Gaon Ki Chhori Ki Chudai – ज्योति को पास बुलाकर दिया पहली चुदाई का अहसास
नमस्कार दोस्तों! आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com के Gaon sex stories के नए एपिसोड में. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर से प्रदीप जी द्वारा भेजी गयी Gaon Ki Chhori Ki Chudai कहानी लेकर. दोस्तों यह Gaon ki chhori ki chudai hindi mein कहानी मेरे घर के पास की लड़की ज्योति की है. जिसको मेने खेत में बकरी चराते समय पहली चुदाई का अहसास दिया है.
दरअसल दोस्तों मैं मध्यप्रदेश के उज्जैन के एक छोटे से गाँव का रहने वाला हूँ. और ये घटना अभी पिछले ही दिनों की है जब हम स्कूल की छुट्टियों के दौरान बकरी चराने के लिए अपने खेत में जाया करते थे. इसी दिन के बाद से मेरे तो मानों चुदाई के मजे हो गये थे. क्योंकि इससे पहले मैं केवल मूठ मारकर ही काम चलाता था. लेकिन मुझे नही पता था की मुझे भी ज्योति जैसी खुबसुरत लड़की चुदाई के लिए मिल जाएगी.
क्योंकि ज्योति एक बेहद हॉट टाइप की लड़की है और वो अभी कॉलेज में पढाई कर रही है. तथा मैं अभी स्कूल में ही पढाई कर रहा हूँ. ऐसा समझो की ज्योति मेरे से उम्र में 2 साल बड़ी है. और इसी कारण से उसका शरीर अभी उभरा हुआ नजर आता है. जिसकी वजह से अगर सच कहूँ हो ज्योति को देखकर हर किसी का मन डोल जाए.
वैसे दोस्तों आपको बता दूँ की ज्योति एक गरीब घर की लड़की है. और उसके पास अभी तक कोई फोन तक नही है. इसलिए वह कोई भी फोन चलाता था तो उसके पास आकर बैठ जाती थी. इसलिए मेरा चुदाई वाला प्लान सेट हुआ था. हुआ ये की एक दिन मैं बकरी चराने के लिए खेत में निकल पड़ा और ज्योति भी वहां पर आई हुई थी.
अब दोस्तों मेरे पास बकरा था जो की ज्योति वाली बकरियों के पीछे पड़ रहा था. इसलिए वो बकरा इस दौरान बकरियों को परेशान सा कर रहा था. तभी मैंने बकरे को अपने पास पकड़कर ले आया और एक पेड़ से बाँध दिया. इसलिए अब ज्योति मेरे पास आई और बोली- प्रदीप इस बकरे को खोल दो ताकि हमारी बकरी भी दोबारा बच्चे देने जैसी हो जाए.
मैं- अभी ये परेशान करेगा बकरियों को.
ज्योति- कुछ परेशान नही करेगा, तुम तो खोल दो.
मैं- ऐसा करो मैं तुम्हारी बकरी को पकड़ लेता हूँ आगे से और तुम ध्यान रखना इसका पीछे से.
ज्योति- ठीक है.
इसके बाद दोस्तों मैंने बकरे को खोल दिया और उसकी बकरी को आगे से पकड़ लिया ताकि बकरी आगे न सरक सकें. तभी मेरे बकरे ने अपनी चुदाई का सिलसिला जारी रखा. और वह बारी-बारी से बकरी के ऊपर चढ़ रहा था.
तभी मैंने बोला- अब शायद ये प्रेग्नेंट हो चुकी है.
ज्योति- नही अभी रुको अभी नही हुई है.
मैं- तुम एक काम करो बकरी को आगे से पकड़ो में पीछे से ध्यान रखता हूँ.
तभी ज्योति ने बकरी को आगे से पकड़ लिया. और मैं पीछे से ध्यान रख रहा था. तभी बकरा एक बार फिर से बकरी के ऊपर चढ़ा और उसने इस बार अपना लंड बकरी के अंदर तक काफी देर तक आगे-पीछे किया.
तभी मैंने बोला- हाँ अब ये प्रेग्नेंट हो चुकी है.
ज्योति- तुम्हे कैसे पता?
मैं- इसका ये पूरा अंदर तक चला गया है और बकरी भी पानी छोड़ चुकी है.
ज्योति- अच्छा ऐसा हो जाता है तब हो जाती है प्रेग्नेंट?
मैं- हाँ, दोनों को मजा आना चाहिए. तब हो जाती है प्रेग्नेंट.
इतना सुनकर ज्योति काफी शरमाई और बोली- मेरे को भी देखने दो कौनसा पानी छोड़ा.
तो ज्योति बकरी के पीछे गई और देखि तो उसकी चूत से एक लार सी टपक रही थी. तब वो बोली- हाँ सच में पानी तो आ रहा है. लेकिन ये कैसे आया?
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मैं- अभी समझता हूँ. इधर बैठो.
इसके बाद मैंने ज्योति को ज्ञान देना शुरू कर दिया. और बोला की- जैसे ही इसके लंड की रगड़ अंदर तक महसूस होती है बकरी और बकरे दोनों को मजा आता है. इसी की वजह से ये प्रेग्नेंट हो जाती है.
मेरी ये बात सुनकर ज्योति भी अब काफी खुल चुकी थी. और वो मुझसे काफी सेक्सी बातें कर रही थी. तभी मैंने यह मौका न गवाते हुए एग्जामपल से समझाते हुए एक पोर्न विडियो दिखाने के बारें में सोचा. और बोला की- तेरे को इन्सान कैसे करते है वो देखना है?
ज्योति- हाँ दिखाओ.
तभी इतना सुनते ही मैंने अपने फोन में एक गंदा विडियो चला दिया. और ज्योति उसे देखकर काफी पागल हो रही थी. इस दौरान खेत में हम दोनों ही मौजूद थे. इसलिए दोस्तों मेरा तो पहले ही मूड बना हुआ था. और मैं सोच रहा था की अब ज्योति का भी मूड बन जाए. इसलिए ज्योति ने करीब 5 मिनट तक वो विडियो देखा और अब उसकी चूत में खुजली चल चुकी थी.
इसलिए ज्योति बोली- प्रदीप मेरे को पेशाब जाना है. तुम उधर मुह कर लो.
मैं- ठीक है.
इसके बाद ज्योति ने पेशाब करने के लिए अपने सलवार का नाड़ा खोला और पेशाब के लिए बैठ गयी. तभी मैंने पीछे मुड़कर देखा तो उसकी गोरी-गोरी गांड नजर आई. और वो पेशाब कम तथा अपनी चूत में ऊँगली करने को लगी थी.
तभी मैं समझ गया की ज्योति को चुदवाने का नशा चढ़ चूका है. इसलिए मैंने बिना पूछे ही ज्योति के सामने अपने पैर धर दिए. और देखा की उसकी चूत झांट के बालों से ढकी हुई थी. और उसमे से सेम वैसी ही लार टपक रही थी जैसी की उस बकरी के टपक रही थी. इसलिए मुझे सामने देखकर ज्योति बोली- पागल सामने कैसे आये मैंने बोला था ना की तुम उधर देखो.
मैं- ऐसी चूत पास हो और कोई इधर उधर देखेगा क्या? पागल थोड़ी हूँ. तुम ये अपनी ऊँगली को आगे पीछे क्यूँ कर रही हो?
ज्योति- पता नही मेरे को मजा आ रहा है, जैसा उस विडियो में लड़की को आ रहा था वैसे ही.
मैं- पागल तुम्हारे पास मैं हूँ और मेरे होते हुए भी तुम अपनी चूत में ऊँगली कर रही हो. फिर ये मेरा लंड किस काम का है?
ज्योति- प्लीज मेरे को अपना पेंट उतारकर लंड दिखाओ मेरे को देखने की बड़ी ख्वाहिश है.
इतना सुनते ही मैंने अपनी पेंट की चैन खोली और अपने तने हुए लंड को ज्योति के सामने ला दिया. और ज्योति इस दौरान मेरे लंड को देख-देखकर अपनी चूत में जोर-जोर से ऊँगली करनी शुरू कर दी. और अंत में 5 मिनट तक ऊँगली करने के बाद आह… आहाह…… आहाहह्हा…. आह्हहाह…. आह्हहः…. करते हुए पानी का फव्वारा छोड़ डाली.
तभी मैंने बोला- मिल गया सुकून.
ज्योति- बहुत मजा आया है. थैंक्स प्रदीप.
मैं- अब मेरा भी हिलाने को मन हो रहा है. प्लीज तुम ऐसे ही बैठी रहो. और मेरे को अपनी चूत के दर्शन करवाती रहो.
तभी ज्योति इस दौरान अपनी चूत को मेरे सामने बैठकर आराम से दिखा रही थी. और मैं उसके सामने अपने लंड को कुछ देर तक हिलाकर अपना माल निकाल फेंका. और मेरे माल को निकलता देख ज्योति बोली- अरे ये सफेद-सफेद क्या निकला?
मैं- ये तेरी चूत में जाने वाली क्रीम है जो बाहर ही निकल गयी.
ज्योति- तेरे लंड को देखकर अब मुझे भी ठीक वैसे ही करवाने की इच्छा हो रही है जैसी की उस विडियो में लड़की ने करवाया है.
मैं- तो अब क्या करें?
ज्योति- वो सामने वाला घर है ना वो सुनसान है उसमे चलकर तुम मेरे को वैसे ही चोदो जैसे ही उस विडियो में लड़का चोद रहा था.
ज्योति की ये बातें सुनकर मेरे मन में मानों लड्डू से फुट रहे थे. इसलिए मैंने बकरियों को छोड़कर उस सुनसान मकान में जाने का फैसला किया. और वहां चलकर मैंने ज्योति को पास में बैठाकर किस करना शुरू कर दिया. और आपको बताऊ दोस्तों एक बार झड़ चुकी ज्योति की चुदाई की भूख कम नही हो रही थी. और वो फिर से लंड लेने के लिए बेताब हुए जा रही थी.
इसलिए अब मैंने ज्योति को अपनी बाहों में भरा और उसे किस करना शुरू कर दिया. और वो अपनी गर्म-गर्म साँसे छोड़ रही थी. तभी साथ में ज्योति के बूब्स को भी मसल रहा था. जिसकी वजह से ज्योति अब मेरे को आई लव यू प्रदीप तक बोल रही थी. क्योंकि इस दौरान ज्योति को चुदाई जैसा ही अहसास हो रहा था.
इसलिए अब ममैंने उसे पूरी तरह नंगी कर दिया. उसकी गोरी त्वचा, पतली कमर और मोटी जांघें देखकर मेरा लंड फटने को तैयार था. अब मेरे से रहा नही जा रहा था इसलिए अब मैंने ज्योति के टांगों के बीच में जाकर उसकी चूत का पानी पिने के बारें में सोचा. और उसने तुरंत अपनी टाँगे चौड़ी कर डाली. तथा इसके बाद मैंने उसकी चूत को फैलाया और देखा की उसकी चूत अंदर से काफी गुलाबी और चुदने के लिए काफी तैयार थी.
इसलिए मैंने झट से अपनी जीभ को ज्योति की चूत के दाने पर रख डाला. और जैसे ही मैंने ज्योति की चूत को चाटना शुरू किया ज्योति आह….अहहहहः………..ईईईईइ……… सीईईईईई……….. आआआआआआआअ……….. आहैऐऐऐ…… प्रदीप…… आई लव यू…… मेरी जान….. चोदो मेरे को….. प्लीज.
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मैंने ज्योति की एक न सुनी और उसे उसी रफ्तार में चाटता रहा. तभी उसकी चूत से फिर से हल्का-हल्का पानी निकलने लगा था. तभी मैंने सोचा की अब इसकी चूत लंड लेने के लिए तैयार है. इसलिए मैंने अपनी पेंट उतारी को खुद नंगा हो गया. तथा मैंने अपना लंड ज्योति की चूत के सामने रगड़ना शुरू कर दिया. और अपने लंड के टोपे को चिकने पानी से सना लिया.
क्योंकि सुखा लंड उसकी चूत में जाता भी कैसे. इसलिए वो मेरे लंड की रगड़ से ही काफी मचल रही थी. और लंड को अंदर डालने के लिए बोले जा रही थी. तभी मैंने अपना लंड ज्योति की चूत पर सेट किया.
तो ज्योति बोली- धीरे से डालना… पहली बार है. कहीं मेरे कुछ हो न जाए.
मैंने कहा- मेरा भी पहली बार ही है मेरी जान लेकिन ये पक्का है की तुमको चोदने वाला मजा जरूर दूंगा जिसे तुम जिन्दगी भर याद रखोगी.
इतना कहकर मैंने उसके पैर फैलाए, मेरा लंड उसकी बुर के द्वार पर रखा. टोपा घुसाते ही वह कराह उठी, “उफ्फ… बड़ा है… धीरे… प्रदीप…. प्लीज. इसके बाद मैंने धीरे-धीरे दबाव बढ़ाया. उसकी तंग बुर मेरे मोटे लंड को जकड़ रही थी.
इसके बाद आधा लंड अंदर गया तो वह रोने लगी. तभी मैंने कहा- अभी मजा आएगा चिंता मत करो मेरी जान…. अभी धीरे-धीरे डालूँगा….. आई लव यू ज्योति.
ज्योति- आई लव यू प्रदीप…. प्लीज मेरे को बिना दर्द किये ही चोदो.
मैं- बिना दर्द के ये काम नही होता है पागल दर्द तो सहना ही पड़ेगा. लेकिन दर्द अभी कुछ ही देर में थम जाएगा.
इसके बाद एक जोरदार झटके के साथ पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया. ज्योति जोर से चिल्लाई, आआह्ह्ह… फट गई… प्रदीप…. बाहर निकालो इसे…. प्लीज बहुत दर्द हो रहा है.
इस बार मैंने के न सुनी और अब मैंने अपने होठ ज्योति के होठों से मिला दिए. और उसकी आवाज को दबा दिया तथा उसे लगातार चुमते हुए अपने लंड को अब धीरे-धीरे आगे पीछे करता रहा. और वो अब दर्द कम मजा ज्यादा ले रही थी. तथा मेरे को अपनी तरफ से काफी चूमे जा रही थी. तभी मैं समझ गया था की अब ज्योति को लंड की स्पीड बढ़वानी है.
तभी मैंने बोला- मजा आ रहा है ना?
ज्योति- हाँ, थोड़ा थोड़ा दर्द भी महसूस हो रहा है.
मैं- चिंता मत करो अभी स्पीड बढ़ाऊंगा तब सब खत्म हो जाएगा. और बचेगा सिर्फ मजा.
इतना कहकर मैंने अपने चोदने की स्पीड बढ़ा डाली. और धीरे-धीरे उसकी दर्द की आवाजें मजा की सिसकारियों में बदल गईं. और वो खुद से ही मेरे को अपनी स्पीड और तेज करने के लिए बोले जा रही थी. उसकी ये मांग सुनकर मेरे अंदर भी चोदने की और मांग तेज हुई और मैंने अब जोर-जोर से झटके देने शुरू कर डाले.
और ज्योति आह…. आह…आह्ह्ह……आआआआआ……ईईईईई……….सीईईईइ….. करती रही. तथा मेरे लंड को अंदर तक महसूस करते हुए करीब 5 मिनट की चुदाई में ही अपनी चूत से काफी सारा पानी निकाल फेंकी.
और अब वो निढाल होकर मेरे लंड का मजा ले रही थी. और मैं उसको लगातार चुमते हुए धक्के पर धक्के दिए जा रहा था. मेरे को इस दौरान दोस्तों इतना मजा आ रहा था की पूछो मत. तभी मैंने बोला- ज्योति कभी सोचा था की हम ऐसे भी चुदाई करेंगे?
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ज्योति- कभी नही सोचा था, वैसे तेरे को एक बात बताऊ?
मैं- हाँ बताओ?
ज्योति- मैं रोज अपनी चूत में ऊँगली करती हूँ.
मैं- पता है मेरे को तभी तुम मेरे सामने भी करने लगी थी ताकि मैं ये सब देखकर तुमको चोद पाऊ. तुमने अपने मुह से नही बोला तो क्या हुआ मेरा लंड सब समझता है. अब हम ऐसे ही चुदाई का मजा लेंगे.
ज्योति- ठीक है.
तभी मेरा दोस्तों झड़ने वाला था इसलिए मैंने ज्योति से बोला- मेरा झड़ने वाला है. कहाँ निकालू?
ज्योति- पागल बाहर ही निकालना वरना मेरे को कुछ हो जाएगा?
इतना सुनकर अपने लंड को चूत से निकालकर ज्योति के मुह में डालकर आगे-पीछे करना शुरू कर दिया और करीब 2 मिनट आगे-पीछे करने के बाद अपने लंड का माल ज्योति के मूह में ही छोड़ दिया.
और अब कुछ देर तक हम ऐसे ही लेटे रहे. और एक दुसरे को चुमते रहे. तभी मैंने ज्योति से पूछा- कैसा लगा मेरी जान?
ज्योति- ऐसा लगा जैसा ऐसा पहली कभी न लगा.
मैं- अब तुम जब भी चाहोगी तुमको चोदुंगा मैं.
ज्योति- आज से ये चूत सिर्फ तुम्हारी है जैसी मर्जी हो वैसे चोद लेना.
इसके बाद मैंने मुस्कुराते हुए उसे गोद में बिठाया. और फिर से मैं चूसता जा रहा था. और वो फिर से मूड में आ चुकी थी. तभी कुछ देर चूमने के बाद बोली- प्रदीप तुम मेरे को उस विडियो में जैसे वो लड़का चोद रहा था पीछे से वैसे चोदो.
मैं- अच्छा वैसे घोड़ी बनाकर?
ज्योति- हाँ वैसे ही.
इतना सुनकर मैंने फिर से अपना लंड ज्योति के मूह में डालकर खड़ा करवा लिया और पीछे जाकर ज्योति की चूत में डालने की कोशिश करने में लग गया. शुरू-शुरू में तो लंड जाना हार्ड लग रहा था. लेकिन जैसे ही लंड गया… ज्योति तो फिर से… आह्ह्ह….आह्ह्ह्ह….दर्द हो रहा है…. प्लीज…आह.
मैं- अभी दर्द कम हो जाएगा मेरी जान सब्र करो.
इतना कहने के बाद अब मैंने ज्योति की गोरी और पतली कमर को पकड़कर पीछे से हल्के-हल्के देने शुरू कर दिए. और अब उसका भी दर्द कुछ हद तक कम होता हुआ नजर आ रहा था. और वो अब मेरे संग चुदाई का बेहतरीन मजा ले रही थी.
करीब 20 मिनट तक नॉनस्टॉप तरीके से चोदने के बाद अब ज्योति की आह….आह…आह्ह्ह…. निकलते हुए चूत से फिर से पानी बहने को लग गया. और वो अब अपनी चूत से फिर से काफी पानी छोड़ रही थी. मेरी इस चुदाई से वो लगभग 3 बार झड़ चुकी थी. इसके बाद भी मैं उसकी कमर को पकड़े-पकड़े लगातार धक्के पर धक्के दिए जा रहा था.
और आखिर मैं इस बार मैंने उसकी कमर को जोर से पकड़कर अपने लंड को ज्योति की चूत की गहराई में ले जाते हुए झाड़ दिया. और वो भी इस दौरान आह….आहाह्हहाहा…अहहहः….अहहह्हा…. बहुत मजा आ रहा है…. इस लंड को ऐसे ही जोर दिए रखो…. प्लीज प्रदीप…. आई लव यू……. और साथ में पानी भी छोड़ रही थी.
फिर करीब 2 मिनट मैंने अपने लंड को वैसे के वैसे ही रखा और फिर मैंने अपना लंड निकाल लिया. तथा अब मैंने और ज्योति दोनों ने एक बार फिर से निहारने का फैसला किया. और काफी देर तक एक दुसरे की ख़ुशी देखी.
फिर ज्योति बोली- कहा से सीखी है ऐसी चुदाई?
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मैं- पता नही तेरे को देखकर अपने आप ही जोश आ गया.
ज्योति- तेरे को इतनी अच्छी लगी क्या मैं?
मैं- हाँ, इसमें कौनसी शक वाली बात है.
इतना सुनकर ज्योति मेरे से लिपट गयी. और मेरे को किस करना शुरू कर दी. तथा करीब 10 मिनट तक हम किस करते रहे. और इस दौरान रात का अँधेरा भी होने वाला था. इसलिए अब हमने घर जाने का फैसला किया. और ज्योति बोली- अब हम कल भी ऐसे ही चुदाई करेंगे.
मैं- चिंता मत करो मेरी जान खेत में नही तो मैं तुमको घर पर आकर भी ऐसे चोद सकता हूँ.
इसके बाद अगले दिन से करीब 1 महीने तक मैंने ज्योति की चूत को जमकर चोदा. और वो मेरे लंड की इतनी दीवानी बन चुकी है की वो मेरे को अब घर पर भी बुलाने लग गयी है. अब मैं उसके घर पर जाता हूँ और उसकी चूत की आग को जब उसके घरवाले नही होते है अब शांत करके आता हूँ. मेरे तो मानों मजे हो गये है.
दोस्तों ये Gaon ki ladki ko choda कहानी आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Gaon ki chhori ki chudai hindi mein कहानी बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.