Halala Sex Story – चूत के प्यासे मौलवी साहब ने दिया चुदाई का असली मजा
आदाब सभी को! आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com के Halala sex stories के नए एपिसोड में. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर से जारा जी द्वारा भेजी गयी Halala Sex Story लेकर. दोस्तों यह Halala sex kahani मेरी खुद की है जिसमे किसी कारणवश पारिवारिक लड़ाई के कारण फायदा पास के मौलवी साहब को मिला है.
जैसा की आप सब जानते ही है हर आजकल हर किसी के घर में झगड़े होना आम बात है. लेकिन दोस्तों मुस्किल तब खड़ी हो जाती है जब झगड़े के कारण कोई गलत कदम उठा लिया जाए. ठीक ऐसे ही दोस्तों हमारे समाज में भी मियां बीवी की लड़ाई में तलाक वाला लफड़ा आ जाता है. जिसका फायदा कोई गैरमर्द ही उठाता है.
ठीक इसी कड़ी में दोस्तों मेरे को भी सच बताऊ तो असली चुदाई का मजा पास के मौलवी साहब ने दिया है. क्योंकि मेरे शौहर आदिल जिनके साथ मेरा निकाह आज के 4 बरस पहले हुआ था. हालाँकि पहले 2 साल तो सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था. लेकिन इसके बाद मुझे पता चला की वो मेरे में इंटरेस्ट कम ही ले रहे है. इसलिए मैंने उनके बारें में खोज की तो उन्होंने अपने ऑफिस में एक साथ में काम करने वाली लड़की मीरा के साथ सम्बन्ध बना रखे थे.
और सच कहूँ तो मीरा और मेरे शौहर आदिल इस रिश्ते में एकदम मजे ले रहे थे. चूँकि मर्द जात का कोई विश्वास नही है कब कहीं मुह मार दे. क्योंकि मैं भी कोई कम हुस्न वाली लड़की तो हूँ नही. मेरे भी कॉलेज लाइफ में काफी दीवाने थे. लेकिन समाज की वजह से अपने आप पर बहुत कण्ट्रोल रखा. और किसी को भी अपने आप को छूने तक नही दिया.
लेकिन जब मेरे को पता चला की मेरे शौहर आदिल मेरा विश्वास तोड़ रहे है तो आए दिन हमारे घर में लड़ाई होती थी. और इसी से परेशान होकर मेरे शौहर ने मेरे को पिछले दिनों ही तलाक-तलाक-तलाक बोल दिया. और इसी से हमारे रिश्ते का अंत हो चूका था. जिसके बाद मैं अपने मायके इस्लामाबाद आ गयी. और मेरे शौहर मुल्तान में ही थे. अब दोस्तों महज 10 दिन ही गुजरे थे की मेरे शौहर ने मीरा को अपनी बेगम बनाने का फैसला किया.
जिसके बाद मीरा ने मेरे शौहर को छोड़कर और बेहतरीन बंदे को तलाश लिया. क्योंकि अल्लाह सब देखता है अगर आप किसी के साथ बुरा करोगे तो आपको भी एक दिन बुरा ही फल मिलने वाला है. अब मीरा की बेवफाई देखकर मेरे शौहर भी परेशान हो गये. और मेरे को कॉल किये और मेरे को मनाने लगे. लेकिन मैं नही मानी.
फिर मेरे शौहर मेरे पीहर ही आ गये और यहाँ मेरे अम्मी-अब्बू को समझाने लग गये. और अपनी गलती मानने के लिए लग गये. अब उन्हें गिडगिडाता देखकर मेरे अम्मी-अब्बू ने मेरे को बहुत समझाया और फिर हुआ असली खेल शुरू. क्योंकि दोस्तों हमारे समाज में एक बार अगर कोई मर्द अपनी बेगम को तीन तलाक बोल देता है तो उसे फिर पाक साफ होने के लिए किसी गैरमर्द से हलाला करवाना पड़ता है.
यानी की पहले किसी गैरमर्द की एक रात के लिए बेगम बननी पड़ती है. इसलिए अब मेरे घर में कोई देवर वगेरह तो थे नही वरना वो ही इस काम को अच्छे से अंजाम दे देते. इसलिए मेरे शौहर आदिल ने पास के मौलवी साहब से बात की और फिर मौलवी साहब ने 1.5 लाख रूपये की डिमांड कर डाली. और मेरे शौहर ने उनकी ये डिमांड मान ली.
क्योंकि मौलवी साहब के मजे ही मजे थे एक तो हलाला के पैसे मिल रहे थे और एक चिकनी चूत मिल रही थी. इसलिए मौलवी साहब किसी को मना भी नही करते. हालाँकि मौलवी साहब ने मेरे को पहले देखा तक नही था. इसलिए पहले उन्होंने मेरे को बुलाया और देखकर बोले की आज की शाम आ जाना. आपका ठीक से हलाला कर दिया जाएगा.
पहले तो मैं काफी घबरा गई थी क्योंकि मेरे को गैर मर्द के साथ सोने में काफी शर्म सी महसूस हो रही थी. इसलिए मैंने ना कर डाली अपने शौहर को. फिर मेरे शौहर ने समझाया की ये सब तो करना ही पड़ेगा. अगर मेरे को तेरे साथ फिर से निकाह करना है तो. प्लीज जारा मान जाओ…. इस प्रकार की मन्नते करते रहे.
इसके बाद मैंने हामी भर दी. और फिर मेरे शौहर शाम को ही मेरे को मौलवी साहब के वहां छोड़कर अपने घर चले आए. और अब मौलवी साहब पहले से ही चुदाई के बारें में सोचकर अपना इंतजाम कर रखे थे. क्योंकि शायद ही उनको मेरे जैसी हस्सन की परी कभी मिली होगी. इसलिए उनकी तैयारी जोरों पर थी. मैंने वहां पर देखा तो उन्होंने शिलाजीत के कई सप्लीमेंट ले रखे थे. क्योंकि वहां बहुत सारे शिलाजीत के डिब्बे पड़े थे.
इसलिए मैं समझ गयी थी की मौलवी साहब है तो एक नम्बर के ठरकी इन्सान. लेकिन चलो कोई बात नही मुझे भी चुदाई करवाए काफी अरसा गुजर चूका था. क्योंकि अब मैं भी केवल गंदी फिल्मे देखकर ही ऊँगली करके अपना काम चला लेती थी. इसलिए इन फिल्मों से अच्छा तो असली लंड लिया जाए वो बेहतर होता है.
अब तो दोस्तों जैसे ही मैं मौलवी साहब के घर पर गई तो उन्होंने जो मेरी खातिरदारी की उसे मैं भुला नही सकती. शायद वो मेरे को चोदने के बारें में पहले से ही प्लान बना चुके थे. इसलिए उन्होंने मेरे को प्यार से रखा. और फिर हम दोनों ने खाना खाया तथा इस दौरान रात के 9 बज चुके थे. तो मौलवी साहब बोले- अब चले जारा बेडरूम में?
मैं- आपकी मर्जी मौलवी साहब.
इतना कहते ही मौलवी साहब बेडरूम की तरफ निकल पड़े और मैं भी उनके पीछे-पीछे उनके साथ चल रही थी. और हम इस दौरान बेडरूम में चले गये. तथा इस दौरान हम बैठकर काफी बातें करते रहे. और मैंने इस समय बुरका पहन रखा था. इसलिए मौलवी साहब बोले की पहले अपने चेहरे से नकाब हटाओ जारा मेरे को आपका चेहरा देखना है.
इतना सुनते ही मैंने नकाब को चेहरे से परे किया और अब मैं उनको अपना पूरा चेहरा साफ़ साफ़ दिखा रही रही थी. जिसे देखते ही मौलवी साहब ने तुरंत मेरे को अपनी बाहों में भर लिया. और मेरे से चेहरे पर किस करना शुरू कर दिया. शुरू-शुरू में तो मेरे को काफी अजीब फील हुआ. लेकिन मौलवी साहब की चुदाई की भूख देखकर अब मेरा भी धीरे-धीरे मूड बनने लग गया था. इसलिए मैंने भी उनका साथ देना ही सही समझा.
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और हम करीब 10-15 मिनट तक एक दुसरे को चुमते रहे. तथा इस दौरान मौलवी साहब मेरे बूब्स को भी दबाने में लगे थे. जिसकी वजह से मेरे शरीर के अंदर मानों करंट सा दोड़ने लगा था. और मैं अब सिसकारियां लेने लगी थी. चूँकि मौलवी साहब चुदाई की सभी ट्रिक्स जानते थे. इसलिए उन्होंने मेरे को मूड में लाने के लिए हर वो कोशिश की जो वो करना जानते थे.
अब दोस्तों ये सब करते-करते करीब आधा घंटा गुजर चूका था. जिसके बाद मौलवी साहब बोले- कैसा लग रहा है मेरी जान?
मैं- जान?
मौलवी साहब- हाँ, आज तो तुम मेरी जान ही हो.
मैं- अच्छा, ठीक लग रहा है मेरी जान.
इतना सुनते ही मौलवी साहब ने मेरे को लिटा दिया और अब वो मेरे सलवार का नाड़ा खोलने में लग गये. और सलवार का नाड़ा खोलकर सलवार को निचे खिसका दिया. और इस दौरान मैं लाल रंग की पेंटी पहन रखी थी. जिसे देखकर मौलवी साहब तो मानों पागल हो चुके थे. क्योंकि मेरी उन गोरी-गोरी टांगों पर वो लाल रंग की पेंटी बहुत ही जच रही थी.
इसलिए मौलवी साहब ने आधा सलवार निचे करके ही मेरी जाँघों को चाटना शुरू कर दिया. ऐसा लग रहा था जैसे की कोई भूखे शेर को शिकार मिल चूका हो. क्योंकि उनकी वो दाढ़ी मेरी जांघों पर काफी गुदगुदी कर रही थी. इसलिए मेरे को भी बहुत मजा आ रहा था. इससे पहले आपको बताऊ की मेरे शौहर आदिल कभी भी दाढ़ी नही रखते थे. इसलिए मैंने कभी दाढ़ी वाले को छूने का मजा नही दिया था.
लेकिन अब मेरे को यकीन हो गया था की ये दाढ़ी इसलिए रखते है ताकि औरतों को मूड में लाया जा सकें गुदगुदी करके. और इस दौरान दोस्तों मेरे को इतना मजा आ रहा था की मेरी चूत से अपने आप ही गीला-गीला पानी निकल रहा था. और सामने से मेरी पेंटी भी अब गीली दिखाई देनी लगी थी. इसी दौरान मौलवी साहब ने देखा और बोले- अरे जारा ये तो अभी से ही गीली हो गयी?
मैं- आपने जादू ही इस लेवल का किया है मेरी जान की इसको तो गीला होना ही था.
मौलवी साहब- अच्छा, तुमको इतना मजा आया क्या फोर प्ले में?
मैं- पूछो मत मेरी जान, बस अब तो दिल कर रहा है की आप जल्दी से मेरे को चोद डालो. क्योंकि अब मेरे से रहा नही जा रहा है.
इतना कहते ही मौलवी साहब में फिर से जोश चढ़ गया और वो कहाँ इतनी जल्दी मेरे को चोदने वाले थे. उन्होंने मेरे को इस दौरान तड्पाना ही ठीक समझा और मेरी पेंटी को निचे कर दिया. तथा अब मैं निचे से पूरी नंगी हो चुकी थी. और मेरी गुलाबी सी चूत के दर्शन मौलवी साहब कर चुके थे. अब मेरी उस चुदाई की प्यासी चूत को चाटने के लिए मौलवी साहब ने मेरे टांगों को चौड़ा कर दिया.
और अपना मुह मेरी चूत में टिका दिया. और एकदम एक ही स्पीड में अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटने में लग गये. तथा इस दौरान में आः…हाहाहाह….सीईईईईई……….आआआअ……. ईईईईईईई……….. आहाहहहहहहाह्हा …… अहह्हहहाहा…. करती रही. और अब मेरे को भी इस दौरान उनकी चूत चटाई का अंदाज देखकर इतना मजा आया की मैंने मौलवी साहब के सर को पकड़कर अपनी चूत में ही रखने को कह रही थी.
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और साथ में उछल-उछलकर अपनी चूत को मौलवी साहब के मुह पर गढ़ा रही थी. और मेरे को इस दौरान चुदाई जैसा ही मजा आ रहा था. तभी करीब 10 मिनट तक मेरी चूत चाटने के बाद अब मेरी चूत भी झड़ने को लग गयी. और मैं अब आह…आह्हह्ह….अहहहः….अहहाह…अहहः… करके पूरा पानी छोड़ डाली.
तथा मेरी चूत से निकला पानी मौलवी साहब पूरा पि गये और अब वो काफी जोश में आ चुके थे. वहीं अब मेरे को चुदाई जैसा ही फील हो रहा था. लेकिन अभी तक लंड कहाँ लिया था. वो तो अभी बाकी ही था. क्योंकि लंड डलवाए बगैर तो हलाला अधुरा ही रहेगा ना.
इसलिए अब मौलवी साहब उठे और अपने कपड़े उतारकर मेरे सामने आ गये. और आपको बताऊ उनका लंड इस दौरान काफी तन चूका था. और पूरा 8 इंच का लग रहा था. तथा 3 इंच मोटा लंड उसे देखकर मेरे तो मन में उनका लंड मुह में लेने का हो गया था. हालाँकि मौलवी साहब भी अब खुद मेरे को अपना लंड मुह में लेने की दावत ही देने वाले थे. लेकिन मैंने पहले ही उठकर उनका लंड अपने आप से ही मुह में ले डाला.
क्योंकि मैंने इतना तगड़ा लंड पहली बार देखा था. हालाँकि देखा तो मैंने फिल्मों में भी था लेकिन रियल लाइफ में पहली बार देखा था. इसलिए अब मैं उनके लंड को पूरा अंदर तक लेकर चूम रही थी. और मौलवी साहब खड़े-खड़े चुसवाने का मजा ले रहे थे. और साथ में आह….अहहहः…अहहहा…. किये जा रहे थे. और मैं एकदम कुल्फी की तरह उनके लंड को चुसे जा रही थी.
करीब 10 मिनट तक लंड चूसने के बाद अब मौलवी साहब ने मेरे को घोड़ी बना लिया. और पीछे से मेरी कमर को पकड़कर दे-दनादन की तरह चोदना शुरू कर डाला. और मैं इस दौरान पहली बार इतना बड़ा लंड ले रही थी. तो आह….अहहाह…हहहः…हहहाहा…. करती रही. लेकिन मौलवी साहब को चुदाई कैसे होती है सब अच्छे से पता था.
क्योंकि वो सब जानते थे की मैं इस दौरान दर्द कम और मजा ज्यादा ले रही हूँ. इसलिए उन्होंने मेरी एक न सुनी और चुदाई के दौरान ही जब मैं चिल्लाने लगी तो मौलवी साहब बोले- मेरी जान ये चुदाई तुम जिन्दगी भर न भूल पाओगी. चिल्लाओ मत प्लीज.
मैं- मौलवी साहब ये ख़ुशी से चिल्ला रही हूँ. आप तो अपने धक्के देना जारी रखो प्लीज बहुत मजा आ रहा है.
मौलवी साहब- हाँ मैं भी जनता था की तुम ख़ुशी से चुद रही हो. लेकिन इतना चिलाओगी तो पास के लोग जग जाएँगे. अभी तो पूरा लंड भी ढंग से अंदर नही डाला है.
मैं- अच्छा, अभी आधा ही गया है?
मौलवी साहब- हाँ अभी थोड़ी चूत में जगह बन जाने दो तब डालूँगा पूरा लंड फिर आएगा तेरे को बेहतरीन मजा.
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मैं- या अल्लाह, मौलवी साहब आई लव यू…. मेरी चूत भी अब लंड की और डिमांड करने लगी है. प्लीज आप तो बिना कोई परवाह किये पूरा अंदर जाने दो.
इतना सुनते ही मौलवी साहब ने अब मेरे कंधों को पकड़ लिया. और अपना पूरा लंड डाल दिया. और इस दौरान मैं आह…..सी…. सीईईईईईईइ…… ईईईईईएआअ….. आहाहहहहहाहा…..अहहह्हहः…. अहहहः….. किये जा रही थी. लेकिन अब मौलवी साहब मेरी एक न सुन रहे थे. और लगातार मेरी चूत में धक्के पर धक्के दिए जा रहे थे.
करीब 5 मिनट के धक्कों से ही मेरी चूत तो झड़ने लग गयी. लेकिन मौलवी साहब कहाँ झड़ने वाले थे. वो तो शिलाजीत की डोज जो लेते थे. इसलिए अब मैं निढाल सी हो गयी. और चूत से पानी छोड़ने लग गयी. इसी दौरान मौलवी साहब ने मेरे कंधों से एक हाथ हटाया और पीछे से मेरे कूल्हों पर थप्पड़ मारने में लग गये. और अब मेरे को उनकी चोटें भी इतनी अच्छी लग रही थी की दोस्तों पूछों मत… हाय अल्लाह…. चुदाई हो तो ऐसी….. परफेक्ट चुदाई वाली स्टेप्स हमारे मौलवी साहब अपना रहे थे.
करीब 5 मिनट तक चुदाई के साथ कूल्हों पर थप्पड़ मारने के बाद अब मेरे कुल्हे एकदम लाल हो चुके थे. और अब मैंने भी जोश में आकर खुद से पीछे धक्के लगाकर मौलवी साहब के लंड की ओर धकेलना शुरू कर दिया. और मेरे को अब फिर से मजा आने लगा था. इसलिए अब मौलवी साहब ने मेरी कमर को कसकर पकड़कर अपनी स्पीड बढ़ा डाली.
और मैं इस दौरान करीब 15 मिनट की और चुदाई के बाद फिर से झड़ गयी. और अब मेरी चूत इतनी गीली हो चुकी थी की अब अगले झटकों में मेरी चूत में लंड जाते ही फच… फच…फच… जैसी आवाजें आ रही थी. इसलिए दोस्तों कोई पास का पड़ोसी सुन न ले मौलवी साहब ने मेरे को लेटाया और पहले मेरी चूत को एक साफ़ कपड़े से पोंछा.
तथा इसके बाद फिर से अपना लंड डालकर मेरे को चोदने में लग गये. इस दौरान वो मेरे टांगों को अपने कंधों पर लेकर आराम से मेरे अंदर झटके दे रहे थे. और उनके हर झटके में मेरे को जन्नत जैसा अहसास हो रहा था. और अब वो मेरे को इसी पोजीशन में करीब अगले आधे घंटे तक चोदते रहे. फिर वह भी झड़ने वाले थे तो बोले- जारा मेरी जान मेरा वीर्य निकलने वाला है, कहाँ निकालू?
मैं- ऐसी चुदाई करके भी कोई भला पूछता है क्या? प्लीज इसे मेरी चूत में ही निकालना और जोर देकर अपने लंड को अंदर तक जाने देना. बहुत दिनों से मेरी चूत चुदाई की प्यासी है.
इतना सुनते ही मौलवी साहब ने मेरे को कसकर पकड़कर अपने लंड को मेरी चूत की गहराई में समा दिया. और वो आह…आह…आह… करते हुए मेरी चूत में ही झड़ गये. तथा इस दौरान मैं भी उनको कसकर पकड़कर उनके लंड को अंदर तक लेने का फील ले रही थी. और फिर वो मेरी चूत में झड़कर मेरे ऊपर ही करीब 10 मिनट तक लेटे रहे. और मेरे से अपनी चुदाई के अनुभव के बारें में पूछे- कैसा लगा मेरी जान?
मैं- मौलवी साहब प्लीज आप मेरे को तलाक मत दो मैं आज से आपकी दीवानी हूँ.
मौलवी साहब- मेरी दीवानी हर कोई बन जाती है. लेकिन अगर तुम मेरी चुदाई से इतनी ही खुश हुई हो तो अब तुम फ्री में ही अपनी चुदाई करवाने के लिए मेरे को बुला सकती हो. लेकिन ध्यान रखना तेरे शौहर को इसके बारें में पता न लग पाए. वरना गडबड हो जाएगी.
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इतना कहते ही मैं फिर से उनको चूमने लग गयी. और हम दोनों फिर से मूड बना लिए. तथा उस रात मौलवी साहब और मैं सोये तक नही. और कुल 5 बार अपनी चूत को चुदवाने का आनंद लिया. तथा फिर सुबह हुई तो मौलवी साहब ने मेरे को अपने शौहर आदिल के हवाले कर दिया. और बोले- ले जा अपनी बेगम अब ध्यान से रखना इसे. बहुत अच्छी है कोई गलती मत करना आगे से.
आदिल- ठीक है मौलवी साहब, लो आपका पेमेंट का डेढ़ लाख रुपया.
इसके बाद मौलवी साहब ने पेमेंट लिया. और मेरे को आदिल के हवाले कर दिया. अब दोस्तों मैंने उस रात उनके नम्बर ले लिए थे. जब भी मेरे को ढंग से चुदवाने का मन होता है मैं मौलवी साहब को कॉल कर देती हूँ. और वो मेरे घर पर ही आकर अब मेरे को ढंग से चोद लेते है. इसलिए हम दोनों ही अब खुश है. तथा इसके बारें में मेरे शौहर को कोई खबर तक नही है. अल्लाह करें हमारी जोड़ी ऐसे ही सलामत रहे. आई लव यू मौलवी साहब.
दोस्तों ये Halala sex stories in hindi आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह halala sex kahani बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.