Mama Bhanji Sex Kahani – सोती हुई भांजी को पहली बार चोदकर दिया जबरदस्त मजा
हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम पवन है और मेरी उम्र 30 बरस की है। आज के इस Rishton me chudai story के एपिसोड के अंदर मैं आपको मेरी सच्ची कहानी (mama bhanji sex kahani) के बारें में बताऊंगा। सबसे पहले तो दोस्तों आपको बता दूँ की मैं मध्यप्रदेश के ग्वालियर का रहने वाला हूँ.
मेरे परिवार में मेरे मम्मी-पापा, मेरी बीवी और 1 बेटी रहती है. और हम एक छोटे से गाँव में रहते है. जहाँ अक्सर स्कूल की छुट्टियों के दौरान मेरी भांजी और बुआ की लड़की आती रहती है.
तो दोस्तों ये बात करीब 4 महीने पहले की है. और जब से मैंने Gandistory पर कहानियां पढ़ी है और लोगों ने अपनी कहानियां भी शेयर की है तब से मुझे भी ऐसा लगा की मुझे भी अपनी कहानी इस पोर्टल पर बताना चाहिए. और आप सभी पाठकों का मनोरंजन करवाना चाहिए.
चलिए दोस्तों अब आपको ज्यादा देर न करते हुए मेरी mama bhanji sex story के बारें में बताता हूँ. अभी पिछले दिनों जनवरी के दरमियान स्कूल की छुट्टियों के दौरान मेरी भांजी अंशिका मेरे घर आई हुई थी। जो की हर बार स्कूल की छुट्टियाँ पड़ते ही मेरे घर गाँव चली आती है.
दोस्तों इस वक्त अंशिका की उम्र महज 16 बरस की थी. और वह अभी 12वीं कक्षा में पढ़ती थी. और उसने साइंस का सब्जेक्ट ले रखा था. तथा दोस्तों मेरी भांजी पहले तो ऐसे ही दिखती थी गंदी सी लेकिन जब से उसने 10वीं कक्षा को पार किया तब से वह अपने स्कूल की सबसे हॉट लडकियों में शुमार हो गयी.
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हालाँकि मैंने कभी ऐसी वैसी नजर से उसे देखा नही था. मैं और मेरी भांजी अंशिका हमेशा हस्सी-मजाक करते रहते थे. और वो मुझे अपने बारें में सब कुछ शेयर करती थी. क्यूंकि पहले जब वो छोटी थी तब उसे मैंने बहुत खिलाया था.
अंशिका के बारें में दोस्तों मैं आपको डिटेल से बताऊ तो उसका रंग दूध सा सफेद है और होंठ गुलाब की पंखुड़ियों जैसे हैं। निचले होंठ पर तिल उसकी सुंदरता को और बढ़ाता है। भरे हुए गुलाबी गाल, लंबी गर्दन, उभरे और पुष्ट वक्ष, गहरी नाभि और उसके नीचे उसकी पतली कमर।
उसकी कमसिन कमर के नीचे उसकी उठी हुई गांड एकदम से बाहर को दिखती है। और उसकी गदराई एवं केले के तने जैसी चिकनी, भरी हुई जांघें उसे बहुत ही सेक्सी माल बनाती हैं।
अंशिका जब चलती है तो उसकी चूचियां बहुत ही मादक अंदाज में ऊपर नीचे हिलती हैं। क्यूंकि उसने अपने शरीर को काफी फिट रखा है अब तक. और साथ में उसकी उभरी हुई गांड ऐसी कयामत ढहाती है कि जो भी उसे देख ले तुरंत उसका लौड़ा खड़ा हो जाए।
अगर आप अंशिका को देख लो तो आपके मन में उसे तुरंत वहीं पर पकड़कर उसकी गांड में लौंडा डाल (mama bhanji ki chudai) देने का विचार आने लग जाएगा.
फिर दोस्तों हुआ ये की, एक दिन मैं घर पर अकेला था और पुरे घरवाले बाजार में गए हुए थे. और वहीँ पर टीवी देखते-देखते अंशिका भी सोई हुई थी. फिर दोस्तों हुआ यूँ की मेरा अकेले का मन नहीं लगा.
तो मैं अंशिका के कमरे में चला गया जहाँ वो पहले से ही सोई हुई थी. और दोस्तों मैंने देखा की – क्या क़यामत लग रही थी मेरी भांजी … उसका गदराया हुआ जिस्म देख कर मेरा लन्ड तुंरत खड़ा हो गया।
उस समय अंशिका ने सफेद लेगिंग्स और टीशर्ट पहन रखी थी। ये सब देखकर दोस्तों मेरे तो दीमाग की बत्ती सी बुझ गयी और तुरंत मैंने अंशिका को चोदने की ठान ली.
फिर दोस्तों मैं भी उसके साथ सो गया और सोते सोते अंशिका की उभरी हुई छाती मेरे सीने से भिड़ गई और मैंने उसके गाल पर चूम लिया। मैं तो मानो बावला सा होता जा रहा था।
मेरा लौड़ा एकदम से टनटना गया। लंड का स्पर्श उसकी बुर पर हो गया। लंड लगता देख मैंने खुद को उससे अलग किया. और तुंरत अंशिका ने आंख खोल ली और उसकी नजर मेरे लंड पर गई।
पहले तो ये सब देखकर वो थोड़ी असहज हो गई। और वो सोने की फिर से नौटंकी करने लग गयी. इसके बाद दोस्तों कहाँ एक बार नींद उड़ जाने के बाद सोने का मन करता है. मेरी भांजी उठ गयी और मैं भी सोने वाली नौटंकी से बाहर निकल गया. और हम दोनों आपस में बैठकर बाते करने लग गये.
और दोस्तों बातों ही बातों मैंने मैंने अंशिका से पूछा- अंशिका यार तुम्हे आज तक कोई लड़का पसंद नही आया क्या?
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अंशिका- नही मामू.
मैं- सच बताओ, तुम्हे मेरी कसम है?
अंशिका- कसम मत खाओ मामू, बताती हु.
मुझे स्कूल में 11th कक्षा में राजीव बहुत पसंद है. वो एक सुन्दर और गोरा चिट्टा लड़का है मेरी तरह. बस वहीँ पसंद है. और मामू वहीँ अभी मेरा बॉयफ्रेंड है.
मैं- अच्छा लड़का तो ठीक है ना चाल चलन में?
अंशिका- हाँ मामू एकदम अच्छा लड़का और पढाई में भी होशियार है. उसने भी साइंस ले रखी है. कभी कोई डाउट होता है तो आ जाता है मेरी क्लास में और फिर हम बातें करते है.
मैं- अच्छा, सिर्फ बातें ही करती या कुछ और भी?
अंशिका- पहले तो घबराई, फिर बोली- नही मामू कभी – कभी वो मुझे किस भी कर देता है.
मैं- अच्छा सिर्फ किस ही? यार अंशिका इस ज़माने में हम लोग तो बहुत कुछ कर लेते थे.
अंशिका अब खुल गयी और बोली- करने को तो मामू सच बताऊ तो वो मेरे बूब्स भी दबाता है. तभी तो ये कुछ ज्यादा ही उभर गये. इतनी सी उम्र में.
मैं- अच्छा और क्या – क्या करते हो, सब कुछ बताओं न अंशिका?
अंशिका- किसी को बता मत देना मामू, बहुत ट्रस्ट है मुझे आप पर.
मैं- नही बताऊंगा तुम बताओ क्या क्या किया?
अंशिका – मामू वो जब क्लास में कोई नही रहता तब मेरी पेंट खुलवाकर ऊँगली भी कर देता है.
मैं – बस ऊँगली ही? और कुछ नही?
अंशिका- नही अभी वो छोटा है इसलिए उसने बहुत बार कोशिश की है अपना लंड मेरे भोसड़े में घुसाने की लेकिन जाता ही नही है पहले ही डिस्चार्ज हो जाता है. और मामू आपको सच बताऊ तो – मेरी फीलिंग्स वैसी की वैसी ही रह जाती है.
मैं – अच्छा, तो तुझे अंदर डलवाने की ख्वाहिस होती है?
अंशिका- हाँ मामू बहुत, मैं मम्मी का फ़ोन लेकर वीडियोज देखकर ऊँगली कर लेती हूँ फिर.
मैं- यार तभी तुम वक्त से पहले ही बड़ी दिखनी लग गयी हो.
अंशिका – हाँ मामू, मुझे पता नही क्या हो गया है.
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मैं- कुछ नही पागल जवानी के इस दौर में ये सब नोरमल है.
अंशिका- अच्छा मामू, अब आप बताओ ना आपने कब पहली बार पेला था किसी को?
अंशिका दोस्तों सवाल बहुत गजब और डायरेक्ट पूछ रही थी. क्योंकि वो साइंस की स्टूडेंट रह गयी थी. इसलिए उसे कोई डर नही था उसके लिए ये सब नार्मल सा था.
मैं- जब मैं दसवीं कक्षा में पढता था तब मैंने प्रिया नाम की लड़की को पेला था. और तेरे बॉयफ्रेंड की तरह नही की घुसने से पहले ही झड़ गया. मैंने उसकी ढंग से चूत को बजाई थी. आए दिन प्रिया को चोदने का मजा लेता था तेरा मामू.
अंशिका- अच्छा मामू, तब तो आप मास्टर हो चुदाई के.
मैं- हाँ, लेकिन जब तब प्रमाण न दें तब क्या ही बताऊ.
अंशिका- प्रमाण दे दो मामू, आपकी और प्रिया की स्टोरी सुनकर मुझे भी करवाने के मन हो गया है.
मैं- अच्छा?
अंशिका – हाँ मामू. आप मुझे कर सकते हो?
मैं- हाँ लेकिन मेरी जान किसी को बता मत देना वरना दोनों बदनाम हो जाएँगे ये सब हम केवल मनोरंजन के लिए ही करेंगे. और आज घर में कोई है भी नही. इसलिए तेरी चुदाई अभी कर लेंगे.
अंशिका- हाँ मामू आप सही कह रहे हो.
मैं- मामू नही पागल, अब मुझे जान कहो.
अंशिका – हाँ मेरी जान.
और इसके बाद दोस्तों अंशिका मुझ से लिपट गयी. मैं ठरकी पहले से ही उसके लिए खड़ा हुआ लंड तैयार करके बैठा था. और वो मुझे किस करने लग गयी. इसके बाद हम दोनों फिर से बेड पर सो गये और एक दुसरे से लिपटे हुए थे.
ऊपर से मेरा लन्ड कच्छा फाड़ कर बाहर आने के लिए आतुर हो रहा था। मैंने उसके गाल पर किस किया और मेरी हवस एकदम से कई गुना बढ़ गई। उसको देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कि वो एकदम बेसुध सो रही है। और चुदवाने के लिए एक दम तैयार हो.
फिर मैं अंशिका के निचले होंठ को चूसने लगा। मन कर रहा था कि इसका सारा रस पी जाऊं। फिर मैंने नीचे आते हुए उसकी गर्दन पर एक किस कर दिया। वो भी दोस्तों चुदाई के लिए तैयार थी इसलिए उसकी चूचियां समीज को फाड़कर बाहर आने के लिए बेताब हो रही थीं।
मैंने उसकी समीज को ऊपर सरका दिया और उन्नत उभारों को कैद से आजाद कर दिया। मैंने दोनों हाथों से उसके बूब्स को छुआ और उन्हें मुंह में लेकर चूसने लगा। मुझे बहुत ही आनंद आ रहा था और साथ ही मेरा लन्ड सलामी दे रहा था।
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कुछ देर उसकी चूची पीने का मजा लेकर मैंने उसकी लेगिंग्स को नीचे खींचना शुरू कर दिया। उसने नीचे लाल रंग की पैंटी पहनी हुई थी। तो पैंटी को भी मैंने लेग्गिंस के साथ खींचना शुरू कर दिया।
फिर मैंने उसकी लैगी को उतारकर एक तरफ़ रख दिया। अब वह पूरी नंगी थी। उसके नंगे बदन को देखकर मैं अब किसी हाल में नहीं रुक सकता था।
अब मैं देरी ना करते हुए उसके पैरों के बीच में आ गया। एकदम चिकनी, उठी हुई और पावरोटी की तरफ फूली बुर को देखकर मेरा लन्ड सलामी देने लगा। फिर मैंने उसके पैरों को मोड़कर अपने मुंह को उसकी बुर पर लगा दिया और उसकी बुर को चाटने लगा।
दोस्तों इस दौरान मुझे स्वर्ग सा आनंद आ रहा था। अब सब कुछ मेरे बर्दाश्त से बाहर था। अब मैंने अपने लंड को उसकी चूत के ऊपर रखकर दवाब बनाया तो कोरी और टाइट चूत होने के कारण मेरा लन्ड फिसल गया।
अंशिका बोली- मामू धीरे – धीरे करना सच में राजीव का आज तक नही गया है. इसलिए मेरी सील भी नही टूटी है. मुझे दर्द हो जाएगा.
मैं- चिंता मत कर मेरी जान.
फिर दोस्तों मैंने दोबारा से ट्राई किया लेकिन कई बार ऐसा ही हुआ। तब मैं रसोई में से सरसों का तेल लाया और उसमें से थोड़ा सा उसकी बुर पर लगा दिया और अपने लंड पर लगा लिया। फिर से मैंने लंड को उसकी बुर पर सटाया।
काफी प्रयास के बाद मेरे लंड का सुपारा उसकी बुर में घुसा। उसकी बुर गर्म भट्टी की तरह तप रही थी। मैंने थोड़ा और जोर लगाया और मेरा लंड 2 इंच तक उसकी बुर में घुस गया।
तभी अंशिका एकदम से चिल्ला दी- आह-आहऊ, आह-आहऊ, आह-आहऊ, आह-आहऊ …… बाहर निकालो मामू दर्द हो रहा है. धीरे – धीरे करो घर में कोई नही आएगा.
फिर दोस्तों अंशिका ने मुझे अपनी बांहों में जकड़ लिया, उठने नहीं दिया. मैं समझ गया कि मेरी बहन की जवान बेटी चुदवाने के लिए बेताब है और मुझे अब दूर नही जाने देगी.
इसके बाद मेरे लंड का अगला भाग मेरी भानजी की बुर में जा चुका था … अब मैं उसके ऊपर लेटकर उसकी चूचियों को मुंह में लेकर चूसने लगा। मुझे बहुत ही ज्यादा आनंद आ रहा था। फिर मैंने एक धक्का और मारा तो मेरा लगभग 5 इंच लंड अंदर चला गया।
हालाँकि मेरे लंड का कुछ हिस्सा अभी भी बाहर ही था. फिर मैंने उसकी बुर को देखा तो उसमें मेरा लंड फंसा हुआ था। उसकी चिकनी कमसिन बुर में खुद का लंड देख कर मुझे और जोश आ गया।
मैं फिर से उसे चोदने लगा और मुझे असीम आनंद की प्राप्ति होने लगी। मुझे लगा जैसे मैं स्वर्ग में हूं। इसके बाद मैं धीरे-धीरे लंड को आगे पीछे करता रहा। अब उसकी बुर में लगभग पूरा लंड ही जा चुका था।
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चुदते हुए वो थोड़ा हिल रही थी और कसमसा रही थी कराह रही थी लेकिन उसने मुझे रोका नहीं। अंशिका के नाखून मेरी पीठ में गड़ रहे थे. शायद वो अपनी पहली चुदाई (mama ne bhanji ko choda) के दर्द का मजा ले रही थी।
दोस्तों अंशिका की बुर मारने का वो आनंद मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। उसको चोदते हुए मैं बीच बीच में उसकी चूचियों को भी पी रहा था, उसके मुंह में उंगली दे रहा था।
मैं उसके जिस्म का पूरा मजा ले रहा था, हर जगह से उसको किस कर रहा था, उसको चूम चाट और काट रहा था। मैंने उसके जिस्म के हर अंग पर अपनी मोहब्बत का निशान छोड़ा।
काफी देर तक मैंने उसकी बुर को बजाया। उसके बाद मैंने उसकी बुर की गहराई में ही अपने लंड का फव्वारा छोड़ दिया और वैसे ही उसके ऊपर लेट गया।
इसके 10 मिनट के बाद मैं उठा और अपना लंड साफ किया। और मैंने उसकी बुर को भी साफ किया। मैं उसको नंगी लेटी हुई देखता रहा। वो थकी हुई सी लग रही थी. पहली बार चुदाई के दौरान उसकी बुर लाल हो चुकी थी।
तब मैंने अंशिका से पूछा- कैसा लगा?
अंशिका- ऐसा लगा जैसे जीवन का आनद ही आज मिला हो.
मैं- दर्द तो नही हुआ न ज्यादा.
अंशिका- पहले तो हुआ था लेकिन बाद में जैसे ही आपने झटके देने शुरू किए तब से बहुत मजा आया मामू. और मामू अभी तक कोई नही आया है घर में आप प्लीज मुझे एक बार और चोदो.
मैं- यार अंशिका मैं तो खुद यहीं चाह रहा था, तूने मेरे मुह की बात छीन ली.
और इसके बाद दोस्तों मैं फिर से उसकी चूत को साफ करके चाटने लग गया. और दुसरे राउंड के दौरान उसे एक मेज पर ले जाकर टांग चौड़े करके ढंग से चुदाई कर डाली.
फिर अंशिका बोली- वाह मामू, मानना पड़ेगा, अनुभवी हो आप.
मैं- अभी देखा कहाँ है मेरा अनुभव. रात को दिखाऊंगा मेरी जान अनुभव जब तेरी मामी पीहर चली जाएगी तब तू मेरे कमरे में ही आ जाना सोने को.
इसके बाद दोस्तों मैंने जब तक वो घर में रही तब तक उसकी ढंग से चूत चुदाई कर डाली. और अब वो महीने दो महीने से घर आती जाती रहती है. तब हम घर में जबर्दस्त चुदाई का आनंद लेते है.
दोस्तों आप ये Mama Bhanji Sex Kahani हमारी वेबसाइट gandistory.com/ पर पढ़ रहे है। अगर आपको दोस्तों मेरी ये mama bhanji ki chudai ki kahani पसंद आई है तो आप कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव साँझा कर सकते है। मिलता हूँ आपसे मेरी एक और rishton me chudai story के साथ।