Vidhwa Bhabhi Ki Chudai – Read Vidhwa Ki Chudai Kahani
नमस्कार मेरे प्यारे मित्रों, मेरा नाम है अनिल और मैं हिमाचल के शिमला का रहने वाला हूँ. आशा करता हूँ की दोस्तों आप सब अच्छे होंगे. आज में आपके लिए लेकर आया हूँ Vidhwa Ki Chudai Kahani जो की मेरी पड़ोस की भाभी नीलम के साथ की है. दोस्तों यह Vidhwa Bhabhi Ki Chudai कहानी आपको उम्मीद है की काफी अच्छी लगेगी. अगर अच्छी लगे तो आप मुझे कमेंट बॉक्स में जरूर बताना.
तो दोस्तों सबसे पहले तो मैं आपको नीलम भाभी के बारें में बता दूँ ये जस्ट हमारे घर टच में ही हमारे पड़ोस में रहती है. और इनका पति 6 महीने पहले कार एक्सीडेंट में मर गया था. जो की मेरे सबसे अच्छे भैया राजेश थे इनके साथ मेरी बहुत बनती थी. लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था. शायद इसलिए वह वक्त से पहले ही जा चुके थे.
नीलम भाभी की शादी राजेश भैया से 2 साल पहले ही हुई थी. और उन्हें अब तक कोई बच्चा नही था. क्यूंकि नीलम भाभी अभी कॉलेज की पढाई कर रही थी. शायद इसलिए इन्होने बच्चों के बारें में अभी तक सोचा नही था. अभी फ़िलहाल नीलम भाभी की उम्र के बारें में बताऊ तो वह लगभग 23 बरस की होगी. तथा दोस्तों मेरी उम्र अभी 20 साल के लगभग है. और नीलम भाभी के फिगर के बारें में तो कहना ही क्या दोस्तों अगर कोई उन्हें ठीक से देख ले तो मूठ मारे बिना नही रह पायें.
क्योंकि नीलम भाभी दिखने में काफी खूबसूरत लड़की है. लेकिन दिक्कत ये है की वो अब विधवा हो चुकी है. इसलिए दोस्तों जैसे की मैंने आपको बताया मेरी और राजेश भैया की पहले बहुत बनती थी. इसके बाद जब से उनका देहांत हुआ है तब से मैं भी उनके घर भाभी का दिल लगाने के लिए चला जाता हूँ. ताकि मेरी प्यारी सी नीलम भाभी को कभी अकेला महसूस नही हो.
क्योंकि मैं दोस्तों कभी ऐसा सोचा नही था की नीलम भाभी भी मेरे से चुद जाएगी. इसलिए मैं अपने काम से काम रखता था. कभी भाभी का हाथ बाटने कोई उनका काम कर देता था. कभी उनके पास नार्मल बातें कर लेता था. अब ऐसा करते-करते दोस्तों मानों नीलम भाभी तो मेरी बातों की दीवानी हो गयी थी.
और कभी किसी कारण से मैं उनके घर नही जा पाता था तो वो मेरे घर आ जाती थी. और पहले मेरी मम्मी से बातें कर लेती थी. फिर मुझे बातों में उलझा देती थी. फिर दोस्तों मैंने नोटिस किया की नीलम भाभी मेरी बातों की दीवानी हो चुकी है. इसलिए वह मेरे बिना रह पाती है.
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इसलिए दोस्तों एक दिन हम बैठे थे ये बात है मई 2026 की तब भाभी बातों ही बातों में पर्सनल होना शुरू हो चुकी थी. मैं भी उनका यह रूप पहली बार देखा था. पहले दिन तो वो मुझसे मेरी GF के बारें में नार्मल बातें ही पूछने लगी थी. जिनका मैंने सही से सच उतर दिया.
लेकिन अगले दिन तो नीलम भाभी समझ चुकी थी की मेरी जानकारी निकलवाना उसके लिए आसान है. इसलिए वह मुझसे GF के साथ चुदाई के बारें में भी पूछने लगी थी. हुआ ये की हम दोनों दोपहर के वक्त में उनके घर में बैठे हुए थे तो
नीलम भाभी- देवरजी अभी आपकी कौनसी GF है?
मैं- फ़िलहाल भाभी मेरी GF मोनिका है जो मेरी क्लास में ही है.
नीलम भाभी- तो आपने कभी मोनिका के साथ कुछ किया भी है क्या?
मैं- पहले तो थोड़ा शर्माया और बोला हाँ भाभी चूमा चाटी की है.
नीलम भाभी- बस चूमा चाटी ही?
मैं- हाँ और क्या?
नीलम भाभी- कुछ कर भी लेना चाहिए, वरना छोड़ जाएगी वो भी आपको.
मैं- कैसे भाभी?
नीलम भाभी- आप नही समझोगे.
मैं- जिद्द पकड़ गया और पूछने लगा बताओ न भाभी प्लीज.
नीलम भाभी- अरे पागल मेरे कहने का मतलब है की सेक्स भी कर लेना चाहिए. क्योंकि उसे भी सेक्स की जरूरत तो होगी न.
मैं- हाँ आप सही कह रही हो भाभी. लेकिन क्लास में मौका ही नही मिल पाता है.
नीलम भाभी- क्लास में नही तो कही और ले जाकर कर लो. इस उम्र में हम दो जमकर चुदाई करते थे.
मैं- सच्ची भाभी, आपका भी BF था?
नीलम भाभी- नही लेकिन तेरे भैया से मेरी शादी हो चुकी थी न तब की बता रही हूँ.
मैं- अच्छा भाभी तो अब भी आपका मन तो करता होगा ना?
नीलम भाभी- मन तो करता है, लेकिन करें क्या? एक बार आदत लग जाने के बाद छूटती कहाँ है?
मैं- तो फिर आप क्या करती हो आपका कोई BF है?
नीलम भाभी- नही मैंने कभी BF वगेरह नही पाले.
मैं- फिर क्या करती हो?
नीलम भाभी- कभी-कभी अपनी चूत को सहला लेती हूँ. इससे मेरा तो टाइम पास हो जाता है.
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मैं- मेरी प्यारी भाभी आप दूसरी शादी कर लो न आपकी पूरी जिंदगी पड़ी है अभी.
नीलम भाभी- देखते है, रहा तो मुझसे भी नही जाता है.
मैं- हाँ तभी तो भाभी अपनी इच्छाए दबाये हुए नही रखनी चाहिए. चूँकि आप काफी खुबसुरत भी हो इसलिए आपको तो कोई भी मिल जाएगा जवान लड़का.
नीलम भाभी- मिल तो जाएगा लेकिन मेरा यहाँ इस एरिया से दूर जाने का मन नही करता.
मैं- तो भाभी इस एरिया में कोई लड़का पसंद कर लो.
नीलम भाभी- देखते है.
मैं- भाभी आपको एक सच बात बताऊ?
नीलम भाभी- हाँ बोलो?
मैं- आपकी इन बातों को सुनकर मेरे तो कुछ-कुछ होने लग गया है.
नीलम भाभी- हाहाहा, पागल ऐसा भी होता है क्या?
मैं- सची भाभी, आप एक बार देखो तो सही.
इसके बाद दोस्तों नीलम भाभी ने मेरे पेंट की तरफ अपनी नजर घुमाई और मेरा लंड मानों उफान मार रहा था. यह देखकर बोली – यार सच में देवरजी आप तो काफी स्मार्ट निकले.
मैं- क्या करूँ भाभी आपने बातें ही मेरे से इतनी गजब की करी है. इसलिए मेरा लंड उफान मारने लग गया है.
नीलम भाभी- अब क्या करोगे?
मैं- कुछ नही बस अभी मूठ मार लूँगा. सब ठीक हो जाएगा.
नीलम भाभी- मेरे होते हुए भी मूठ मरोगे?
मैं- हाँ इसमें क्या है, आप कहाँ मुझे चुदाई करने दोगी?
नीलम भाभी- आपने कभी बोला भी है इस बारें में वरना मैंने मना भी तो नही किया किसी बारें में आपको.
मैं- आप सच कह रही हो भाभी? मुझे यकीन नही हो रहा है.
नीलम भाभी- हाँ देवरजी एकदम सच है अगर मेरी बातों से आपका लंड खड़ा हुआ है तो शांत (vidhva bhabhi ke sath sex) करना भी मेरी ही जिम्मेदारी है.
और दोस्तों इतना कहते ही नीलम भाभी ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया. और खुद से ही मेरे को किस करने लग गयी. और मैं सोचा ये कोई सपना तो नही है न. लेकिन नही ये एकदम सच था. इसके बाद मैं भी भाभी को जोर जोर से लिप्स किस करने लग गया और उनके रसीले होटों का पानी पिने लग गया.
इस दौरान दोस्तों भाभी साड़ी पहनी हुई थी, लेकिन मैंने धीरे-धीरे उनके होंठों को चूसना शुरू किया। भाभी की साँसें तेज हो रही थीं, वो थोड़ा हिचकिचा रही थीं, लेकिन मेरे होंठों का स्वाद लेने लगीं। मैंने उनके गालों को चूमा, फिर गर्दन पर किस किया, वो सिसकारियाँ भरने लगीं—आह… देवर जी…अनिल जी।
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इसके बाद जरा भी देर न करते हुए मैंने उनके ब्लाउज के ऊपर से उनके बूब्स दबाए, वो नरम और भरे हुए थे, कोई ३४ साइज के। भाभी ने आँखें बंद कर लीं, और बोलीं—देवर जी, धीरे… कोई देख लेगा। लेकिन रूम में हम अकेले थे, तो मैंने कहा— भाभी, अब कोई नहीं है, सिर्फ हम।
फिर मैंने उन्हें बेड पर पटक दिया और उनकी साड़ी उतारी दी. अब वह केवल ब्रा और पैंटी में वो लेटी हुईं। उनका गोरा जिस्म चमक रहा था, मैंने उनके पेट पर किस किया, फिर नाभि में जीभ डाली। नीलम भाभी कराह रही थीं— ओह… आह… देवर जी, ये क्या कर रहे हो?
इसके बाद मैंने उनके ब्रा के हुक खोले, उनके बूब्स आजाद हो गए, गोल और टाइट, निप्पल्स ब्राउन और खड़े। मैंने एक निप्पल मुँह में लिया, चूसने लगा, दूसरे को हाथ से मसल रहा था। भाभी के हाथ मेरे बालों में थे, वो दबा रही थीं—आह… चूसो देवर जी, जोर से…।
फिर मैं नीचे सरका, उनकी पैंटी उतारी। उनकी चूत साफ थी, हल्की गीली हो चुकी थी। क्योंकि उनकी सेक्सी बातें मेरे ही नही बल्कि उनके उपर भी काफी असर कर गयी थी. और सच बताऊ तो दोस्तों उनकी चूत चुदवाने के लीए इस टाइप से गीली थी की बहुत पानी छोड़ रही थी. मैंने अपनी जीभ से उनकी चूत चाटनी शुरू की, ऊपर से नीचे, क्लिट पर जीभ घुमाई। नीलम भाभी चिल्ला रही थीं—आह… ओह… अनिल जी, ये कितना अच्छा लग रहा है… चाटो मेरी चूत को…बहुत दिन से प्यासी है।
आपको बताऊ दोस्तों तो उनकी चूत का स्वाद नमकीन था, मैंने उंगली डाली, अंदर गर्म और गीला। भाभी की कमर ऊपर उठ रही थी, वो सिसकारियाँ ले रही थीं—उम्म… आह… हाँ… और अंदर…। मैंने दो उंगलियाँ डालीं, घुमाईं, उनकी चूत (vidhva bhabhi ke sath sex) चटक रही थी। भाभी बोलीं—देवर जी, अब सहन नहीं होता… चूसो मेरी बुर को…।
मैंने जीभ से उनकी क्लिट को तेजी से चाटा, वो काँप रही थीं, और अचानक उनका ऑर्गेज्म हो गया— आआआह… ओह देवर जी… निकल रहा है…। उनकी चूत से पानी निकला, मैंने चाट लिया। अब मैंने अपना लंड बाहर निकाला, कोई 6 इंच का, मोटा और खड़ा।
नीलम भाभी ने देखा और बोलीं— देवर जी, ये तो बहुत बड़ा है… चुसवाओ मुझे।
फिर मैंने उनका सिर पकड़ा, लंड उनके मुँह में डाला। भाभी ने चूसना शुरू किया, जीभ से टिप चाटी, फिर पूरा मुँह में लिया—ग्लप… ग्लप…। वो थूक से गीला कर रही थीं, मैं उनके बाल पकड़कर धक्के दे रहा था—हाँ भाभी, चूसो मेरे लंड को… कितना अच्छा चूस रही हो…।
भाभी बोलीं— देवर जी, मुझे तो लग रहा है की, ये लंड तो मेरी चूत के लिए ही बना है…।
इसके बाद नीलम भाभी लंड को चूसती रहीं, मैंने उनका मुँह चोदा, लेकिन बाहर निकाला क्योंकि मैं अभी नहीं झड़ना चाहता था। फिर मैं कंडोम लगाने लगा, लेकिन भाभी ने मुझे कंडोम लगाने से मना कर दिया।
नीलम भाभी— नहीं देवर जी ऐसे ही करो बिना कंडोम के।
फिर नीलम भाभी ने अपने हाथ से मेरा लंड अपनी चूत पर सेट करवाया, और फिर मैंने एक धक्के के साथ लंड उनकी चूत में डाला। वो चिल्लाईं— आआआह… देवर जी… दर्द हो रहा है… धीरे…। लेकिन उनकी चूत गीली थी, लंड आसानी से अंदर सरक गया। मैंने धक्के मारने शुरू किए, धीरे-धीरे, हर धक्के पर पच… पच… की आवाज आ रही थी।
भाभी बोलीं— हाँ देवर जी, चोदो मुझे… अपनी भाभी की चूत फाड़ दो…।
मैंने स्पीड बढ़ाई, उनके बूब्स उछल रहे थे, मैंने उन्हें दबाया। फिर मैंने पोजीशन बदली, उन्हें घोड़ी बनाया— भाभी घुटनों पर, मैं पीछे से। लंड उनकी चूत में डाला, गांड पकड़कर धक्के मारे—फच… फच…। भाभी चिल्ला रही थीं— ओह… हाँ… और जोर से… मेरी बुर में अपना लंड घुसेड़ो…।
मैंने उनके बाल पकड़े, खींचा, वो कराह रही थीं— आह… देवर जी, तुम्हारा लंड कितना मोटा है… भर रहा है मेरी चूत को…। फिर मैंने उन्हें ऊपर बिठाया, काऊगर्ल स्टाइल में—भाभी मेरे ऊपर, लंड पकड़कर चूत में डाला। वो ऊपर-नीचे हो रही थीं, उनके बूब्स मेरे मुँह के पास—आह… ओह… देवर जी, ये पोजीशन कितनी अच्छी है… चोद रही हूँ मैं तुम्हें…।
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मैंने नीचे से धक्के मारे, उनकी कमर पकड़ी। फिर मिशनरी में वापस, उनके पैर मेरी कमर पर लॉक। मैं जोर-जोर से धक्के मार रहा था—पच… पच… फच…। भाभी ने मुझे तरफ से जकड़ रखा था। मैं जितनी जोर से धक्का मारता, वो और जोर से चिल्लाती—आआआह… हाँ… चोदो… मेरी चूत का भोसड़ा बना दो…।
इसके बाद दोस्तों मैंने अपने धक्कों को स्पीड तेज कर दी थी। तो उन्होंने अपने दोनों पैरों को मेरी कमर को लॉक कर दिया। भाभी ने मुझे पूरी तरह से पकड़ लिया, और मुझे लगा कि अब मेरा होने वाला है।
मैं— भाभी मेरा निकलने वाला है।
भाभी— कोई बात नहीं देवर जी प्लीज अंदर डाल दो।
फिर मैंने अपने धक्कों के साथ अपने लंड का पानी उनकी गर्म-गर्म चूत में निकाल दिया। भाभी ने कुछ देर मुझे ऐसे ही जकड़कर रखा, और मुझे किस पे किस किए जा रही थी. और बोली- देवरजी आपने जैसे मेरी चुदाई की है यही चुदाई मैं काफी दिन से मीस कर रही थी. क्योंकि आपने मेरी इस तरह से चुदाई की है जो भूलने के लायक नही.
मैं- भाभी मुझे भी बहुत अच्छा लगा है.
नीलम भाभी- देवरजी मैंने आपको पहले भी कहा है की मुझे इस एरिया से दूर नही जाना कहीं भी अगर आप कहो तो हम दोनों एक हो जाएँ?
मैं- क्या मतलब?
नीलम भाभी- मतलब आप ही मुझसे शादी कर लो ना?
मैं- हाँ भाभी आप सही कह रही हो, इसके बाद मैं आपको हमेशा ऐसा ही मजे दूंगा.
इसके बाद दोस्तों मैंने अपने घरवालों से बात करके नीलम भाभी से अभी जून महीने में ही शादी कर ली है. और अब हम हमेशा वैसी ही चुदाई का मजा लेते है. और दोनों काफी खुश है.
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