Naukrani Aur Malik Ki Chudai – चुदाई की प्यासी नौकरानी को दिया असली लंड का मजा
नमस्कार दोस्तों! आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com के Naukrani sex stories के नए एपिसोड में. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर से गोपाल जी द्वारा भेजी गयी Naukrani Aur Malik Ki Chudai कहानी लेकर. दोस्तों यह Naukrani ki chudai ki kahani मेरे घर काम करने वाली अनीता की है जिसे मैंने अपने घर में ही पेलकर अपनी दीवानी बना ली है.
दरअसल दोस्तों जब से अनीता ने मेरे घर पर काम मांगने के लिए अपना हाथ बढाया था उसी दिन से मैंने भी उसे चोदने की ठान ली थी. हालाँकि पहले-पहले वह हाफ डे ही हमारे घर में काम किया करती थी. लेकिन फिर उसने दुसरे घरों को छोड़कर मेरे घर पर ही अपना फुल टाइम काम करने लगी थी. क्योंकि उसने जितनी भी पगार की डिमांड की थी मैंने कोई बहस बाजी न करते हुए उसकी उतनी पगार की बात मान ली थी.
आपको बताऊ दोस्तों अनीता एक 25 बरस की मस्त सी लड़की थी. लेकिन वो ही बात है उसका मर्द उसके साथ हमेशा दुर्व्यवहार किया करता था. क्योंकि वो एक नशेड़ी था और पुरे दिन अनीता की कमाई की ही शराब पिया करता था. मेरे को भी पहले उसके मर्द के बारें में इतना पता नही था लेकिन एक दिन अनीता किसी चोट के कारण कराह रही थी. तब जाकर मेरे को पता चला की उसका मर्द छोटू उसे रोज पैसों के लिए मारता था.
यहाँ हमारे घर से जाते ही बस उसे तो पैसे ही चाहिए होते थे. इसलिए अनीता भी आजकल रात को लेट नाईट तक घर जाने लगी थी. वैसे दोस्तों आपको मैं अपना बारें में बताऊ तो मैं और मेरी बीवी दोनों एक सरकारी नौकरी में कार्य कर रहे है. इसलिए हमारे घर को अब अनीता ही ज्यादा सम्भालती है. फिर जब से मुझे उसके मर्द के बारें में ये सुचना मिली तो मेरा भी मन अब अनीता को चोदने के लिए तभी बन गया था.
इसी दौरान ये पीछले ही दिनों की बात है जब मेरी बीवी किसी विवाह के कारण अपने मायके चली गयी थी. और अब घर में अनीता और मैं ही रहते थे. मेरी बीवी ये कहकर मायके गयी थी की, वो अब 10 दिन के बाद आएगी. इसलिए अब अनीता ही मेरे लिए सब कुछ खाना वगेरह बनाती थी. और मेरी सेवा करने में लगी थी. इसी दौरान दोस्तों मैंने भी इस समय को सही समझकर अनीता से बातें करनी शुरू कर दी. और उसके कामों में जब भी मैं ऑफिस से घर आता था तब हाथ बटाना शुरू कर दिया.
तथा उसे उसके पति के बारें में पूछना भी शुरू कर दिया. लेकिन दोस्तों इस दौरान मेरे को लगा नही की वो चुदाई की भूखी है. इसलिए अब मेरे मन में उसे चोदने के लिए एक और खुरापाती आईडिया आया और मैंने अपनी पीठ पर दर्द का बहाना बना लिया. तथा मैं बेडरूम में जाकर अनीता को आवाज दी की वो मेरे पीठ पर बाम मसल कर मेरी मसाज कर दे.
इसलिए अनीता आई और मुझे बोली- क्या हुआ साहब?
मैं- मेरे को पता नही पीछे कमर की साइड कुछ दर्द सा फील हो रहा है. अभी तेरी मालकिन मौजूद नही है इसलिए प्लीज तू मेरे ये बाम की दवा मसल दे. शायद ठीक हो जाए.
अनीता- ठीक है साहब.
इतना कहकर अनीता मेरे को उल्टा लेटाकर अपने प्यार भरें कोमल हाथों से मेरे पीठ पर बाम वाली दवा मसलने को लग गयी. और अब वह मानों मेरे ऐसे मसाज कर रही थी जैसे वो मसाज पार्लर में की जाती है ठीक वैसे ही.
और आपको सच बताऊ तो जब से उसने मेरे को छुआ था तभी से मेरे लंड ने फडफडाना शुरू कर दिया था. और इस दौरान मैं उल्टा और सो रहा था इसलिए अब मेरा लंड और अनीता का दीवाना हुआ जा रहा था. इस दौरान अब मैंने बोला- अनीता तुम कितनी खुबसुरत हो और तुम्हारा पति तुम्हारा बिलकुल भी ख्याल नही रखता, अगर तुम मेरी बीवी होती तो मैं तो तुम्हारा बहुत ख्याल रखता.
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अनीता- सबकी अपनी-अपनी किश्मत है साहब. जिसके पास दांत है उसके पास चने नही है चबाने को, और जिसके पास चने है उसके पास दांत नही है चबाने को.
मैं- कितने तगड़े डायलोग है तुम्हारे आई लाइक इट.
अनीता- थैंकयू साहब, जिन्दगी में बहुत कुछ सिख लिए है.
मैं- समझता हूँ, लेकिन अब तुम्हे कोई फ़िक्र करने की जरूरत नही है. अब ऐसा समझों की मैं तुम्हारे साथ हूँ.
अनीता- कैसे साहब?
मैं- कोई भी चीज की जरूरत हो तो मेरे को बता देना, सम्भव होगा तो मैं तुम्हारी मदद करूँगा.
इतना सुनते ही अनीता इमोशनल हो गयी. और रोने को उतर आई. इसलिए अब मैं बैठा और अनीता को गले लगा लिया. और उसे प्यार भरे हाथ से रोने के लिए मना करता रहा. और साथ में उसे एक प्यारा सा किस भी दे डाला.
जिसके बाद दोस्तों अनीता भी मेरे से लिपट गयी. और पता ही नही चला की हम दोनों एक दुसरे में करीब 5 मिनट तक खो गये. तथा मैं इस दौरान लगातार अनीता की गर्दन पर किस करता रहा. और अनीता मेरे को एक बार भी मना नही की. तभी मैं समझ चूका था की अनीता अब चुदवाने के लिए तैयार हो चुकी है. और वो काफी दिनों से प्यासी भी है.
इसलिए मैंने अनीता को बोला की वो अब मेरी गोद में आकर बैठ जाए. और अनीता ने बिना कोई देर किए झट से मेरी गोद में आकर बैठने का फैसला ले लिया. तभी मैंने उसे पूछा- अनीता तुम्हारा पति तुम्हारे साथ सेक्स भी करता है या बस पीता ही रहता है?
अनीता- उससे कहाँ होता है सेक्स, साहब सच पूछो तो उसने मेरे को अपने दोस्तों के हवाले कर रखा है. कभी कोई दोस्त लाता है और पैसे लेकर मेरे साथ सेक्स करवाता है.
मैं- तो फिर तेरे तो मजे होंगे फिर तो?
अनीता- कैसे साहब?
मैं- दोस्त ढंग से करते होंगे तुम्हारे साथ?
अनीता- उसके दोस्त उसके जैसे ही है 5 मिनट भी टिक जाए तो मान जाऊ.
मैं- अच्छा, इसका मतलब तेरे को लम्बा टिकने वाला चाहिए?
अनीता- और नही तो क्या साहब, अब आप ही बताओ इस जवानी में किससे बिना सेक्स के रहा जाता है?
मैं- हाँ ये तो बात सही है. अनीता अगर तुम मेरी बात का बुरा न मानों तो मैं तुम्हारी ये ख्वाहिश पूरी कर सकता हूँ.
अनीता- कौनसी ख्वाहिश साहब?
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मैं- सेक्स वाली.
अनीता- नही नही साहब, मालकिन को पता चल जाएगा तो वो मेरे पर गुस्सा हो जाएगी.
मैं- मालकिन को बतायेगा कौन पागल?
अनीता- हाँ ये तो बात है, लेकिन फिर भी गलत है ना आप मेरे मालिक हो.
मैं- मालिक तो हूँ लेकिन एक बार चुदवा कर देखों अगर फिर से चुदवाने नही चली आओगी तो बताना.
अनीता- अच्छा, इतना गजब सेक्स करते हो आप?
मैं- करके देखोगी तब पता चलेगा ना.
अनीता- ठीक है साहब आपको फुल छुट है आप कुछ भी कर सकते हो. लेकिन प्लीज कंडोम लगाकर करना वरना मेरे को कुछ हो जाएगा.
मैं- अरे यार दवा ले लेना.
अनीता- ठीक है साहब.
मैं- चलो अब एक काम करो तुम अपना पजामा निकालकर मेरे पास आ जाओ.
इतना सुनते ही अनीता ने मेरी तरफ देखते हुए अपना पजामा निकल दिया. और अब मेरे को उसकी गोरी-गोरी जांघें दिखाई दे रही थी. साथ मैं उसने एक नील रंग की चड्डी पहन रखी थी. जो की बेहद कमाल की दिख रही थी. अब दोस्तों मैंने अनीता को अपने गोद में ले लिया. और अब मैं उसे होठों पर लगातार किस किए जा रहा था.
वहीँ अनीता भी मेरा भरपूर साथ दे रही थी. और साथ में मैंने एक हाथ अनीता की चूत पर धर रखा था. और लगातार उसकी चूत पर फिरा रहा था. कुछ देर तक हाथ फिराने के बाद अनीता भी सिसकारियां लेनी शुरू कर दी. और ये सिलसिला करीब 10 मिनट तक चलता रहा. और अब अनीता गर्म-गर्म साँसे छोड़ना शुरू कर चुकी थी.
और वह मेरे को कसकर पकड़ चुकी थी. तथा मेरे को अपने बूब्स भी दबाने के लिए बोल रही थी. इसलिए अब वो मेरे को पकड़कर किस किए जा रही थी. तथा मैं एक हाथ से उसके बूब्स को दबा रहा था. वहीँ दुसरे हाथ से उसकी चूत (naukrani ki chut) पर हाथ फिरा रहा था. इसके बाद वह बोली- साहब इतना मत तडपाओ मेरे को अब चुदाई करवानी है. मेरे से नही रहा जा रहा.
इतना सुनते ही मैं कौनसा इतनी जल्दी ही अनीता को चोदने वाला था. क्योंकि मेरे को भी उसे अपनी दीवानी जो बनानी थी. मैंने अनीता को और तडपाना ही बेहतर समझा और अब अनीता को लेटाया और लेटाकर अब उसकी चड्डी खोल दी. तथा मैंने देखा की अनीता तो पहले से ही अपनी चूत का पानी छोड़ रखी है. मानों की वो मेरे किस करने के अंदाज से ही झड़ चुकी हो.
मैंने पूछा- अनीता तुम झड़ गयी?
अनीता- नही साहब, लेकिन आपके किस की वजह से मेरा लगातार पानी निकल रहा है. अब मुझे सिर्फ आपका लंड डलवाना है.
इतना सुनते ही मैंने अब अपना मुह अनीता की चूत पर टिका दिया. और अब मैंने अनीता के चूत के दाने को चूम रहा था. और अनीता इस दौरान लगातार आह…अहहः….अहहहह्ह……. ईईईईइ……………. ऊऊऊऊऊउ…….. सीईईईईई…….. साहब….. मत तड़पाओ…… प्लीज….. ऐसे कर रही थी.
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और मैंने अनीता की एक न सुन रहा था और लगातार उसकी चूत के दाने को चाट रहा था. तथा उसकी चूत का पानी पि रहा था. इसी दौरान अनीता भी अब उछल-उछलकर अपनी चूत को मेरी मुह की तरफ द्खेलने लगी थी. मानों की उसको लंड की ख्वाहिश होने लगी हो. इसलिए अब मैंने करीब 5 मिनट तक उसकी चूत को चूमकर अपने कपड़े उतारे और अपने 7 इंच के लंड के दर्शन करवा डाले.
मेरा लंड देखकर अनीता बोली- ओह्ह,,, माय ,,,, गॉड,,, साहब इतना बड़ा लंड है आपका?
मैं- नही ये अभी और बड़ा होगा, प्लीज इसे अपने मुह में डालो.
इतना सुनते ही अनीता ने बिना कोई देर किए मेरे लंड को अपने मुह में डाल लिया और अब वो किसी कुल्फी की तरह मेरे लंड को चूमने के लिए लग गयी. और उसके लंड चूमने का अंदाज मेरे को इतना पसंद आया की कुछ ही देर में मेरे लंड ने पूरी सख्ती ले ली. और अब मैंने खुद भी अनीता की चूत में लंड डालने को बेताब हो चला था.
क्योंकि उसकी चूत पहले से ही लंड मांगने के लिए पागल हुए जा रही थी. इसलिए अब मेरे से भी बिलकुल भी रहा नही रहा था. इसलिए अब मेने अपने लंड को अनीता के मुह से निकालकर उसके चूत के सामने फिराने में लगा दिया. और वो इस दौरान… अहह्ह्ह….अहहह्हा….हहहः… मजा आ रहा है… साहब प्लीज अंदर जाने दो.
और इतना सुनते ही दोस्तों मैंने अनीता की चूत की पंखुड़ियों को खोलकर अब अपने लंड को उसकी चूत में डाल दिया. और वो एकदम से आह….अहहः….दर्द हो रहा है…. साहब प्लीज धीरे करो….. बाहर निकालो….. प्लीज….. आहाहाहा….. ईईईई……..ईईईईइ……….सीईईईईईईई…….. आह.
इतना सुनते ही मैंने अपने लंड को बाहर निकाला. और बोला- लगता है अभी तक ऐसा लंड लिया नही है तुमने कभी?
अनीता- हाँ लेना तो दूर की बात है साहब कभी देखा भी नही है.
मैं- आज देख तो लिया ही है, अब चुद भी जाओगी. चिंता मत करो.
इतना कहकर अब मैंने अनीता के पेरों को अपने कंधों पर रखकर अपने लंड को अबकी बार धीरे-धीरे अंदर करने का निर्णय लिया. और अब अनीता की चूत भी खुल चुकी थी. इसलिए वह इस बार मेरे को लंड को अंदर जाता देखकर बोली- साहब जाने दो और अंदर और फाड़ डालो मेरी चूत को काफी दिनों से चुदाई की प्यासी है ये चूत…. प्लीज…. आहाहाह….अहहह्ह…आह.
इतना सुनते ही दोस्तों मेरे अंदर भी मानों जोश आ गया. और अब मैं अनीता को जोर-जोर से झटके देने में लग गया. और अनीता भी आह…अहः…अहहाह….अहहः… करके मुस्कुरा रही थी. तथा वह मेरे लंड को अब पूरा लेने के लिए बोल रही थी. तभी मैंने अब अनीता की चूत में अपने पुरे लंड को डाल दिया. और वो अब आह…हाहाह….सीईई…सीईईइ…. करते-करते पूरा अंदर लेने लगी थी.
और इस दौरान उसकी आँखे एकदम से ऊपर हो गयी थी. मानों की वो मेरे लंड को पहली बार ढंग से फील कर रही थी. और 5 मिनट की चुदाई के बाद ही अनीता की चूत का पानी निकल पड़ा. और वो चरमसुख पर पहुँच चुकी थी. तथा पुरे बिस्तर पर अपना पानी टपका डाला. अब मेरे हर झटके में फट…फट…फट… की आवाजें आने को लग रही थी.
तभी मैंने बोला- अनीता तुम झड़ गयी?
अनीता- हाँ साहब, पहली बार कोई मर्द मिला है जिसने मेरी चूत का पानी निकाला है, वरना आजतक अपना पानी ही निकालने वाले मर्द देखे थे मेने तो. थैंक्स साहब मेरी चूत को झाड़ने के लिए…. मुझे बहुत मजा आया है…. आई लव यू.
मैं- आई लव यू टू… मेरी जान. जब से तुम मेरे घर पर काम के लिए आई थी तभी मेरे को तुम्हारी चोदने का भुत संवार हो चूका था. लेकिन आज जाकर मेरी भी मनोकामना पूरी हुई है.
अनीता- साहब आप भी एक हेंडसम टाइप के बंदे हो इसलिए जब से मैंने आपको देखा था तभी से मैं भी आपको याद करके अपनी चूत में ऊँगली किया करती थी.
और इतना सुनकर अब मैंने अनीता की चूत को जोर-जोर से बजाना शुरू कर दिया. और वो फिर से आह…अहः…सीईसिसिसीसिस्स….. आह…अहः….. करनी शुरू कर दी. और अब मेरे को इतना मजा आ रहा था की मेरा लंड अनीता की चूत की गहराई को माप रहा था. करीब 10 मिनट और चोदने के बाद अनीता ने मेरे को पकड़ लिया और मेरे को किस करना शुरू कर दिया.
फिर दोस्तों मेरे को लग गया था की अनीता अब फिर से झड़ने वाली है. इसलिए अब मेरा भी कुछ ही देर में होने वाला था इसलिए अब मैंने अपनी स्पीड को दोगुना किया और जोर-जोर से झटके देना शुरू कर दिया. और अंत में हम दोनों ही आह…आह…आह… करते हुए झड़ गये. और इस दौरान एक दुसरे को कसकर पकडे हुए थे.
तथा अनीता इस दौरान मेरे को बोली- साहब काश आप मेरे पति होते? कितना मजा आता जिन्दगी में.
मैं- चिंता मत करो. अब तुमको जब भी चुदना हो मेरे को बोल देना. मैं तुमको ठीक ऐसा ही मजा दूंगा जैसा भी दिया है.
इस तरह बातें करते-करते मेरे लंड में फिर से झुनझुनी स्टार्ट हो चुकी थी. तो मैंने अनीता को बोला- तुमको किस पोजीशन में चुदना ज्यादा पसंद है.
अनीता- मेरे को 69 वाली पोजीशन बहुत पसंद है साहब.
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मैं- अब फिर से चुदना चाहोगी?
अनीता- ऐसा लंड होते हुए कौन पागल फिर से न चुदना चाहेगी?
इतना सुनते ही मैंने फिर से अपने लंड को अनीता को चूसने के लिए उसके मुह में दे डाला और वो फिर से मेरे लंड को आइसक्रीम की तरह चूमने को लग गयी. तथा कुछ ही देर में मेरे लंड ने फिर से सख्ती दिखानी शुरू कर डाली. और अब मैंने फिर से अनीता को 69 वाली पोजीशन में लिया और उसे जमकर चोदना शुरू कर दिया. करीब आधे घंटे तक लगातार नॉनस्टॉप चुदाई करने के बाद अनीता अब तक 2 बार झड़ चुकी थी. और वो मेरे लंड को फिर भी अंदर लिए जाने के लिए बोले जा रही थी.
क्योंकि दोस्तों पहली बार उसने अपनी जिन्दगी में ऐसी चुदाई महसूस की थी जो की शायद ही वो भूल पाए. इसलिए वो अब मेरे को जोर-जोर से चोदने के लिए बोलने लगी थी. और मैं भी उसको जोर-जोर से झटके देने में लगा था. तथा अगले 10 मिनट बाद ही मेरे लंड ने फिर से अपना वीर्य अनीता की चूत में ही छोड़ डाला.
फिर अनीता बोली- साहब मालकिन को मत बता देना.
मैं- पागल हो गयी हो क्या? कोई ऐसा भी कर सकता है क्या?
अनीता- अब आप मेरे को जब मालकिन नही होगी तो चोदोगे ना?
मैं- तुम्हारा जब भी मन करें मेरे को बता देना अगर घर में मौका न मिला तो हम मेरे दोस्त के रूम पर जाकर चुदाई कर लेंगे. लेकिन तुम्हे खुश मैं जरूर करूँगा. चिंता मत करो.
इतना सुनते ही अनीता मेरे से लिपट गयी. और मेरे को लगातार किस करती रही. तथा इसी दौरान मेने अनीता को अब घोड़ी बनाकर एक और राउंड लगा डाला. और दोस्तों उस दिन के बाद से तो मानों अनीता मेरी ही हो चुकी थी. अब मैं जब भी चाहता हूँ अनीता मेरे से चुदवाने के लिए तैयार रहती है. भगवान करें हमारी जोड़ी ऐसे ही बनी रहे.
दोस्तों ये Nokrani sex story आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Naukrani ki chudai ki kahani बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.