Mami Ki Chudai Ki Kahani – ऊँगली करती मामी को दिया चुदाई का भरपूर मजा
हेल्लो दोस्तों, उम्मीद है आप सब अच्छे होंगे. आज की इस Mami Ki Chudai Ki Kahani के अंदर मैं आपको मेरी सबसे छोटी सीमा मामी की चुदाई के बारें में बताऊंगा. दरअसल दोस्तों हम सब जानते है की, रिश्ते बहुत नाजुक होते है. लेकिन मैं शुरू से ही ओशो का फेन रहा हूँ.
और इन रिश्तों वाले झंझट में मुझे कुछ भी समझ नही आता है. क्योंकि मेरी निगाह बस केवल चुदाई पर होती है. जो मैं समय-समय पर कर लेता हूँ. इसमें अगला भी खुश और मैं भी खुश. खैर दोस्तों मैं आपको अपने बारें में बताऊ तो मैं राजस्थान के बाड़मेर जिले का रहने वाला हूँ. और मेरा नाम विमल है तथा मैं अभी BA फर्स्ट इयर का विद्यार्थी हूँ.
मेरी उम्र दोस्तों फ़िलहाल 19 बरस की है. लेकिन मैंने चुदाई का मजा लेना आज के 4 साल पहले ही शुरू कर दिया था. इसलिए आज जो मैं आपको Mami ki chudai kahani बताने जा रहा हूँ. ये कहानी दोस्तों अभी मई महीने की ही है. जब मैं गर्मियों की छुट्टी के दौरान मामा के घर गया था. तब मैंने Mami ke sath sex करके उन्हें असली चुदाई का अहसास करवाया था.
अपनी कहानी की शुरुआत करें तो दोस्तों, एक दिन की बात है जब मामा के घर में गया हुआ था. तब मुझे 5 दिन हो गये थे और मैंने महसूस किया की आजकल सीमा मामी कुछ ज्यादा ही चिडचिडी सी रहने लग गयी है. हालाँकि पहले वह मुझसे हमेशा हसकर बात करती थी. लेकिन इस बार मैंने देखा की वह एकदम परेशान और चिडचिडी हो गयी है.
इसलिए मुझे भी वहां क्या काम था. मैं लग गया मामी का कारण जानने तो मेरे दीमाग में आया की, शायद मामा विदेश चले गये है इसलिए मामी ऐसा स्वभाव दिखा रही है. तो दोस्तों फिर उसी दिन शाम को हम सब ने खाना खाया और सोने को चले गये. लेकिन मेरे तो दिमाग में केवल सीमा मामी के ख्याल ही आने लग गये.
क्योंकि सीमा मामी एक ऐसी लड़की थी जो दिखने में एकदम जवान और स्लिम पीस थी. जिसे अगर कोई भी देख ले तो चुदाई का ख्याल अपने आप आने लग जाए. तो ये बात है रात के 10.30 बजे की सीमा मामी अपने कमरे में सोने को चली गयी थी. और जब मैंने चुपके से उनकी खिड़की की तरफ झांककर देखा तो पाया की, सीमा मामी एकदम नंगी होकर पोर्न विडियो देख रही है. और अपनी चूत में ऊँगली कर रही है.
तो दोस्तों फिर मेरा शक एकदम पक्का हो गया. और मैं सोचा की सीमा मामी चुदाई की ही भूखी है. इसलिए दोस्तों मैं किसी बहाने से उनका दरवाजा खटखटाया और मामी बोली – कौन है?
मैं- मैं हूँ मामी.
मामी- इतनी देर क्या काम है तेरे को?
मैं- नींद नही आ रही है. इसलिए आ गया सॉरी. एकबार दरवाजा तो खोलो मामी.
मामी- थोड़ा रुको (क्योंकि वो कपड़े पहन रही थी)
फिर दोस्तों मैं थोड़ी देर वहीँ पर रुका रहा. और आखिरकार मामी ने दरवाजा खोल दिया. और बोली- क्या विमल रात को भी तुम नही सोते.
मैं- मामी नींद नही आ रही थी तो सोचा आपसे बातें कर लूँ.
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मामी- ठीक है, आ जाओ अंदर.
फिर दोस्तों मैं अंदर चलकर बैठ गया. और मामी से नार्मल बातें करने लग गया. और फिर मुझे तो अपने पॉइंट पर आना था तो मैंने पूछा- मामी, मामा को विदेश गये कितने दिन हो गये?
मामी- 6 महीने होने को चले है.
मैं- तो आपका दिल लग जाता है अकेले?
मामी- नही लगे तो लगाना पड़ता है.
मैं- अच्छा, मुझे भी बताओ मामी कैसे लगाते है दिल?
मामी- कुछ नही बस सो जाना चाहिए चुपचाप.
मैं- बताओ न, मामी प्लीज.
मामी- बोला न, कुछ नही यार विमल तुम नही समझोगे.
मैं- आप मुझे अपना फ्रेंड समझकर ही बता दो.
तो मामी कहाँ बताने वाली थी दोस्तों. फिर मैंने ही पहल करके बोला- मामी एक बात बताऊ?
मामी- हाँ बताओ.
मैं- आप बुरा मत मानना और मुझे डाटना भी मत.
मामी- नही डाटूंगी, बताओ?
मैं- प्रोमिस करो.
मामी- अरे विमल प्रोमिस कर रही हूँ, नही डाटूंगी.
मैं- फिर मैंने सीधा ही बोल दिया, की मामी मैंने आपको ऊँगली करते अभी खिड़की से देखा है. आप ऐसे क्यूँ करती हो.
यह बात सुनकर पहले तो मामी शरमाई और बाद में बोली- क्या करूं विमल मजबूरी का नाम महात्मा गाँधी होता है. इसीलिए ये सब करना पड़ता है.
मैं- लेकिन मामी जब से मैंने आपको ऊँगली करते देखा है. तब से मेरे अंदर आपको लेकर कुछ होने लगा है.
मामी- पागल अब तेरे अंदर भी कुछ होने लग गया.
मैं- हाँ मामी सच्ची.
इसके तुरंत बाद मामी ने मुझे खड़ा किया और मेरी पेंट की तरफ देखा जहाँ मेरा लौड़ा उभार मार रहा था. तो मामी मुस्कुराई और बोली- वाह विमल तू तो बड़ा कमाल का लड़का है.
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मैं- कुछ भी समझो मामी, लेकिन अब मैं आपको जब तक यहाँ हूँ ऊँगली नही करने दूंगा.
मामी- अच्छा, इतना चाहते हो मुझे?
मैं- आप हो ही ऐसी सुंदर बला.
मामी- तो अब क्या करना है?
मैं- जो आप ऊँगली से कर रही थी. वो मेरे लंड को करना है.
मामी- पहले तो हसी, बाद में बोली- जा कमरे की कुण्डी लगा दे.
और दोस्तों इतना सुनते ही मैं चला गया कुण्डी लगाने. और वापस से मामी के पास आ गया. मामी पहले से ही चुदाई की प्यासी थी. तो मेरे को झट से पकड़कर किस करने लग गयी और हम कई मिनटों तक एक दुसरे से लिपटे रहे.
सीमा मामी मुझसे गले लगती हुई वह अपनी चूचियां मुझसे रगड़ रही थी और छोड़ नहीं रही थी. वह मुझे पूरे 5 मिनट तक चिपकी रही. मैं सोच में पड़ गया.
फिर मामी बोली – तेरा मामा, बिल्कुल भी रोमांटिक नहीं है … ना सेक्स करता है और ना ही प्यार करता है. मैं फंस गई हूँ यहां शादी करके. और पिछले 6 महीनों से तो गायब भी है इसलिए विमल अभी मैं जब ऊँगली कर रही थी तो तुझे ही सोचकर अपनी ऊँगली चूत में डाल रही थी.
आज तुम मुझे प्यार करो. इतना कह कर वह मुझे फिर से किस करने लगी.
मैं बोला- अरे कोई आ जाएगा!
मामी- कोई नहीं आएगा.
ये सुनकर मैं उस पर टूट पड़ा. जोर जोर से किस करने लगा और उसके ब्लाउज के हुक खोल दिए. उसने भी मेरी शर्ट उतार दी. फिर मैंने उसके पेटीकोट का नाड़ा खोला और नीचे गिरा दिया. उधर उसने ब्लाउज उतार दिया.
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हाय क्या मस्त चूचियां थीं … एकदम गोल 34 साइज की चूचियां उसके काली ब्रा में मस्त दिख रही थीं.
उसने अब मेरा पेंट उतारा और नीचे बैठकर चड्डी नीचे उतार दी. मेरा लंड सामने आ गया तो उसने झट से मेरे लौड़े को अपने मुँह में ले लिया.
वह लंड चूसती हुई बोली- मुझे ये चूसना बहुत पसंद है, पर तेरा मामा बोलता है कि ये सब गंदा काम है.
तो मैं बोला- हां वह तुम्हें रोमांस नहीं करता है न!
वह बोली- हां यार, बस सीधा आता है, मेरी साड़ी ऊपर करके मेरी चड्डी को तरफ सरका कर लंड डाल देता है. चलो लंड डाला भी तो कुछ देर तो चोदना चाहिए … लेकिन नहीं … बस 5 मिनट में झड़ जाता है और अलग होकर सो जाता है. मेरी तो प्यास ही नहीं बुझती.
मैंने कहा- फिर?
‘फिर अपनी चूत में उंगली डाल कर मैं खुद को शांत करती हूँ.
मैं समझ गया कि आज मामी अपनी प्यास भुजाकर कर ही मानेगी. अब तो वह और जोर-जोर से मेरे लंड को अपने मुँह में गहराई तक लेने लगी थी और मेरे टट्टों को सहलाती हुई मुझे उत्तेजित करने में जरा सी भी कसर नहीं छोड़ रही थी.
वह समझ गई कि अब चुदाई (mami ki chudai) होगी इसलिए वह बेड पर चित लेट गई और बोली- मुझे चूत चटवाना बहुत अच्छा लगता है, विमल तुम चाटोगे क्या?
मैं बोला- जो आप बोलो यार, आज तो वह सब होगा.
उसने मुस्कुरा कर चुत पसार दी और अपने हाथ से चुत को सहलाती हुई बोली- तो आ जाओ न. और इसके बाद मैं उसकी चूत पर टूट पड़ा.
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क्या गुलाब की तरह थी उसकी बुर … मस्त रसभरी.
मैं बोला- आप तो एकदम नई चूत की मालकिन हो.
वह बोली- साल भर तो ये बाहर रहते हैं, बस उंगली ही जाती है इसमें … तो नई ही रहेगी न!
मैं उसकी चुत को चाटने लगा. वह मेरे सर को दबाती हुई चुत मेरे मुँह में देने लगी .. साथ ही वह ‘उह्ह्ह … आअह्ह्ह …’ करने लगी.
मैंने कहा- मजा आ रहा है मामी?
‘आह मेरे राजा मजा आ गया आज तो .. खा लो इसे मेरी जान आआह्ह्ह…’
मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था.
फिर मैं खड़ा हुआ और मैंने पोजीशन सैट करके अपना लंड उसकी चूत पर रख कर एकदम से अन्दर डाल दिया. वह चिल्ला पड़ी- आह मर गई विमल … आराम से करो … तुमको ही चोदना है अब इसे … जल्दी क्या है!
और दोस्तों फिर मैं चोदने लगा. वह अपनी कमर उठाने के साथ-साथ ऐसे प्यार कर रही थी … जैसे बरसों की प्यासी हो. फिर कुछ देर बाद वह बोली- रुको मुझे ऊपर आने दो.
उसने मेरा लंड चूत में डाल लिया और उछल-उछल कर मेरे लंड को चोदने लगी. करीब 5 मिनट तक ऐसा ही चलता रहा फिर मैंने उसको घोड़ी बना कर चोदा. ऐसा लग रहा था कि बस चोदते रहो. और इसके कुछ देर बाद वह और मैं साथ में झड़ गए.
वह बोली- अभी रात में हम दोनों आज जमकर चुदाई करेंगे.
फिर दोस्तों मैंने भी हामी भर दी. क्योंकि मैं तो खुद मामी की चूत का दीवाना हो चला था. इसलिए कुछ देर बाद मामी को वापस लेटाया और दुसरे राउंड के लिए तैयार किया और मामी वैसे ही सिस्कारियां ले रही थी. जैसे पहले ले रही थी. और उसकी चूत में से पानी का फव्वारा भी चल रहा था.
इसी तरह रात में हमने 5 बार चुदाई का मजा लिया और सुबह कब हो गई, पता नहीं चला. मामी सुबह जल्दी जाग गई. उसने मुझे जगाया. वह बोली- उठो विमल, सुबह के 6 बज गए हैं … जल्दी से जागो और एक एक राउंड और पेल दो … बहुत जी कर रहा है.
फिर मामी ने मेरा लंड मुँह में लेकर खड़ा कर दिया और अपनी चूत पर लगा कर बोली- इसके बाद मैंने मामी को खूब पेला. फिर उसे घोड़ी बना कर पीछे से लंड चुत में डाल दिया. वह दर्द से कराह कर बोली- गलत जगह है … आह लग रही है! मैं उसके दोनों दूध मसलता हुआ बोला- जहां जा रहा है … जाने दो! आज नहीं तो कल गांड तो मारनी ही थी.
वह बोली- आह ठीक है राजा जी … ये भी कर लो. और सुबह-सुबह मैंने उसको चोद चोद कर उसका मन भर दिया. और मैं जब झड़ने को हुआ तो मैंने उसको पिला दिया.
वह लंड रस पी कर उठी, साड़ी पहनी और मुझे किस किया. और बोली- अब जब तक तुम यहाँ रहोगे मुझे ऐसे ही चोदना फिर दोस्तों मैं अगले 15 दिन तक सीमा मामी की लगातार चुदाई करके घर चला आया. अब जब भी सीमा मामी मुझे कॉल करती है मैं तुरंत चला जाता हूँ मामा के घर और चुदाई (mami ke sath sex) करके वापस अगले दिन अपने घर आ जाता हूँ. इतनी नोटी मामी है मेरी जो खुद भी खुश और मैं भी खुश.
दोस्तों ये Mami ki chudai kahani आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है। उम्मीद है आपको यह Mami ko choda kahani बहुत पसंद आई होगी। चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ। अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।