Bua Ki Chudai Hindi Mein – चुदाई की भूखी प्रिया बुआ को दिया जवान लंड का मजा
हेल्लो दोस्तों, स्वागत है आपका आपके फेवरेट ब्लॉग gandistory.com/ पर। आज के इस Family sex stories hindi के एपिसोड के अंदर मैं आपको मेरी सच्ची कहानी (Bua Ki Chudai Hindi Mein) के बारें में बताऊंगा। दरअसल दोस्तों यह Bua ki chudai ki kahani मेरी सबसे खुबसुरत बुआ प्रिया की है. जिसके साथ मैंने अभी पिछले महीने ही जमकर चुदाई का मजा लिया था.
सबसे पहले दोस्तों मैं आपको अपने बारें में अवगत करा देता हूँ. मेरा नाम लोकेश है और मेरी उम्र फ़िलहाल 19 बरस की है तथा मैंने पिछले दिनों ही NEET का पेपर दिया था. जो की लीक होने के कारण अब मैं फिर से NEET की तयारी कर रहा हूँ. दोस्तों मेरे परिवार में मम्मी पापा, एक छोटा भाई रहते है.
हालाँकि मेरी बुआ 2 है जिनकी शादी कर दी है. एक बुआ का नाम प्रिया है और दूसरी बुआ का नाम मनीषा है. दिखने में दोनों ही किसी माल से कम नही है. लेकिन दोस्तों अभी गर्मियों की छुट्टियों के दौरान मैं अपनी प्रिया बुआ के घर गया हुआ था. उनके अभी कोई आस औलाद नही है.
क्योंकि मेरे फुन्फा जो है वो आधी बार कमाने के लिए बाहर गये हुए रहते है. इसलिए कभी मेरी बुआ की चूत उनसे ढंग से मरी ही नही शायद इसलिए मेरी प्रिया बुआ भी चुदाई की भूखी रहती है. अब दोस्तों अपनी कहानी की ओर बढ़ते है तो दोस्तों मुझे गये हुए 4 दिन हो गये थे.
मैं और बुआ घर में आपस में एक दुसरे से घुल मिलकर बातें करते थे. तो एक तरह से मानों मैं भी फ्री माइंड होने के उद्देश्य से ही उनके घर गया था. क्योंकि मेरा NEET का पहला पेपर काफी अच्छा हुआ था लेकिन लीक के कारण मेरा दिमाग खराब हो गया था इसलिए मैं प्रिया बुआ के घर गया हुआ था.
अब पिछले 4 दिन में समझों की मुझे तो बुआ की बातें इतनी पसंद आने लगी थी की मैं बुआ के पीछे पीछे रहता था. लेकिन दोस्तों मेरी बुआ इतनी चुद्दकड थी की उसने फूंफा की जगह किसी और से चुदाई का मजा लेना शुरू कर दिया था. इसलिए एक दिन मैं सो रहा था. दोपहर की बात है.
तभी मानों बज रहे होंगे लगभग 12:30 तो मेरा वैसे तो हमेशा उठने का समय होता है लगभग 3 बजे के आसपास लेकिन किसी कारणवश मेरी अचानक से नींद खुल गयी. और फिर मैं बुआ को ढूँढने के लिए निकल पड़ा. लेकिन बुआ मुझे पुरे घर में कहीं भी नही मिली.
फिर दोस्तों मैं ऊपर वाले मकान की और बढ़ा और छत पर पहुंचा तो बुआ अपने बूढ़े से आशिक के साथ चुदाई का मजा ले रही थी. और मैं उधर गया भी आपको बताऊ धीरे-धीरे क्यूंकि मैं पहले से ही कोई आवाज सुन रहा था. इसलिए दोस्तों जब मैं बुआ को नग्न अवस्था में देखा तो एक बार तो मैं हक्का-बक्का रह गया. और दोस्तों मेरा तो उसी दौरान बुआ के साथ सेक्स करने का मन बन गया.
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और फिर प्रिया बुआ ने ये समझा की मैं 3 बजे उठूँगा इसलिए बुला लेती हूँ अपने आशिक रामपाल को. लेकिन उसे कहा पता था की मेरी नींद इससे पहले ही टूट जाएगी. तो दोस्तों मैंने भी उनकी चुदाई का पूरा सीन खिड़की से झांककर देखा और मेरा लंड ये सब देखकर बेताब हो गया.
इसलिए जब मैंने मेरी बुआ को नंगी अवस्था में देखा तो वहीँ मैंने लंड को मुट्ठी मारकर शांत कर लिया और फिर से मेरा लंड खड़ा हो गया. मानों बुआ की चुदाई रामपाल नही मैं कर रहा हो. मुझे ऐसा अहसास होने लग गया. करीब 10 मिनट तक उनकी नौटंकी मैंने देखी तो मुझे समझ आया की रामपाल का काम केवल चूत चूसने का ही था. क्योंकि वो 10 झटकों में ही झड़ गया और फिर से उसका लंड खड़ा हुआ ही नही.
इसलिए प्रिया बुआ उसे धमकाने लग गयी. की तेरे से कुछ होता है नही क्यूँ आता है मेरी चूत में आग लगाने. चल अब ऊँगली से मेरी चूत को चोद जोर-जोर से. फिर बेचारा रामपाल अपनी ऊँगली से प्रिया बुआ की चुदाई करने के लिए लग जाता है.
ये सब देखकर दोस्तों मेरे मन में विचार आया की रामपाल की जगह मैं बुआ की ढंग से चुदाई कर सकता हूँ. इसलिए मैं जरा देर न करते हुए निचे आ गया जैसे मेरे को कुछ पता नही हो. फिर इसके 20 मिनट बाद रामपाल और बुआ भी निचे आ गये. तो मैं वहां रामपाल को देखा और बुआ से पूछा- बुआ ये कौन?
बुआ- ये प्लम्बर का काम करते है उपर कोई लीकेज था उसे ठीक करने आये थे.
मैं- अच्छा, तो लीकेज हो गया न ठीक अब?
बुआ- हाँ पिछले कई दिनों से परेशान हो रही थी आज जाकर आए है ये अब तो कर दिया इन्होने ठीक.
मैं- सही किया, वरना अब बरसात का मौसम भी आने वाला है. समय पर हो गया काम. ऐसे मैं अनजान बन रहा था.
बुआ रामपाल से- अब जाओ आप पैसे मैं आपके नंबर पर फोनपे कर दूंगी.
रामपाल- ठीक है जाता हूँ.
इसके बाद दोस्तों रामपाल वहां से चला गया और फिर से मैंने अपनी बुआ को बोला की बुआ आओ न कुछ बात करते है. तो बुआ मेरे पास बैठ गयी और हम दोनों बातें करने लग गये.
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हालाँकि दोस्तों मुझे इस दौरान चुदाई की आग लगी हुई थी. और जितना जल्दी हो सके मैं उसे चुदाई के लिए बोलने वाला था. इसलिए मैं बुआ से पर्सनल होने की कोशिश कर रहा था.
मैं- बुआ आपकी उम्र कितनी हो गयी है?
बुआ- अभी मेरी 28 बरस हुई है.
मैं- आपकी शादी कितने बरस पहले हुई थी?
बुआ- अभी 4 बरस पहले.
मैं- तब से फूंफा घर नही रहते क्या?
बुआ- तेरे फूंफा को तो बस पैसे से मतलब है और किसी से नही. इसलिए वो साल में केवल 2 बार आते है.
मैं- अच्छा तभी मैं जब भी आता हूँ फुंफाजी गायब रहते है.
बुआ- हाँ.
मैं- बुआ आपको अभी तक बच्चा भी नही हुआ होगा इसी वजह से?
बुआ- हाँ वो कम ही रहते है. लेकिन तू इतनी बातें क्यूँ पूछ रहा है?
मैं- नही बुआ ऐसे ही, अभी मेरे भी यहाँ कोई भाई बहन होते तो कितना अच्छा लगता मेरे को भी.
बुआ- अच्छा तो लगता लेकिन तेरे फुन्फा यहाँ हो तब ना.
मैं- अच्छा तो बुआ वो यहाँ आते है तो आप कुछ करते नही क्या?
बुआ- पागल ऐसी बातें नही पूछते.
मैं- बुआ बताओ ना प्लीज.
बुआ- नही नही.
मैं- बुआ आपको मेरी कसम.
बुआ- किसी से बतायेगा नही ना?
मैं- नही नही.
बुआ- करते तो है तेरे फुन्फा लेकिन उनसे वो सब नही हो पाता है जो मैं चाहती हूँ. क्योंकि वो 2 मिनट में ही अपना काम निपटा लेते है इसलिए बच्चा नही हो पाया है.
मैं- फिर मेरे मुह से एकदम से बात निकल गयी. अच्छा वो प्लम्बर अंकल की तरह.
इतना सुनते ही बुआ चौक गयी और बोली- क्या मतलब?
मैं- बुआ सॉरी. आपको बुरा लगा?
बुआ- नही लेकिन तू कहना क्या चाहता है?
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मैं- आप बुरा नही मानोगी ना?
बुआ- नही बता पूरी बात.
मैं- अभी मैं उपर गया था जब वो प्लम्बर अंकल आया था. तब मैंने सब कुछ देख लिया है बुआ. लेकिन मैं किसी से नही कहूँगा प्रोमिस बुआ.
बुआ- अच्छा तो तूने क्या क्या देखा बताना जरा.
मैं- मैंने सिर्फ इतना ही देखा की वो अंकल से कुछ नही हो रहा था. इसलिए आप उस पर गुस्सा हो रही थी. तो बुआ अगर आप बुरा न मानों तो मैं आपको वो मजा दे सकता हूँ जो अंकल नही दे पाए.
बुआ- अच्छा, नही पागल तू मेरा भतीजा है.
मैं- प्लीज बुआ जब से मैंने आपको नंगी देखा है तब से देखो मेरा लंड बैठने का नाम ही नही ले रहा है. अब इसे बस वो आपकी गुलाबी चूत ही नजर आ रही है.
बुआ- अच्छा लोकेश तू तो बड़ा एडवांस लेवल का बन्दा है यार.
हाँ बुआ कुछ भी समझों लेकिन अब मेरे दिमाग के अंदर बस आपकी वो गुलाबी चूत ही दिख रही है. और मेरा लंड उसकी आग बुझाने के लिए बेताब हो रहा है. चलो न कुछ करते है.
बुआ- अच्छा ठीक है. तू एक काम कर पहले मैन गेट को बंद करके आ कोई घर में न आ पाए.
इसके बाद दोस्तूँ मैं भागा-भागा घर के मेन गेट को बंद करने चला गया और फिर वापस आते ही मेरी स्लिम सी प्रिया बुआ को अपनी बाहों में ले लिया. और उन्हें कमरे में ले गया. इस दौरान वो सलवार – शूट पहनी हुई थी.
इसलिए मैंने पहले तो उनको किस करना शुरू कर दिया. और साथ-साथ उनके बूब्स भी दबा रहा था. और साथ में प्रिया बुआ की पीठ सहलाता रहा. आपको बताउ दोस्तों प्रिया बुआ की कमीज इतनी हल्की थी कि मेरा हाथ उन्हें आसानी से फील हो रहा था.
इस दौरान क्योंकि प्रिया बुआ को पहले से ही चुदाई की आग लगी हुई थी इसलिए वह मेरी हरकतों से ही ‘उम्म … उम्म …’ सिसकारियां लेती हुई मेरे स्पर्श का आनन्द ले रही थीं. ऐसा लग रहा था जैसे प्रिया बुआ कह रही हों कि जल्दी से हर जगह टच करो.
फिर दोस्तों मैंने जरा देर न करते हुए तुरंत उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए. और हम दोनों चुंबन करने में खो गये. प्रिया बुआ भी मुझे बेताबी से चूमने लगीं और ऐसा लगने लगा मानो वे मेरे होंठों को खा ही जाएंगी.
हम दोनों के बीच वासना की आग इतनी भड़क गई थी कि अब कुछ समझ नहीं आ रहा था. मेने नोटिस किया की इस दौरान हम दोनों की सांसें एकदम तेज थीं. पूरे कमरे में बस ‘पिच-पिच-पुच’ और होंठ काटने की आवाजें गूँज रही थीं.
किस करते-करते वे मेरे ऊपर आ गईं, पता ही नहीं चला, कब उनके दूध मेरे सीने पर मुझे गड़ने लगे थे. ऐसा लग रहा था मानो प्रिया बुआ के दूध बाहर निकल कर मेरे मुँह में चले जाएंगे.
मैंने उनके कान में सरगोशी की- प्रिया मेरी जान, मुझे दूध पीना है.
इतना कहते ही प्रिया बुआ ने एक बार हल्की सी जुंबिश देते हुए अपने एक स्तन को मेरे मुँह में दे दिया और मैं उनके दूध को पूरी बेदर्दी से चूसते हुए अन्दर तक खा लेने की कोशिश करने लगा.
उसी वक्त प्रिया बुआ ने मेरे हाथ को पकड़ कर अपने दूसरे वाले दूध पर रख कर मसलने का इशारा किया. अब मैंने उन्हें अपने नीचे पलटा लिया और उनके दोनों मम्मों के साथ जी भर कर खेलने लगा.
कुछ ही समय में हम दोनों नंगे हो गए और मैंने प्रिया बुआ के हाथ में अपने लंड को पकड़ा दिया. और मैंने उन्हें बताया की अभी आपको नंगा देखा तब से मैंने इसे 2 बार तो तेल निकलवा लिया. लेकिन फिर भी यह आपकी चूत को चोदकर ही दम लेगा.
प्रिया बुआ मेरे लौड़े को पकड़ कर इतनी ज्यादा खुश थीं मानो किसी को खेलने के लिए उसकी मन पसंद वस्तु पकड़ा दी गई हो. प्रिया बुआ नीचे को खिसकने की कोशिश करने लगीं तो मैं समझ गया और मैंने आसन बदल कर 69 का पोज बना लिया.
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अब मैं प्रिया बुआ की एक दम चिकनी और गुलाबी चूत पर अपना मुँह मार रहा था और वे मेरे लंड को चूसने में व्यस्त हो गई थीं. फिर दोस्तों मैंने झट से चुदाई की पोजीशन बनाई और उनकी टांगों के बीच में खुद को सैट करते हुए उन्हें इशारा किया.
हालाँकि वो चुदाई करवाने की अनुभवी थीं तो उन्होंने झट से मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत के छेद टिका लिया. इसके बाद प्रिया बुआ ‘हम्म’ करके मुझसे चुदाई के लिए बोलीं. और उसी पल मैंने अपनी कमर को झटका दे दिया.
प्रिया बुआ ‘आह मर गई….आह….लोकेश’ कह कर कराहीं और अपने होंठ भींच कर मीठ दर्द का मजा लेने लगीं. प्रिया बुआ खूब बोल रही थी- चोदो मुझे … मुझे चुदाई चाहिए … चुदाई चुदाई चुदाई बस चुदाई करो मेरी. उस रामपाल से तो कुछ नही हुआ तुमने देखा ना प्लीज ढंग से पेलो.
कितनी देर से मेरी चूत में आग लगी हुई है इसे बुझा दो लोकेश प्लीज. मैंने दस मिनट तक प्रिया बुआ को रगड़ा और उनसे पूछ कर उनकी चूत में ही झड़ गया. झड़ने के बाद हम दोनों कुछ मिनट यूं ही पड़े रहे.
प्रिया बुआ बोली- यार लोकेश तू तो चुदाई के मामले में खिलाडी निकला. ऐसे झटके तो मुझे आजतक किसी ने नही दिए जो आज तुमने मुझे केवल 10 मिनट में ही 2 बार झाड़ दिया. मानना पड़ेगा.
मैं- बुआ ये तो कुछ नही है अगले राउंड की तैयारी करो आप तो अभी आपको घोड़ी बनाकर चोदना बाकी है. फिर बताऊंगा चुदाई किसे कहते है.
बुआ- सच बताना पहले किसी की चुदाई किये हो?
मैं- हाँ मेरी कक्षा की 3 लडकियों को मैंने ढंग से पेला है.
बुआ- तभी इतना ज्ञान है तेरे में वरना कच्चा खिलाड़ी तो मेरे सामने मेरे स्लिम से बदन को देखकर गच्चा खा जाता है. जैसे वो रामपाल मान लो.
मैं- चलो बुआ अब आप घोड़ी बन जाओ अब आपको असली चुदाई का मजा देना है.
और फिर दोस्तों प्रिया बुआ इतना सुनते ही घोड़ी बन गयी. और मैं निचे खड़ा हो गया. तथा प्रिया बुआ इस दौरान बेड पर ही घोड़ी बनकर मेरे लंड की और अपनी गांड को निकाल ली ताकि मेरे लंड के झटके वह ढंग से महसूस कर सकें.
इसके बाद मैंने भी अपना लंड उनकी पीछे से चूत पर रगड़ते हुए एकदम से घुसा दिया. और बुआ बोली- मर गयी….पागल….आह….लोकेश…..धीरे करना. अभी मुझे बहुत चुदवाना है भोसड़ा मत बना देना मेरी चूत का.
फिर दोस्तों मेने अपने दोनों हाथों से प्रिया बुआ के गोरे-गोरे कूल्हों को पकड़ा और उनके एक ही स्पीड में झटके देने शुरू कर दिया. और फिर इस दुसरे राउंड में मैंने प्रिया बुआ की चूत से आधे घंटे के दौरान फिर से 2 बार पानी निकाल दिया. फिर अंत में तो प्रिया बुआ की चूत में से फच…फच…फच.. जैसी आवाजें आने लग गयी थी.
तब जाकर मैंने उनको चोदना बंद किया. और वो भी काफी थक गयी थी. और बोली- आज मिला है मुझे असली मर्द. वरना आजतक मुझे कोई नही थका पाया.
फिर मैं बोला- चिंता मत करो मेरी प्यारी सी बुआ अभी ये मर्द यहीं रहेगा ऐसे ही थकाता रहेगा आपको. इसके बाद दोस्तों मैं अगले करीब 20 दिन तक बुआ को चोदा. फिर पापा ने फोन करके मुझे घर बुला लिया. लेकिन अब भी बुआ की मुझसे बात होती है फोन पर और वो मुझे फिर बुलाना चाह रही है अपने घर. अब आप बताओ मुझे जाना चाहिए या नही?
आप ये Bua Ki Chudai Hindi Mein कहानी हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है। तो दोस्तों अगर आपको मेरी ये Bua ki chudai ki kahani पसंद आई है तो आप कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव साँझा कर सकते है। मिलता हूँ आपसे मेरी एक और मेरी Family sex stories hindi के साथ।