Muslim Chudai Kahani – आयशा भाभी को चोदकर बना ली अपनी जान
आदाब सभी को! आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com के Muslim Sex Stories के नए एपिसोड में. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर से रफीक जी द्वारा भेजी गयी Muslim Chudai Kahani लेकर. दोस्तों यह Muslim sex kahani मेरी भाभी आयशा के संग की है. जिनके साथ मैंने उन्हें पटाकर जबरदस्त चुदाई का मजा लुटा है.
दरअसल दोस्तों हम लोग जम्मूकश्मीर के पहलगाम के रहने वाले है. और हमारे परिवार में कुल 5 लोग रहते है. हम 2 भाई है तथा हमारे अब्बू व अम्मी हमारे साथ रहते है. मेरे बड़े भाईजान हमीद का निकाह आयशा भाभी के साथ आज के करीब 5 बरस पहले हुआ था. जो की फ़िलहाल विदेश कमाने के लिए गये हुए है. और आपको बताऊ दोस्तों मैं पिछले 1 बरस से आयशा भाभी को चोदने की जिम्मेदारी सम्भाल रखा हूँ.
मेरी उम्र अभी दोस्तों 21 बरस की हो गयी है. हालाँकि मेरे घरवाले भी मेरा निकाह करने के लिए उतावले हो रखे है. लेकिन दोस्तों जब से मैंने आयशा भाभी की चुदाई की है तब से मुझे दुनिया की कोई भी औरत फीकी ही नजर आने लगी है. क्योंकि उनका वो बदन मेरे रोम-रोम में समा गया है. शायद इसलिए मैं आज भी आयशा भाभी का दीवाना हूँ.
लेकिन करें तो करें क्या समाज के डर से इस रिश्ते को ओपन में भी नही ला सकते है. फिर भी घर में चुदाई का तो जोरदार मजा ले ही सकते है. आपको आयशा भाभी के बारें में बताऊ तो वो एकदम चिकनी और गोरी लड़की है. जिसे देखकर मेरा लंड तो मानों उफान मारने लग जाता है. और जब वह चुदवाने के लिए नंगी हो जाती है तो मानों उनका बदन ही वियाग्रा जैसा प्रभाव डाल देता है.
अब दोस्तों आपको बताऊ आज से करीब 5 बरस पहले जब आयशा भाभी हमारे घर में निकाह करके आई तभी से मैंने उन्हें याद कर करके अपने लंड को बड़ा कर लिया था. लेकिन मुझे क्या पता था की यहीं लंड उनके एक दिन काम भी आने वाला है. दरअसल हुआ यूँ की एक दिन मैं और मेरी आयशा भाभी डॉक्टर के यहाँ गये हुए थे.
इस दिन आयशा भाभी की तबियत कुछ बिगड़ सी गयी थी. इसलिए घर के सभी नॉर्मल काम मेरे को ही करने पड़ते है. तथा इस दौरान डॉक्टर के वहां जब आयशा भाभी के डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया तो मैं भी वहीँ पर मौजूद था. और इस दौरान जब उन्होंने अपने कुल्हे दिखाए तो मैं मानों देखता ही रह गया. और दोस्तों कमाल की बात तो ये थी की डॉक्टर मेरे को भाभी का शौहर मान बैठा था.
इसलिए उसने कहा की आप उनके इंजेक्शन पर थोड़ा हाथ मल दो ताकि इसमें ब्लड की क्लोटिंग ना हो पाए. और मैंने भी बिना कोई सवाल किए भाभी की कूल्हों पर अपना प्यार भरा हाथ फिराना शुरू कर डाला. और आपको बताऊ इस दौरान डॉक्टर तो बाहर चला गया था. और भाभी भी इसका कोई विरोध नही कर रही थी. क्योंकि ये सब करने को डॉक्टर ने बोला था. इसलिए मैं अब खुद से ही उनकी पेंटी को निचे करके हाथ कम मल रहा था और उनकी गांड देखने की कोशिश में लगा हुआ था.
तभी मैंने एकदम से भाभी की पेंटी को निचे कर दिया. और उनकी गांड व चिकनी चूत के दर्शन कर डाले. अब दोस्तों जैसे ही मैंने ये सब किया भाभी सब समझ चुकी थी की मैं हाथ कम मल रहा हूँ और मजे ज्यादा ले रहा हूँ. इसलिए उन्होंने बोला- अब रहने दो रफीक जी बहुत हो गया. चलो अब घर चलते है.
मैं- नहीं भाभी डॉक्टर ने बोला है ढंग से हाथ मलने को वरना खून जम जाएगा.
भाभी- अच्छा चलो ठीक है, 1 मिनट और मल लो.
इतना सुनते ही मैंने दोस्तों उनकी पेंटी को दोनों तरफ से निचे कर दिया और वो इस दौरान उलटी होकर लेटी हुई थी. इसलिए उनके वो गोरे-गोरे कुल्हे देखकर मेरे से रहा नही जा रहा था. और आपको सच बताऊ तो मेरा लंड अब उनकी चुदाई के लिए उतावला हो चूका था. तभी मैंने वो जगह सही नही समझी और भाभी को बोला की वो अपना सलवार पहन ले.
और इतना सुनते ही भाभी बैठी और अपनी पेंटी व सलवार का नाड़ा लगा लिया. तभी उन्होंने मेरे तने हुए लंड के भी दर्शन कर डाले. क्योंकि भाभी एक खेली हुई खिलाड़ी थी इसलिए सब कुछ समझती थी. तभी मेरे मन में मूठ मारने का आईडिया आ गया. और मैंने कहा मैं टॉयलेट होकर आता हूँ. और आप इधर ही बैठी रहो.
इसके बाद मैं भाभी को वहां बैठकर टॉयलेट में चला गया. और करीब 5 मिनट तक मूठ मारकर वापस भाभी के पास आ गया. तभी भाभी और मैं फिर से डॉक्टर से मिले और उन्होंने दवाइयां लिख दी. तथा हम लोग दवा लेकर घर की ओर बाइक से निकल पड़े. आपको बताऊ दोस्तों भाभी मेरे से पहले भी काफी खुल चुकी थी. हालाँकि उन्होंने मेरे से कभी भी सेक्सी बातें नही की थी.
लेकिन आज पता नही जब से उन्होंने बाइक पर बैठे-बैठे सेक्सी बातों की झड़ियाँ लगा डाली. वो पहले बोली- रफीक जी आप मसाज अच्छी कर लेते हो.
मैं- कैसे भाभी?
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भाभी- जब आप मेरे पीछे हाथ मल रहे थे तब बहुत अच्छा फील हो रहा था. और सच कहू तो अभी मेरे को इंजेक्शन का कोई दर्द भी नही हो रहा है.
मैं- अच्छा भाभी, मेरी मसाज इतनी अच्छी लगी आपको?
भाभी- हाँ इसमें कोई शक नही है. काश आप मेरी कमर को भी ऐसे ही मसाज दे दो तो मजे हो जाए.
मैं- क्यूँ आपको कमर में दर्द है क्या?
भाभी- हाँ पिछले कई दिनों से चलने में भी काफी कठिनाई होती है.
मैं- चलो आप चिंता मत करो घर चलकर आपको ढंग से मसाज का मजा देता हूँ. शायद आपका कमर का दर्द ठीक हो जाएगा.
भाभी- हाँ लेकिन किसी को पता नही चलना चाहिए की आप मेरी मसाज कर रहे हो.
मैं- इसमें कौनसी डरने वाली बात है मेरी भाभी जान.
भाभी- फिर भी अच्छा नही लगता कोई कोई काम सीक्रेट ही अच्छे लगते है.
इतना कहते-कहते हम वापस घर की ओर चले आए. और अब घर जाकर मेरे भी मन में भाभी को मसाज करने का चस्का चढ़ा हुआ था. और भाभी को भी जब से भाईजान विदेश गये थे तब से चुदाई का नशा चढ़ा हुआ था. क्योंकि अब आप ही बताओ कोई औरत कितने दिन तक बिना चुदाई के रह लेगी. कोई न कोई अल्टरनेटिव तो चुन ही लेगी.
इसलिए मेरी किस्मत अच्छी थी की भाभी ने बाहर के लफंगो को छोड़कर मेरे को ही चुना. अब दोस्तों इस दिन मानों अल्लाह ने भी मेरे ऊपर कोई मेहर बरसा रखी थी. क्योंकि किसी जरूरी काम से अम्मी और अब्बू भी इस दौरान घर पर मौजूद नही थे. तभी भाभी ने मेरे को अपने कमरे में बुला लिया और एक विदेश से मंगवाया हुआ तेल मेरे हाथ में थामकर बोली- इसे मेरी कमर पर मसाज कर दो ठीक वैसे ही जैसे डॉक्टर के वहां पर रहे थे.
तभी मैंने भाभी को उल्टा लेटाया और पहले तो सलवार के ऊपर-ऊपर तेल को मल रहा था. लेकिन फिर भाभी बोली- इसके निचे भी जाओ.
मैं बोला- तो फिर आपको सलवार का नाड़ा खोलना पड़ेगा.
इतना सुनते ही भाभी ने उल्टा लेटे हुए ही अपने सलवार का नाड़ा खोल डाला. और अब मैंने धीरे-धीरे करके भाभी की सलवार को निचे करता हुआ उनके तेल मल रहा था. फिर दोस्तों अब भाभी का भी चुदाई का जो मूड बना हुआ था. तो उन्होंने बोला- आप थोड़ा पेंटी को भी निचे करके ढंग से निचे तक अपने हाथ को जाने दो.
और आपको सच बताऊ तो इस दौरान फिर से मेरा लंड खड़ा हो चूका था. क्योंकि अब मुझे फिर से भाभी की वो काले रंग की पेंटी के दर्शन जो हो चुके थे. इसलिए अब मैंने इतना सुनते ही भाभी की पेंटी को आधा निचे कर दिया. जहाँ अब मेरे को उनके कुल्हे साफ-साफ़ मटके हुए नजर आ रहा था. और मैं इस दौरान मसाज की पूरी कोशिश कर रहा था.
लेकिन अब मेरे से रहा नही जा रहा था. इसलिए मैंने खुद से ही भाभी के सलवार व पेंटी को जाँघों तक ला दिया. और पीछे आकर उनकी चूत के दर्शन कर रहा था. तथा अब मैं उनके जांघों तक हाथ मल रहा था. और भाभी सब कुछ समझ रही थी. तभी मेरा फिर से मूठ मारने का मन हो चला. तो मैंने भाभी को बोला- मुझे वाशरूम जाना है.
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भाभी- जो बात है वो बता दो रफीक जी मैं किसी से नही कहूँगी.
मैं- नही कुछ बात नही है. प्लीज मेरे को वाशरूम जाना है.
भाभी- सब समझती हूँ, 5 बरस हो गये है धक्के खाते-खाते. साफ बोलो ना की सेक्स करने का मन हो चला है.
मैं- अब इतना ही समझ रही हो तो फिर सेक्स करने के लिए क्यूँ न कह देती हो. मेरे से नही रहा जा रहा है. क्योंकि आपकी चूत इतनी चिकनी नजर आ रही है की मन कर रहा अभी इसके अंदर अपना लंड डाल दू.
भाभी- हाँ तो डालो ना मना किसने किया है?
मैं- सच्ची भाभी?
भाभी- हाँ, मेरा भी चुदाई करवाने का मन हो चला है प्लीज आपको जो करना है वो कर सकते हो.
मैं- थैंक्स भाभी, आप मेरी जान हो. कितना सेक्सी बदन है आपका. अल्लाह ने आपको बड़ी फुर्सत से बनाया है.
भाभी- क्या फायदा ऐसे बदन का जब ढंग से चुदाई ही नही हो पाए.
मैं- क्या मतलब?
भाभी- मतलब ये की तुम्हारे भाईजान तो कभी-कभार ही चोद पाते है. फिर से वो विदेश चले जाते है इसलिए आज से ये चूत चोदने की जिम्मेदारी आपकी ही है. आपको जैसे चोदना है चोद डालो. मैं बहुत दिनों से प्यासी हूँ.
इतना कहते ही मैंने भाभी से लिपट गया. और अब मैं उन्हें सीधा करके लेटा-लेटा किस किये जा रहा था. तथा साथ में उनके बूब्स को भी दबाये जा रहा था. और भाभी इस दौरान मानों काफी गर्म हो चुकी थी. इसलिए वो भी काफी तेज-तेज गर्म सांसे छोड़ रही थी.
फिर दोस्तों करीब 5 मिनट तक आयशा भाभी को चूमने के बाद भाभी बोली- प्लीज आप मेरे को अपना लंड चुस्वाओ.
तो मैंने भी अब अपने कपड़े हटाकर अपने 7 इंच के दमदार लंड को आयशा भाभी के सामने ला दिया. और अब उन्हें इस लंड को चूसने के लिए कह दिया. और दोस्तों मेरी आयशा भाभी इतनी प्यासी थी की वो इस दौरान मेरे लंड को आइसक्रीम की तरह उम्मम्मम्म…. उम्म्म्मम्म….. उम्म्म्मम्म करते हुए चुसे जा रही थी.
और उनके लंड चूसने के कारण मेरा लंड काफी सख्त हो चला था. इसलिए अब उन्होंने मुझे अपना लंड चूत में डालने को बोल डाला. लेकिन मैं भी अब भाभी को तड़पाकर चोदने वाला था. इसलिए अब मैंने उनकी सलवार व पेंटी को उतार फेंका. तथा उनके टांगों को चौड़ा करके अब मैंने अपना मुह उनकी चूत पर टिका डाला. और इस दौरान भाभी की चूत से क्या खुशबु आ रही थी.
मैं तो जब उनकी चूत की खुशबु लिया तभी चुदाई का सा अनुभव प्राप्त करने लग गया था. तभी मैंने उनकी चूत के पंखों को फैलाया और देखा की उनकी चूत में बहुत सारी लार निकल रही थी. क्योंकि भाभी को चुदवाने का मन हो चूका था. इसलिए वो अपनी चूत से धीरे-धीरे झड़ने लगी थी. तो मैं करीब अगले 5 मिनट तक एक ही रफ्तार में उनकी चूत को चाटता रहा.
और अब भाभी भी आह… आह्हहहहः….. अहहहहः….. अहहहहहः….. आह्हहः…. रफीक जी…. उम्म्म्मम्म…… आह्हाहा…. उम्म्म्म….. उम्म्म…. किये जा रही थी. लेकिन मैंने अब उनकी एक न सुनी और उनकी चूत को लगातार चाटता ही रहा. और मेरे चूत चाटने का अंदाज आयशा भाभी को इतना पसंद आया की वो चाटने की वजह से ही झड़ने लग गयी.
और पूरा पानी मेरे मुह में छोड़ दी. और अब वो निढाल होकर लेट गयी. तभी मैंने फिर से उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया. और अब मैं करीब 10 मिनट तक चूत चाटने के बाद भाभी फिर से मूड में आ गयी. तभी मैंने सोचा की अब जल्दी से अपने लंड को डालकर भाभी को चोद लेते है. वरना ये सोचेगी की मैं भी इसके शौहर की तरह कोई नामर्द तो नही हूँ.
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भाभी कहने लगी- अब और मत तड़पाओ. अब जल्दी से मेरे अंदर अपना लंड डाल दो. अब मुझसे रुका नहीं जा रहा!
इसलिए अब मैंने कोई देर नही की. और मैंने अपने लंड को भाभी की चूत पर सेट किया. उनकी चूत बहुत टाइट थी क्योंकि उनका पति नामर्द था जो चुदाई शुरू होने से पहले की खत्म कर देता था. फिर मैंने वो विदेश वाला तेल लगाया अपने लंड पर और नीचे तकिया रख दिया ताकि आराम से लंड चूत में जा सके.
तेल डालते के साथ ही उनकी चूत थोड़ी ढीली पड़ी तो मैंने भाभी को किस करते हुए बातों में लगाए हुए एक जोर का झटका उनकी चूत में लगा दिया. अभी मेरे लंड का आगे का टोपा ही अंदर जा पाया था कि भाभी की आंखें फैल गई, वे चिल्लाने को होने लगी. और वो इस दौरान आह……ईईईईईईइ………….सीईईईईइ…………उम्म्मम्म्म्मम्म……… आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह…. किये जा रही थी.
मैंने उनकी एक न सुनी और उनके होंठों को दबाकर रखा था जिससे आवाज बाहर तो नहीं आ रही थी पर उनके चेहरे के हावभाव से पता चल रहा था कि वे कितने दर्द में हैं. मैं थोड़ी देर रुका रहा, भाभी के चूचे मसलता रहा और किस करता रहा. जिससे वे थोड़ी नॉर्मल हो पाई.
जैसे ही मैंने देखा कि वे अब ठीक हैं, मैंने मौका पाते ही एक और जोर का झटका लगा दिया जिससे मेरा लंड पूरा अंदर चला गया. और भाभी रोने को होने लगी. मैंने उनके होंठ नहीं छोड़े और उन्हें समझाया- जान, शुरू में थोड़ा दर्द होगा. पर बाद में बहुत मजा आएगा.
भाभी- पता है लेकिन मुझे दर्द नही मजा ज्यादा आ रहा है. आप मेरे चिल्लाने पर ध्यान मत दो ये तो ख़ुशी से चिल्ला रही हूँ. आप तो प्लीज अपनी चुदाई जारी रखो. बहुत दिनों से कोई ढंग का लंड मिला है इस प्यासी चूत को…. प्लीज रफीक जी आप मेरे को जोरदार चोद लो.
इतना सुनते ही मेरे में जोश आ गया. और अब मैंने आयशा भाभी की ताबड़तोड़ चुदाई शुरू कर दी. लंड दनादन अंदर बाहर करने लगा. इस दौरान मेरा लंड भाभी की बच्चेदानी तक जाने लगा. और करीब 10 मिनट तक एक ही रफ्तार में चुदाई करता रहा. भाभी इतने में दो बार झड़ चुकी थी, तीसरी बार झड़ने वाली थी.
और यहां मेरा भी पानी निकलने को हुआ तो मैं बोला- भाभी, मेरा निकलने वाला है, कहां निकालूं?
भाभी बोली- प्लीज बाहर मत निकाल देना इस अंदर छोड़ो और अपने वीर्य से मेरी चूत की प्यास को तृप्त कर दो. बहुत मजा आ रहा है.
इतना सुनते ही मैंने अब और 10-20 जोर के झटके देकर भाभी को कसकर पकड़कर आह…. अहहहः…हहहहः करते हुए पूरा माल भाभी की चूत में ही निकाल दिया. और इसके बाद मैं उनके ऊपर एकदम से फ़ैल गया.
और भाभी मेरी चुदाई से इतनी इम्प्रेस हुई की वो अब मेरे बदन पर अपना प्यार भरा हाथ फेरे जा रही थी. और साथ में मेरे को किस भी किए जा रही थी. उनकी चुदाई की ये प्यास देखकर अब 15 मिनट बाद फिर से मेरा लंड खड़ा हो गया. और फिर भाभी को बोला- भाभी फिर से चोदने का मन हो चला है.
भाभी- मेरा भी हो गया है.
मैं- चलो फिर शुरू करे?
भाभी- ऐसे नहीं.
मैं- फिर कैसे?
भाभी- आप मेरे को गोद में उठाकर चोदो तो मेरे को बहुत मजा आएगा.
मैं- भाईजान भी आपको ऐसे ही चोदते है?
भाभी- उनसे कहाँ कुछ हो पाता है, ये तो मैंने फिल्मों में देखा है ये मेरी फेवरेट पोजीशन है, प्लीज मेरी ये ख्वाहिश पूरी कर दो.
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मैं- चिंता मत करो.
इतना कहकर मैं अब भाभी को खड़ा किया. और पहले तो पास में रखा एक साफ़ कपड़ा लेकर उनकी चूत का पानी पौंछा तथा इसके बाद फिर से मैं उनकी रसीली चूत को चाटने में लग गया. अब मेरा लंड उनकी चूत को चाटने के बाद फिर से वैसे का वैसा ही हो गया जो पहले राउंड में हो रखा था.
तभी मैंने अब ज्यादा देर न करते हुए भाभी को अपनी गोद में लिया और अब उनकी दोनों टांगों को मैं खड़े-खड़े अपने हाथों से पकड़ रखा था. त्तथा भाभी का हाथ फ्री था इसलिए उन्होंने मेरे लंड को अपनी चूत पर सेट कर डाला. और बोली- अब लगने दो झटके.
इतना सुनते ही मैंने आयशा भाभी को खड़े-खड़े चुदाई करना शुरू कर डाला. और अब दोस्तों ऐसे झटके लग रहे थे की पुरे कमरे में फट…. फट…. फट…. की आवाजें गूंजने लगी थी. और हर आवाज मेरे को बेहतरीन मजा दे रही थी. और इस दौरान भाभी को इतना मजा आ रहा था की वो मेरे सर को पकड़कर मेरे को लिप्स किस किए जा रही थी.
करीब आधे घंटे तक ऐसे ही चोदने के बाद भाभी एकदम थक गयी. और मैंने देखा की उन्होंने फर्श पर अपनी चूत से काफी पानी फेंक रखा था. तो मैंने भी अब जोर-जोर से चोदना स्टार्ट कर दिया. और अब मैं भी झड़ने वाला था. तभी मैंने थोड़ा जोर लगाकर फिर से भाभी की चूत में ही आह..आह…आह.. करते हुए अपना माल निकाल दिया.
और फिर भाभी को निचे उतारा और हम दोनों ने खड़े-खड़े करीब 10 मिनट तक खूब किस की. फिर पता चला की अब अम्मी व अब्बू घर पर आने वाले है. इसलिए अब हमने शाम को जब वो सो जायेंगे तब चोदने का फैसला किया. और दोस्तों उस दिन मैंने आयशा भाभी के कुल 7 बेहतरीन राउंड लगा डाले. तथा अगले दिन आयशा भाभी का हाल ऐसा हो गया था की वो ठीक से चल भी नही पा रही थी.
लेकिन वो खुश बहुत नजर आ रही थी. क्योंकि उसे पहले बार कोई ढंग का लंड मिला था. इसके बाद तो मानों वो मेरी दीवानी सी हो चली है. कभी वो मेरे कमरे में आ जाती है तो कभी मैं उनको चोदने के लिए भाभी के कमरे में चला जाता हूँ. और ये सिलसिला करीब 1 बरस से चलता ही आ रहा है. और आज के समय में भाभी की चूत का दीवाना हो गया हूँ. सच कहूँ तो मेरे को आयशा भाभी की चूत की ऐसी लत लगी है की दिन में एक बार तो उनकी चूत को बजाना ही पड़ता है.
दोस्तों ये Muslim sex stories in hindi आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Muslim sex kahani बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.