Mama Bhanji Sex Story – सील पैक भांजी को ट्रेन में दिया चुदाई का मजा
नमस्कार मित्रों, मेरा नाम साहिल है और मेरी उम्र 32 साल की है। आज के इस Rishton me chudai story के एपिसोड के अंदर मैं आपको मेरी सच्ची कहानी (mama bhanji sex story) के बारें में बताऊंगा। दरअसल दोस्तों यह जो mama bhanji sex kahani है वो मेरी प्यारी सी क्यूट सी भांजी रितिका के साथ ही है.
आपको बता दूँ की मैंने रितिका को ट्रेन में उसके घर छोड़ने के दौरान जमकर पेला था. और उसी दिन से उसे चुदाई की लत भी लग गयी थी. दरअसल दोस्तों हुआ क्या की इस बार गर्मियों की छुट्टीयों के दौरान रितिका मेरे घर आई हुई थी और हर बार की तरह पूरा मई और जून महिना हमारे घर ही गुजार दिया था.
लेकिन पिछले दिनों उसके वापस जाने की बारी आई तो मैं दोस्तों उसे मेरे शहर लखनऊ से चंडीगढ़ छोड़ने ट्रेन में चला गया. और सोचा की दीदी से भी मिल के आता हूँ. हालाँकि दोस्तों मैंने अपनी भांजी को चोदने का प्लान पहले से तैयार किया हुआ था. क्योंकि जब से मैंने रितिका को इस बार देखा तो उसकी टीशर्ट से ममे बाहर निकले हुए थे.
ऐसा लग रहा था की रितिका स्कूल में ही किसी का लंड लेने लग गयी थी. इसलिए मैंने सोचा की क्यूँ न रितिका को चुदाई का मजा मेरी तरफ से भी दिया जाए. फिर दोस्तों हम ट्रेन के लिए निकल पड़े. और हमने पहले से रिजर्वेशन किया हुआ था. इसलिए हम आराम से सोने वाले सेक्शन में जा रहे थे.
इसी दौरान दोस्तों मेरी रितिका से खूब बातें हो रही थी. हालाँकि पहले भी हम खुल कर बातें करते थे लेकिन कभी चुदाई वगेरह के बारें में बात नही की हुई थी. इसलिए दोस्तों मैंने ये सही समय समझा और रितिका से डबल मीनिंग बातें करने लग गया. और रितिका हस-हस के शर्मा के जवाब दिए जा रही थी.
इतना सब होते देख में समझ चूका था की, रितिका अब जवान हो गयी है और सबकुछ जानने लग गयी है. इसलिए मैंने रितिका से पूछा- तेरी कक्षा 11th में कितने लड़के-लड़कियां है?
रितिका- पुरे तो मामू 25 है.
मैं- कितने लड़के है और कितनी लडकियां?
रितिका- मामू 15 लड़कियां है और 10 लड़के है.
मैं- अच्छा तो इनमे से किसी का BF है जो 15 लड़कियां है?
रितिका- हाँ सभी लड़कियों के है.
मैं- और तेरे?
रितिका- मेरे नही है क्योंकि कक्षा में पुरे लडके ही 10 है.
मैं- तो तेरा भी मन तो करता होगा न BF बनाने का?
रितिका- हाँ मामू, लेकिन अभी नही बनाना.
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मैं- अच्छा तो तू मुझे ये बता की वो कक्षा में कुछ करते भी है तेरे सामने?
रितिका- हाँ मामू, जब भी टीचर न हो पुरे दिन एक दुसरे को किस करते रहते है.
मैं- तब तो तेरा भी मन करता होगा न.
रितिका- मन तो करता है मामू.
मैं- फिर तुम क्या करती हो?
रितिका- कुछ नही बस शांत रहती हूँ.
मैं- झूठ मत बोलो सच बताओ.
रितिका- वहीं करती हूँ जो करना चाहिए.
मैं- क्या करती हो तो वो बताओ न, खुलकर बताओ?
रितिका- फिर में स्कूल के टॉयलेट में जाती हूँ और अपने निचे से सहला कर वापस चली आती हूँ.
मैं- अच्छा तो तेरे को उन्हें किस करता देखकर चुदाई करवाने के मन हो जाता है?
रितिका- हाँ मामू, वो किस ही नही करते कभी – कभी तो लड़के मेरे सामने ही अपनी GF को लंड भी चुसवा देते है.
मैं- अच्छा, तभी तेरे को मजा आता होगा उन्हें देखकर.
रितिका- मजा तो क्या आएगा मामू लेकिन तडप बढ़ जाती है. जब लड़कियां उनका लंड मुह में डालती है तो मेरे को ऐसा लगता है जैसे ये मेरी चूत में चला जाए काश.
मैं- इतना सेक्स के लिए उतावली रहती हो तुम?
रितिका- हाँ मामू, सच्ची.
मैं- तुम बुरा न मानों तो एक बात बोल दू तेरे को?
रितिका- बोलो मामू.
मैं- अगर मैं तुम्हारी चुदाई (mama bhanji ki chudai) की आग बुझा दू तो कैसा रहेगा?
रितिका- लेकिन मामू आप तो मेरे मामा हो.
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मैं- अरे पागल एक रात के लिए भूल जाओ की मैं तुम्हारा मामू हूँ.
रितिका- चलो ठीक है मामू, मेरा भी आपकी इन बातों से काफी मन हो गया है.
इतना कहते ही दोस्तों मैंने रितिका को अपनी बाँहों में भर लिया और स्लीपर कोच में हम दोनों अकेले ही मौजूद थे. और दोस्तों उसकी मस्त जवानी को देखकर मेरा तो पहले से ही लंड लपेटे खा रहा था.
लेकिन मुझ से रहा नहीं जा रहा था तो मैं झट से रितिका के उपर चढ़ गया और उनके होंठ पर अपना होंठ रख कर लीप किस करने लगा और मैं एक हाथ कपड़ा के उपर से पेट पर, अपने पैर से भी उनके पैरों को सहलाता रहा रितिका भी मेरा साथ देने लगी वो अपनी हाथ से मेरे पीठ सहला रही थी।
करीब 10 मिनट बाद रितिका के गाल, होंट, गर्दन सभी जगह पर किस कर रहा था और कपड़ा के ऊपर अपने हाथ से कभी बूब्स, जांघ, पेट और गान्ड के कूल्हे को सहला, दबा रहा था। लगभग 10-12 मिनट बाद रितिका मुझे धकेल कर अलग कर दी।
मैं- क्या हुआ?
रितिका- मेरा कपड़ा खराब हो जाएगा निकलने वाला है।
मैं- दूसरा बदल लेना, मेरा माल तो निकलने दे।
रितिका- आप खुद निकाल लो नहीं तो मेरा हाथ खराब हो जाएगा।
मैं- नहीं तो आपका कपड़ा और नहीं हाथ गंदा होगा माल निकलने वाला को होगा तो बता दीजिएगा।
रितिका बोली ठीक है करलो अपनी मनमानी।
उसके बाद फिर से मै रितिका को और सहलाने लगा फिर रितिका के लैगिंग को जांघ तक खिसका दिया, क्या आश्चर्य जनक नजारा था काले रंग की पैंटी पहनी थी पैंटी के ऊपर से ही रितिका की चूत को सहलाता मसलता रहा। कुछ देर बाद पैंटी को भी नीचे उतार दिया क्या फुली और गोरी त्वचा बाली गुलाबी बुर थी उस पर हल्की फुल्की मुलायम झांटे थी ऐसा लग रहा था बिलकुल टाईट कसी हुई चूत थी.
इधर मेरे लंड को सहला कर रितिका बुरा हाल कर दि थी मेरा माल निकलने वाला था इसलिए अपने रूमाल को बैग से निकाल कर अपना वीर्य पोछा, थोड़ी देर बाद दीदी भी वीर्य छोड़ दी रितिका के चूत को भी साफ किया। मेरा पूरा रूमाल भीग चुका था रितिका उसे फेकने को बोली तो मैं खिड़की से फेक दिया।
इसके कुछ देर बाद मेरा फिर से चुदाई का मन हो गया फिर मैंने रितिका को पीछे से हाग और गर्दन पर से दुपट्टा हटा कर किस करने लगा। तो रितिका बोली आराम से करो मामू आज रात तो तेरा ही है। फिर दोनों एक ही बिस्तर पर लेट गए और मैं रितिका के होट में होंठ लगा कर उसे लीप किस करने लगा, हाथ से उनहें पूरी तरह जकड़े हुए थे फिर कपड़ा के ऊपर से कभी चूची, पेट , जांघ, बुर, गान्ड के कूल्हे को सहला और दबा रहा था। उधर मेरे लंड को भी रितिका पुरी तरह सहला कर मजे ले रही थी।
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अब हम दोनों पूरी तरह तैयार हो चुके थे लेकिन मै रितिका को तड़पा के चोदना चाहता था। इसलिए सिर्फ रितिका के लैंगिंग को उतार कर अलग कर दिया इस बार वह काले रंग की पैंटी पहनी थी। फिर मैं अपना कपड़ा और रितिका अपनी शूट उतार रही थी अब मैं अंडरवियर, शॉर्ट्स में और दीदी ब्रा, पैंटी में थी.
फिर से मै दीदी के पुरी जिस्म को सहलाने लगा और रितिका मेरी जांघ को। अब रितिका से बर्दास्त नहीं हो रहा था वो धीरे धीरे उफ़ आह….. की आवाज निकाल और चोदने को बोल रही थी मैं उसे फिर से सहलाने लगा और ब्रा को खोल कर बूब्स को चूसने दबाने लगा और हांथ से चूत के दरार में दाने को रगड़, मसल रहा था।
कुछ देर बाद रितिका बोली मामू मेरा पानी निकलने वाला है और माड़ जैसा गाढ़ा सफेद पानी निकलने लगा। अब रितिका ठंडा हो गई थी इस समय रात के 12:56 बजा था लेकिन इतने देर में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था। अब मैं रितिका की योनि में ऊंगली घुसा रहा था तो चूत बहुत टाइट होने की वजह से दर्द हो रहा था।
तो मैं रितिका की चूत के दरार में उंगली फिराने लगा कभी कभी दाने को भी मसल दे रहे थे फिर मैं बूब्स को भी चूसने लगे। अब रितिका फिर से गर्म होने लगी और कहने लगी अब मुझे जादा मत तड़पाओं मामू इस बार अपने लंड को डाल दो, मेरी चूत का सिल तोड़ ही दो।
इतना सुनते ही दोस्तों मैं अपना बनियान उतार दिया अब दोनों पूरा नंगे हो चुके थे। मेरा लन्ड भी काफी सख्त हो गया था अब मैं भी रितिका को ज्यादा तड़पाना ठीक नहीं समझा और मैं रितिका के ऊपर चढ़ गया उनके पैरों के बीच में आए फिर टांगो को फैला दिया अब मैंने लंड को पकड़ कर चूत की दरार में ऊपर नीचे फेरने लगा.
तो चूत की पानी से लंड भी गीला हो गया और रितिका की गुलाबी चूत कामरस की वजह से चमक रहा था। अब मेरा 2 इंच मोटा, 7 इंच लम्बा का लन्ड रितिका की योनि में प्रवेश के लिए तैयार था, अब रितिका अपने हाथों से चूत की दरार को फैला दी और मैं रितिका की योनि में लिंग घुसा रहा था.
लेकिन रितिका की योनि काफी टाईट होने से उनको दर्द हो रहा था तो मैं उन्हें चूत फैलाने के लिए बोला और इस बार मै लिंग को चूत के निशान पर सेट किया और एक शॉर्ट मारा तो चिकना के कारण लिंग फिसल गया। दूसरे बार में रितिका लिंग को पकड़ के योनि में सेट की और मैं रितिका की कमर को पकड़ कर जोर दिया तो इस बार सुपाड़ा अन्दर घुसा की रितिका को चीख निकल गई।
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इस दौरान दोस्तों मैं समझ गया की रितिका को दर्द हो रहा और अगले धके में सील टूट जाती इसलिए अपना होंठ रितिका के होंठ पर रख कर लीप किस कर लिया. अगले शॉर्ट में मेरा लन्ड 3इंच घुस गया जिससे रितिका कराह उठी और गिड़गिड़ाने लगी, इसलिए सिर्फ लीप किस करने लगा थोड़ी देर बाद रितिका बोली दर्द कम हुआ.
तो मैं रितिका की लीप लॉक कर के जोर से अगला शॉर्ट भी लगा दिया जिससे हल्की चीख निकली, मेरा 6 इंच पूरा का पूरा लिंग घुस गया, इस बार रितिका हिल गई उसके आँख से आंसू निकल आया लन्ड चूत में कसा हुआ था। रितिका- ऊ आह ई उफ… की आवाज निकाल रही थी और लंड को निकालने के लिए बोल रही थी.
तो कुछ देर बाद जब दर्द कम हुआ तो लंड को निकाला उस पर सील टूटी थी जो खून से लथपथ लाल, चूत भी थी। मैंने लंड को फिर से चूत पर रखा और जोर का धक्का दिया जिससे फिर से पुरा लंड भी घुस गया और रितिका की चीख भी निकली। दर्द के कारण कुछ देर रूक गए.
तो दर्द कम होने के बाद रितिका को धक्का लगाया मैं समझ गया की दर्द कम गया। फिर क्या था दोनों तरफ आग लगी हुई थी धीरे धीरे शॉर्ट लगाने लगे रितिका भी पुरा साथ दे रही थी कुछ देर बाद चोदाई का गति बढ़ा दिया। अब दोनों पूरी तरह जकड़े हुए आग में जल रहे थे, इसलिए रितिका मौन कर रही थी।
रितिका- अः आह आह आह…. ई… इ ..ओ उफ …उई मां मर गई रे… इस तरह की आवाज निकाल रही थी।
कुछ देर बाद रितिका जोर-जोर से जल्दी-जल्दी चोदने के लिए बोल रही थी, मैं समझ गया की रितिका झड़ने वाली है तो मै पुरी स्पीड में चोदने लगा,7-8 धक्का के बाद रितिका झड़ गई। जिससे लिंग योनि में ढीला पड़ गया और जीतने बार लिंग योनि में अन्दर बाहर कर रहे थे उतनी बार आवाज निकल रही थी।
झड़ने के बाद भी चोदने से अब रितिका कस मसा रही थी और मैं नहीं झड़ने के कारण उन्हें चुदाई का लम्बा लम्बा शॉर्ट लगा रहा था,10-12 शॉर्ट मारने के बाद लगा मै भी झड़ने वाला हूं। अब रितिका भी अकड़ गई थी कुछ ही देर में मैं रितिका की योनि में ही झड़ गया फिर रितिका भी दोबारा झड़ (mama ne bhanji ko choda) गई।
उनकी चूत में से हम दोनों के गर्म वीर्य का मिश्रण का धारा निकल रहा था। अब रितिका निढाल होकर पड़ी रही हम भी उनके ऊपर ही निढाल हो गए। इस समय रात के 2:43 बजा था, लगभग ढाई घंटे चुदाई चली। थोड़ी देर बाद मैं और रितिका वॉथरूम में फ्रेश हुए और कपड़ा पहन कर दीदी को गर्भनिरोधक गोली (आई पिल) दी फिर दोनों रिवाइटल के गोली खा लिए।
क्यूंकि दोस्तों मैंने पहले से ही गर्भनिरोधक गोली अपने पास रखी हुई थी. इसलिए उसे दे दी और रितिका बोली – मामू आप तो ओवरस्मार्ट हो.
मैं- ये छोड़ो, मुझे ये बताओ तुझे चुदाई कैसी लगी?
रितिका- ऐसी लगी जैसे जन्नत मिल गयी हो. आप मुझसे एक प्रोमिस करोगे?
मैं- हाँ बोलो.
रितिका- ऐसी ही चुदाई मेरी जब मेरी मांग हो कर सकते हो?
मैं- हाँ क्यों नही तुम आ जाया करो मेरे घर.
रितिका- ठीक है घर नही तो मेरे घर भी आकर कर सकते हो.
फिर इतनी बातें होते- होते दोस्तों हमारा स्टेशन आने वाला था. जिसके बाद मैंने उसे बताया की किसी को बताना मत और हम ऐसे ही हमेशा चुदाई का मजा लेंगे. और दोस्तों अब मुझे अगले दिन का इंतजार है कब रितिका की चूत को फिर से बजाऊ.
दोस्तों आप ये Mama bhanji sex kahani हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है। अगर आपको दोस्तों मेरी ये Mama bhanji ki chudai ki kahani कहानी पसंद आई है तो आप कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव साँझा कर सकते है। मिलता हूँ आपसे मेरी एक और नई कहानी के साथ।