Bathroom Mein Chudai – खुशबु भाभी का नंगा बदन देखकर फिसला देवर का मन
हेल्लो दोस्तों! आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com पर. हाजिर है आपके सामने एक बार फिर विनोद जी द्वारा भेजी गयी Bathroom Mein Chudai (बाथरूम में चुदाई) कहानी लेकर. दोस्तों मेरी यह एक सच्ची घटना है जिसमे मेने अपनी सगी bhabhi ko bathroom me choda है. और जब से मैंने उनको अपने लंड के दर्शन करवाए है वह आज तक मेरी दीवानी है.
सबसे पहले दोस्तों मैंने अपने बारें में बता देता हूँ मेरा नाम विनोद है और मेरी उम्र फ़िलहाल 20 बरस की है. तथा मैं गुजरात के पालनपुर का रहने वाला हूँ. मेरी हाइट 5 फिट 8 इन्च है और मेरे लौड़े की लम्बाई मेने अपनी प्यारी सी खुशबु भाभी को याद कर-करके पूरी 7 इंच कर ली है. क्योंकि ऐसा कोई दिन नही गया है जब मैंने खुशबु भाभी को सोचकर मुठी न मारी हो.
मेरे परिवार के बारें में बताऊ तो दोस्तों हम 2 भाई है और माँ बाप तथा भाभी शामिल है. भैया अक्सर काम के सिलसिले से घर से बाहर ही रहते है. क्योंकि उन्होंने हार्डवेयर की दुकान कर रखी है इसलिए वह शाम को आते है तथा सुबह जल्दी उठकर अपने काम पर चले जाते है.
मेरे भैया की शादी खुशबु भाभी से आज के 7 बरस पहले हुई थी. हालाँकि दोस्तों तब तक मैं चुदाई वगेरह के बारें में कम ही जानता था. लेकिन जब से मुझे अपने ही घर में खुशबु भाभी कुल्हे मटकाती नजर आने लगी तो मेरे लंड ने भी तनाव लेना शुरू कर दिया और इसके बाद फिर मैंने एक बार अपने लंड को हिला डाला जिसके बाद इसमें से सफेद-सफेद सा कुछ निकला और मुझे इस दौरान बहुत मजा आया.
तभी से दोस्तों पिछले 4 बरस से मैं भाभी को याद करके हमेशा मुठी मार लेता हूँ. अगर आप भी मेरी खुशबु भाभी को देख लोगे तो आप भी अपनी मुठी मारे बिना नही रह पाओगे. क्योंकि उनका गोरा बदन किसी को भी उनका दीवाना बनाने के लिए काफी है. इसलिए दोस्तों मैं भी पिछले कई दिनों से भाभी पर डोरे डाल रहा हूँ. लेकिन कभी ऐसा सम्भव नही हो पाया की भाभी को एक बार नंगा भी देख पाऊ.
हालाँकि मैंने उनको एक बार पीछे से पेशाब करते हुए जरूर उनके कुल्हे देख लिए थे. लेकिन अब मेरे को कैसे भी करके खुशबु भाभी की चूत के दर्शन करने थे. और किसी भी सूरत में ये काम करने के लिए मैं आतुर हो गया था. इसलिए वैसे तो खुशबु भाभी मेरे से बहुत बातें करती है. लेकिन कभी मैंने उनसे कोई भी ऐसी बात नही की जिसकी वजह से उनको बुरा लग सके. क्योंकि अगर उन्होंने बड़े भैया को बता दी तो मुझे तो वो घर बाहर फेंक देंगे.
फिर दोस्तों में पुरे दिन खुशबु भाभी को ही चोदने के बारें में सोचने लगा रहता था. इसी दौरान मेरे खुराफाती दीमाग में एक आईडिया आया और उस दिन संयोग से घर में कोई भी नही था. केवल मेरी खुशबु भाभी और मेरे अलावा. इसलिए मैं सुबह से खुशबु भाभी पर नजर बनाये हुआ था.
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और जब वो नहाने के लिए जाने लगी तो बाथरूम में जब आधा नहाई तब मैंने छत के ऊपर जाकर पानी की मुख्य टोंटी को बंद कर दिया. और इस दौरान मेरी खुशबु भाभी ने अपने बदन पर साबुन लगा लिया था. और फिर जब बाथरूम में पानी नही आया तो उन्होंने मेरे को आवाज लगाई, विनोद जी?
मैं- हाँ भाभी क्या हुआ?
भाभी- देखों ना मैं बाथरूम में घुसी ही थी की अब पानी आना बंद हो गया है, तथा मैंने अपने कपड़े भी गिले कर दिए है.
मैं- अब क्या करूँ भाभी मैं?
भाभी- आप प्लीज मेरे को किचन में एक पानी की बाल्टी भरी रखी हुई है वो पकड़ा दो. मैंने साबुन भी लगा लिया है और मेरी आँखों में भी काफी जलन हो रही है. आँखें खुल भी नही पा रही है.
मैं- ठीक है भाभी अभी लाता हूँ.
इसके बाद दोस्तों में दौड़ा – दौड़ा अपने प्लान के अनुसार किचन में जाकर पानी की बाल्टी उठाया और बाथरूम के बाहर खड़ा हो गया. और बोला- भाभी पानी ले आया हूँ, आप बाथरूम का दरवाजा खोलकर ले लो.
भाभी- मेरे को कुछ दिखाई नही दे रहा है, मैंने कुण्डी हटा दी है आप प्लीज इस बाल्टी को अंदर रख दो.
इतना सुनते ही दोस्तों मेरे मन में तो मानों लड्डू से फुट चले थे. और फिर मैंने धीरे से दरवाजा हटाया और बाल्टी अंदर रखने के बहाने भाभी के सामने आ गया और मैंने उनकी गुलाबी सी पंखुड़ियों से खिली चूत के दर्शन कर डाले.
और मैंने जब से उनको देखा तो में तो मानों बेसुध हो गया और फिर मुझे किसी भी बात का डर नही रहा तथा मैं उनको लगातार देखता ही रहा. उनके टेनिस बॉल जैसे बूब्स निचे लटक रहे थे. और मेरे को इसी दौरान मुठी मारने की फीलिंग आने लग गयी. लेकिन मैंने इतना तो कण्ट्रोल किया.
फिर भाभी ने बाल्टी में से पानी भरा और अपने बदन पर डाल लिया. तथा अपनी आँखे भी धो डाली. जिसके बाद मुझे अपने सामने खड़ा देख बोली- अभी तक आप गये नही आपको शर्म नही आती आप एकदम मेरे सामने ही आ गये विनोद जी?
मैं- भाभी मैं आपको कुछ नही बता सकता, जब से मैंने आपका ये गोरा नंगा बदन देखा है, तब से मुझे यहाँ से जाने का बिलकुल भी मन नही है.
भाभी- अच्छा ऐसा क्या है मेरे में जो तुम यहाँ से जा भी नही रहे.
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मैं- मुझे नही पता आपमें ऐसा क्या है लेकिन मेरा बाहर जाने का बिलकुल भी मन नही है, मेरा मन कर रहा है की मैं आपको ऐसे ही देखता रहूँ.
भाभी- इससे क्या हो जाएगा?
मैं- पता नही भाभी लेकिन मेरे निचे आपको नंगा देखकर बहुत हलचल हो गयी है. और मुझे मेरी चड्डी में गिला-गिला फ़ील हो रहा है.
भाभी- अच्छा, तो मेरा देवर भी अब बड़ा हो गया है. कब से हो रहा है देवर जी ऐसा?
मैं- जबसे मैंने आपकी चूत के दर्शन किए है, क्या भाभी मैं आपकी चूत को छू सकता हूँ?
भाभी- नही बिलकुल नही.
मैं- देख लेना भाभी मैंने भी आपकी पानी की बाल्टी लाकर मदद की है प्लीज छु लेने दो.
भाभी- तो क्या हुआ कभी मैं भी तुमको ऐसी मदद कर दूंगी.
मैं- प्लीज भाभी मेरा बहुत मन है आपकी चूत को खोलकर अंदर से देखने का. मान जाओ, फिर मैं जिद्द करने लग गया.
जिसके बाद भाभी ने आखिर में बोला- ठीक है छु लो, लेकिन फिर चले जाना वापस.
मैं- ठीक है भाभी चला जाऊंगा.
फिर दोस्तों मेरी भाभी बाथरूम में ही लेट गयी और मैं उनकी चूत को खोलकर अंदर से देखने लग गया. और फिर मेरा मन उनकी चूत के ऊपर ऊँगली फिराने का करने लग गया. जिसके बाद मैंने भाभी की इज्जाजत के बगैर ही ऊँगली फेरनी शुरू कर दी.
और मेरी ऊँगली को ऊपर मसलते देख भाभी बोली- पागल करना क्या चाहते हो? तुम्हारी इन हरकतों से मुझे कुछ-कुछ हो रहा है.
मैं- क्या हो रहा भाभी बताओ जरा?
भाभी- कुछ नही करते रहो, मुझे भी अच्छा लग रहा है थोड़ा-थोड़ा.
फिर दोस्तों उनके मुह से ये शब्द सुनकर मैंने उनकी चूत पर अपनी जीभ फिरानी शूरु कर दी और मेरी इस हरकत से भाभी- आह….. विनोद जी…. क्या करने का इरादा है,,,,, पागल हो क्या कोई आ जाएगा.
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मैं- आपको पता है ना घर में कोई नही है, कोई नही आएगा.
भाभी- ठीक है करते रहो फिर.
इसके बाद फिर अगले ही पल में मैंने हिम्मत दिखाते हुए अपने तने हुए लंड को भाभी के चूतड़ो के बीच में लगा दिया और चिपक गया. अब भाभी को अजीब सा अहसास हुआ और वो थोड़ी आगे आ गई, लेकिन सोचा कि मज़ा आ रहा है तो थोड़ा मजा करने में क्या जाता है?
अब भाभी भी कोई विरोध किए बिना ही अपना हाथ मेरी पीठ पर ले गई और सहलाने लगी. फिर मैंने कुछ देर तक भाभी के रसीले होंठो को चूसने के बाद भाभी को अपनी बाहों में भर लिया और उसके बूब्स को अपने नंगे सीने में दबाने लगा. इतना करने से ही मेरी भाभी—- आह,,,,, विनोद जी….. आप मुझे पागल कर दोगे आज ऐसी आवाजें निकालने लग गयी.
फिर मैंने भाभी को अपने से अलग किया और उनके बदन को घूरने लगा. फिर मैं थोड़ा सा नीचे झुका और अपना मुँह ले जाकर भाभी के एक मुलायम बूब्स पर रखकर अपनी आँखे बंद की और चूसने लगा. तो भाभी ने अपना सिर पीछे कर लिया और मेरे कंधे को पकड़कर पीछे की तरफ झुक गई.
इस दौरान दोस्तों आपको बताऊ खुशबु भाभी मेरी हरकतों से काफी चुदाई के मूड में आ गयी थी. और फिर मैंने एक-एक करके भाभी की दोनों चूचीयों को चूसा और निप्पल को अपनी जीभ में लेकर खेलता रहा और अपने दूसरे हाथ से उन्हें दबाता रहा. अब भाभी आ आआहह…. सस्सह …. हहाअ …. धीरे करो विनोद जी. ऐसी आवाजे निकाले जा रही थी.
फिर मैं भाभी के बूब्स को छोड़कर ऊपर आया और भाभी के होंठो को चूमने लगा और फिर उनकी गर्दन को चूमने लगा. और साथ में भाभी की चूत में उंगली करने लगा. अब भाभी भी सिसकारियाँ भरती और उस अहसास का पूरा मज़ा लेती रही थी. और भाभी की चूत से इस दौरान काफी पानी निकलने लगा था. जिसको जब से मैंने देखा तभी से मेरा पिने का मन हो चला था.
फिर मैंने अपना मुँह भाभी की चूत में लगाकर चाटने, चूसने लगा. अब भाभी ने अपने दोनों हाथों को मेरे सिर पर रखकर अपने घुटनों को दोनों तरफ कर दिया था, जिससे मैं और अच्छे से अपना मुँह घुसाने लगा था. मेरी चूत चूसने के तरीके से भाभी काफी कामुक हो गयी थी. और करीब 15 मिनट तक लगातार चुसवाने के बाद भाभी एकदम से झड़ गयी. और अकड़कर बाथरूम में ही आह….आह…आह करते फ़ैल गयी.
फिर मैं भाभी के ऊपर आया और भाभी के सिर को पकड़कर नीचे कर दिया. और भाभी को बोला- अब भाभी आपकी बारी है प्लीज् मेरे लंड को अब आप चुसो. और दोस्तों इतना कहते ही खुशबु भाभी मानों तैयार ही थी क्या एकदम से उठी और मेरे लंड को अपने मुह के अदर तक लेने लगी. जैसे कोई प्रोफ़ेसनल रंडी हो.
मुझे इस दौरान बहुत मजा आ रहा था. और उनके चूसने की वजह से ही मेरा माल उनके मुह में ही निकल गया. और भाभी ने फिर बाथरूम में ही माल को थूककर फिर से लंड को चुसना चालु रखा जिसकी वजह से मेरे लंड में फिर से जान आ गयी.
और फिर दोस्तों इस बार मेने कोई देर न करते हुए भाभी के बाएं घुटने को पकड़कर अपने दायें हाथ से अपनी कमर तक लाया और अपने लंड को भाभी के चूत में फिट करते हुए एक धक्का मारा तो भाभी कसमसा उठी और मैंने फिर से अपने लंड को पकड़कर एक धक्का और मारा तो भाभी आह…. विनोद जी बहुत मजा आ रहा है…. ऐसे ही झटके लगाओ. इतना सुनकर दोस्तों मैं काफी जोश में आ गया और फिर जोर-जोर के झटके देने लग गया.
अब मैं धक्के पे धक्के मारता जा रहा था और भाभी धक्के के साथ अपने हाथों से मेरे कंधो को पकड़कर सिसकियां भरती जा रही थी. फिर मैंने भाभी के पैर छोड़े और उन्हें घोड़ी बनने के लिए बोला तो दोस्तों खुशबु भाभी इतना सुनते ही तुरंत घोड़ी वाले आसन में आ गयी.
और फिर मैं पीछे से भाभी की गुलाबी चूत में मेरा 7 इंच का तगड़ा लंड आगे – पीछे करने लगा था. मेरे दमदार झटकों की वजह से अब भाभी कामुकता के सागर में कूद चुकी थी. और बोल रही थी की, विनोद जी ऐसा लंड मैंने आज तक नही लिया है. आपके भैया तो दुकान पर चले जाते है और उनमे इतना दम भी कहाँ है? वो पहले से ही थके हुए रहते है.
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अगर मेरे को पहले पता होता की आप ऐसी चुदाई भी कर सकते हो तो मैं आपको बाथरूम में बिलकुल नही डाटती. सॉरी विनोद जी मुझे माफ़ कर दो.
मैं- कोई बात नही भाभी आपको मजा आ रहा है ना?
भाभी- हाँ मजा तो ऐसा आ रहा है जैसे कोई गंदी फिल्मों वाला एक्टर ही आज मेरे को चोद रहा हो.
इतना कहते कहते ही मेरी आधे घंटे की चुदाई में भाभी 2 बार झड़ चुकी थी. फिर मैं भी दोस्तों आखिर में झड़ने वाला था तो मैंने कहा- भाभी मेरा निकलने वाला है क्या करूँ? कहाँ छोडू?
भाभी- पागल इतनी खतरनाक चुदाई का पानी बाहर मत छोड़ देना मेरी चूत में छोड़ दो. यह बहुत दिन से प्यासी है.
और इतना कहते ही फिर मैंने जोर-जोर के झटके देकर भाभी की चूत में ही अपना माल छोड़ दिया. और आखिर में उन्होंने मेरी चुदाई से इम्प्रेस होकर मेरे को – आई लव यू विनोंद जी बोल दिया.
यह सुनकर मैंने भी भाभी के गोरे गालों पर एक प्यारी सी किस दी और उन्हें सामने से आई लव यूं टू बोल दिया. और फिर दोस्तों हमने आगे की चुदाई के बारें में प्लान किया और फिर जब भी घरवाले घर पर नही होते है तब मैं और मेरी खुशबु भाभी चुदाई के भरपूर मजे लेते है.
और मजे की बात तो ये है की घर की चुदाई का आज तक किसी को पता भी नही चला है. क्योंकि मेरे को उनकी चुदाई के लिए कोई होटल वगेरह बुक नही करना पड़ता है. और मैं तथा खुशबु भाभी जमकर चुदाई का मजा लेते है. रोज नई-नई पोजीशन बदल-बदलकर.
दोस्तों ये bathroom me chudai कहानी आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह bhabhi ko bathroom me choda कहानी बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.