Mausi Ki Chudai Ki Kahani – बाथरूम में घुसकर कर डाली मौसी की चुदाई
नमस्कार दोस्तों! आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com पर. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर सुरेश जी द्वारा भेजी गयी Mausi Ki Chudai Ki Kahani लेकर. दोस्तों मेरी यह Mausi ki chudai sex story एक सच्ची घटना है जिसमे मैंने अपनी सगी मौसी सुशीला को बाथरूम में घुसकर चुदाई का भरपूर मजा दिया था.
दरअसल दोस्तों हम लोग यूपी के सहारनपुर के रहने वाले है. और अगर मेरी सुशीला मौसी हमारे घर आती रहती है. क्योंकि मेरी माँ और मौसी दोनों में काफी बनती है. और फ़िलहाल मेरी सुशीला मौसी एक कुंवारी कन्या है. क्योंकि वो अभी तक अपनी पढाई को लेकर काफी चिंतित रहती है. और कुल मिलकर उसे शादी से पहले अपना करियर सेट करना है. इसलिए उन्होंने अभी तक शादी नही की है.
लेकिन आपको तो पता ही है दोस्तों ये जवानी किसके बस में रहती है. जो हॉर्मोन भगवान् ने दिए है वो तो अपना जोर समय-समय पर दिखाते ही है. चाहे वह लड़का हो या लड़की. बरहाल दोस्तों मैं आपको अपने बारें में बताऊ तो मैं फ़िलहाल 12th कक्षा में पढाई कर रहा हूँ. और मेरी मौसी के संग में काफी सवाल जवाब डिसकस करता रहता है.
क्योंकि मेरी सुशीला मौसी पढाई में काफी तेज दीमाग वाली लड़की है. और दिखने में तो वह है ही हुस्न की परी जैसी. इसलिए शायद सभी लोग उस पर काफी मरते है. और मेरा भी आपको बताऊ तो दोस्तों मैं भी जब सुशीला मौसी को देखता हूँ तो मेरा भी उनका नंगा बदन देखने को मन करता है. इसलिए दिन भर में एक बार तो आपको सच्ची बताऊ एक बार मुठी मार लेता हूँ.
इसलिए दोस्तों आजकल जब भी मैं सुशीला मौसी से बातें करता हूँ तो वो भी मेरे से स्कूल में मेरी गर्लफ्रेंड कौन है ऐसे वैसे सवाल पूछने लगी है. जो की मेरे को बहुत अच्छे लगते है. क्योंकि दोस्तों मैं भी सामने से फिर मौसी से उसके बॉयफ्रेंड के बारें पूछ लेता हूँ. तब मौसी बताती है की अभी मेरा महेश बॉयफ्रेंड है लेकिन मैं उससे कई दिनों से मिली नही हूँ.
और हम दोनों लोग बहुत सारी बातें करते है. जिसकी वजह से दोस्तों मेरा तो उनका मन जानकर लंड खड़ा हो जाता है. इसलिए अब दोस्तों मेरा मन सुशीला मौसी को चोदने का हो चला था. क्योंकि उनका बदन मेरे को बहुत ही ख़ास लगता था. जब वह चलती थी तो उनके कुल्हे 61-62 होकर मेरे लंड को अपने अंदर लेने के लिए उत्सुक हुए रहते थे.
फिर दोस्तों एक दिन रविवार का समय था और सुबह-सुबह मेरे माँ डैड घर पर नही थे. वो किसी काम से घर से बाहर गये हुए थे और हमें बोलकर गये थे की वो लोग शाम तक घर लौटेंगे. इसलिए अब घर के अंदर केवल मैं और सुशीला मौसी ही मौजूद थे. अब मेरे खुराफाती दीमाग में सुशीला मौसी को नंगा देखने के ख्याल आने शुरू हो चुके थे.
तो जब मेरी मौसी नहाने के लिए जाने लगी तभी से मेरा लंड खड़ा हो गया था. और उसकी एक आदत थी वो बाथरूम में जब भी जाती थी तो कुण्डी नही लगाती थी. केवल किवाड़ को लगाकर बस नहाने के लिए लग जाती थी. अब दोस्तों मेरे को और चाहिए भी क्या था? क्योंकि मैं खुद सुशीला मौसी को नंगा देखना चाह रहा था. इसलिए जब उसने अपने कपड़े उतारकर नहाना शुरू किया तभी मैंने अनजान बनकर बाथरूम का गेट खोल दिया. और मैंने देखा की मौसी एकदम नंगी होकर नहा रही थी.
और उसका गोरा बदन तथा उसके 38 की साइज़ के बूब्स एकदम टाइट हो रखे थे. निचे से उसके गोरे-गोरे कुल्हे मेरे लंड को तनाव दिए जा रहे थे. एकबार तो देखते ही मैं घबराने लग गया था. क्योंकि दोस्तों मैंने पहली बार इतना गोरा बदन नंगा होते हुए देखा था. मुझे अपने सामने देखते ही वो ज़ोर से चिल्ला पड़ी और मुझसे कहने लगी कि तू यहाँ पर क्या कर रहा है?
मैं बोला- मौसी मुझे भी नहाना था इसलिए मैं यहाँ चला आया मेरे को पता नही था आप भी नहा रही हो. और मैं दोस्तों मौसी को एक ही नजर गडाए हुए उनकी चूत को देख रहा था. जो की काफी गुलाबी और चिकनी दिख रही थी.
मौसी- पागल में नहा रही हूँ, तुम जाओ अभी बाहर मैं आती हूँ इसके बाद नहा लेना.
मैं- ठीक है मौसी, और मैं उन्हें देखता ही जा रहा था.
मौसी- अब जाओ, क्या देखे जा रहे हो शर्म कर मैं तुम्हारी मौसी हूँ.
मैं- मौसी मेरे से देखे बिना नही रहा जा रहा है, मेरे अंदर कुछ-कुछ होने लगा है.
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मौसी- अच्छा, क्या हो रहा है? जरा बताओ?
मैं- पता नही लेकिन मौसी मेरी धडकन तेज हो गयी है. और मेरे निचे से भी कुछ-कुछ हो रहा है.
इतना सुनते ही मौसी ने मेरे पेंट की तरफ नजर घुमाई और बोली- ये तो बहुत टाइट हो चला है, इतना बड़ा है तेरा?
मैं- अभी कहाँ देखा है आपने, ये अभी अंदर है बाहर निकलेगा तब पता लगेगा आपको.
मौसी- तो निकाल फिर इसे बाहर, मैं भी तो देखू कितना बड़ा है.
मैं- मुझे शर्म आ रही है मौसी.
मौसी- अच्छा, मैं इधर तेरे को नंगी दिख रही हूँ मेरे को नही आ रही शर्म. निकाल बाहर और दिखा मेरे को.
मैं- एक शर्त पर दिखाऊंगा.
मौसी- बोलो क्या शर्त है तुम्हारी?
मैं- कुछ करने दोगी तब दिखाऊंगा.
मौसी- पहले दिखा तो सही करने लायक है या नहीं.
इतना सुनते ही मैंने अपनी पेंट उतारी और साथ में अंडरवियर भी उतार फेंकी अब मेरा 7 इंच लम्बा लंड मौसी के सामने फड़क रहा था. और इस समय वह काफी सख्त हो रखा था. तथा मौसी की चूत में घुसने के लिए तैयार था.
अब मौसी ने झट से मेरे लंड पर हाथ सहलाया और बोली- यार सुरेश इतनी सी उम्र में इतना बड़ा लंड कैसे कर लिया तुमने?
मैं- जब से आपको नंगा देखा है तभी से ये इतना बड़ा हो गया है.
मौसी- क्या मैं इसे अपने मुह में ले लू?
मैं- हाँ मौसी आपने मेरे मुह की बात छीन ली, जल्दी से लो.
इतना सुनते ही मौसी बैठी रही और मैं खड़ा रहा मौसी किसी आइसक्रीम की तरह मेरे लंड को आगे से चूमने लग गयी. और इसके बाद मेरे लंड को अंदर तक मुह में लेने लग गयी.
उतना लंड चूसने का अंदाज मेरे को बहुत पसंद आ रहा था. इसलिए दोस्तों करीब 2 मिनट तक वो चूसती रही और मैं उनके नंगे बदन को सहलाता रहा. फिर मेरा माल उनके मुह में ही झड़ गया. और मैं आह…. आह…. आह…. बहुत मजा आया मौसी…. करके पूरा झड़ गया.
अब दोस्तों फिर से मेरा लंड तनाव खाने लग गया. क्योंकि मेरे सामने एक कुंवारी कन्या नंगी जो हो रखी थी. अब मेरे से आप ही बताओ कैसे रहा जाए? इसलिए अब मेरा लंड फिर से सख्त हो गया. और मैंने मौसी को बोला – प्लीज मौसी इसे फिर से अपने मुह में लो.मेरे को बहुत मजा आया था. पहली बार मैं इसे वैसे ही चुसो जैसे पहले चूस रही थी.
इतना सुनते ही अब मौसी मेरे लंड को फिर से अपने मुह में डालकर चूसने के लिए लग गयी. और अब मेरे को फिर से वहीँ मजा आने लग गया. करीब 5 मिनट तक चूसने के बाद अब मैंने उनको किस करना शुरू कर दिया.
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तभी मौसी बोली- अब तू भी मेरी चूत को चूस सुरेश.
तभी मौसी बाथरूम में ही लेट गयी. और अब मैं उनकी चूत की पंखुड़ियों को फैलाकर चूत को चूसने के लिए लग गया. और मौसी इस दौरान आह… आह….आह…. सुरेश….. बहुत मजा आ रहा है…. अह…..आह…. आह…. आह…. ऐसे ही चुसो और लगातार मेरी जीभ फेरने की वजह से अपना पानी निकाल रही थी.
फिर मैं मौसी के बूब्स को अपने मुहं में ले लिए और बड़े मज़े से छोटे बच्चे की तरह बूब्स की निप्पल को चूसने लगा उस समय वो मेरी पीठ पर अपने एक हाथ को घुमा रही थी जिसकी वजह से मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था में दोनों बूब्स का बारी बारी से दबाकर चूसकर मज़ा ले रहा था.
फिर करीब 10 मिनट तक हम दोनों एक दूसरे तो किस करते रहे और वो मुझे पागलों की तरह चूम रही थी. इसके बाद मैं फिर से उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया तो वो आहह ओफफ्फ़ … आह…. आह…. आह…. किये जा रही थी. और चुदवाने के लिए एकदम तैयार हो रखी थी. और बोल रही थी अब मेरी चूत में अपना हथियार डाल दे प्लीज…. मेरे से नही रहा जा रहा है.
मेरी मौसी की ये तडप मेरे को जोश में लाने के लिए काफी थी. इसलिए दोस्तों मेरे से भी अब रहा नही जा रहा था. फिर मैंने तुरंत ही उनके दोनों पैरों के बीच में आकर लंड को विभाने पर रखते हुए अपना लंड उनकी चूत में डालने की कोशिश की, लेकिन वो बहुत टाइट थी इसलिए मेरा मोटा लंड उसके अंदर जा ही नहीं सका और वो अपने विभाने से फिसलता हुए बाहर रह गया.
मौसी बोली- पागल थोड़ा थूक लगाकर डाल, अभी चला जाएगा….अह….आह…डाल दे जल्दी से.
इतना सुनते ही दोस्तों मैंने अब थोड़ा थूक निकाला और मौसी की चूत पर लगाकर फिर से अपना लंड सेट किया और एक तेज झटका मारा तो मौसी की चूत में मेरा लंड एकदम से घुस गया. और अब मौसी एकदम से चीखी- आह…. आह…ऊऊऊऊऊ……..ईईईईई……………ईईईईईइ……पागल कोई ऐसे भी डालता है क्या एकदम से. मेरे को बहुत दर्द कर दिया सुरेश तुमने धीरे-धीरे करो…..आह….आह…. और मैं इस दौरान मौसी के ऊपर ही लेता हुआ था. और आगे-पीछे हो रहा था.
फिर मौसी ने मुझे उठाकर मेरा मुंह अपने बूब्स पर रख दिया फिर मैंने दोनों स्तनों से नीचोड़ नीचोड़ कर स्तनपान किया और कुछ देर बाद भाभी की दोनों टांगें विपरीत दिशा में करके उनकी चूत पर लंड फेरने लगा मौसी के मुह से आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऊऊउह्ह्ह्ह्ह ईईह्ह्ह्ह्ह्ह निकल पड़ा तभी मैंने मौसी की चूत पर एक जोर से झटका मारा तो मौसी’ और तेज़ और तेज़ कह कर मेरा साथ देने लगी मेरा जोश यह सुनकर दुगना हो गया फिर मौसी और मैं एक साथ स्खलित हो गए.
और इस दौरान हम दोनों अह…आह…आह… कर रहे थे. ये पहली चुदाई करीब 20 मिनट तक चली और दोस्तों अब मैं मौसी के ऊपर ही लेटा हुआ था. तभी मैं उनसे महेश से चुदाई के बारें में पूछ रहा था. तो मौसी बोली- उसका तो अभी तक मेरी चूत के अदंर गया भी नही है, मेरे को नंगा देखकर वो पहले ही झड़ जाता है.
तभी दोस्तों मैंने पूछा- मेरी चुदाई कैसी लगी आपको?
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मौसी- तेरी चुदाई दमदार है, जी कर रहा है पुरे दिन तेरे लंड को अपनी चूत में लगाये रखूं.
इतना सुनते ही दोस्तों अब मेरा फिर से मौसी को चोदने का मन हो चला था. तभी मैंने बोला- मौसी अब मैं फिर से आपको चोदुंगा. प्लीज इस बार मुझे आपको घोड़ी बनाना है.
मौसी- ओह्ह तुमने मेरे मुह की बात छीन ली मेरे को भी घोड़ी बनकर चुदवाने में बहुत मजा आता है.
और इतना कहकर झट से मौसी अब बाथरूम के फर्श पर घोड़ी बन गयी. और मैं पीछे से उनकी चूत को चाटने के लिए लग गया. और अब मौसी फिर से आह…अह….आह… करने लग गयी.
तभी मैं समझ गया की अब फिर से मौसी को मेरा लंड अपनी चूत में लेना है. इसलिए ज्यादा देरी न करते हुए अब पहले मैंने मौसी की कमर को पकड़ा और पीछे से जोर-जोर से पेलने लगा, “पट… पट… पट…” की तेज आवाजें, मौसी चीख रही थी, “आह्ह्ह… ओह्ह्ह… फाड़ दो… आह्ह्हीईई… बहुत मजा आ रहा है सुरेश ….. ऐसे ही झटके देते रहो”.
मैं मौसी की गांड पर जोर-जोर से चांटे मार रहा था, उसकी गांड लाल टमाटर जैसी हो गई. क्योंकि उसकी गोरी गांड एक थपड लगते ही खून जैसी दिखाई देती थी. इसलिए मैं भी लगातार झटकों के साथ थपड मार रहा था. और पूरी गांड लाल हो चली थी. ये सिलसिला करीब आधे घंटे तक चलता रहा और मैं पीछे से झटके देता रहा.
फिर मेरा दोस्तों एकदम से होने वाला था. तो मैंने बोला- मौसी मेरा निकलने वाला है, कहाँ निकालू?
मौसी- प्लीज मेरी चूत की गहराई में ही निकालना मेरे को तेरा लंड अंदर तक महसूस करना है.
इतना सुनते ही मैंने अब थोड़े झटके और देकर अपना माल मौसी की चूत (mausi ki chut) में ही निकाल फेंका. और इस दौरान मौसी भी लंड को गहराई में महसूस करके आह…आह….आह….आह…आह… कर रही थी. उसे बहुत मजा आ रहा था.
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फिर मैंने अपने लंड निकाला और धोने के लिए लग गया. तभी मौसी बोली- यार सुरेश तुमने तो मुझे अपना दीवाना बना डाला. प्लीज मेरे को जब तक मैं यहाँ रहूँ चुदाई का मजा देते रहना. क्योंकि मैं तेरा लंड जिन्दगी भर फील करना चाहती हूँ.
मैं- चिंता मत करो मेरी प्यारी सी मौसी, समझो आज से ये लंड सिर्फ आपका ही है.
इसके बाद दोस्तों हमने जब भी घर में मौका मिला जमकर “मौसी की चुदाई” का मजा लिया. यहाँ तक की उस दिन के बाद से मैं मौसी के कमरे में ही रात को सोने लग गया था. जिसके बाद हम पूरी रात चुदाई का मजा लेते थे. और अब मौसी घर जा चुकी है, लेकिन अगले महीने वह से आने को बोल रही है, जिसकी वजह से में काफी एक्साइटेड हूँ.
दोस्तों ये Mausi ki chudai hindi mein कहानी आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह mausi ke sath sex कहानी बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.