकी चूत काफी गुलाबी हो गयी थी. और चाची के संतुष्ट हो जाने के कारण अब मेरी हिम्मत और बढ़ गयी और मेरे को इस दौरान बहुत अच्छा लग रहा था.
अब मैं अपना लंड जैसे ही उसकी चुत में डालने लगा तो मेरा लंड फिसल कर उसकी गांड में चला गया और वो चिल्लाने लग गई- उइइइई मां … छोड़ दे मुझे … मर गई मैं तो … आह… बड़ा दर्द हो रहा है. फिर दोस्तों मैंने गांड से अपना लंड निकालकर उनकी चूत में डाला तो चाची बोली- हाँ सही छेद चुनो यार तुम भी कहाँ गांड मारने पर तुले हो.
अब फिर मैंने धीरे-धीरे से चाची की चूत मारनी शुरू कर डाली. शुरू – शुरू में तो चाची काफी तडप रही थी लेकिन करीब दस मिनट बाद वो खुद मेरा साथ देने लग गई. थोड़ी देर की ताबड़-तोड़ चुदाई के बाद मैंने अब चाची को अपनी बाँहों में उठाकर चोदना शुरू किया तो अब हर धक्के में फट…फट….फट… की आवाजें आनी शुरू हो गयी थी.
अब चाची और हम दोनों हँसकर चुदाई का मजा ले रहे थे. और चाची बोली की पहली बार मेरे को किसी ने हाथों में उठाकर पेला है. तुम सच में चुदाई के मास्टर हो नीरज. अगर मेरे को पहले पता होता की ऐसा लंड है तेरे पास तो मैं कभी बॉयफ्रेंड नही बनाती और कब का ही मेरी चूत को तुम्हारे हवाले कर देती. और इस दौरान चाची मेरे को ताबड़तोड़ किस किए जा रही थी.
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उसके किस करने की वजह से मेरा अब निकलने वाला था. तो मैंने कहा- चाची अब निकलने वाला है, कहाँ निकालू?
चाची- मेरे अंदर ही निकालना मैं दवा ले लुंगी. लेकिन अपनी चूत की गहराई में तेरे लंड को महसूस करना है मेरे को.
इतना सुनते ही मैंने फिर से अपने लंड की पिचकारी चाची की चूत में ही छोड़ दी. और आह…आह..आह..चाची आई लव यू! बोल रहा था. मेरे को सच पूछो तो दोस्तों आज तक वो चुदाई याद है क्योंकि पहली चुदाई (chachi ko choda) हमेशा यादगार रहती है.
इसके बाद मैं और संगीता चाची काफी खुल गये थे. और आएदिन चुदाई का भरपूर मजा लेने लग गये. अब आपको बताऊ दोस्तों करीब 2 बरस होने को आये है. तथा कोई भी दिन ऐसा नही जाता है. जब मैं और संगीता चाची चुदाई न करते हो. कभी – कभी तो चाची चुदाई के लिए मुझे अपने पीहर तक ले जाती है. क्योंकि अब उनका दिल नही लगता मेरे बिना.
दोस्तों ये chachi ko choda कहानी आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह hindi mein chachi ki chudai कहानी बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.