Hindu Muslim Sex Story – सीलपैक आयशा और उसकी अम्मी को दिया लौड़े का भरपूर मजा
नमस्कार दोस्तों आप सभी को, मेरा नाम रविश है और दोस्तों मैं हरियाणा के जींद का रहने वाला हूँ. फ़िलहाल दोस्तों मैंने अपनी कॉलेज की पढाई कर रहा हूँ. और यह Hindu Muslim Sex Story मेरी और मेरी क्लासमेट आयशा तथा उसकी अम्मीजान के साथ की है. जहाँ मैं क्लास का टोपर होने के नाते आयशा के घर जाता था आयशा की पढाई में हेल्प करने लेकिन मुझे नही पता था की वहीँ पर मुझे आयशा तथा उसकी अम्मी की लेने को मिलेगी. दोस्तों मेरी इस Hindu muslim sex kahani के अंदर ऐसा ही कुछ हुआ है, जिसके बारें में आपको निचे बताउंगा.
सबसे पहले में आपको आयशा के बारें में बताऊ तो हम स्कूल के समय से ही साथ में पढाई करते थे. और आयशा तथा मेरा घर कुछ ही दुरी पर है. हालाँकि पहले तो आयशा मेरे से कुछ ज्यादा बातें नही करती थी. लेकिन बाद में दोस्तों अब जवानी के समय पर आप भी जानते है की अपोजिट सेक्स वाले इन्सान के साथ अटरेक्संन होने स्वाभाविक है.
इसलिए जब से आयशा मेरे साथ अपनी B.sc की पढाई करने लगी थी और कॉलेज में सब कुछ खुला हुआ देखा तो उसे भी मेरे बारें में कुछ पॉजिटिव विचार आने शुरू हो गये. और फिर दोस्तों आयशा मेरे से बातें करने लग गयी. वैसे आपको बता दूँ की आयशा दिखने में एकदम हिरोइन टाइप की लड़की लगती है.
और कॉलेज के सभी लड़के अफ़सोस करते है की ये मेरे से क्यूँ बातें करती है? क्योंकि दोस्तों आयशा का फिगर ऐसा है की हर कोई उसे पाने की चाहत रखता है. लेकिन वहीँ बात है लड़कियों को पटाने के लिए उनका दिल जीतना जरूरी होता है. इसी कड़ी मैं मुझे सफलता आलरेडी मिल चुकी थी.
तो दोस्तों अब आयशा कभी मेरे घर आ जाती थी तो कभी मैं पढाई से सम्बन्धित चीजों के बारें में जानने के लिए उनके घर चला जाता था. वैसे आपको बता दूँ की आयशा की अम्मी भी किसी परी से कम नही है. जब आप उसकी अम्मी के दर्शन करोगे तो कहोगे की आयशा और उसकी अम्मी दोनों बहने है. कोई उन्हें माँ – बेटी नही बतायेगा.
फिर दोस्तो ऐसे ही हमारे फोन नम्बर एक्सचेंज हो गये. और फिर रात तक हमारी बातें चलती थी. फिर आपको तो पता ही है अगर कोई लड़का-लड़की देर रात तक बातें करते है तो सेक्सी बातें तो शुरू होनी लाजमी है. तो आयशा ने मेरे से सेक्सी बातें करनी शुरू कर दी.
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और इसके बाद कई दिनों तक हमारी सेक्सी बातें होने लगी. फिर दोस्तों एक दिन आयशा ने बताया की- अब उसे मेरा लंड विडियो कॉल पर देखने में ज्यादा दिलचस्पि नही है. वो मेरे लंड से अपनी चूत मरवाना चाहती है. इसलिए उसने अपने घर पर मेरे को बुलाने के प्लान बनाया. और मैं भी दोस्तो एकदम हवसी छोरा हरियाणा का उसकी चूत का पहले से दीवाना था.
तो मैंने बोला- यार तेरी अम्मी को पता चल जाएगा तब?
आयशा- कुछ पता नही चलेगा, अम्मी दोपहर को सोई हुई रहती है.
मैं- और तेरे भाईजान?
आयशा- मेरे भाईजान शाम को लेट तक घर आते है, तुम इतनी फ़िक्र मत करो और मेरे घर पर आओ मेरे से नही रहा जाता है तेरे बिना.
मैं- चलो ठीक है फिर आता हूँ.
इसके बाद दोस्तों मैं आयशा के घर जाता हूँ. पढाई करने के बहाने से और आयशा पहले से सजधजकर तैयार थी. क्योंकि उसकी चूत के दर्शन मेने विडियो कॉल पर किए थे. जिसमे से चिपचिपा पानी रुकने का नाम ही नही ले रहा था. तो दोस्तों मैं भी जोश में आया हुआ था. और जाते वक्त मैंने मेडिकल से वियाग्रा की गोली खा ली थी. ताकि आयशा की पहली चुदाई उसे जिन्दगी भर याद रह सकें.
फिर आयशा ने अपने घर का दरवाजा खोला और मुझे चुपचाप अपने कमरे में ले गयी. और कन्फर्म करने के लिए अपनी अम्मी के कमरे में भी जाकर आई जहाँ उसकी अम्मी सोई हुई थी. इसलिए दोस्तों वह फिर से कमरे में आई और आने के बाद मेरे को किस करने में लग गयी. और मुझे ऐसा लग रहा था की वो पहले से चुदाई के लिए पागल हो गयी हो.
तो दोस्तों मैंने भी आव देखा न ताव आयशा के गुलाबी होठों पर जो किस लिए. की पूछो मत और उसे एकदम मदहोश कर दिया. हमारा यहीं सिलसिला काफी देर तक चलता रहा और धीरे-धीरे में आयशा के सभी कपड़े खोलने में जुट गया सिवाय उसकी पेंटी और ब्रा के.
करीब 10 मिनट तक किस करने के बाद मैंने देखा की आयशा पेंटी और ब्रा में किसी जन्नत की हूर से कम नही दिख रही थी. इसलिए दोस्तों मेरे ऊपर गोली का असर तुरंत हो गया. और मेरा लंड मानों आयशा की चूत को फाड़ने के लिए बेकाबू हो चला था. क्योंकि आयशा का गोरा बदन मेरे से अब और नही देखा जा रहा था. और जी कर रहा था की कब आयशा की चूत में मेरा लंड जाए.
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फिर दोस्तों मैंने आयशा के बूब्स को दबाने में लग गया जो की मुझे काफी मुलायम और जोश बढाने के लिए काफी थे. इस दौरान आयशा को बहुत मजा आ रहा था और वो पागल हुए जा रही थी. तथा मेरे से बोल रही थी अब वह ब्रा उतार दे. और मेरा दूध पी ले.
तो मैंने भी आयशा की ब्रा को उतारा और उसके दूध को पीना शुरू कर दिया. उसके गोरे-गोरे बूब्स को इस दौरान मैं कभी-कभी काट भी रहा था. और आयशा को इस दौरान काफी मजा आ रहा था. फिर मेरा हाथ आयशा की पेंटी पर चला गया. जहाँ मैंने देखा की उसकी पेंटी पहले से ही गीली हो रखी थी. मानों आयशा ने पेशाब उसी में कर रखा हो.
फिर मैंने उसकी पेंटी को धीरे-धीरे हटाया और देखा की आयशा ने अपनी चूत से पहले की काफी पानी छोड़ रखा है. और यह देखकर मेरे को बिलकुल भी होश न रहा क्यूंकि उसकी चूत में से एक गजब की खुशबु भी मेरे को फील हुई. जो मेरे लंड के तनाव को और अधिक करने के लिए काफी थी.
फिर मैंने आयशा को तुरंत खटिया पर लेटाया और उसकी चूत की पंखुड़ियों को फैलाकर उसके दाने पर अपनी जीभ फेरनी शुरू कर दी. ऐसा करते देख आयशा भी काफी जोश में आ गयी और बोली- अब रविश प्लीज बस भी करो और अपना लंड मेरी चूत में डाल दो. मेरे से नही रहा जा रहा है.
दोस्तों आयशा की ये तडप मेरे को बहुत अच्छी लग रही थी. और मुझे इस दौरान ऐसा फील हो रहा था की मानों आयशा मेरी दीवानी हो. तो मैंने ज्यादा देर न करते हुए अपनी पेंट को खोला तथा अपने लंड के दर्शन आयशा को करवाए. तथा मेरे एकदम सख्त लंड को आयशा की गुलाबी चूत के उपर रगड़ने लग गया.
और जैसे ही मैंने रगड़ना शुरू किया आयशा- आह…. उ….. रविश….. प्लीज अंदर डालों ना. मत तडपाओ और मुझे प्लीज रविश मुझसे नही रहा जा रहा है.
तो दोस्तों मैंने अपने लंड को आयशा की चूत पर रगड़कर काफी गीला कर लिया था. और सख्त होने के कारण मेने आयशा की चूत पर सेट किया और एक झटका मारा और आयशा की चूत फटने जैसा मुझे अहसास हुआ. और इस दौरान आयशा की भी चीख निकल पड़ी.
आयशा बोली- पागल, बाहर निकालो बहुत दर्द कर दिया. कोई ऐसे भी करता है क्या?
मैं- सॉरी आयशा मुझे नही पता था की तुमको ऐसा दर्द होगा. अब धीरे-धीरे करूंगा.
आयशा- करेगा क्या पहले तो मेरी चूत में से ये खून निकल रहा है इसे साफ़ करने का जुगाड़ कर. वो सामने रखा कपड़ा उठाकर ला.
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फिर दोस्तों मैं कपड़ा लेकर आयशा की चूत को साफ किया और फिर से उसकी चूत में अपना लंड डालकर धीरे-धीरे आगे पीछे करने लग गया. शुरू-शुरू में तो आयशा को बहुत दर्द हो रहा था. लेकिन बाद में आयशा भी बहुत मजे लेने लग गयी. और मुझसे अपनी स्पीड बढ़ाने के बारें में कहने लग गयी.
फिर दोस्तों मैंने अपनी स्पीड बढाई और इस दौरान आयशा के टांगो को मैंने अपने कंधे पर लेकर उसको जोर-जोर से झटके देने शुरू कर दिया. और फिर यहीं स्पीड मेने करीब 15 मिनट तक रखी. फिर मेरा झड़ने वाला था तो मैंने आयशा की चूत में ही अपना माल निकाल दिया. और फिर आयशा भी मेरी चुदाई से इम्प्रेस होकर मेरे को चुम्बन कर रही थी. और बोल रही थी की- जीवन में सबसे ज्यादा सुखी मैं आज रविश तुम्हारी चुदाई से हुई हूँ.
फिर दोस्तों उसकी अम्मीजान के उठने का समय हो चला था तो हमने जल्दी से अपने कपड़े पहने और कमरे की कुण्डी खोलने के लिए जा रही रहे थे की उसकी अम्मी पहले से ही कमरे के बाहर खड़ी थी. और वह हमारी सारी बातें सुन चुकी थी. और चुदाई की फीलिंग लेनी शुरू कर दी थी.
फिर वह अंदर आई और बोली- क्या कर रहे थे तुम दोनों?
आयशा- कुछ नही अम्मीजान पढाई कर रहे थे.
अम्मी- अच्छा कुण्डी लगाकर कोई पढाई करता है?
आयशा- नही अम्मी हम तो बस चेक कर रहे थे की कुण्डी लगती है या नही?
अम्मी- बेटा माँ हूँ तुम्हारी मैंने तुम्हे पैदा किया है तुमने मेरे को नही, ये बेडशीट पर खून कैसे लगा है?
आयशा- अम्मी ये मेरे चोट गयी थी.
अम्मी- चोट चूत में लगी है या फिर कहीं और?
आयशा- अब आप माँ है तो सब कुछ जानती है फिर आप क्यूँ सवाल कर रही हो?
अम्मी- सवाल इसलिए कर रही हूँ ताकि मैं भी अब जो तुमने रविश के साथ किया है वो करवाउंगी वरना तेरे अब्बू को खबर कर दूंगी.
आयशा- नही अम्मीजान आप प्लीज जो बोलोगी वो करवा दूंगी रविश से.
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फिर मैं बोला- आप प्लीज दोनों माँ-बेटी झगड़ों मत और मेरे पास आओ मैं आपको अम्मी जो आयशा को सुख दिया था वो दूंगा. और दोस्तों इस दौरान मेरा गोली वाला असर और बढने लग गया और फिर से मेरा लंड सख्त हो गया.
और फिर मैंने उसकी अम्मीजान को अपने बाँहों में भर लिया. आयशा की मॉम की खुशबू मुझे पागल कर रही थी और मेरे हाथ मेरे लंड को मथने लगे. मैं उस स्मेल को महसूस कर रहा था.
आयशा की अम्मी का बदन महसूस करके मेरा लंड अब तनकर खड़ा हो गया था जिसे उसकी अम्मी ऊपर से अपना एक हाथ रखकर सहला रही थी और फिर थोड़ी ही देर किस करने का बाद मैंने अम्मी से कपड़े निकालने को कहा. तो उसने झट से अपने पूरे कपड़े निकल दिए और अम्मी के नंगे बदन को देखकर मेरे तो होश ही उड़ गये.
मैं आपको बताऊ दोस्तों आयशा की अम्मी के बूब्स तने हुए और बहुत बड़े थे और उन पर गुलाबी कलर की निप्पल बड़ी ही सुंदर लग रही थी. फिर मैंने झट से उनके दोनों बूब्स को पकड़ लिया उनको सहलाने और दबाने लगा. अम्मी के दोनों बूब्स मेरे दोनों हाथों में समा नहीं रहे थे और अब अम्मी मुझसे लिपट रही थी और आअह्ह्ह्ह ऊहहह…. रविश …..बहुत दिन हो गये है तेरे अंकल को विदेश गये. इसके बाद से ही मेरी चुदाई नही हुई है. प्लीज मत तडपाओ मेरे को और डाल दो अपना ये सख्त लंड मेरे अंदर.
यह सुनकर मैंने भी फिर से अपने पूरे कपड़े उतार दिए और अम्मी मेरे शरीर को देखने लगी और कहने लगी कि बेटा तुम तो अब पूरे आदमी बन गये हो और कहकर अम्मी ने मेरा लंड पकड़ लिया और अपने हाथ को आगे पीछे करने लगी.
अम्मी ने मेरे लंड को मुहं में लिया और चूसने लगी और थोड़ी देर ऐसे ही चूसने, चूमने, चाटने के बाद अम्मी बोली कि बेटा अब और देर मत कर जल्दी से इसे मेरी चूत में डाल दे. मुझसे अब और रहा नहीं जाता. मैं समझ गया कि आयशा की अम्मी अब पूरी तरह से गरम हो चुकी है फिर वह नीचे लेट गयी और उसने अपनी दोनों टाँगे फैला ली जिससे अम्मी की चूत मुझे साफ साफ नज़र आने लगी.
जिस पर काली काली झांटे थी. क्योंकि अब उसे कोई चोदने वाला तो था नही इसलिए वह 1-2 महीने से अपनी झांटे काटती थी. तो दोस्तों मैंने अपने एक हाथ को आगे बढ़ाकर चूत को खोलकर देखा तो वो अंदर से बहुत लाल थी और बहुत कामुक लग रही थी. तथा अम्मी की चूत भी वैसे ही पानी फेंक रही थी जैसे आयशा की चूत फेंक रही थी.
ये देखकर मेरे से भी रहा नही जा रहा था. और फिर मैं दोनों पैरों के बीच में आ गया और अपने लंड को अम्मी की चूत पर रखा जो बहुत गीली थी और मैंने लंड को अपने निशाने पर रखकर एक ज़ोर का झटका मारा तो मेरा पूरा लंड एक बार में ही चूत के अंदर चला गया और अम्मी के मुहं से हल्की सी चीख निकली. आह… रविश …. ऐसे ही…. चोदो मेरे को.
फिर थोड़ी देर बाद मैंने ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने शुरू किए तो अम्मी भी अपने चूतड़ उठा उठाकर जबाब देने लगी और हम दोनों के मुहं से आहह उईईइ की आवाज़े आ रही थी. फिर 30 मिनट चोदने के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये. और फिर आयशा की अम्मी बोली- वाह रविश क्या आदमी है रे तू, तू तो काम का निकला. ऐसी चुदाई मेरी पहले कभी नही हुई.
आयशा बोली- अम्मीजान आप अब अब्बू को तो नही बताओगी ना?
अम्मी- नही लेकिन अब ध्यान रखना जब यह तेरी चुदाई करेगा तो साथ में मेरी भी करनी पड़ेगी.
इसके बाद दोस्तों मैंने आयशा और उसकी अम्मी की निडर होकर घर जाकर चुदाई करके आता हूँ. तथा आज मेरे को 1 बरस हो चूका है हम तीनों ही खुश है.
दोस्तों ये Hindu Muslim Sex Story आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Hindu Muslim Sex Kahani बहुत पसंद आई होगी. चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ. अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.