Hindu Muslim Sex Kahani – आरिफ भाईजान ने बहन बनाकर पेल दिया मुझे
Hello दोस्तों! आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiStory.com पर। हाजिर है आपके सामने एक बार फिर संगीता जी द्वारा भेजी गयी Hindu Muslim Sex Kahani लेकर. दोस्तों यह Hindu muslim sex story मेरे धर्म के भाई आरिफ की है. आपको बता दूँ की आरिफ भाईजान हमारे पास की गली में ही रहते है.
दरअसल दोस्तों आरिफ भाईजान अक्सर हमारे घर आया जाया करते थे. क्योंकि मेरा भाई विनीत और वो साथ-साथ पढ़ते थे. इसलिए कभी पढाई के मकसद से तो कभी घर की जरूरत के हिसाब से हमारे घर आते थे. इसलिए दोस्तों आरिफ की और मेरी काफी अच्छी बनने लगी थी.
फिर एक दिन आरिफ बोलता है की, मेरे कोई बहन नही है इसलिए आप मेरी धर्म की बहन बन जाओ. तो दोस्तों मैं उसे इनकार नही कर सकी और मैंने उसे अपना भाई मान लिया. लेकिन दोस्तों मुझे क्या पता था की वो एक दिन मेरी जान बन जाएगा. क्योंकि ऐसी बातों का कभी भी किसी को आभास नही होता है.
आपको सबसे पहले में अपने बारें में बताऊ तो मेरा नाम संगीता है और हम लोग बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले है. और फ़िलहाल मैं B.com सेकंड इयर की विद्यार्थी हूँ. और मेरी उम्र दोस्तों फ़िलहाल 21 बरस की है. तथा मेरा रंग गोरा और मेरी हाइट 5 फिट 4 इंच है.
तो दोस्तों अब ज्यादा देर न करते हुए अपनी कहानी की ओर बढ़ते है, वैसे तो आरिफ हमारे घर हमेशा ही आता जाता रहता था. और आपको बताऊ तो आरिफ एक टाइप से काफी हेंडसम लड़का था. उसने पहले भी कई बार मेरी तरफ और ही नजरों से देखा था लेकिन मैंने उस पर ज्यादा ध्यान नही दिया.
क्योंकि मैंने पहले ही उसे अपना धर्मभाई बना रखा था. फिर एक दिन वो हमारे घर आया हुआ था. तो ये बात है करीब 12 बजे दोपहर की जब हम सभी घर में थे. वह वाशरूम में गया हुआ था और दोस्तों मुझे भी बहुत जोर से पेशाब लगी हुई थी. तो मुझे नही पता था की पहले आरिफ गया हुआ है.
इसलिए उसने गेट को बंद नही कर रखा था. तो मैंने गेट को खोला और वो अपने 7 इंच के लंड को हाथ में लेकर पेशाब कर रहा था. मैं तो मानों देखते ही एकदम से डर गयी. फिर उसने बोला- अरे संगीता मैं हूँ अंदर, तुम बाद में आना. अब दोस्तों मैं हैरान रह गयी की इसके बिना चमड़ी वाले लंड को और देखू या जाऊ यहाँ से.
क्योंकि आरिफ का लंड मुझे दीखते ही मानों मेरे अंदर तो खलबली सी मच गयी थी. तो मैं वहीँ पर खड़ी रही और फिर इनका पता नही ये क्या सिस्टम है पेशाब के बाद उसने अपने लंड को हाथ में धोया और. इसलिए मैं ये सब वहीँ पर देख रही थी. क्योंकि दोस्तों मुझे तो मानों मजा आ रहा था उसका लंड देखने में.
फिर जब वो बाहर आया तो बोला सॉरी संगीता मैं गेट बंद करना भूल गया.
फिर मैंने कहा- कोई बात नही, इसके बाद वो चला गया.
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इसके बाद दोस्तों मैं पेशाब के लिए जब बैठी तो देखी की मेरी चूत से कोई लुब्रीकेंट्स जैसा निकल रहा था. मानों मेरी चूत को वहीँ पर आरिफ के लंड को डलवाना हो. इतनी बेताबी हो रही थी मेरे अंदर. फिर मैंने आव देखा न ताव करीब 5 मिनट तक जोर-जोर से अपनी चूत में आरिफ के लंड को याद करके ऊँगली की तब जाकर मेरी चूत (hindu girl sex) की आग शांत हुई.
इसके बाद मैं भी बाहर आ गयी. और फिर से आरिफ के पास गयी तो मैं हम दोंनो ही मुस्कुरा रहे थे. जैसे मानों कोई चुदाई का मजा लिया हो. हालाँकि उस वक्त घर के सभी लोग पास में ही थे. इसलिए आरिफ ने मुझे इशारा किया चुप रहने का. तो दोस्तों मैं चुप हो गयी और एकदम शांत स्वभाव बना लिया.
फिर जब सभी लोग दूर गये तब आरिफ आकर बोला- संगीता मरवावोगी तुम मुझे, ऐसे क्यूँ मुस्कुरा रही थी?
मैं- और क्या करती यार तुम्हारी हरकत ही ऐसे ही है.
आरिफ- मैंने क्या कर दिया पागल?
मैं- ये पूछो की क्या कुछ नही किया.
आरिफ- फिर भी बताओ क्या कर दिया?
मैं- सच बताऊ, किसी को बताओगे नही ना?
आरिफ- नही बताओ प्लीज.
मैं- यार जब से तेरा मोटा और बिना चमड़ी वाला धारधार लंड देखा है तब से मेरे अंदर मानों खलबली सी मची हुई है.
आरिफ- कैसे मैं समझा नही.
मैं- पता नही मेरे को भी लेकिन मेरी पेंटी गीली हो रही है.
आरिफ- अच्छा, इतना अच्छा लगा तेरे को?
मैं- हाँ यार मैंने देखा बहुत खतरनाक चीज है तेरे पास, काश ये मेरे काम का होता.
आरिफ- हाँ तो तेरे काम है ऐसे क्यूँ मुह बना रही है?
मैं- लेकिन यार तुम मेरे भाई हो न इसलिए अब किस काम का?
आरिफ- अरे तो पागल कोई सगा भाई थोड़ी हूँ तेरा.
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मैं- हाँ ये बात भी सही है, लेकिन अब करना क्या है मुझे ये बताओ?
आरिफ- कुछ नही अभी घर के सभी लोग बाहर जायेंगे भंडारे में तो हम दोनों यहीं रुक जायेंगे. फिर ये लंड तेरे काम ही आएगा.
मैं- हाँ यार ये आईडिया ठीक है.
इसके बाद दोस्तों करीब 2 बजे भाई और मम्मी-पापा भंडारे के लिए जाने लगे तो बोले- आप नही चलोगे?
तो हम दोनों ने पहले ही प्लान सेट कर लिया था की आप जाकर आ जाओ हमारा मन नही है खाने का. फिर मम्मी बोली- अच्छा ठीक है बेटा आप दोनों अपनी पढाई करो हम आते है 4 बजे तक.
अब दोस्तों जैसे घरवाले गये हमने तुरंत अपने घर का मेन गेट बंद कर लिया और एक दुसरे को चूमने लग गये. आरिफ मेरे जिस्म को भूखी नजरों से देख रहा था. और मुझे एकदम नंगा होने के लिए बोल दिया. और मैंने भी ज्यादा देर न करते हुए सारे कपड़े उतार फेंके. क्योंकि दोस्तों मुझे चुदाई का नशा बहुत चढ़ गया था इस दौरान. इसके बाद वो मेरी नाभि को चूमने लगा, फिर जांघों को चाटने लगा और मेरे बूब्स को जोर-जोर से दबाने तथा चूसने लगा.
फिर आरिफ ने मेरी चूत की तरफ ध्यान दिया. मेरी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे. फिर आरिफ ने बोला चलो कमरे के बेड पर चलते है जहाँ उसने मुझे लेटाया और मेरे टांगो को खोलकर आरिफ मेरी चूत को ऐसे चाट रहा था जैसे कोई भूखा शेर अपने शिकार को चट कर रहा हो.
उसकी इन हरकतों से पहले तो में सिस्कारिया ले रही थी लेकिन अब मेरी सिसकियाँ आहों में बदल गईं. मैंने खुद को आरिफ के हवाले कर दिया. मैं अपनी चूत को उसके मुँह पर रगड़ने लगी. वो समझ गया कि मैं एकदम चुदने के लिए तैयार हूँ. इसके बाद आरिफ मेरे बूब्स को मसल रहा था, और मैं सातवें आसमान पर थी.
फिर आरिफ अपना चिकना मोटा लंड मेरे मुँह के पास लाया. मैंने पहले मना किया, लेकिन उसने जिद की. जब मैंने उसका लंड देखा, तो मेरी आँखें फट गईं. 7 इंच का मोटा, काला लंड मेरे सामने था. मैंने डरते-डरते उसे मुँह में लिया. आधा लंड ही मेरे मुँह में समाया. मैं उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. उसने मेरे मुँह में ही झड़ दिया और सारा माल पीने को कहा. मैंने उसका गर्म-गर्म माल गटक लिया.
इसके बाद दोस्तों आरिफ फिर मेरी चूत फिर से चूसने लगा. मैं सिसकियाँ ले रही थी, “आह्ह्ह… उम्म्म… और तेज… आह्ह्ह…आरिफ भाईजान!” और वो एक न सुना लगातार मेरी चूत को चाटता रहा. इसके 15 मिनट बाद मैं झड़ गई. उसने भी मेरा सारा पानी पी लिया.
फिर हम एक-दूसरे को किस करने लगे. आरिफ का लंड फिर से खड़ा हो गया. वो मेरी गीली चूत पर लंड रगड़ने लगा. मैं अब बेकाबू हो रही थी. मैंने कहा, “जो करना है, जल्दी करो ना प्लीज!” उसने एक जोरदार झटका मारा, और उसका पूरा लंड मेरी चूत में समा गया. मेरी चूत पहले से गीली थी, इसलिए उसका पूरा लंड एकदम से मेरे अंदर चला गया.
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और मैं एकदम से चिल्लाई- आह….मर गयी…. बाहर निकालो इसे. फिर आरिफ ने एकदम से बाहर निकाला और देखा की मेरी चूत से खून निकल रहा था. क्योकि दोस्तों उसके मोटे लंड ने एक झटके में ही चूत का चुकन्दर बना दिया था. इसलिए ऐसा हो रहा था. और मुझे इस दौरान काफी दर्द हो रहा था.
फिर आरिफ बोला- अबकी बार दर्द नही होगा संगीता. चलो फिर से डालता हूँ. फिर आरिफ ने अपना लंड फिर से डाला और धीरे-धीरे करके उसने धक्के देने स्टार्ट कर दिए. पहले तो मुझे थोड़ा-थोड़ा दर्द हो रहा था. लेकिन जब उसका लंड मेरी चूत की गहराई को नापने लगा तब से मुझे बहुत मजा आने लगा.
और आरिफ ने इस दौरान मुझे करीब 20 मिनट तक चोदा और मुझे बहुत ही खुश होने जैसा फील हो रहा था. फिर दोस्तों आरिफ आख़िरकार झड़ गया और मेरी चूत में ही अपना माल छोड़ दिया. और बोला- कैसा लगा संगीता?
मैं- ऐसा लगा जैसे ऐसी ख़ुशी पहले कभी नही मिली.
आरिफ- अच्छा, इतना मजा आया तुझे?
मैं- हाँ सच में क्यूंकि जब मैं ऊँगली करती हूँ तब मुझे इसका 10% भी मजा नही आता है.
आरिफ- अच्छा तो तुम ऊँगली भी करती हो?
मैं- हाँ मुझे गंदी फ़िल्में देखने और गन्दीस्टोरी.कॉम वेबसाइट पर कहानियां पढने का बहुत शौक है. इसलिए ये सब करके मैं अपनी चूत की आग को शांत कर लेती हूँ.
आरिफ- अब से ऐसा मत करना मेरा लंड अब समझों तुम्हारे लिए ही बना है.
इतना कहते ही दोस्तों मैंने आरिफ को किस करना शुरू कर दिया. और उसे अगले राउंड के लिए तैयार करने लग गयी. फिर आरिफ बोला- फिर से चुदवावोगी क्या?
मैं- हाँ यार तेरा लंड देखकर लगता है की पुरे दिन इसी को अपने अंदर डाले रखूं.
आरिफ- चलो ठीक है फिर आ जाओ मेरे लंड को चुसो.
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फिर मैं आरिफ के तगड़े लंड को फिर से चूसकर तैयार करने में लग गयी. अब दोस्तों आरिफ ने मुझे घोड़ी बनाया और मुझे पीछे से धक्के देने लग गया और मुझे बहुत सारा मजा आने लग गया. हर धक्के के साथ मेरी सिसकियाँ गूँज रही थीं, “आह्ह्ह… आरिफ… और जोर से… उम्म्म!”
और आरिफ ने इस राउंड के दौरान मुझे लगातार एक ही स्पीड से घंटेभर चुदाई करके मेरी चूत को पानी-पानी कर डाला. और फिर अपना माल भी फिर से मेरी चूत में छोड़ दिया. फिर 4 बजने को आये और हमे घरवाले याद आ गये. तो हम दोनों ने अपनी अपनी सफाई की और कपड़े पहन लिए.
इस प्रकार दोस्तों उस पहले दिन दो बार आरिफ ने मुझे बहुत अच्छे से मेरी चूत को फाड़ा. इसलिए आज मैं उसे जब भी बुलाती हूँ तब वो हाजिर हो जाता है. और मेरी चूत को बजाकर वापस चला जाता है.
दोस्तों ये Hindu Muslim Sex Story आप हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है। उम्मीद है आपको यह Hindu Muslim Sex Kahani बहुत पसंद आई होगी। चलिए, जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी के साथ। अगर आपको मेरी Gandi Story पसंद आई है तो प्लीज् कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।