Hindu Muslim Sex Story – सीलपैक आयशा को पटाकर कराया मस्त जवानी का अहसास
हेल्लो दोस्तों, कैसे हो आप सब? आशा करता हूँ की आप सब अच्छे होंगे. दोस्तों मेरा नाम महेश है और मेरी उम्र अभी 23 बरस की है. तथा मैं अभी कॉलेज के फाइनल इयर में पढाई कर रहा हूँ. हम लोग मध्यप्रदेश के जबलपुर के रहने वाले है. हमारे परिवार में 4 लोग रहते है. मम्मी-पापा, मैं और मेरी प्यारी सी बहना. दोस्तों आज की मेरी ये Hindu Muslim Sex Story मेरी प्यारी सी नई पड़ोसन आयशा की है.
आयशा फ़िलहाल दोस्तों 18 बरस की बेहद खुबसुरत लड़की है. दिखने में किसी हूर से कम नही. लेकिन दोस्तों मैं भी दिखने में बहुत ही हेंडसम टाइप का लड़का हूँ. और इससे पहले भी स्कूल और कॉलेज में कई लड़कियों को पेल चूका हूँ. आपको बता दूँ की आयशा का परिवार अभी 6 महीने पहले ही हमारे पास वाले घर में सेट हुआ है.
चूँकि इनकी कोई गाँव में जमीन थी. इसलिए उसे बेचकर आयशा के पापा ने इधर जबलपुर में नया घर ले लिया है. आयशा के परिवार की बात करूं तो उसमे उसके अम्मी-अब्बू, एक भाई और वो शामिल है. एवं आयशा के पापा और उसका भाई जावेद सऊदी अरब के रियाद में कमाने जाते है.
इसलिए फ़िलहाल आयशा के घर में वो और उसकी अम्मी ही रहती है. अब दोस्तों गाँव की देसी लड़की को मेरे जैसा हेंडसम लड़का दिख जाए तो आपको पता ही है वैसे ही वो सपनों का राजकुमार समझने लग जाती है. इसी का फायदा उठाकर मैंने मेरी इस Muslim girl sex story के अंदर आयशा की जमकर चुदाई की है.
अब दोस्तों अपनी कहानी की शुरुआत करते है तो दोस्तों जनवरी महीने से ही आयशा की अम्मी हमारे घर में आया जाया करती थी. और मेरी मम्मी से बातें करके वापस अपने घर चली जाती थी. इसलिए उनका हमारे घर पर आना आम हो गया था. इसके बाद कभी – कभी आयशा भी अपनी अम्मी के साथ हमारे घर आ जाती थी.
तो मुझे तो आयशा पहले दिन से ही पसंद आ गयी थी. इसलिए मैं दोस्तों उससे नार्मल बातें करने लग गया. जैसे अपने कहाँ तक पढाई की है और अभी क्या पढाई कर रही हो. ऐसे वैसे करके मेरी ममी को लगा की ये भाई बहन की तरह बतला रहे है. तो हमे कभी भी उन्होंने रोका नही.
फिर दोस्तों जैसा की मैंने आपको बताया आयशा दिखने में एकदम परी जैसी थी. अगर उसका फिगर कोई देख ले तो बस मुठ मारे बिना नहीं रह पाये. उसका फिगर 36-32-34 था. उसकी स्लिम गांड मुझे दीवाना किये जा रही थी. जो की उसके लोअर से पूरी तरह मुझे दिखती थी.
फिर एक दिन मैंने देखा कि जब मैं बाइक पर बैठा हुआ था तो आयशा अपने घर से मुझे देख रही थी. उस दिन के बाद से मैंने उस पर ध्यान देना शुरू कर दिया. वो कई बार मुझे देखा करती थी. फिर एक दिन मैं भी उसको देखने लगा और वो भी मुझे देखती रही.
उस दिन के बाद से मेरा भी इंटरेस्ट उसमें बढ़ने लगा. मैं उसको देख कर स्माइल कर देता था और बदले में आयशा भी मुझे देख कर स्माइल कर दिया करती थी.
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ऐसे ही कुछ दिन बीत गए और एक दिन मैंने हिम्मत करके उससे बात करने की सोची. तो वो अपनी अम्मी के साथ मेरे घर आई थुई थी तब में उसे अपने कमरे में ले गया और बोला- मुझे उसके साथ दोस्ती करनी है और उसका नम्बर मांग लिया.
शायद इस तरह अचानक पूछने से वो डर गयी. उसने मुझे मना कर दिया और वहां से भाग गयी. मुझे बहुत बुरा लगा. लेकिन दोस्तों किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था. अगले दिन 28 तारीख को हमारे यहां पर बाजार लगता था. मैं अपनी बाइक से अपनी बहन को स्कूल से लेकर आ रहा था. घर के पास में आयशा मेरे सामने से आ रही थी.
उसने मुझे देखा लेकिन मैंने उसको अनदेखा कर दिया. मैं आगे निकल गया. मगर उसने मुझे पीछे से आवाज मारी. मैंने बाइक रोकी और उसकी ओर देखा.
आयशा बोली- मैं कॉलेज के लिए लेट हो रही हूं. मुझे बाइक पर कॉलेज तक छोड़ दो प्लीज?
कुछ सोच कर मैंने उसको हां कर दी. मैंने बाइक घुमायी और उसके पास जाकर उसे बैठने के लिए कहा. सब जगह भीड़ थी इसलिए बार बार ब्रेक लगाने पड़ रहे थे. उसके 36 के मम्में मेरी पीठ पर चुभ रहे थे.
इस दौरान दोस्तों मुझे मजा आने लगा और कई बार तो मैं जान बूझ कर भी ब्रेक लगा रहा था. शायद आयशा भी ये बात समझ गयी थी. उसके बाद हम उसके कॉलेज पहुंच गये. उसने मुझे स्माइल के साथ थैंक्स बोला और फिर मैं अपने घर आ गया.
फिर दोस्तों ऐसे ही मैं अपना इन्स्टाग्राम चेक करने लगा तो मेरे पास एक नया मैसेज आया हुआ था. तो दोस्तों प्रोफाइल पर कोई पिक्चर नही थी.
मैंने पूछा – कौन? तो उसने बदले में एक फोटो भेज दी. मैं दोस्तों एकदम से इतना खुश हुआ की पूछो मत. इसी दौरान मैंने तो मानों चुदाई के लिए प्लान बना लिया था.
उसके बाद आयशा ने अपना नम्बर भी भेज दिया. मैंने उसको कॉल किया तो आयशा ने उस दिन के लिए सॉरी बोला और हम दोनों में ऐसे ही बातें होने लगीं. और जो फोटो आयशा ने भेजी उसमें उसने एक टाइट कमीज पहनी हुई थी जिसमें उसके चूचे बहुत ही मस्त और बड़े दिख रहे थे. उस रात मैंने उसकी फोटो को देख कर ही दो बार मुठ मार डाली. उसके बाद मैं सो गया.
फिर तो आयशा से रोज फोन पर बात होने लगी. एक दिन मैं उसको बीच पर घुमाने के लिए ले गया. ऐसे ही बातें करते करते मैंने उसको प्रपोज भी कर दिया. वो शरमा गयी और फिर उसने गर्दन हिला कर हां कर दी. मैंने उसको अपने गले से लगा लिया और उसके चूचे मेरी छाती से सट गये. मैंने उसको आंखों में देखा और वो भी मेरी आंखों में प्यार से देखने लगी. फिर मैंने इधर उधर देखा और अपने होंठों को उसके होंठों से सटा दिया.
हम दोनों एक दूसरे में खो गये. पांच मिनट तक मैं वहीं खुले में उसको किस करता रहा. वहां पर इक्का दुक्का लोग ही थे इसलिए हम दोनों बेधड़क किस किये जा रहे थे और एक दूसरे के होंठों को चूसने का मजा ले रहे थे. पांच मिनट तक जोरदार किस चली. बहुत मजा आया.
धीरे धीरे मैंने उसकी गर्दन पर किस किया और मेरे हाथ उसके दूधों पर पहुंच गये. मैं उसके दूधों पर हाथ फिराने लगा और वो कुछ नहीं बोली मतलब मैं समझ चूका था की, आयशा सेक्स के लिए तैयार थी. बस हम किस का मजा ले रहे थे.
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फिर मैंने उसकी शर्ट के ऊपर वाले दो बटन खोल दिये और उसकी ब्रा दिखने लगी. मैंने अंदर हाथ डाल कर उसकी ब्रा को सहलाया और फिर उसकी ब्रा में हाथ देकर उसकी चूची को दबा दिया. और इतना करते ही आयशा सिसकारते हुए मुझसे चिपकने लगी और मेरी गर्दन पर चूमने लगी.
इतने में ही वहां पर और भी लोग आ गये और हम दोनों संभल गये. उसके बाद हम वहां से उठ कर घर आ गये. उस दिन, रात को हम दोनों फोन पर सेक्स की बातें करते रहे. वो कभी मुझे अपने बूब्स की फोटो भेजती और मैं उसे अपने लंड की फोटो भेजता. उस दिन मैंने कई बार उसके चूचे देख देख कर मुठ मारी. लंड को बुरी तरह से रगड़ डाला.
फिर अगले दिन मेरे घर वाले फैमिली फंक्शन के लिए बाहर जा रहे थे. मैं घर में अकेला था. मैंने उसको मेरे घर आने के लिए कहा. पहले तो वो मना करने लगी लेकिन फिर शायद उसका मन भी चुदने के लिए कर गया और वो मान गयी.
मैंने उसको पीछे के रास्ते से घर में एंट्री करवायी ताकि किसी को शक न हो. और वो आते ही मुझसे लिपट गयी. चुदाई की मुझसे ज्यादा जल्दी तो शायद उसको लग रही थी. क्योंकि दोस्तों ये मेरे से भी जवान लड़की थी.
घूमकर मैंने उसको अपनी बांहों में भर लिया और उसके होंठों को चूसने लगा. हम लोग वहीं पर शुरू हो गये और एक दूसरे को बेतहाशा चूमने लगे. चार या पांच मिनट तक जोरदार होंठ चुसाई चली. जैसे ही वो उठी मैंने उसको पीछे पकड़ कर अपनी बांहों में जकड़ लिया और उसकी मोटी गांड में अपना लंड सटा दिया और उसकी गर्दन पर चूमने लगा.
वो जोर जोर से सिसकारियां लेने लगी और उसने अपने बदन को बिल्कुल ढीला छोड़ दिया जैसे कि उसने अपना सब कुछ मुझको सौंप दिया हो. मैंने उसको सीधा किया और उसको किस करने लगा. किस करते हुए मैं उसकी चूचियों को जोर जोर से दबा रहा था.
आयशा धीरे धीरे बहुत गर्म होती जा रही थी और जोर जोर से सिसकार रही थी- आह्ह … आह्ह … महेश…. ओह्ह … स्स्स … आह्ह … महेश … ओह्ह … आह्ह…आई लव यू।
इसके बाद दोस्तों मैं अपनी शर्ट खोलने लगा. वो भी मेरे बटन खोलने में मेरी मदद करने लगी. उसने खुद ही मेरी शर्ट को छाती से अलग किया और मुझसे लिपट गयी. मेरे सीने को चूमने लगी. फिर उत्तेजना में मैंने उसके टॉप को खींच कर निकाल दिया. उसकी लाल ब्रा के ऊपर से उसकी चूचियों पर चाटने लगा. मैंने चाट चाट कर उसकी चूचियों के ऊपर से उसकी ब्रा को गीली कर दिया.
आपको बताऊ दोस्तों उसकी चूची इतनी टाइट हो रही थी कि मानो ब्रा को फाड़ कर बाहर निकल पड़ेंगी. फिर मैंने उसकी ब्रा को खोल दिया और उसकी चूचियों को नंगी कर दिया. मैंने उसकी एक चूची को मुंह में ले लिया और दूसरी को हाथ से दबाते हुए पहली को जोर जोर से पीने लगा.
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मैं उसकी चूची को मुंह में लेकर जोर से खींच खींच कर पी रहा था. मन कर रहा था कि उसकी चूचियों को काट काट कर खा जाऊं. फिर मैंने दूसरे हाथ से उसके पजामा के अंदर से उसकी चूत के पास हाथ अंदर फंसाने की सोची. इसके बाद दोस्तों मैंने आयशा का पजामे का नाडा खोला. और आयशा की पैंटी के ऊपर से उसकी चूत पर फिराने लगा.
उसकी गांड आगे हो होकर मेरे हाथ पर चूत को रगड़वाने लगी. वो बहुत गर्म हो गयी थी. फिर उसने खुद ही मेरा हाथ पकड़ कर अपनी पैंटी में घुसवा लिया और मैंने उसकी चूत को जोर जोर से रगड़ने लगा. हमारे ये खेल लगभग 20 मिनट तक चल गया था और मैंने देखा की आयशा की चूत पूरी गीली हो गयी थी.
मैंने उसकी गीली चूत में अपनी दो उंगलियां फंसा दी. मैं भी पागल हो गया. उसकी गीली और गर्म गर्म चूत में उंगली चलाने में बहुत मजा आ रहा था. मन कर रहा था चोद चोद कर उसकी चूत के चिथड़े कर दूं. मैं तेजी से उसकी चूत में उंगली अंदर बाहर करने लगा.
आयशा अब मदहोश होकर मुझे चूमने और चूसने लगी. मेरी गर्दन पर काटने लगी. मेरे गालों पर काटने लगी. उसका एक हाथ मेरी पैंट के ऊपर से मेरे लंड को पकड़ चुका था और उसको सहला रहा था. मैं भी अपने लंड को उसके हाथ में घुसाने को हो गया था.
अब मुझसे रुका न गया और मैंने नीचे बैठ कर उसके पजामे को पूरा खोल दिया तथा उसकी पैंटी को भी साथ में खींच लिया. उसकी चूत को नंगी करके मैंने उसकी चूत में जीभ से चाटना शुरू कर दिया. और देखा यार क्या गोरी और गुलाबी चूत थी. शायद कोई मुर्दे के सामने भी आयशा नंगी आ जाए तो वह भी आयशा की चुदाई के लिए खड़ा हो जाए. ऐसी चूत थी दोस्तों आयशा की.
फिर आयशा सेक्स के लिए बेचैन होकर एकदम से जोर से सिसकार उठी- आह्ह … आहहहा ….. महेश … आआ … आहह् … ओह्हह … ओओईई … उम्म … आह्ह… महेश ,,,,, आई लव यू … आह्हहह … ऐसे ही करो.
इसके बाद मैंने उसको बेड पर पटक लिया और उसकी चूत में जोर जोर से उंगली करने लगा. तीन-चार मिनट तक उंगली करने के बाद मैंने फिर से उसकी चूत में जीभ दे दी और उसकी चूत को जीभ से ही चोदने लगा. इतने में ही वो झड़ गयी और ढीली पड़ गयी.
कुछ ही देर में वो फिर से मुझसे लिपटने लगी. अपनी चूत को मेरी पैंट में तने लंड से सटाने लगी. मैं समझ गया कि अब उसकी चूत को लंड चाहिए. मैंने जल्दी से अपनी पैंट समेत अपना अंडरवियर निकाल दिया. अपने लंड को आयशा की चूत पर रख कर रगड़ने लगा. वो जोर जोर से सिसकराने लगी- आह्ह … महेश … अब देर मत करो … आह्हह अब रुका नहीं जायेगा … जल्दी से अंदर डाल दो.
मैंने उसकी चूत पर ऊपर से नीचे तक कई बार लंड फिराया और वो चुदने के लिए तड़प उठी. फिर मैंने उसको थाम कर उसकी चूत में एक धक्का दे मारा और मेरा लंड उसकी चूत पर फिसल गया. गुड़िया की चूत टाइट थी. शायद वो इससे पहले भी चुद चुकी थी इसलिए इतनी उतावली हो रही थी लंड लेने के लिए. फिर मैंने दोबारा से अपने लंड को उसकी चूत पर रखा और इस बार मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में घुस गया.
वो जोर से चीखी- आईईई … अय्या … बाहर निकालो. जल्दी … निकालो. क्योंकि दोस्तों मेरा लंड पूरा 6 इंच का तगड़ा था इसलिए एकदम से आयशा मेरे लंड को नही सह पाई. लेकिन मैं भी खेला खिलाड़ी था इसलिए मैंने उसकी ये बात अनसुनी कर दी. मैं करी कराई मेहनत पर पानी नहीं डालना चाह रहा था. मैंने इतने में ही उसके मुंह पर हाथ रख कर तुरंत ही एक और धक्का दे मारा और मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया.
वो अपने सिर को जोर जोर से पटकने लगी लेकिन मैंने उसकी चूचियों को मुंह में लेकर चूसना काटना शुरू कर दिया. उसको गर्म करने लगा. फिर वो शांत हुई तो मैंने एक आखिरी धक्का मारा और पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया. तभी मैंने अपना हाथ हटा कर उसके होंठों को अपने होंठों में कैद कर लिया और उसके होंठों को पीने लगा. उसने मुझे बांहों में जकड़ लिया और हम दोनों जैसे जन्नत का मजा लेने लगे. मेरा लंड उसकी चूत में था और उसकी चूची मेरे सीने से चिपकी थी और हम एक दूसरे की लार पी रहे थे.
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फिर मैंने धीरे धीरे से लंड को उसकी चूत में चलाना शुरू किया. अब उस लड़की को भी सेक्स में मजा आने लगा. मैं तेजी से अपनी गांड आगे पीछे चलाते हुए उसकी चूत को चोदने लगा. वो भी सिसकारते हुए अपनी चूत चुदाई का मजा लेने लगी.
वो मजे में बड़बड़ा रही थी- आह्हह … महेश … चोद दो … और चोदो … जोर से … आह्ह … अपना लंड पूरा ठोक दो … आह्हह चोदो मेरी जान … आह्ह चोदो मुझे.
मैं उसकी ऐसी चुदास भरी सिसकारियों से और ज्यादा जोश में आ रहा था और उसकी चूत में अपने धक्कों की स्पीड तेज करता जा रहा था. ऐसे ही 10-15 मिनट चोदने के बाद मैं झड़ने के करीब पहुंच गया. मैंने पूरी ताकत लगा कर लंड को पूरा ठोकना शुरू कर दिया और मेरा लंड उसके पेट तक घुसने लगा. इतने में उसकी चूत ने मेरे लंड पर पानी छोड़ दिया और पच-पच की आवाज पूरे रूम में गूंज उठी.
मेरा जोश भी बढ़ गया और मैंने 10-12 धक्के जोर जोर से ठोके और मैं उसकी चूत में ही झड़ गया. चूत और लंड के मिलन और दोनों के वीर्य के मिश्रण से नीचे का एरिया पूरा गीला हो गया. मैं उसके ऊपर पड़ा रहा और वो मेरी पीठ सहलाती रही. और हम दोनों एक दूसरे को प्यार करते रहे और ऐसे ही पड़े रहे.
उसके बाद मैं उठा और उसके मम्मों को चूसने लगा. इसी बीच मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया. अबकी बार मैंने उसकी गांड चाटी और उसको कुतिया बना कर चोदा. उसकी चूत को पीछे से चोदने में और ज्यादा मजा आया. वो चुदाई का पूरा ज्ञान रखती थी.
और इस दौरान दोस्तों पहले दिन मैं आयशा की मैंने 4 बार चुदाई की. फिर मैं समझ चूका था की अब आयशा की चुदाई करना मेरे लिए आसान हो गया था. इसलिए वह बोली- अब आगे करेंगे अभी तो मेरे को घर जाने दो पुरे 4 घंटे हो गये है. अभी अम्मी भी मेरी तलाश शुरू कर देगी.
इतना सुनते ही हम दोनों ने कपड़े पहले और आयशा पीछे के गेट से वापस अपने घर चली थी. अब दोस्तों जब भी मौका मिलता है मैं और आयशा चुदाई का भरपूर मजा लेते है. और हमें ये सब करते पुरे 6 महीने होने को चले है. मेरे तो मानों घर बैठे ही मजे हो गये है इसलिए मैं खुश होकर ही आपसे मेरी कहानी साँझा किया हूँ.
दोस्तों आप ये Muslim girl sex story हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है। अगर आपको दोस्तों मेरी ये Muslim sex story hindi पसंद आई है तो आप कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव साँझा कर सकते है। मिलता हूँ आपसे मेरी एक और नई कहानी के साथ।