Mausi Ki Chudai Ki Kahani – कुंवारी मौसी ने खेत में मजे से लिया लंड
सभी को नमस्कार! दोस्तों मेरा नाम संदीप है और मैं मध्यप्रदेश के भोपाल के निवासी हूँ. तथा अभी मैं 23 बरस का हो चूका हूँ. और फ़िलहाल में प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूँ. दोस्तों यहाँ मैं जो आपको मेरे साथ हुई Mausi Ki Chudai Ki Kahani के बारें में आपको बता रहा हूँ. जो मेरी मीना मौसी के साथ की है.
आपको बता दूँ की मेरी मम्मी कुल 5 बहने है और उनमे से मेरी माँ सबसे बड़ी है तथा मेरी मीना मौसी आज भी कुंवारी है और अब उनकी उम्र 30 बरस की हो चुकी है. पहले तो वह पढाई के चक्कर में अपनी शादी नही कर पाई. लेकिन अब जब उनकी टीचर की जॉब लग चुकी है तब भी वह शादी के लिए सिर्फ इन्तजार ही कर रही है.
वैसे दोस्तों आपको मेरी मीना मौसी के फिगर के बारें में बताऊ तो वह दिखने में किसी जन्नत की हूर से कम नही लगती. चूँकि उनका गोरा बदन हर किसी को उनकी ओर आकर्षित कर सकता है. इसलिए मुझे तो लगता है की मौसी ने पहले से ही अपनी चूत फड़वा के रखी होगी. लेकिन दोस्तों जब मैंने मौसी को चोदा तो पता चला की अभी मीना मौसी केवल एक फ्रेश माल ही है. और उन्हें लंड की बेहद जरूरत थी.
ये जो mausi ki chudai kahani है ये दोस्तों मेरे मामा के घर की है. क्योंकि उनके घर पर बहुत से काम रहते है. जैसे पशु पालन का तथा खेत खलिहान का. इसलिए करीब-करीब घर के लोग खेत में ही रहते है. और इसी कड़ी में दोस्तों पिछले महीने में मामा के घर गया हुआ था. जहाँ मैं करीब 10 दिन तक रुका था.
तो वहां कोई भी मामी मेरे से बात नही कर रही थी. इसलिए मैं पुरे दिन मौसी के पीछे पीछे ही रहता था. और उनसे बाते किए जाता था. हालाँकि मैं जब से उनके घर गया था तभी से मेरे को मीना मौसी इतनी हॉट लगी की आपको क्या बताऊ. अगर आप भी मीना मौसी को देख लो तो रिश्ते नातों को भूलकर उनकी चुदाई के ही ख्याल लेने लग जाओगे.
फिर दोस्तों एक दिन हम खेत में गये हुए थे जहाँ मीना मौसी और मैं घास लेने के लिए गए हुए थे. और ये समय था दोस्तों शाम के करीब 6 बजे का. जहाँ हम सरसों के खेत में घास लेने के लिए गये हुए थे. वहीँ पर मेरी मौसी मेरे से बातें बतलाने लग गयी. और मेरे से पर्सनल होकर बातें करने लग गयी.
तभी मौसी बोलती है- संदीप तेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है क्या?
मैं- नही मौसी.
मौसी- सच बताओ ऐसा लगता तो नही है की तेरी कोई GF न हो.
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मैं- आपको कैसे लगा?
मौसी- तेरे इस रहने के ढंग को समझकर, आजकल तू कुछ ज्यादा ही स्मार्ट बनने लग गया है.
मैं- वो तो ऐसे ही मौसी सभी लड़के रहते है.
मौसी- अच्छा, सभी रहते है फिर सभी के GF भी होगी ना.
मैं- हाँ.
मौसी- फिर तेरे क्यूँ नही है?
मैं- मेरे को कोई मिली ही नही पसंद के लायक.
मौसी- अच्छा, तेरी कैसी पसंद है जरा बताओ.
मैं- आपके जैसी लड़की हो तो GF बनाने में भी मजा आए.
मौसी- अच्छा, मैं तुझको इतनी पसंद आई हूँ?
मैं- हाँ, और क्या?
और दोस्तों इतना सुनते ही मौसी बोलती है मेरे को इधर पेशाब लग रही है. शाम होने को आई तुम उधर अपना मुह कर लो मैं पेशाब कर लू. तो दोस्तों मैंने उधर मुह कर लिया और मौसी इस दौरान मेरे पीछे खेत में ही पेशाब करने लग गयी.
अब मेरे से रहा नही गया और मेने मुड़कर देख लिया. तो दोस्तों मुझे मौसी के पीछे से मस्त मस्त से गोल-गोल कुल्हे दिखाई पड़े. जिसके कारण मेरे लंड में एकदम से तनाव आ गया. और फिर जब मैंने देखा तो मौसी ने भी मुड़कर मेरे को देख लिया.
और बोली- पागल मेने तेरे को नही देखने के लिए बोला था ना?
मैं- मौसी ऐसे बदन को कौन नंगा नही देखना चाहेगा, मुझे आपको देखने के बाद हलचल सी मची हुई है.
मौसी- कैसी हलचल?
मैं- पता नही लेकिन मुझे कुछ अजीब सी फीलिंग आ रही है. और बहुत ही ख़ुशी फील हो रही है.
मौसी- तो तू एक काम कर मेरे सामने आ और अच्छे से देख ले ताकि तू और खुश फील कर सके.
इतना कहते ही दोस्तों मैं मौसी के सामने चला गया जहाँ मौसी पेशाब के लिए बेठी हुई थी. और मैंने देखा की उनकी एकदम शेव्ड चूत की गुलाबी गिरी मेरे को दीवाना बना रही थी.
मैं बोला- मौसी मेरे को आपकी चूत को छूना है.
मौसी- नही पागल, मैं तेरी मौसी हूँ.
मैं- प्लीज मौसी मेरा बहुत मन है.
मौसी- चलो ठीक है, छु लो, लेकिन किसी को बता मत देना.
मैं- नही मौसी ऐसा भी होता है क्या?
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इसके बाद खुद से ही मौसी लेट गयी और उनका पजामा तथा काले रंग की पेंटी आधी जांघ पर टिकी हुई थी. फिर मौसी बोली- ले छु ले अब आराम से.
इसके बाद दोस्तों मैंने मौसी की चूत की पंखुड़ियों को फैलाया और देखा की वहां उनकी चूत में पहले से ही चिकना चिकना कुछ लगा हुआ था. जो मेरे को बहुत अच्छा लग रहा था. फिर मैं बोला- मौसी मेरे को ये चिकना पदार्थ चाटना है.
मौसी बोली- कोई बात नही आ जा और चाट ले जल्दी से फिर घर भी चलना है.
इसके बाद दोस्तों मैंने बिना कोई देर किए मौसी के टांगो को ऊपर करके उनकी चूत पर जीभ फिरानी शुरू कर दी. और मुझे इस दौरान बहुत ही मजा आ रहा था. और मेरे जीभ फेरने के कारण मेरी मौसी भी चुदाई के लिए आतुर हो चली थी. और उनकी चूत में से वैसा पानी और बहने लग गया.
मैं बोला- मौसी ये तो पानी अब और ज्यादा निकलने लग गया है.
मौसी- ये तेरे कारण ही निकला है, ऐसे ही मेरी चूत को चाट तू जोर से मेरे को बहुत मजा आ रहा है.
इतना कहते ही दोस्तों मैंने करीब 10 मिनट तक मौसी की चूत को ढंग से चाटते हुए उनको चुदाई के लिए सिस्कारियां भरवाना शुरू कर दी, और मौसी इस दौरान आह…. संदीप ….. बहुत मजा आ रहा है. और उनके दोनों हाथ मेरे सर को पकड़ रखे थे. और मौसी बोली- और जोर से काट मेरी इस चूत को बहुत मजा आ रहा है.
उनकी ये तड़प देखकर मैंने बिना पूछे मौसी को पूरा नंगा करना शुरू कर दिया. आपको बता दूँ की मौसी ने ब्रा नहीं पहनी थी और ब्लाउज खुलते ही मौसी के गुलाबी गोल चूचे नजर आने लगे.तो मैंने उनको दबाना शुरू कर दिया. मेरी इन हरकतों से मौसी का मजा डबल हो गया.
इधर अब मैं अपने मुँह से मौसी की चूचियों को चूमना शुरू कर दिया. तो मौसी पर पैर मारने लगी और एकदम मचल सी गयी थी. इस दौरान मौसी मेरी जाँघों और पीठ पर अपने हाथों से रगड़ रही थी और हल्के से आहें भर रही थी. फिर मौसी ने मेरे लंड पर हाथ लगाया और धीरे से बोली, “संदीप आ जाओ मेरे ऊपर और पहले अपना लंड मेरी टांगों के बीच.”
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मैंने भी मौसी की दोनों जाँघें फैलाकर अपने लंड से मौसी की चूत के आसपास रगड़ने लगा। तो मौसी बोली, “संदीप मैं तेरी मदद करती हूँ.” और मौसी ने मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत के ऊपर लगाया और बोली, “संदीप पहले दे पूरी ताकत से फाड़ दे साली को.” और मेरे चूतड़ों पर ज़ोर से थपकी मारी.
अबकी बार मैंने भी अपनी आँखें बंद करके एक ज़ोर का धक्का लगाया. तो मेरा लंड आधे से ज्यादा मौसी की चूत में चला गया, पर पूरा अंदर नहीं गया. इस बार मौसी ने नीचे से एक धक्का लगाया और मुझसे दोबारा धकेलने को कहा. अबकी बार मेरा पूरा लंड मौसी की चूत के अंदर तक चला गया और मौसी मज़े में उछलने लगी और बोली, “संदीप मार धक्का, आह्ह पूरी ताकत से साली को फाड़ दे, पर मुझे मज़ा दे दे.”
मैंने अब धक्का लगाना शुरू कर दिया और मेरा लंड मौसी की चूत में अंदर-बाहर होने लगा. मैं भी पूरी ताकत से भौजी की चुदाई करने लगा. इसके बाद हम दोनों ने पोजीशन बदल ली और अब मौसी ऊपर से मेरे लंड पर सवार हो गई और उछलकर मेरे लंड को अपनी चूत में लेने लगी. और मैं उनके चूतड़ों पर हाथ फेरने लगा. मौसी के चूतड़ सुबह की तरह ही सॉफ्ट और चिकने थे. उन पर हाथ फेरने में बड़ा मज़ा आ रहा था.
और फिर मौसी ने मेरे ऊपर से ही अपनी स्पीड को बढ़ा दी और जोर-जोर से मेरे लंड को अंदर तक महसूस करने में लग गयी. तथा इस दौरान वह जोर-जोर से सिस्कारियां ले रही थी. और फिर अंत में मेरे लंड को अंदर तक लेकर मेरी मौसी झड़ गयी. और झड़कर मेरे ऊपर ही लेट गयी.
वहीँ दोस्तों मेरा अभी तक नही निकला था. इसलिए मैंने फिर से मौसी को निचे लेटाकर जोर-जोर से करीब 5 मिनट तक झटके देकर अपना माल भी निकाल दिया. और फिर मैं भी मौसी के उपर ही लेट गया और उनके गोरे-गोरे गालों को चूमने में लग गया.
इस दौरान मौसी भी अपनी मस्ती मिटाने के लिए मुझे चूमती-चाटती रही और मैं भी चुदाई के अलावा जैसे भी उनको खुश कर सकता था, उस तरह से उनके एक-एक अंग पर चुम्मा और मसाज करता रहा. फिर थोड़ी देर के बाद मौसी बोली- संदीप अब घर जाना है बहुत अँधेरा छाने लग गया है.
मैं- हाँ मौसी, लेकिन मेरा मन आपको एक बार और चोदने का है.
मौसी- मन तो मेरा भी है, लेकिन टाइम लग जाना है अभी कोई खेत में आ जाएगा.
मैं- कोई नही आएगा मौसी.
इसके बाद मैंने मौसी को घोड़ी बनने के लिए बोला. और मौसी ने बिना कोई देर किये घोड़ी वाला आसन ले लिया. तथा मैं इस बार उनके पीछे आकर उनकी गोरी-गोरी गांड से सटी गुलाबी चूत को चूमने लग गया. और वह चूत मेरी चुदाई से पहले ही काफी गीली हो गयी थी इसलिए मैंने उन्ही का पजामा लिया और पोंछ दिया.
और फिर से मौसी की चूत को चाटने लग गया. और मौसी फिर से सिसकारियां भरने लग गयी. इसके बाद मैंने बिना कोई देर किए पहले मौसी को पकड़ा, उसकी कमर को पकड़कर पीछे से जोर-जोर से पेलने लगा, “पट… पट… पट…” की तेज आवाजें, मौसी चीख रही थी, “आह्ह्ह… ओह्ह्ह… फाड़ दो… आह्ह्हीईई… संदीप” इस बार तो मार ही देगा क्या मुझे.
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मैं- नही मौसी ऐसा क्या हुआ?
मौसी- पागल बहुत अंदर जा रहा है.
मैं- थोड़ा धीरे करूं क्या?
मौसी- नही ऐसे ही कर अब मजा आ रहा है.
इसके बाद मैंने एक भी नही सुनते हुए मौसी की चीखें निकालते हुए उनको पीछे से घोड़ी बनाकर करीब 30 मिनट तक जोर-जोर से झटके दिए. और मौसी की चूत इस दौरान 3 बार झड़ चुकी थी. और अब जब भी मैं अपने लंड अंदर बाहर कर रहा था तब फच…फच….फच की आवाजें सुनाई देने लगी.
फिर मैंने और अपनी स्पीड बढाकर मौसी की चूत में ही अपना माल झाड़ दिया. और काफी देर तक उनके पीछे ही अपना जोर लगाये रखा. जिसकी वजह से मौसी को मजे में चार चाँद लग गये. और बोली- ओह संदीप,,,, आई लव यू…. मुझे नही पता था तू इस प्रकार से चुदाई करता है. वरना मैं तेरा लंड कब का ले चुकी होती.
मैंने कहा- मौसी अब मैं अगले 7 दिन यहीं पर हूँ. इसलिए हम रोज खेत में आकर चुदाई का मजा लेंगे.
इसके बाद दोस्तों मौसी ने हां करते हुए अपने कपड़े पहने और फिर हम घर चले गये. फिर दोस्तों मैं जब तक मामा के घर रहा तब तक कभी घर में तो कभी खेत में मेरी मौसी की जमकर चुदाई करता था. और आज भी मौसी मेरे को अपने घर बुला रही है. क्योंकि मैंने उनको इस कद्र मजा दिया है की वो जिन्दगी भर नही भूल पाएगी. अब मैं प्लान कर रहा हूँ और आगामी कुछ दिनों में फिर से मौसी के घर जाकर ही उसकी चुदाई करूंगा. और से दोस्तों आपको जरूर से अपनी कहानी बताऊंगा.
ये थी दोस्तों मेरी Mausi sex story जो काफी मजेदार थी और आज भी मेरे लिए काम की है. आप ये Mausi ki chudai story हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. तो दोस्तों अगर आपको मेरी ये Mausi ki chudai kahani पसंद आई है तो आप कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव साँझा कर सकते है. मिलता हूँ आपसे मेरी एक और मेरी Gandi Story के साथ.