Mami Sex Story – नंगा बदन देखकर फिसला भांजे का मन
हेल्लो सभी को! आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com के Sex stories mami के नए एपिसोड में. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर से बबलू जी द्वारा भेजी गयी Mami Sex Story लेकर. दोस्तों यह mami ki chudai story मेरी खुद की है जिसमे मेने मेरी सबसे छोटी और प्यारी सी रौशनी मामी को अपने लंड से असली चुदाई का मजा चखाया है.
दरअसल दोस्तों हम लोग यूपी के सुल्तानपुर के रहने वाले है. और आपको तो पता ही है हम बचपन में सभी लोग अपने-अपने मामा के घर जाया ही करते थे. जैसे ही स्कूल से छुट्टी मिलती थी हम या तो बुआ या फिर मामा के घर चले जाते है. लेकिन दोस्तों इसकी भी एक उम्र होती है. क्योंकि अब मैं पूरा 20 बरस का हो गया हूँ और एक कॉलेज का विद्यार्थी हूँ.
लेकिन फिर भी मैं अपने मामा के घर अक्सर जाया करता हूँ. आपको बता दूँ की मेरे मामा लोग 3 भाई है और वह सभी लोग अभी तक एक संयुक्त रूप से रहते है. मेरे सभी मामा इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट के बिजनेस में अक्सर घर से बाहर ही रहते है. यहाँ तक की मेरे सबसे छोटे मदन मामा की तो हाल ही में शादी हुई थी. लेकिन वो भी अपनी खुबसुरत सी बीवी को समय नही दे पाते है.
इसलिए दोस्तों वैसे मेरी मामा के घर मामियों से बहुत बनती है. और वो जब मैं उनके घर चला जाता हूँ तब मुझसे बहुत बातें करती है. क्योंकि मैं भी दिखने में किसी हीरो से कम नही हूँ. शायद इसलिए मुझे तो लगता है की सभी मामियां चुदाई की भूखी है. लेकिन जिस मामी को मेने पेला था वो सबसे छोटी मदन मामा की बीवी रौशनी मामी थी.
रौशनी मामी के बारें में बताऊ तो दोस्तों वह एक बेहद खुबसुरत बला है. क्योंकि जब वो मटक कर चलती है तो साड़ी में पीछे से उनके कुल्हे 61-62 होते हुए दिखाई देते है. जो की किसी मर्द का लंड खड़ा करने के लिए काफी है. इसलिए दोस्तों यह कहानी पिछले बरस की है. जो अभी मैं आपको निचे बता रहा हूँ.
दरअसल हुआ यूँ की मैं छुट्टीयों के दौरान मामा के घर गया हुआ था. और वहां पर जैसा की मैंने आपको पहले भी बताया की मेरी मामियां मेरे से बहुत घुल-मिलकर रहती थी. इसलिए मैंने नोटिस किया की मेरी जो रौशनी मामी है वो तो कुछ ज्यादा ही मेरे से बातें करने में लग गयी है. इसलिए मैं कोई बच्चा तो था नही सब कुछ समझने की अक्ल थी.
तब मैंने सोचा की ये हो न हो मदन मामा की पूर्ति मेरे से करवाने की इच्छा रखती है. तो दोस्तों फिर डायरेक्ट किसी से बोल भी नही सकते है. इसलिए अब आपको सच बताऊ तो मेरे को तो उनकी हरकतों से अब रौशनी मामी के ही सपने आने शुरू हो चुके थे. और दिन रात बस उन्ही की चुदाई के बारें में सोच सोचकर मूठी मार लेता था. क्योंकि रौशनी मामी थी ही ऐसा ही माल.
फिर दोस्तों अब मेरी नजरों के इशारों से रौशनी मामी भी समझ चुकी थी की मैं अब उनका दीवाना होने लगा हूँ. तो वो मेरे और करीब आनी शुरू हो गयी. और मेरे से वो पर्सनल बातें तक शेयर करने में लग गयी. हालाँकि मैं पहले-पहले तो इन बातों को नजरअंदाज करने में लगा था. लेकिन बाद में मेरे को भी सच कहूँ तो बहुत इंटरेस्ट आना शुरू हो चूका था.
फिर दोस्तों अगले दिन मेरी मामी पेशाब करने के लिए वाशरूम में गयी हुई थी. और मैं भी इस दौरान उन पर पूरी नजरें गडाए हुए था. इसलिए मुझसे भी रहा नही गया. और मैं उनके पीछे-पीछे जाकर वाशरूम के दरवाजे पर धक्का दिया तो देखा की वो पहले से ही खुला हुआ है. इसलिए मैं एकदम से अंदर चला गया और देखा की मामी की गोरी-गोरी गांड मेरे को साफ दिख गयी.
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फिर मैंने कहा- सॉरी मामी मेरे को पता नही था आप हो अंदर.
मामी- कोई बात नही आती हूँ बाहर रुको जरा.
अब मैं दोस्तों उनको लगातार देखता रहा और मेरे को इस दौरान पीछे से उनके कुल्हे ही नजर आ रहे थे. और उनके देखते ही मेरा लंड मानों फडफडाने लग चूका था. और एकदम टाइट हो चूका था. मानों पेंट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा हो. और फिर मामी बोली- पागल क्या देखा जा रहे हो?
मैं- आपने ही तो बोला था की रुको जरा, इसलिए मैं यहाँ खड़ा हूँ.
मामी- अरे तो बाहर जाओ बेशर्म ऐसे भी कोई देखता है?
मैं- मामी मेरा मन ही नही हो रहा है बाहर जाने को.
मामी- अच्छा ऐसा क्या है यहाँ जो तुम बाहर नही जा रहे हो?
मैं- पता नही लेकिन आपको सच बताऊ तो आपका ये रूप देखकर मेरे अंदर कुछ-कुछ होने सा लगा है.
इतना सुनते ही मामी खड़ी हुई और मेरी तरफ निचे देखी और समझ गयी की मेरा लंड अब एकदम सख्त हो चूका है. इसलिए मामी मुस्कुरा कर चलने लगी. तभी मैंने बोले- मामी जाओ मत.
मामी- तो क्या करूँ?
मैं- आप उसी तरह बैठी रहो अपनी साड़ी को ऊपर लेकर मुझे बहुत मजा आ रहा है. मेरा मन हिलाने का हो रहा है. प्लीज मेरा इतना सा काम कर दो.
मामी- पागल बबलू, यहाँ कोई आ जायेगा.
मैं- कोई नही आएगा मामी, प्लीज 2 मिनट वैसे ही बैठ जाओ जैसे पहले बैठी थी.
इतना सुनते ही मामी फिर से पेशाब करने वाली पोजीशन में बैठ गयी. और दोस्तों मैंने अपने 7 इंच वाला हथियार निकाला और उसे हिलाना शुरू कर दिया. और इस दौरान मामी की गांड को पीछे से देखने के बाद केवल 2 मिनट में ही मेरे लंड ने पिचकारी छोड़ दी. और वीर्य सीधा मामी के कूल्हों पर जा पड़ा.
मामी- पागल ये क्या कर दिया, अब मुझे नहाना पड़ेगा.
मैं- नही मामी अभी कमरे में जाकर पोछ लेना.
मामी- तुम भी आ जाओ कमरे में और तुम्ही पोंछ दो.’
इतना सुनते ही मैं भी रौशनी मामी के साथ चला गया और कमरे में जाकर मामी ने मेरे को बेड पर बिठाकर. कमरे के कुण्डी लगा दी. और फिर अपनी साड़ी ऊपर करके बोली- लो अब पोंछ दो.
इतना सुनते ही दोस्तों मैं मामी की गांड के ऊपर से मेरा वीर्य पोंछने में लग गया. और साथ में उनकी गोरी-गोरी गांड पर अपना प्यार भरा हाथ फेरने में लग गया. तभी मामी को भी चुदाई का नशा चढना शुरू हो चूका था. और वो सिसकारियां लेनी शुरू कर दी. फिर बोली- बबलू तुम कब से मुठ मारने लगे हो?
मैं- जब से आपको देखा है मेरी मामी.
मामी- हट पागल, सच बताओ.
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मैं- सच बता रहा हूँ मामी आपकी कसम पीछले 3 बरस से जब आप यहाँ पर ब्याह कर आई हो तब से आपको ही याद करके मूठ मरता हूँ. और अपना काम चला लेता हूँ.
इतना सुनते ही मामी से रहा नही गया और सीधा मेरे को बेड पर लिटा दिया. और मेरे ऊपर आकर बोली- तेरे को मैं इतनी अच्छी लगती हूँ?
मैं- हाँ मामी, आई लव यू सो मच.
मामी- इतने दिन क्यूँ तडपाया मेरे को जब मैं तेरे को इशारा कर रही थी.
मैं- डर लगता है मामी, कहीं आप मेरे को डाट न दो.
मामी- फिर आज तो नही लगा तेरे को डर?
मैं- आज मामी मैं बड़ी हिम्मत से आपके पास गया था.
मामी- चलो कोई बात नही. देर से ही सही तुम मिले तो सही मेरे को. वरना तेरे मामा तो ना कुछ काम के है ना कुछ धाम के नर्क बनाकर रख दी है मेरी जवानी को.
इतना कहकर मामी मेरे पर टूट पड़ी और लगातार चुम्मे दिए जा रही थी. और मैं भी मामी के गालों को मसल रहा था. इतने चिकने गाल की हाथ लगाते ही फिसल पड़े. और साथ मैं मामी ने भी अब मेरे होठों से अपने होठ जोड़ लिए. और हम दोनों लगातार चुम्मा कर रहे थे. इसी दौरान हम दोनों को काफी मजा आ रहा था. और ये समय था रात के लगभग 10 बजे का इसलिए घर के सभी लोग सो चुके था.
वहीँ एक हम थे की चुदाई का मजा लेने की कोशिश किए जा रहे थे. इसलिए अब मामी ने करीब 10 मिनट तक मेरे संग चुम्मा-चाटी करके मेरे को ऊपर ले लिया. और अब मैं मामी के ऊपर आकर उनके गालों को चूम रहा था तथा साथ में उनके 36 के गोल-मटोल बूब्स को भी मसल रहा था. इस दौरान दोस्तों मेरे को इतना मजा आ रहा था की मैं बयाँ नही कर सकता.
तभी अब बूब्स मसलने की वजह से रौशनी मामी की सांसे काफी तेज हो चुकी थी. और वो आह….अहहाह…..अहहहः…..अहहहः…. अहहहः….आहाहह्हा….. बबलू….. बहुत मजा आ रहा है.
ये सब कहकर अपने ब्लाउज के बटन खोल दिए. और अब वो सिर्फ ब्रा में ही थी. तभी मैंने रौशनी मामी के एक मम्मे को निकालकर उसे काटना शुरू कर दिया. और अब मामी की सांसे तेज पर तेज हुए जा रही थी. और वो उठ-उठकर मेरे को किस कर रही थी. तभी ये सिलसिला करीब अगले 5 मिनट तक यूँ ही चलता रहा. और रौशनी मामी लगातार तड़पे जा रही थी.
इसके बाद मेरे से भी रहा नही गया और मैंने बोला- मामी अब अपनी साड़ी भी उतार दो.
मामी- तू ही उतार दे प्लीज, मुझे बहुत अच्छा लगेगा अगर तू उतारेगा तो.
इतना सुनते ही मैंने मामी की साड़ी उतार फेंकी. और अब मामी पेटीकोट में ही मौजूद थी. तभी मामी ने पेटीकोट वाला नाड़े का छेद दिखाया और बोली- इसे भी खोल.
और फिर मैंने पेटीकोट को भी साथ में उतार दिया. अब मामी मेरे सामने केवल पिंक कलर की पेंटी में ही मौजूद थी. और उनका वो गोरा बदन फिर से मेरे लंड को सख्त कर चूका था. इस दौरान मेरे को ऐसा लग रहा था की बस अब मामी को चोद दू. लेकिन फिर मैंने सोचा की ऐसे ही चोद दूंगा तो फिर पता नही मामी को मजा आएगा या नही.
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इसलिए मैंने रौशनी मामी को तड्पाना सही समझा और अब मैं धीरे-धीरे करके उनकी पेंटी को उतारने में लगा था. और आधी पेंटी सरकाई तो मेरे को उनकी गुलाबी चूत के दर्शन हुए. और इस दौरान आपको बताऊ उनकी चूत काफी भीगी हुई थी. मानों इतनी चिकनी चूत तो मैंने फिल्मों में भी नही देखी थी. और मुझे लग रहा था की वो चूत केवल लंड की डिमांड कर रही थी.
इसलिए अब मेने पूरी पेंटी उतारकर मामी की टांगों को चौड़ा करके उनकी चूत पर मुह टिका दिया. और मामी की चूत के दाने को लगातार चूमने में लग गया. और मेरी चूत चुसाई की वजह से मामी भी काफी मचल रही थी. और लगातार आह…. बबलू….. अहः….. ईईईईईइ……….. सीईईईईईइ……….. आआआआआआअ……… प्लीज मत करो……. बबलू…… प्लीज…..आह.
ऐसे किए जा रही थी और उनकी ऐसी तडप देखकर मेरे को भी बहुत मजा आ रहा था. फिर ये चूत चाटने वाला सिलसिला करीब अगले 10 मिनट तक लगातार चलता रहा और मैं उनकी चूत का सारा पानी गटक रहा था. और मेरे को नमकीन जैसा स्वाद मिल रहा था. तथा साथ में लंड को भी काफी सख्ती मिल रही थी.
तभी मामी ने बोला- प्लीज अब डाल भी दो बबलू रहा नही जा रहा है.
मैं- पहले मेरा लंड चुसो मामी.
इतना कहकर मैंने अपने कपड़े उतार दिए और अपने 7 इंच वाले लंड को मामी के सामने लाकर मुह में दे डाला. और मेरी मामी किसी रंडी की तरह मेरे लंड को चुसे जा रही थी. और मेरे को उनके चूसने का अंदाज बहुत पसंद आ रहा था. इसलिए करीब 2 मिनट लंड चुसाने के बाद अब मैंने रौशनी मामी के टांगों को फैलाकर अपने लंड को उनकी चूत में ला दिया.
और अपने लंड को लगातार उनकी चिकनी चूत पर फेरने में लग गया. और मेरे को सच बताऊ इतना मजा आ रहा था की पूछो मत. तभी मामी बोली- बबलू प्लीज इसे मेरी चूत में जाने दो…. रहा नही जा रहा है अब….. प्लीज.
इतना सुनते ही मैंने अपने लंड के टोपे को मामी की चूत में सेट किया और एकदम से अपने लंड को मामी की चूत में द्खेल डाला. तभी मामी की आह…अहः… निकल पड़ी. और वो काफी तडप रही थी. बोली- धीरे-धीरे करो मेरी जान….. प्लीज.
मैं- जान?
मामी- हाँ आज से तुम मेरी जान हो.
मैं- ठीक है मेरी जान.
इतना कहकर मैं मामी को लगातार धक्के पर धक्के दिए जा रहा था. और मामी आह…. आह्ह….हहहः…ईईईइ….सीईई…..आआआआ… करके चुदवा रही थी. इस दौरान मामी की आँखों को चुदाई की प्यास एकदम साफ़-साफ़ दिखाई दे रही थी.
और मेरे को वो इतनी खुबसुरत दिखाई दे रही थी की जैसे कोई जन्नत की हूर हो. इसलिए मैंने भी रुकना सही नही समझा और लगातार 15 मिनट तक एक ही अंदाज में चुदाई जारी रखी. तभी मामी की चूत में से पानी जैसा तरल पदार्थ निकलना शुरू हो चूका था. और फिर मैंने बोला- मामी ये पानी कैसे आ गया?
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मामी- पागल तेरे लंड ने अंदर तक खुजली मिटाई है इसलिए मैं झड़ गयी हूँ. इसलिए ये पानी निकला है. तू तो अपनी चुदाई जारी रख.
इतना सुनते ही फिर से मैंने अपनी स्पीड बढाई और अगले करीब 5 मिनट तक दमदार तरीके से चोदता रहा. तभी मेरा माल निकलने को तैयार हो चूका था. तो मैंने आह….अहहाह…अहहहा…अहाहहा…. करके मामी को कसकर पकड़कर अपना माल अंदर ही छोड़ डाला. और करीब 1 मिनट तक मामी की चूत में अपना लंड गडाए रखा.
और इस दौरान मामी भी ईईईईई……. सीईईईई………..आआआआआआअ……. बबलू…. आई लव यू….. मेरी जान….. उमाह्ह्हह्ह….. करती रही.
और फिर मैंने उनके ऊपर ही लेट गया. तभी मैं अब लंड को बाहर निकालने के लिए खड़ा हो रहा था. तो मामी बोली- इसे अंदर ही रहने दो ये ही है जिसने मेरी चूत की आग को बुझाई है. वरना तेरे मामा का तो आधी दुरी भी तय नही कर पाता है.
फिर मैं उनके ऊपर ही लेता रहा. और साथ में रौशनी मामी को किस करता रहा. और दोस्तों ये सब करते-करते 15 मिनट बाद ही मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और अब मैं फिर से मामी के आगे-पीछे होने लग गया. तभी फच…फच…फ्छ… जैसी आवाजें आनी शुरू हो चुकी थी. इसलिए मामी बोली- एक बार लंड को बाहर निकालकर मेरी चूत के पानी को पोंछ दे.
इतना कहकर मैं मामी की चूत को आगे से पोंछ दिया. और अब मैं मामी के टांगों को अपने कंधों पर रखकर फिर से लंड उनकी चूत में घुसा दिया. और फिर से चुदाई जारी कर दी. और एक ही स्पीड में मामी को फिर से चोदने में लग गया. करीब 10 मिनट बाद ही मामी तो फिर से झड़ गयी. और अब उनकी चूत पानी-पानी हो चुकी थी.
अब अगले धक्कों में फ्छ…फ्छ्ह……….फ्छ… जैसी आवाजें गूंजने को लग रही थी. लेकिन इस बार ये आवाजें मेरे को बहुत अच्छी लग रही थी. तभी मैंने मामी इस राउंड के दौरान करीब आधें घंटे तक चोदा. और वो मेरी चुदाई से इतनी संतुष्ट हुई की वो सुबह तक मेरे से करीब 6 बार चुदवा चुकी थी.
और मैंने नोटिस किया की अब मामी की चूत (mami ki chut) भी काफी सूज चुकी थी. इसलिए वो बोली- बबलू प्लीज अब मेरे को कभी छोड़ मत देना. क्योंकि मुझे तेरा लंड बहुत पसंद आया है. तेरा जब भी मन करें मेरी साड़ी को उठाकर मेरे को चोदना शुरू कर देना. तेरे को पूरी छुट है.
और फिर उस दिन के बाद से मामी मानों मेरी गर्लफ्रेंड सी बन गयी है. और आज 1 बरस हो गया है जब भी मेरा मन होता है मामा के घर चला जाता हूँ. तथा रौशनी मामी की चूत को बजाकर आता हूँ. अब मामी और मैं दोनों ही खुश है. यहाँ तक की हम दोनों को एक दुसरे के बिना बात किये भी रहा नही जाता है.
दोस्तों ये mami ki chudai ki kahani आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह mami ki chudai story बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.