Khet Me Chudai Story – कोमल भाभी की प्यासी चूत का दीवाना बना मेरा लंड
नमस्कार सभी को! आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com के Khet Me Chudai Story के नए एपिसोड में. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर से नरेश जी द्वारा भेजी गयी Khet me chudai kahani लेकर. दोस्तों यह मेरी एक सच्ची घटना है जिसमे मैंने अपनी भाभी की चुदाई खेत में जमकर की है.
क्योंकि मेरी जो भाभी है वो दिखने में किसी हेरोइन से कम नही है. और आपको सच बताऊ तो दोस्तों जब से उन्होंने हमारे घर में अपने चरण रखे थे उसी दिन से मैं उनका दीवाना था. लेकिन करें तो करें क्या कहें तो कहें किससे? क्योंकि दोस्तों मेरी कोमल भाभी मेरे को हमेशा मजाक में ही लेती रहती थी. लेकिन मैंने आख़िरकार हिम्मत दिखाते हुए पिछले दिनों बाजरे के खेत में जमकर चुदाई का मजा दिया है. और दोस्तों अब मेरी कोमल भाभी मेरी मानों फेन हो चुकी है.
क्योंकि जब से उन्होंने मेरा लंड लिया है उनका मेरे प्रति नजरिया ही बदल गया है. हम लोग राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले है. और हमारे परिवार में हम 2 भाई और 3 बहने तथा माता-पिता शामिल है. सबसे बड़े मेरे नंदू भैया है और उनसे छोटी हमारी बहने जो की अपने-अपने ससुराल में है. तथा मेरे नंदू भैया की उम्र अभी 35 बरस की हो चुकी है. वहीँ मेरी कोमल भाभी की उम्र अभी 28 बरस की है.
तथा कोमल भाभी का विवाह हमारे घर में 5 बरस पहले हुआ था. वहीँ दोस्तों मेरी उम्र अभी 20 बरस की है. क्योंकि मैं घर में सबसे छोटा जो रह गया. शायद इसलिए मेरी कोमल भाभी ने मेरे पर इतना ध्यान नही दिया. लेकिन मैंने भी कभी ऐसा मौका नही छोड़ा जब कोमल भाभी को अट्रेक्ट न किया हो. और जब से मेरे बड़े भैया नंदू न्यूजीलैंड कमाने के लिए गये है तब से तो मानों मैं कोमल भाभी के पीछे पड़ा हुआ हूँ.
इसी कड़ी में दोस्तों वैसे तो आपको बता दूँ हमेशा खेत में जाने के लिए भाभी के संग मेरी माँ जाती है. लेकिन एक दिन वह अपने मायके गयी हुई थी पापा को लेकर इसलिए घर में केवल मैं और भाभी ही मौजूद थे. तथा अब खेत से पशुओं के लिए बाजरे की भरोटी लेकर आनी थी. इसलिए भाभी मेरे को अपने साथ भरोटी लेने के लिए ले गयी.
अब दोस्तों आगे-आगे भाभी चल रही थी तथा पीछे-पीछे में और उनके कूल्हों की मटक से ही मेरा लंड खड़ा होने लग गया था. क्योंकि मैं भाभी को चोदने की ख्वाहिश काफी दिनों से रख रखा था. इसलिए दोस्तों ऐसा होना स्वाभाविक सा था. फिर जब हम बाजरे के खेत में जाकर बाजरा काटने में लगे तो मेरी कोमल भाभी काम कम बातें ज्यादा कर रही थी.
और वह पहले तो मेरे से नार्मल सी बातें बोलने में लगी थी. लेकिन फिर वो मेरी पर्सनल लाइफ पर आने लग गयी. और बोली- नरेश जी आपकी कोई गर्लफ्रेंड भी है क्या?
मैं- नही भाभी.
भाभी- झूठ मत बोलो, सच बताओ मैं किसी से नही बताउंगी.
मैं- नही है भाभी सच में आपकी कसम.
भाभी- यार इस उम्र में बोलो आपकी गर्लफ्रेंड भी नही है. कैसे कर लेते हो अपना गुजारा?
मैं- बस हो जाता है भाभी गुजारा आपको याद करके.
भाभी- क्या मतलब?
मैं- कुछ नही.
भाभी- सच बताओ खुलकर मुझे भी पता तो चले मुझे कैसे याद करते हो.
मैं- अरे कुछ नही भाभी रहने दो, आप नही समझोगी.
भाभी- बताओगे तब समझूंगी ना.
मैं- कुछ नही मैं तो मजाक कर रहा था.
भाभी- नही अब तो आपको मेरी कसम है बताना पड़ेगा.
मैं- आप बुरा तो नही मान जाओगी ना?
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भाभी- नही देवरजी आपका भी कोई बुरा मानती हूँ क्या मैं.
मैं- ठीक है बताता हूँ, दरअसल भाभी जब से आप इस घर में विवाह करके आई है तब से मेरा सेक्स करने का कुछ ज्यादा ही मन होने लग गया है. इसलिए मैं आप ही को याद करके अपना लंड हिलाकर काम चला लेता हूँ.
भाभी- अच्छा, पागल देवरजी इतना चाहते हो आप मेरे को?
मैं- हाँ, मेरे जितना तो शायद ही आपको कोई चाहे. आई लाइक यू मेरी भाभी.
भाभी- पागल आप मेरे को पसंद कर लोगे तो फिर आपके भैया को हिलाने की नौबत आ जाएगी.
मैं- हाँ भाभी, इसलिए इस बात को यहीं रहने देते है.
भाभी- नही जब बात छेड़ी ही है तो आपको कुछ करना भी पड़ेगा.
मैं- मतलब भाभी.
भाभी- जो आपके मन में मेरे संग सेक्स करने की ख्वाहिश है वो पूरी करनी पड़ेगी. क्योंकि आपका ये बेबाक अंदाज मेरे को बहुत पसंद आया है मेरे प्यारे से देवरजी. आपकी भाभी आपके लिए कुछ भी करने को तैयार है.
मैं- थैंक्स मेरी भाभी, आई लव यू.
भाभी- आई लव यू टू, देवर जी.
इतना कहकर बाजरे के खेत में ही भाभी ने घास काटना तो बंद कर दिया और मेरे पास आ गयी. इसलिए अब मैं भी खुल चूका था. तो दोस्तों मैंने झट से भाभी को अपनी गोद में सुला लिया. और उनके चेहरे पर अपना हाथ फिराने में लग गया. और जैसे ही मैंने कोमल भाभी के गालों को अपने हाथ से छुआ मानों सच में कोमल-कोमल सी स्किन का अहसास हुआ.
और इसी दौरान मेरे लंड ने भी फनफनाना शुरू कर दिया. अब भला किसका लंड खड़ा नही होगा जब ऐसी लड़की आपकी गोद में होगी तो? इसलिए दोस्तों मैंने बिना कुछ सोचे ही भाभी के गालों पर किस करना शुरू कर दिया. और भाभी भी मेरा भरपूर साथ देने में लगी थी. और बोल रही थी- नरेश जी आपने तो आज मेरे मुह की बात छीन ली.
मैं- कैसे भाभी?
भाभी- जब से तुम्हारे भैया न्यूजीलैंड गये है तब से मेरा भी सेक्स करने का बहुत मन होता है, लेकिन आप प्लीज आज ये ख्वाहिश पूरी कर दो.
इतना सुनते ही मैं अब उनके गुलाबी और रसीले होटों से अपने होठ मिला दिया. और कोमल भाभी के होठों को करीब 5 मिनट तक चूसता रहा. और आपको बताऊ इस दौरान हम दोनों ही देवर-भाभी एक दुसरे में खो गये थे. फिर दोस्तों भाभी ने अपने हाथ से मेरे हाथ को अपने बूब्स पर रखवाकर दबाने के लिए बोला. और अब मैं किस करते-करते कोमल भाभी के 36 के मम्मों को मसल रहा था.
और मेरी इस हरकत से कोमल भाभी लगातार गर्म हुए जा रही थी. और अब खेत में ही सिसकारियां लेनी शुरू कर दी. तथा वह इस दौरान आह…. अहः….अहहहः….. अह्हहहः….. अहहहहाह्हा……. आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह…. अहहहह्हाहा. किये जा रही थी. लेकिन मुझे उनके साथ ये सब करके बहुत मजा आ रहा था. इसलिए मैं लगातार उनके बूब्स को मसले जा रहा था.
और वो सिसकारियां लेती जा रही थी. ये सिलसिला करीब 10 मिनट तक चला और फिर भाभी बोली- अब बस यहीं करोगे या कुछ और भी करोगे?
मैं- मेरे को मजा आ रहा है बस यहीं कर लेने दो.
भाभी- आपको तो मजा आ रहा है लेकिन मेरे निचे आग लगी हुई है उसका क्या?
मैं- सच में भाभी?
भाभी- हाँ और क्या.
मैं- चलो फिर दिखाओ अपने निचे वाली आग को.
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और इतना सुनते ही भाभी ने अपनी साड़ी को ऊपर की और मैंने देखा की उन्होंने इस दौरान काले रंग की पेंटी पहन रखी थी. जिसके ऊपर काफी चिपचिपा पदार्थ लगा हुआ था. मानों भाभी काफी दिनों से चुदाई की प्यासी हो. तभी मैंने पेंटी को चूत के सामने से छुआ और उनके पानी को महसूस किया. सच में भाभी की चूत पहले से रसीली हो रखी थी.
और ये सब देखकर दोस्तों मेरा भी मन कोमल भाभी की चूत को चूमने का हो चला था. इसलिए अब मैंने भाभी को लेटाया और पहले उनकी गोरी-गोरी जांघों को चाटते हुए उनकी पेंटी को चूत से आजाद कर दिया. और देखा की भाभी की चूत के ऊपर एक भी झांट का बाल नही था. तभी मेरे को समझ आया की कोमल भाभी अपने शरीर का कितना ख्याल रखती है.
मेरे को साफ़-साफ़ दिख रहा था की कोमल भाभी की चूत एकदम चिकनी थी. और वह लगातार अपनी चूत से पानी की फवार छोड़े जा रही थी. तभी दोस्तों मैंने कोमल भाभी की चूत पर अपनी एक ऊँगली घुमाई और कोमल भाभी की आहाहा…. अहहाह…अहह्हः ….. निकल पड़ी. तभी मेरा मन अब कोमल भाभी की चूत को चूमने का हो चला था.
इसलिए मैंने उनके टांगों को चौड़ा करके अपना मुह कोमल भाभी की चूत पर रख दिया. और अब मैं उनकी चूत को लगातार चाटे जा रहा था. इस दौरान कोमल भाभी काफी पागल हुए जा रही थी. और वह लगातार आह… अहः…सीईईईई…. अहह्हहहहाह….. ईईईईई…ऊऊऊ…. किये जा रही थी. और मुझे उनकी चूत का स्वाद इतना अच्छा लग रहा था की मैं उनकी चूत का पानी एकदम पिए जा रहा था.
और लगातार 10 मिनट तक चूत चाटने की वजह से मेरी भाभी निचे से उठ-उठकर अपनी चूत को मेरे मुह की तरफ धकेलने में लग गयी. और मुझे अपनी चूत चटवाते-चटवाते अपनी चूत को झाड़ दी. और अब मैंने देखा की उनकी चूत ने बहुत पानी छोड़ दिया है. और अब भाभी मेरे को अपने ऊपर आने के लिए बोल दी. तभी मैं अब उनके ऊपर चला गया और उनके गोरे-गोरे गालों को चूमने में लग गया.
भाभी बोली- ऐसे ही काम चलाओगे, या अपना हथियार भी अंदर डालोगे?
मैं- बिलकुल डालूँगा भाभी लेकिन आपको मस्त चुदाई का अहसास भी तो कराना है ना. वरना आप मेरे को कभी दोबारा नही चोदने दोगी.
भाभी- चिंता मत करो इस बात की. आपके चूत चाटने के अंदाज से ही समझ पड़ गया है की आप चुदाई भी जोरदार ही करोगे.
इतना कहते ही मैंने अब अपनी पेंट और अंडरवियर उतारी और कोमल भाभी को अपने 7 इंच वाले हथियार के दर्शन करवा दिए. मेरा लंड इस दौरान काफी तना हुआ था. इसलिए कोमल भाभी ने छुआ और बोली- ओह्ह माय गोड, इतना बड़ा लंड है आपका?
मैं- हाँ क्यों कभी देखा नही क्या इतना बड़ा लंड आपने?
भाभी- देखा तो है लेकिन सिर्फ फिल्मों में. असल जिन्दगी में नही.
मैं- मतलब नंदू भैया का लंड इससे छोटा है?
भाभी- हाँ आपके वाले से तो आधा ही होगा.
मैं- ये सब आप ही की देन है मेरी भाभी.
भाभी- मेरी देन कैसे?
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मैं- आपको ही याद करके ये बड़ा हुआ है. हहहाहा
इतना सुनते ही भाभी ने मेरे को लिटा दिया और अब वह बैठकर मेरे लंड को आइसक्रीम की तरह मुह में लेकर लगातार चूमे जा रही थी. और मैं इस दौरान आह…अहहाह…हाहाहा…हहहः…. किए जा रहा था. क्योंकि मेरा लंड उनके मुह में जाता हुआ ऐसा लग रहा था जैसे की उनकी चूत में ही जा रहा है. इसलिए भाभी अब जोर-जोर से मेरे लंड को चूमने में लग गयी थी. और इसी दौरान मैं फिर से आह…अहहह…हहहः… करके कोमल भाभी के मुह में ही झड़ गया.
और कोमल भाभी भी मेरे लंड के पानी को अपने मुह में ही गटक गयी. और बोली- मजा आया ना?
मैं- पूछो मत मेरी जान.
भाभी- जान?
मैं- हाँ आज से आप मेरी जान हो.
भाभी- ठीक है, लेकिन किसी को पता न चलना चाहिए की मैं आपकी जान हूँ.
मैं- चिंता मत करो मेरी जान.
इतना सुनते ही भाभी फिर से मेरे लंड को ठीक उसी प्रकार से खड़ा करने के लिए लग गयी. और करीब 10 मिनट तक चूमने के बाद अब मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. और फिर भाभी समझ चुकी थी की अब चूत में जाने के लिए तैयार है इसलिए उन्होंने मेरे लंड को मुह से बाहर निकालकर बोला- चलो अब आओ मेरी जान मेरे ऊपर और चोद लो अपनी भाभी को.
इतना सुनते ही मेरे में मानों जोश आ गया. और मैंने खेत में ही भाभी को लेटाया और भाभी के टांगों को अपने कंधों पर लेकर चूत के सामने अपना लंड सेट किया. और भाभी को बोला- आप छेद के सामने रखो मेरे लंड को. और भाभी ने भी ठीक वैसा ही किया.
तथा अब मैंने एक झटका दिया. और मेरा लंड भाभी की चूत को चीरता हुआ एकदम से अंदर चला गया. और इस दौरान कोमल भाभी आआआआआआआ……. ईईईईईईई……………..ऊऊऊऊऊऊऊ………… सीईईईई……… करने में लग गयी.
फिर बोली- पागल धीरे-धीरे डालो ये लंड है या कोई लौहे की रॉड फाड़ेगा आज ये मेरी चूत को.
मैं- मेरी जान फाड़ेगा तभी तो आप याद करोगी मेरे को.
भाभी- ठीक है लेकिन धीरे-धीरे जाने दो.
इतना सुनते ही मैंने फिर से अपने लंड को भाभी की चूत सामने सेट करके अब धीरे-धीरे घुसाने में लग गया. और इस दौरान अब भाभी भी मेरे लंड को अंदर तक फील कर रही थी. और अब मैं उनके आगे-पीछे धक्के दिए जा रहा था. तथा वह भी मेरा अब साथ देने में लगी थी. तथा लगातार मेरे सर पर अपना प्यार भरा हाथ घुमा रही थी.
और मुझे इस दौरान लग गया था की भाभी अब पूरा लंड लेने के लिए तैयार है. इसलिए मैंने अब अपने लंड को भाभी की चूत में पूरा डाल दिया. और शुरू-शुरू में तो भाभी काफी तड्पी लेकिन बाद में वो मजा लेने में लग गयी. और अहाह… अहहहः…. अहहहः…. बहुत मजा आ रहा है….. नरेश जी…. करते रहो….. प्लीज…… मेरे को भी ऐसे ही लंड की जरूरत थी….आःहहः…हहहः…आह
और इतना करते-करते केवल 5 मिनट की चुदाई में ही भाभी ने अपनी चूत से पानी को छोड़ दिया. और वह एकदम अकड़ गयी तथा निढाल हो गयी. लेकिन मेरा लंड कहाँ इतनी जल्दी मनाने वाला?
मैं लगातार कोमल भाभी की चूत में धक्के पर धक्के दिए जा रहा था. और अब भाभी को फिर से चुदने का जोश आने लगा था. और वह अब फिर से मेरे बदन पर अपना हाथ फेरने में लगी थी. तभी मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी. और करीब 10 मिनट बाद फिर से भाभी आह…अहहाह…अह्हह करके मजा ले रही थी. तभी भाभी बोली- और तेज करो देवरजी बहुत मजा आ रहा है…. आहाहह्हा….हहहाहा…..अहहहा…अहहाह.
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और मैं लगातार अपनी स्पीड को बढ़ाये जा रहा था. तभी भाभी की चूत से फट…फट…फट…फट…. की आवाजें आने को लग रही थी. तभी मेरे को भी बहुत मजा आ रहा था. लेकिन डर ये भी था की कोई आ न जाए यहाँ खेत में इसलिए मैंने अब ज्यादा देर न लगाते हुए 10-20 झटके और दिए और अब मेरा लंड अपना माल छोड़ने के लिए तैयार हो चूका था.
तभी मैंने भाभी को बोला- भाभी मेरा माल छुटने वाला है बाहर निकाल दू?
भाभी-इतनी जबरदस्त चुदाई के बाद भी माल बाहर ही निकालोगे क्या? प्लीज अपने लंड को मेरी चूत की गहराई में ले जाकर अपना माल निकालो. मैं दवा ले लुंगी आप चिंता मत करो. आप तो प्लीज लंड को मेरी चूत की गहराई में जाने दो.
और इतना सुनते ही मैंने आह…आह….आह… करके अपने लंड को भाभी की चूत की गहराई में ले जाकर अपना माल छोड़ दिया. और करीब 2 मिनट तक लगातार भाभी की चूत में जोर लगाये रखा. इस दौरान भाभी भी- आआआआ……..ऊऊऊऊउ…….ईईईईईई………….सीईईईइ….. करती रही.
और अब मैं भाभी के ऊपर ही लेट गया. और हम दोनों एक दुसरे को फिर से चूमने में लग गये. तभी भाभी बोली- अब घर जाकर करेंगे देवरजी आगे की चुदाई. प्लीज अभी तो हमको घर पर पशुओं के लिए भरोटी लेकर जानी है.
और फिर हम भरोटी लेकर घर आ गये. तथा अभी तक घर पर कोई नही था इसलिए भाभी ने मुझे अपने बेडरूम में बुलाकर घोड़ी बनकर चुदाई का फिर से मजा लिया. और मैं भी दोस्तों उस दिन कोमल भाभी की चूत को लगातार 4 बार चोद चूका था. तथा मेरी चुदाई से कोमल भाभी इतनी इम्प्रेस हुई की वो अब मेरे लंड अपना ही समझने में लग गयी थी.
क्योंकि उस दिन के बाद से आज 2 महीने हो गये है. कोमल भाभी का जब भी मन होता है कभी मेरे कमरे में तो कभी मेरे को अपने बेडरूम में बुलाकर अपनी चुदाई करवा लेती है. तथा गनीमत रही की आज तक इस बात का पता किसी को न चल पाया है. तथा हम दोनों ही अब खुश है. भगवान करें की हमारी ख़ुशी को किसी की नजर न लगे…. आई लव यू कोमल भाभी.
दोस्तों ये Khet me chudai story आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Khet me chudai kahani बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.